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HARDOI EXPRESS INDIA NEWS

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टोल मांगा तो भड़क गए भगवाधारी महात्मा! फिरोजाबाद के टूंडला टोल पर हंगामा, बिना टोल दिए निकालीं 4 गाड़ियां

​फिरोजाबाद के टूंडला टोल प्लाजा का मामला, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप

​अनुयायियों ने बैरियर हटाकर जबरन निकालीं गाड़ियां

​घटना का सीसीटीवी और वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद स्थित टूंडला टोल प्लाजा पर टोल टैक्स मांगने को लेकर भारी हंगामे का मामला सामने आया है। टोल कर्मचारियों द्वारा टोल टैक्स मांगे जाने पर भगवाधारी महात्मा और उनके अनुयायी भड़क गए। आरोप है कि इस दौरान टोल कर्मियों के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई। 

​बैरियर हटाकर निकालीं गाड़ियां

​मामला फिरोजाबाद के टूंडला टोल का बताया जा रहा है। विवाद बढ़ने पर महात्मा के अनुयायियों ने टोल का बैरियर खुद ही हटा दिया और बिना टोल टैक्स दिए अपने काफिले की 4 गाड़ियों को जबरन वहां से निकाल लिया। 

​वीडियो हुआ वायरल

​टोल प्लाजा पर हुई इस दबंगई और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस और संबंधित प्रशासन अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुट गया है।
देहरादून में बेखौफ बदमाश: सुबह-सुबह महिला के किडनैपिंग का प्रयास, नालापानी चौक की घटना से सनसनी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के नालापानी चौक इलाके में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सुबह-सुबह अपनी बेटी को कॉलेज छोड़कर लौट रही एक महिला को कार सवार बदमाशों ने जबरन खींचकर किडनैप करने का प्रयास किया। हालांकि, महिला की सूझबूझ और कड़े विरोध के चलते बदमाशों के मंसूबे नाकाम हो गए और वे मौके से फरार हो गए। 

​सुबह 6:30 बजे दिया वारदात को अंजाम

​जानकारी के अनुसार, घटना सुबह लगभग 6:30 बजे की है। महिला अपनी बेटी को सुरक्षित कॉलेज पहुंचाकर पैदल घर वापस लौट रही थी। इसी दौरान नालापानी चौक के पास एक संदिग्ध कार आकर रुकी और उसमें सवार बदमाशों ने महिला को जबरदस्ती गाड़ी के अंदर खींचने की कोशिश की। महिला के शोर मचाने और विरोध करने पर आसपास हलचल बढ़ता देख बदमाश तुरंत वहां से गाड़ी भगा ले गए। 

​CCTV में कैद हुई घटना, पुलिस कर रही तलाश

​इस पूरी वारदात का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय निवासियों और परिजनों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से पुलिसिया गश्त और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है, हालांकि आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
बिहार: जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बांका में दरिंदगी! मंदार पर्वत पर नाबालिग से मारपीट और छेड़खानी

​• प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मंदार पर्वत पर घूमने आए युवक-युवती से मनचलों ने की बदसलूकी

​'मोरल पुलिसिंग' के नाम पर दबंगों ने नाबालिग लड़की के साथ की मारपीट

​बिहार में थम नहीं रही घटनाएं, आरोपियों पर कड़ी पुलिस कार्रवाई की मांग

बिहार में जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं के बाद अब बांका जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। राज्य के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल 'मंदार पर्वत' पर घूमने आई एक नाबालिग लड़की के साथ कुछ स्थानीय युवकों ने मारपीट और छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया है। 

​पर्यटक स्थल पर मनचलों की गुंडागर्दी

​जानकारी के अनुसार, एक लड़का और नाबालिग लड़की मंदार पर्वत पर घूमने के लिए आए हुए थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट व बदसलूकी शुरू कर दी। 'मोरल पुलिसिंग' के नाम पर कानून हाथ में लेने वाले इन असामाजिक तत्वों को न तो पुलिस का खौफ है और न ही कानून का डर। 

​कड़ी कार्रवाई की मांग

​पर्यटन स्थलों पर इस तरह की घटनाओं के लगातार सामने आने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भारी रोष है। नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि पुलिस को ऐसे मनचलों और दबंगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी किसी लड़की के साथ ऐसी ओछी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
रात में बस के पीछे-पीछे गया, खाने की फोटो भेजी... ग्रेटर नोएडा बस हादसे में मंगेतर की मौत पर रो पड़ा इंजीनियर

