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HARDOI EXPRESS INDIA NEWS

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सरकारी गल्ले की दुकान में अलग-अलग ब्रांड की पेप्सी बरामद, जांच की मांग* 

हरदोई बिलग्राम विकास खंड की ग्राम सभा *रणेना हबीबनगर* में सरकारी कोटे की राशन दुकान को लेकर सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सरकारी राशन की दुकान में अलग-अलग ब्रांड की पेप्सी के कार्टून रखे पाए गए हैं। मामले में गांव के वर्तमान *प्रधानपति प्रतिराखन कुशवाहा* पर गंभीर आरोप लगे हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी कोटे की दुकान में चोरी की पेप्सी रखी गई है और इस काम में प्रधानपति की संलिप्तता है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय गाड़ी से पेप्सी के कार्टून उतारकर दुकान में रखे गए थे।

*प्रधानपति और गाड़ी ड्राइवर ने दी सफाई*  
मामले के उजागर होने के बाद प्रधानपति प्रतिराखन कुशवाहा और *गाड़ी ड्राइवर* ने मीडिया के सामने सफाई दी। दोनों ने कहा कि पेप्सी चोरी की नहीं है। उनका तर्क है कि ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा पेमेंट नहीं किया गया था, इसलिए अस्थाई तौर पर पेप्सी को सरकारी कोटे की दुकान में उतार दिया गया था।

*ट्रांसपोर्टर ने दी सफाई* कहा मैने पूरा पेमेंट कर दिया था जब मीडिया कर्मियाें ने ट्रांसपोर्टर से बात की तो कहा सर मैने पूरा पेमेंट किया था हमको फंसाया जा रहा है 

*सबसे बड़ा सवाल*  
लेकिन ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों का सवाल है कि आखिर सरकारी राशन की दुकान में पेप्सी क्यों रखी गई? राशन दुकान का उपयोग केवल गरीबों को खाद्यान्न वितरित करने के लिए किया जाता है। यदि पेमेंट का मामला था तो इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई? और दुकान को गोदाम की तरह क्यों इस्तेमाल किया गया?

सबसे गंभीर बात यह है कि सरकारी दुकान में पेप्सी रखी होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कोई कार्यवाही क्यों नहीं की? क्या अधिकारियों की भी इस मामले में मिलीभगत है?

*ग्रामीणों की मांग*  
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और खाद्य विभाग के अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि दोषी पाए जाएं तो प्रधानपति, गाड़ी ड्राइवर और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्ति का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।
हरदोई बिलग्राम विकासखंड रणेना हबीबनगर में सरकारी गल्ले की दुकान में अलग-अलग ब्रांड की पेप्सी बरामद, जांच की मांग*
हरदोई: मामूली बरसात में ही 'वाशिफ कंप्यूटर वाली गली' बनी दरिया,नगर पालिका की लापरवाही से नरक जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं मोहल्लेवासी
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​उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई में नगर पालिका प्रशासन के स्वच्छता और जल निकासी के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। हल्की सी बरसात होते ही नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 25 स्थित "वाशिफ कम्प्यूटर वाली गली" एक गहरे तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।

​वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पूरी गली में घुटनों तक गंदा पानी भर गया है। इस जलभराव के बीच एक लाल रंग का स्कूटर और अन्य मोटरसाइकिलें फंसी हुई हैं। कूड़े और कचरे से भरे हुए इस दूषित पानी के बीच से गुजरने के अलावा निवासियों के पास और कोई चारा नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है, जिन्हें ज़रूरी सामान लेने के लिए इसी गंदगी से होकर गुज़रना पड़ता है। घरों के दरवाज़ों तक पानी पहुंच जाने से घरों के अंदर भी सीलन और बदबू की समस्या पैदा हो रही है।

​अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल

​स्थानीय मोहल्लेवासियों में इस बदहाली को लेकर भारी आक्रोश है। 

लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है और वह लंबे समय से नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। अपनी पीड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के वार्ड मेंबर हफीज अहमद उर्फ मुन्ना नेता और नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की जा चुकी है। लेकिन, बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। न तो समस्या का कोई समाधान निकाला गया और न ही अभी तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है।

​गंभीर बीमारी फैलने का खतरा ​गली में लगातार भरे रहने वाले गंदे पानी और कचरे के कारण अब इलाके में संक्रामक बीमारियां फैलने का भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मच्छरों के पनपने से मलेरिया, डेंगू, और टाइफाइड जैसी बीमारियों का डर बना हुआ है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े हादसे या बीमारी के फैलने का इंतज़ार कर रहा है।

​स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका ईओ (EO) से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि 'वाशिफ कम्प्यूटर वाली गली' में जल निकासी के लिए नालियों की सफाई करवाई जाए और इस समस्या का स्थाई समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें इस नरकीय स्थिति से छुटकारा मिल सके। यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो मोहल्लेवासी उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
जंगल में मिला विवाहिता का शव, पति-बेटे पर हत्या का आरोप

हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र के मंगोलापुर जंगल में शनिवार सुबह  35 वर्षीय विवाहिता कोमल का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। मृतका कनहेटा की रहने वाली थी। उसकी बहन ने पति सत्यपाल यादव और 15 वर्षीय बेटे पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।परिजनों के मुताबिक कोमल की करीब 17 साल पहले सत्यपाल से शादी हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि सत्यपाल ने दूसरी शादी कर ली थी, जिसके बाद कोमल संडीला में रहकर फैक्ट्री में काम करती थी। उसने पति से गुजारा भत्ता पाने के लिए न्यायालय में मुकदमा भी दाखिल किया था। शुक्रवार शाम वह बच्चों से मिलने आई थी। पुलिस तहरीर लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
शाहजहांपुर: तिलहर में ध्वजारोहण के दौरान जूती पहनने की फोटो वायरल, उठे सवाल

शाहजहांपुर के तिलहर तहसील परिसर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल फोटो में एक महिला अधिकारी ध्वजारोहण स्थल के चबूतरे पर फुटवियर पहने हुए दिखाई दे रही हैं। वहीं, चबूतरे के नीचे घास पर एक जोड़ी चप्पल भी नजर आ रही है।

फोटो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसको लेकर सवाल उठा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में तिलहर की एसडीएम ध्वजारोहण कर रही हैं।

हालांकि, वायरल तस्वीर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। तस्वीर कब और किस परिस्थिति में ली गई, इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामले में प्रशासन या संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हरदोई: मामूली बरसात में ही 'वाशिफ कंप्यूटर वाली गली' बनी दरिया,नगर पालिका की लापरवाही से नरक जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर
यूपी में महिलाओं को मिलेंगे 50- 50 हजार रुपए, चुनाव से पहले आएगी 20 हजार रुपये की पहली किस्त, फिर तीन किस्तों में आयेंगे 10-10 हजार रूपए

<nis:link nis:type=tag nis:id=लखनऊ: nis:value=लखनऊ: nis:enabled=true nis:link/> यूपी की योगी सरकार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर लाई जा रही यह योजना बड़ा चुनावी दांव कहा जा रहा है। योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का खाका तैयार किया गया है। पात्र महिलाओं को तीन चरणों में 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। चुनाव से पहले 20 हजार और नई सरकार बनने पर 10-10 हजार की किस्तों में रुपए बांटे जाएंगे। बिहार में चुनाव से ठीक पहले हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत दिए गए थे। यूपी में अगले पांच महीनों के अंदर चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कई राज्यों में महिलाओं को दी गई सौगातों ने चुनावी फिजां बदल दी थी। बिहार ही नहीं मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी महिलाओं के लिए ऐसी ही योजनाएं चुनाव से पहले लांच की गईं थीं। महिलाओं के खाते में सीधे रुपये भेजे गए थे। इसका असर चुनावी नतीजों पर साफ दिखा था। इसी मॉडल पर अब यूपी में सरकार आगे बढ़ने की तैयारी कर चुकी है। महिलाओं को सीधे रुपए भेजकर पूरे परिवार को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम हो रहा है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों की महिलाओं के लिए एक साथ लांच की जाएगी।

