
मां-बाप का साया उठा, अब आवास और निवाले के लिए संघर्ष कर रहे अनाथ भाई-बहन
हरदोई के थोक खाला गांव में बेसहारा बच्चों के सामने जीवन-यापन का संकट, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर उठे सवाल
हरदोई। मां-बाप का साया सिर से उठ जाए और रहने के लिए छत तक नसीब न हो, तो जिंदगी कितनी मुश्किल हो जाती है, इसका दर्द विकास खंड टड़ियावां की ग्राम पंचायत थोक खाला में सामने आया है। यहां एक बेसहारा भाई-बहन के सामने गुजर-बसर का संकट खड़ा है। परिवार में माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है, लेकिन आरोप है कि अब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास सहित जरूरतमंदों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका है।
गांव निवासी स्वर्गीय बटेश्वर के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। करीब एक वर्ष पहले उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था। दो बेटियों की शादी हो चुकी है। जबकि रीना और रमेश (दोनों काल्पनिक नाम) अब माता-पिता के बिना जीवन गुजारने को मजबूर हैं। परिवार की इस स्थिति में दोनों के सामने रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करना भी चुनौती बना हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जरूरतमंद और बेसहारा लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दावों के बीच इस परिवार की सुध अब तक क्यों नहीं ली गई? क्या पात्रता के बावजूद उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल नहीं हो सका या फिर किसी स्तर पर उनकी समस्या अधिकारियों तक नहीं पहुंची?
ग्रामीणों और जिम्मेदार अधिकारियों के सामने अब इन भाई-बहन के लिए सुरक्षित आवास, खाद्य सुरक्षा और अन्य पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने की चुनौती है। इस सम्बन्ध में जब द टेलीकास्ट ने सीडीओ नेहा व्याडवाल से संपर्क किया तो उनके स्टेनो सुरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मैडम मीटिंग में हैँ, इस मामले से वे अवगत कराएँगे और प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।
Hardoi, Hardoi | Nov 5, 2026