नोएडा। मैं दूर के एक रिश्तेदार के जरिए श्रुति से पहली बार मिला था। हम दोनों में नजदीकियां बढ़ी और फिर शाॅदी करने का फैसला लिया। नवंबर में शादी तय हो गई थी, लेकिन ईश्वर को यह मंजूर नहीं हुआ।

दिल्ली आईआईटी के सुपर कंप्यूटर इंजीनियर मोहित शर्मा अपनी मंगेतर श्रुति की दर्दनाक मौत के बाद फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में अचानक आग लगने से उनकी मंगेतर श्रुति बुरी तरह झुलस गईं।

हादसे से पहले आखिरी बार हुई बात

घटना से कुछ घंटे पहले उन्होंने श्रुति को दिल्ली कश्मीरी गेट पर छोड़ा था। रात 8:40 बजे करीब श्रुति बस में बैठकर अपने घर जा रही थी। उन्हें अपनी बहन की जन्मदिन पार्टी में शामिल होना था, लेकिन मैं उन्हें बस में अकेला नहीं छोड़ना चाहता था।

मैंने तुरंत श्रुति को काॅल किया और बात करते हुए स्कूटर चलाने लगा। करीब 50 मिनट तक अपनी मंगेतर की बस का पीछा किया। उन्होंने पूरे रास्ते फोन पर बात की और रात करीब 10:19 बजे गुडनाइट बोलकर श्रुति को सुबह उरई पहुंचते ही उन्हें फोन करने के लिए कहा था।

इतना ही नहीं, मोहित ने श्रुति के फोन पर खाने का फोटो भेज कर उन्हें समय पर खाना खाने के लिए भी कहा था लेकिन उनके मैसेज का कोई जवाब नहीं आया।

सुबह मिली हादसे की दर्दनाक खबर

सुबह करीब 6:30 श्रुति की बहन हो रही बस स्टैंड पर पहुंची तो वहां आपरेटर से पता चला कि यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लग गई। इस बात ने छोटी बहन के पैरों तले से जमीन निकल दी।
श्रुति के परिवार से लोग मोहित को बार-बार फोन करने लगे जिससे उनकी नींद खुल गई। वह तुरंत जेवर के कैलाश हास्पिटल पहुंचे और वहां मंगेतर को ढूंढने लगे।

पोस्टमार्टम हाउस में हुई पहचान

घटना के अन्य पीड़ितों से सूचना मिलने के बाद वह सेक्टर 94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे और श्रुति के शव की शिनाख्त की। पोस्टमार्टम के बाद श्रुति के स्वजन लेकर घर रवाना हो गए।
कानपुर में 3 बच्चों की मां ने प्रेमी को मिलने बुलाया जंगल, दोनों पास आने ही वाले थे कि हो गया ऐसा कांड!​​​​​​​​​​

कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में इश्क, शक और बदले की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. तीन बच्चों की मां ने आधी रात को अपने प्रेमी को मिलने के लिए गांव के बाहर बुलाया.

सोचा था कि अंधेरे के साये में प्यार के दो पल बिताएंगे. लेकिन पति को पहले से ही शक था. फिर क्या था, पति और परिजनों ने प्रेमी को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया. इसके बाद जो हुआ वह किसी खौफनाक सपने से कम नहीं था. प्रेमी को घर में हाथ-पैर बांधकर करीब 30 घंटे तक बंधक बनाकर पीटा गया. बात यहीं खत्म नहीं हुई. जब दरोगा पुलिस बल के साथ युवक को छुड़ाने पहुंचे तो सिरफिरे परिजनों ने पुलिस टीम पर ही हमला बोल दिया और दरोगा के बिल्ले तक नोच डाले.

आधी रात को जंगल में प्रेमी से मिलने पहुंची सुनीता

पूरा मामला कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र का है. यहां की रहने वाली सुनीता की शादी इंद्रेश से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं. पिछले करीब एक साल से सुनीता का संपर्क फतेहपुर के रहने वाले अरुण से था और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था.

रविवार की रात सुनीता ने फोन करके अरुण को गांव के बाहर जंगल के पास मिलने बुलाया. अरुण भी अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए फतेहपुर से कानपुर खिंचा चला आया. सुनीता के पति इंद्रेश को अपनी पत्नी के आचरण पर पहले से संदेह था. जैसे ही सुनीता रात में चुपके से घर से निकली, पति और उसके परिजन पीछे-पीछे निकल पड़े और जंगल के पास दोनों को पकड़ लिया.