तीन चरणों में दी जाएगी सहायता

महिलाओं को तीन चरणों में वित्तीय सहायता देने की तैयारी की जा रही है। पात्र महिलाओं के खाते में 20 हजार की पहली किस्त के रूप में वित्तीय सहायता दी जाएगी। स्वरोजगार के नाम पर दी गई सहायता की यह पहली किस्त तय करेगी कि इसका कितना इस्तेमाल महिलाओं ने किया है। इसी के आधार पर आगे की किस्त का फैसला किया जाएगा। अगले चरण में 30 हजार एक साथ या तीन चरणों में 10-10 हजार दिए जा सकते हैं। इन रुपयों से महिलाएं कोई भी काम शुरू कर सकती हैं या स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपनी कमाई का रास्ता बना सकेंगी।
उत्तर प्रदेश में आधी आबादी यानी महिला मतदाताओं का वोट प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।महिलाएं सरकारों को बनाने में प्रमुख भूमिका निभाती भी रही हैं। ऐसे में सरकार की उन पर सीधी नजरें टिकी हुई हैं। विभागीय स्तर पर योजना के लिए पात्रता शर्तों और आवेदन प्रक्रिया के नियमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अन्य योजनाओं की तरह इस योजना में भी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी सीधे महिला के खाते में ही रुपए भेजे जाएंगे। इससे बिचौलिया व्यवस्था भी समाप्त हुई है।

गेम चेंजर साबित हो सकती है योजना

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के लिए आ रही यह योजना अन्य राज्यों की तरह यूपी में भी चुनावी दृष्टि से गेम चेंजर साबित हो सकती है। परिवार की एक महिला को लाभ देने से पूरे परिवार को फायदा होता है। इससे परिवार के चार से पांच लोग सरकार के पक्ष में आ सकते हैं। पात्रता शर्तों में सरकार की नजरें खासतौर से दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं पर रहेंगी। इससे सपा के पीडीए की काट भी हासिल की जा सकेगी। लोकसभा चुनाव में सपा को मिली जीत के पीछे दलित-पिछड़े वर्ग का समर्थन ही माना गया था...
रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले रिश्वत का दांव पड़ा भारी, 20 हजार लेते कानूनगो को विजिलेंस ने दबोचा

हरदोई। जिला मुख्यालय स्थित सदर तहसील में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लखनऊ से पहुंची एंटी करप्शन विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक यानी कानूनगो कमल किशोर सिंह को कथित तौर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई की खबर फैलते ही तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।बताया जा रहा है कि कानूनगो के पास अहिरोरी और बढ़ायल क्षेत्र का राजस्व संबंधी कामकाज था। आरोप है कि नक्शा दुरुस्तीकरण से जुड़े एक मामले को निपटाने के एवज में पीड़ित से 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। रिश्वत मांगे जाने से परेशान पीड़ित ने इसकी शिकायत लखनऊ की एंटी करप्शन टीम से की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच कर आरोपों की पुष्टि की और इसके बाद कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

*तहसील परिसर के बाहर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति को रकम देने के लिए कहा*