30 घंटे तक बंधक बनाकर बर्बरता

प्रेमी अरुण को पकड़ने के बाद परिजनों ने पहले तो उसकी जमकर पिटाई की. फिर उसे गांव के छांजा स्थित घर ले जाकर रस्सियों से बांध दिया. अरुण को एक कमरे में बंद करके रखा गया और करीब 30 घंटे तक उसे खौफनाक यातनाएं दी गईं. जब सुनीता ने प्रेमी को छुड़ाने की गुहार लगाई तो पति और ससुराल वालों की एक ही शर्त थी कि ‘हमारी औरत को हमारे पास वापस लाओ, तभी लड़के को छोड़ेंगे.’

प्रेमिका ने प्रेमी के पिता को दी खबर

घटना के वक्त जब परिजनों ने अरुण को पकड़ा तो सुनीता किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकली. उसने तुरंत फतेहपुर में प्रेमी के पिता को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. बेटे के बंधक बनाए जाने और जान के खतरे की खबर सुनते ही प्रेमी के पिता बिना देर किए सुनीता को साथ लेकर सीधे साढ़ थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई.

पुलिस टीम के साथ हाथापाई

शिकायत मिलते ही साढ़ थाने के दरोगा आशीष सिंह पुलिसकर्मियों के साथ युवक को छुड़ाने गांव पहुंचे. लेकिन वहां का माहौल और बिगड़ गया. जैसे ही पुलिस घर में दाखिल हुई, सुनीता के पति इंद्रेश और उसके परिजनों ने पुलिस टीम को घेर लिया. विरोध इतना बढ़ा कि आरोपियों ने दरोगा आशीष सिंह के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और उनके कंधे से बिल्ले तक नोच डाले.

पुलिस पर हमले की खबर मिलते ही थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया और बंधक अरुण को सकुशल छुड़ाकर थाने लाया गया.

दो अलग-अलग FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की है. दरोगा आशीष सिंह की तहरीर पर पति इंद्रेश और उसके परिजनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और हाथापाई करने का केस दर्ज किया गया है. दूसरी FIR अरुण के पिता की शिकायत पर बेटे को अवैध रूप से 30 घंटे तक बंधक बनाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ है.

एसीपी कृष्ण कुमार यादव के मुताबिक, महिला के बुलावे पर फतेहपुर से आए युवक को ससुराल पक्ष ने बंधक बना लिया था. छुड़ाने गई पुलिस टीम के साथ भी अभद्रता की गई. दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
हरदोई में तेज हवा और बारिश का कहर: मकान पर गिरा विशालकाय पेड़, बेटी की दर्दनाक मौत, माता-पिता गंभीर

​बेनीगंज थाना क्षेत्र में भीषण हादसे से गांव में मचा कोहराम

​बारिश के बीच अचानक ढहकर कच्ची छत पर गिरा पेड़, मलबे में दबा परिवार

​चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबे से निकाला बाहर, घायलों का इलाज जारी

​हरदोई जिले के बेनीगंज क्षेत्र में तेज हवा और मूसलाधार बारिश के चलते एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश के दौरान अचानक एक विशालकाय पेड़ मकान के ऊपर गिर गया, जिससे घर की छत ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में सो रही बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। 

​चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण

​जानकारी के अनुसार, बेनीगंज इलाके में अचानक मौसम बिगड़ने के बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई थी। इसी दौरान घर के पास लगा एक पेड़ भरभराकर मकान के ऊपर आ गिरा। धमाके की आवाज और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और भारी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। 

​अस्पताल में कराया गया भर्ती

​हादसे में बच्ची की मलबे में दबने से मौत हो चुकी थी, जबकि उसके घायल माता-पिता को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गले पर रखी छुरी और बारी-बारी.दरिंदों ने बर्थडे के दिन बनाया नरक से बदतर; खुद पीड़िता ने बताई हैवानियत की कहानी​​​​​​​​​​

देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में जो हुआ उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. यहां 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुई हैवानियत ने हर किसी को दिल तोड़ कर रख दिया है.

कालकाजी जैसी हलचल और पवित्र जगह ऐसा कांड होने से लोगों में डर का माहौल है. देश के हरवासी के मन में आज केवल एक ही सवाल है कि आखिर कब तक उनकी बहन और बेटियों को ये सब सहना होगा. उनके घर की औरतें आखिर कब बेखौफ होकर घर से बाहर निकल पाएंगी. परिवार कब चिंतामुक्त होकर उन्हें बाहर जाने की इजाजत दे पाएगा. आखिर कब ये देश बहन-बेटियों की इज्जत करना सीखेगा. कालकाजी में हुए इस मामले नें एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी पीड़िता

पुलिस इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है. वहीं अब पीड़िता ने भी अपने साथ हुई उस वारदात की कहानी सबके सामने रख दी है. पीड़िता ने हिम्मत कर हर उस बात की जानकारी दी, जो उस रात उसके साथ अंधेरे पार्क में हुआ. वह अपने दोस्त के साथ रहकर भी खुद को नहीं बचा पाई. इस आपबीती ने हर किसी को रोंगटे खड़े कर दिए हैं. पीड़िता ने बताया कि जन्मदिन के दिन वह भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए कालकाजी मंदिर गई थी. तभी तीन दरिंदों ने खुद को पहले पुलिसकर्मी बताया और फिर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. लड़की ने बताया कि उसका जन्मदिन था. मैं मंदिर जाकर पूजा करना चाहती थी. इसलिए मैंने अपने दोस्त को साथ चलने के लिए कहा. मेरी मां खाना बनाने का काम करती हैं और वह उस समय घर में नहीं थी. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। इसलिए मैंने अपनी बड़ी बहन को बताया कि मैं दोस्त के साथ मंदिर जा रही हीं. फिर मैं करीब 5 बजे घर से निकली और 5:45 पर कालकाजी मंदिर पहुंच गई. हम लोग करीब 7 बजे मंदिर से बाहर निकले. इसके बाद हमने कालकाजी मेट्रो स्टेशन के बाहर से एक चिप्स और पानी की बोतल ली और फिर गेट नंबर 7 से होते हुए पार्क के भीतर चले गए.

बर्थडे पर हुआ घिनौना कांड

पीड़िता ने आगे बताया कि 'मैं इस्कॉन जाना चाहती थी. तो मैंने कहा कि पहले पार्क में बैठकर चिप्स खा लेते हैं, फिर मंदिर चले जाएंगे. जैसे ही हमने बेंच पर बैठकर चिप्स खाने शुरू किए. तभी तीन लोग उम्र करीब 30 से 35 साल की उम्र के थे. उन्होंने मेरे दोस्त को पकड़ा और थप्पड़ जड़ दिया.' लड़की ने आगे कहा कि 'जब हमने पूछा के वह कौन हैं? तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह पुलिस वाले हैं और उन्होंने पूछा कि वह यहां क्यों आए हैं. उन्होंने कहा कि यहां आना मना है. इसके बाद उनमें से एक मेरे दोस्त समीर को दूसरी तरफ ले गया और हमारे फोन भी ले लिए.' तभी एक लड़के ने कहा कि 'आसिफ भाई, गन निकाल लो.' जिस लड़के को आसिफ कहकर बुलाया उसने बैंगनी रंग की सर्ट पहनी हुई थी. तीनों काफी मजबूत थे, आसिफ ने काले रंग की बंदूक निकाली और जेब में वापस रख ली.'

दोस्त को बताई पूरी कहानी

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि इसके बाद दोनों लड़कों ने चाकू निकाल लिया और उसे एक सुनसान जगह पर ले गए.पीड़िता का आरोप है कि एक आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और चाकू दिखाकर उसके साथ जबरदस्ती की. इस दौरान दूसरे आरोपी को बाहर निगरानी करने के लिए कहा गया.पीड़िता ने बताया कि इसके बाद दूसरे और तीसरे आरोपी ने भी बारी-बारी से उसके साथ गलत काम किया. आरोपियों ने उसे धमकाया और चुप रहने को कहा.बाद में आरोपियों ने पीड़िता और उसके दोस्त को उनके मोबाइल फोन वापस दे दिए और जान से मारने की धमकी देकर वहां से जल्दी चले जाने को कहा. बाहर निकलने के बाद पीड़िता ने अपने दोस्त को पूरी घटना बताई, जिसके बाद उसके दोस्त ने पीसीआर को फोन किया और पुलिस मौके पर पहुंची.
प्रेमी युगल की मौत से सनसनी, इंस्टाग्राम स्टेटस ने खोला राज

​अतरौली थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव का मामला: अचानक लापता हुए थे दोनों

​युवक ने इंस्टाग्राम स्टेटस पर लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर!"

​गांव से 500 मीटर दूर मिले दोनों के शव, पुलिस जांच में जुटी

हरदोई जिले के अतरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंगपुर गांव में शुक्रवार को एक बेहद दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांव के ही रहने वाले एक नाबालिग प्रेमी युगल के शव गांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर मिले। दोनों के अचानक लापता होने के बाद से ही परिजन उनकी लगातार तलाश कर रहे थे। 

​इंस्टाग्राम स्टेटस ने बढ़ाई चिंता

​तलाश के दौरान ही युवक के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किए गए एक स्टेटस ने परिजनों और ग्रामीणों के होश उड़ा दिए। स्टेटस में लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर!" इस स्टेटस के सामने आते ही परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर खोजबीन तेज कर दी, जिसके बाद गांव के बाहर दोनों के शव बरामद हुए। 

​पुलिस और उच्चाधिकारी पहुंचे मौके पर

​घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। 

​पारिवारिक असहमति मानी जा रही वजह

​शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और उनके बीच प्रेम संबंध था। युवक राजपूत समुदाय से था, जबकि युवती दलित समुदाय से थी। बताया जा रहा है कि परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। शुरुआती जांच में परिवार की असहमति को ही इस खौफनाक कदम की मुख्य वजह माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। घटना के बाद से गांव में मातम और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल है।
मां को छोड़कर अकेला नहीं जाऊंगा, जलती बस में मां को बचाने के लिए जान दे गया 28 साल का बेटा

नोएडा: मैं इस जलती बस से तभी उतरूंगा, जब मेरी मां सुरक्षित बाहर निकल आएगी... यह आखिरी शब्द थे 28 साल के शशांक गुप्ता के, जो उन्होंने बस ड्राइवर से कहे थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।

शशांक को अपनी जान बचाने का मौका तो मिला, पर उन्होंने अपनी बीमार मां का साथ छोड़ने से साफ़ इनकार कर दिया और दोनों आग की लपटों की ज़द में आ गए।

यह दर्दनाक हादसा बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर के पास 33वें किलोमीटर के निशान पर हुआ। दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की एक प्राइवेट AC स्लीपर बस (BR32PA8647) में अचानक भीषण आग लग गई।

शशांक और उनकी मां सुनीता गुप्ता (47) नहीं बच पाए। शुक्रवार को उनके बुरी तरह जले हुए शवों की पहचान उनके चेहरों से नहीं, बल्कि उनके शरीर के जो हिस्से बचे थे, उनसे की गई। परिवार वालों ने सुनीता को उनकी लंबाई से और शशांक को उनकी पहनी हुई अंगूठी से पहचाना।

दोनों ने राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में लगभग अचानक ही सफ़र करने का फ़ैसला किया था। सुनीता लगभग एक महीने से गुड़गाँव में अपने बेटे के साथ रह रही थीं और घुटने के दर्द का इलाज करवा रही थीं, जिसकी वजह से उन्हें चलने-फिरने में तकलीफ़ हो रही थी। जब आग लगने से तीन दिन पहले महोबा के चरखारी में उनके पति नीरज के भाई को हार्ट अटैक आया, तो माँ-बेटे ने वहाँ एक साथ जाने का फ़ैसला किया। ट्रेन का टिकट नहीं मिला, इसलिए उन्होंने स्लीपर बस में पीछे की तरफ़ सीटें ले लीं।

नीरज के मुताबिक, बस में सवार यात्रियों ने आग की लपटें दिखने से काफी पहले ही केबिन में जलने की गंध की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया और बस को नहीं रोका गया, उन्हें लगता है कि इस देरी की वजह से उन लोगों की जान चली गई जिन्हें शायद बचाया जा सकता था।

कुछ यात्रियों ने बताया था कि उन्होंने ड्राइवर और कंडक्टर को आगाह किया था, लेकिन बस को किनारे लगाने के बजाय वे केबिन के अंदर स्मोकिंग करते रहे। इसके कुछ ही देर बाद ड्राइवर की सीट के पास आग की लपटें उठने लगीं और कुछ ही मिनटों में बस धुएं से भर गई।

इसके बाद अफरातफरी मच गई। जैसे-जैसे आग फैली, कुछ यात्रियों ने खिड़कियाँ तोड़ीं और चलती बस से कूद गए, जबकि कुछ लोग आगे की तरफ़ भागे और ड्राइवर के बस रोकने पर नीचे उतरे। नीरज ने कहा, 'उस अफरातफरी के बीच, घुटने में चोट की वजह से सुनीता तेज़ी से नहीं चल पा रही थीं और पीछे रह गईं। दूसरे यात्रियों ने मुझे बताया कि शशांक ने उनका साथ छोड़ने से इनकार कर दिया।'

नीरज ने बताया, 'ड्राइवर और कंडक्टर, दोनों ने मेरे बेटे से कहा कि जब तक मौका है, वह बाहर निकल जाए। उसने मना कर दिया और कहा कि वह अपनी माँ के साथ ही जाएगा। जब केबिन धुएँ से भर गया, तो भी वह वहीं रुका रहा और उन्हें दरवाज़े की तरफ खींचने की कोशिश करता रहा, यहाँ तक कि दोनों की साँसें रुक गईं और वे बेहोश हो गए।'
आइडेंटी की उम्मीद में बैठे लोगों की उम्मीद में लगाई आग डाक विभाग का कारनामा उजागर

हरदोई आईडी कार्ड बनवाने के लिए जहाँ लोगों को धक्के खाने पड़ते हैं और तमाम प्रकार की मुसीबतो का सामना करना पड़ता हैं। तो वहीं डाक विभाग उनकी आईडी कार्ड बांटने की जगह उनकी उम्मीदों में आग लगाने में लगा हुआ है।वि0ख0 बावन की ग्रामपंचायत सकाहा में शराब ठेका के निकट किसी ने कई सैकड़ा आधार कार्ड,पेन कार्ड व डाक विभाग में भेजें गए तमाम अभिलेखों को आग के हवाले कर दिया गया।जबकि चंद कदमों की दूरी पर सकाहा डाकखाना 241125 स्थित है। ग्रामीणों की नज़र जब जलते अभिलेखों पर पड़ी तो तो सभी ग्रामीणों ने जल्द आग पर नियंत्रण पाकर बहुत से आधार कार्ड पेन कार्ड जले व अधजले कार्ड सुरक्षित निकाल लिए जिसमें डाकखाना पिन कोड संख्या 241125 में पड़ने वाले तमाम गांवों के अभिलेख प्रपत्र मौजूद थे। डाक विभाग के इस कृत्य से जहां ग्रामीणों और क्षेत्र की जनता में भयानक आक्रोश पनप रहा है तो वहीं डाक विभाग के कर्मचारीयो की कार्यशैली अत्यंत चिंता जनक व दुर्भाग्य पूर्ण प्रदर्शित हो रही है।ग्रामीणों ने सकाहा निवासी वरिष्ठ समाज सेवी सुशील गोस्वामी को घटना क्रम का विडियो फोटो सहित बचे हुए अभिलेख उपलब्ध कराए जो कि अब उनके आईडी कार्ड घर घर पहुंचाकर प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों और क्षेत्र की जनता डाक विभाग पर निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्यवाही कराने की बात कर रही हैं।अब डाक विभाग पर क्या कार्यवाही होगी इस आसमे जनता बैठी हुई है
जालौन की कोंच तहसील परिसर में महिला के साथ मारपीट, हाथ में आया फ्रैक्चर; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल 

​जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कोंच तहसील परिसर में मुकदमे की तारीख पर आई एक महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। 

​ज़मीन पर गिराकर मारपीट का आरोप

पीड़ित महिला का आरोप है कि अनूप सोनकिया नाम के व्यक्ति ने उसे ज़मीन पर गिराकर बुरी तरह पीटा। इस मारपीट में महिला के हाथ में फ्रैक्चर आ गया है। 

​सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला न्याय की गुहार लगा रही है, जबकि पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।
कन्नौज में सिपाही दंपत्ति की जांबाजी, राइफल के बट से शीशा तोड़कर बचाई 5 जिंदगियां 

​कन्नौज: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कन्नौज क्षेत्र में बारिश के दौरान एक बड़ा हादसा होने से टल गया। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही और उनकी पत्नी ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए कार में फंसी 5 जिंदगियों को सकुशल बाहर निकाल लिया। 

​अनियंत्रित होकर पलटी थी कार

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बारिश के कारण गीली सड़क पर एक सफेद रंग की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर व रेलिंग के पास पलट गई। दुर्घटना में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके सभी दरवाजे जाम हो गए, जिससे कार सवार 5 लोग अंदर ही फंस गए। 

​सिपाही और पत्नी ने दिखाई सूझबूझ

उसी दौरान वहां से गुजर रहे यूपी पुलिस के सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह की नज़र पलटी हुई कार पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिपाही दंपत्ति ने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। कार के दरवाजे न खुलने पर सिपाही अमित तेवतिया ने अपनी सर्विस राइफल के बट से कार का शीशा तोड़ा। इसके बाद अन्य राहगीरों की मदद से कार में फंसे सभी 5 लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। 

​वर्दी के फर्ज की हो रही सराहना

समय पर मिली इस त्वरित मदद से कार में आग लगने या अंदर दम घुटने जैसे बड़े खतरे से सभी यात्रियों की जान बच गई। सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह के इस साहसिक कदम व कर्तव्यनिष्ठा की सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना की जा रही है।
झांसी कचहरी में दो महिलाओं का हंगामा, पट्टा बनवाने के नाम पर पैसे ठगने वाले कथित 'पंडित जी' को पकड़कर पहुंचीं अधिकारियों के पास 

​झांसी: झांसी जिला कचहरी परिसर में दो महिलाओं द्वारा एक व्यक्ति को पकड़कर पीटते हुए अधिकारियों के पास ले जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

​जमीन का पट्टा करवाने के नाम पर ठगी का आरोप

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि खुद को 'पंडित जी' बताने वाले इस व्यक्ति ने जमीन का पट्टा करवाने का झांसा देकर उनसे ₹35,000 ले लिए थे। पैसे लेने के बाद जब काम नहीं हुआ, तो पीड़ित लगातार उसके चक्कर काट रहे थे। 

​कचहरी में मिला आरोपी, पकड़कर ले गईं DM और SSP ऑफिस

कचहरी परिसर में जब महिलाओं को आरोपी व्यक्ति दिखाई दिया, तो उन्होंने उसे तुरंत दबोच लिया। इसके बाद वे उसे पकड़कर और हंगामा करते हुए पहले जिलाधिकारी (DM) कार्यालय और फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय ले गईं।
चक्रवात 'अर्नव' का रौद्र रूप: तटीय इलाकों में भारी तबाही, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

​समुद्र से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नव' (Arnab) ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद इस चक्रवात ने भारी तबाही मचाई है। 

​तेज हवाएं और भारी बारिश: तटीय इलाकों में 75 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है।

​जनजीवन प्रभावित: कई निचले इलाकों और सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है।

​प्रशासनिक सतर्कता: प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद कर दिया गया है तथा संवेदनशील क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

​मौसम विभाग का अलर्ट: मौसम विभाग (IMD) ने कई पड़ोसी राज्यों में भी भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

​प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे एहतियात बरतें, आवश्यक काम न होने पर घरों में रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
बुलंदशहर में नुमाइश फाटक के पास ट्रेन से टकराई युवती, राहगीरों की सतर्कता से बची जान; जांच जारी 

​बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गुरुवार सुबह नुमाइश फाटक के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक युवती ट्रेन की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन से टकराने के बाद युवती रेलवे ट्रैक के पास जा गिरी। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और एक युवक ने तुरंत युवती की सांसें चलती देख उसे राहगीरों की मदद से पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। समय पर मिली इस सहायता को युवती की जान बचाने में बेहद अहम माना जा रहा है। 

​घटना के कारणों पर सस्पेंस

घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे पारिवारिक या व्यक्तिगत तनाव मान रहे हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इनमें से किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक वजह पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के बाद ही साफ हो सकेगी। 

​विशेषज्ञों की सलाह और अपील

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन का कहना है कि चाहे समस्या प्रेम संबंध, पारिवारिक तनाव, पढ़ाई का दबाव या कोई अन्य कारण हो, उसका समाधान आत्मघाती कदम नहीं है। कठिन परिस्थितियों में परिवार, मित्रों, शिक्षकों या विशेषज्ञों से खुलकर संवाद करना ही सबसे सही रास्ता है।
कानपुर: मूर्ति विसर्जन के दौरान लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला, 4 आरोपी गिरफ्तार

​कानपुर (उत्तर प्रदेश):

शहर के थाना गुजैनी क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर नाका के पास 24 सितंबर को मूर्ति विसर्जन के दौरान मारपीट की गंभीर घटना सामने आई है। आपसी विवाद को लेकर हुए इस हमले में लाठी-डंडों और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। 

​त्वरित पुलिस कार्रवाई:

घटना के संबंध में पीड़िता की शिकायत पर थाना गुजैनी में मु0अ0सं0 173/2026 के तहत BNS की सुसंगत धाराओं [191(2), 191(3), 190, 126(2), 109(1)] में मामला दर्ज किया गया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 25 सितंबर 2026 को चार नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। 

​गिरफ्तार आरोपियों के नाम: 

​शोभित सिंह

​राहुल भदौरिया

​धनराज सिंह भदौरिया

​जगतराज सिंह भदौरिया

​आपसी रंजिश बनी वजह:

पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना पूर्व से चले आ रहे आपसी विवाद के कारण हुई थी। वहीं, सोशल मीडिया पर चल रही फायरिंग और बमबाजी की अफवाहों को पुलिस ने जांच के बाद पूरी तरह असत्य बताया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट; बीच-बचाव के बजाय वीडियो बनाता दिखा पुलिसकर्मी, जांच शुरू 

​मथुरा-वृंदावन: विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और वहां तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट का एक मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 

​दर्शन व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर में दर्शन और व्यवस्था को लेकर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं और वहां तैनात निजी गार्ड्स के बीच पहले तीखी बहस हुई। देखते ही देखते बात हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गई। 

​पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

वायरल वीडियो में एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है। जिस समय सुरक्षाकर्मी और श्रद्धालु आपस में भिड़ रहे थे, वहीं रेलिंग के पास मौजूद एक पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने या बीच-बचाव करने के बजाय अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाता नज़र आ रहा है। 

​श्रद्धालुओं में आक्रोश, जांच के आदेश

इस घटना और स्थानीय प्रशासन व मंदिर प्रबंधन की लापरवाही को लेकर श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है। आम भक्तों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच और उचित कार्रवाई की बात कही है
लखनऊ के इको गार्डन में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन; पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप 

​लखनऊ: राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। आरक्षण से जुड़े न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में भारी रोष व्याप्त है। 

​पुलिस कार्रवाई और लाठी से प्रहार का आरोप

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथी अभ्यर्थियों के साथ कथित रूप से मारपीट की। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर सीने पर लाठी से प्रहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। कथित पुलिसिया कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों में भारी नाराजगी और आक्रोश फैल गया है। 

​निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

अभ्यर्थियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराए जाने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
शाहजहांपुर में पति के 'फुल एनकाउंटर' के डर से थाने पहुंची महिला, रो-रोकर लगाया पुलिस पर धमकी का आरोप 

​शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शातिर अपराधी सौरभ मिश्रा की पत्नी मोहिनी मिश्रा थाने पहुंचकर रोने-चिल्लाने लगी और पुलिस पर अपने पति के 'फुल एनकाउंटर' की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया। 

​हाफ एनकाउंटर के बाद फिर पकड़े जाने का आरोप

थाना पुवायां के हरदयाल कूचा कॉलोनी के रहने वाले सौरभ मिश्रा की पत्नी मोहिनी का कहना है कि पुलिस ने करीब 6 महीने पहले उसके पति का हाफ एनकाउंटर किया था, जिसमें उसके पैर में गोली लगी थी। जेल से छूटने के महज 15-20 दिन बाद ही पुलिस उसके पति को फिर से देवी मंदिर के पास से उठाकर ले आई है। 

​एनकाउंटर और प्रताड़ना की धमकी का दावा

महिला का आरोप है कि पुलिस कर्मी देर रात उसके घर पहुंचते हैं और उसके पति को जान से मारने या 'फुल एनकाउंटर' करने की धमकी देते हैं। महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पति को झूठे मामलों में फंसाकर बदनाम किया जा रहा है। 

​पुलिस ने गिरफ्तारी से किया इंकार

दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस ने सौरभ मिश्रा की किसी भी प्रकार की गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने की बात से साफ इंकार किया है। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
शाहजहांपुर में पति के 'फुल एनकाउंटर' के डर से थाने पहुंची महिला, रो-रोकर लगाया पुलिस पर धमकी का आरोप
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जालौन की कोंच तहसील परिसर में महिला के साथ मारपीट, हाथ में आया फ्रैक्चर; वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
गृह मंत्रालय के अति उत्कृष्ट व उत्कृष्ट सेवा पदक से एसपी ने 15 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को किया सम्मानित

हरदोई। पुलिस अधीक्षक हरदोई ने गुरुवार को जनपद पुलिस के 15 अधिकारी-कर्मचारियों को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त अति उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक लगाकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह में पुलिसकर्मियों को उनकी सेवाओं के लिए पदक प्रदान किए गए।

अति उत्कृष्ट सेवा पदक से निरीक्षक नागरिक पुलिस विद्यासागर, उपनिरीक्षक रामकिशोर मिश्र, प्रवीण चंद्र मिश्र, सुशील कुमार त्रिपाठी, शिव शरण सरोज, विजय शंकर यादव, लिपिक रामप्रकाश यादव, मुख्य आरक्षी चालक सुरेश चंद्र, मुख्य आरक्षी सशस्त्र पुलिस वीरेंद्र सिंह यादव, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस राम खिलावन यादव, मुख्य आरक्षी चालक कल्लू और मुख्य आरक्षी सशस्त्र पुलिस अमरेंद्र कुमार को सम्मानित किया गया।

वहीं, निरीक्षक एलआईयू अमित कुमार ठेनुआ, मुख्य आरक्षी सशस्त्र पुलिस सुखदेव कुमार और मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस विजय कुमार को उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया। एसपी ने सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए उनके सेवाभाव की सराहना की।
जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने जनसुनवाई के दूसरे दिन सुनीं 102 शिकायतें, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

<nis:link nis:type=tag nis:id=हरदोई। nis:value=हरदोई। nis:enabled=true nis:link/> नवागत जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने जनसुनवाई के दूसरे दिन कलेक्ट्रेट में जनसामान्य की समस्याएं एवं शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 102 शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का नियमानुसार, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। शिकायतों की जांच निष्पक्षता के साथ करते हुए पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित अधिकारी शिकायतों का समय से निस्तारण कर उसकी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनसुनवाई के दौरान नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट गुलाब चंद्र सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।