शुक्रवार दोपहर करीब 12:45 बजे विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता को साथ लेकर सदर तहसील पहुंची। टीम ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। आरोप के मुताबिक रिश्वत की रकम लेने के दौरान कानूनगो ने सीधे पैसे लेने के बजाय तहसील परिसर के बाहर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति को रकम देने के लिए कहा। हालांकि शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर रकम कानूनगो को ही थमा दी और रुपये उनकी जेब में रख दिए।जैसे ही तय संकेत मिला, पहले से आसपास मौजूद विजिलेंस टीम के सदस्यों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कानूनगो को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी अपने कब्जे में ले ली। कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को लेकर टीम सुरसा थाने पहुंची, जहां उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।विजिलेंस की कार्रवाई की सूचना मिलते ही तहसील के कर्मचारियों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि कमल किशोर सिंह जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे पहले वह शाहाबाद और हरदोई शहर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी तैनात रह चुके हैं।कार्रवाई की जानकारी मिलने पर आरोपी के कुछ साथी कर्मचारी भी उसकी स्थिति जानने के लिए शहर कोतवाली पहुंचे, लेकिन वहां आरोपी के नहीं मिलने पर उन्हें वापस लौटना पड़ा। बाद में पता चला कि विजिलेंस टीम उसे सुरसा थाने ले गई है। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई के बाद तहसील में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विशाल जनस्वास्थ्य से खिलवाड़: फलों पर नाले का गंदा पानी छिड़कते रंगे हाथों पकड़ा गया फल विक्रेता, वीडियो वायरल

​मुंबई के विरार में फल विक्रेता की घिनौनी करतूत: फलों को ताजा दिखाने के लिए छिड़का नाले का गंदा पानी, पकड़े जाने पर खुद पीकर सफाई देने लगा आरोपी

​मुंबई के पास विरार इलाके से खाद्य सुरक्षा और लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक फल विक्रेता सड़क किनारे खुले नाले/गटर का दूषित पानी कटोरी में भरकर अपने ठेले पर रखे फलों पर छिड़कता हुआ दिखाई दे रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से वायरल हुआ जलभराव का वीडियो: सोशल मीडिया पर निर्माण कार्य और दावों को लेकर छिड़ी बहस

​भारी भरकम लागत से बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली ही बारिश में जलभराव का दावा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल

​सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट परिसर के अंदर पानी भरने का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का है, जहां पहली ही बारिश में टर्मिनल के भीतर भारी जलभराव हो गया, जिससे व्यवस्थाओं और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हमीरपुर कलेक्ट्रेट में बच्चियों के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार का आरोप: अपमानजनक शब्दों से नाराज होकर धरने पर बैठीं छात्राएं

​हमीरपुर कलेक्ट्रेट में अपनी मांगें लेकर पहुंचीं बच्चियों से पुलिस का अमानवीय व्यवहार, 'हट-हट' कहने और धमकाने के आरोप के बाद धरने पर बैठीं छात्राएं

​उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचीं कम उम्र की स्कूली बच्चियों के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और वीडियो के अनुसार, कलेक्ट्रेट में मौजूद पुलिस अधिकारी पर बच्चियों को धमकाने और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है।
इस 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की आवाज़ सुनिए! आज भी ₹40 प्रतिदिन की मजदूरी करके अपना पेट पालने को मजबूर हैं और अब इनके सिर से छत भी छीनने के लिए भाजपा का बुलडोजर पहुंच गया है। एक तरफ महंगाई और बेरोज़गारी ने गरीबों की कमर तोड़ दी है। तो दूसरी तरफ भाजपा सरकार गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाकर उनसे उनका आखिरी सहारा भी छीन ले रही है। बड़े-बड़े विकास के दावे करने वाली मोदी सरकार से सीधा सवाल है कि अगर 80 साल की बुजुर्ग महिला आज भी ₹40 की मजदूरी करने को मजबूर है। तो यह विकास आखिर किसके लिए है?

यह सिर्फ एक गरीब महिला की झोपड़ी का सवाल नहीं है बल्कि भाजपा की उस जनविरोधी राजनीति का सवाल है। जिसमें गरीब, दलित, किसान और खेतिहर मजदूर की जमीन और बस्ती को विकास के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। अतिक्रमण हो या लैंड बैंक, टाउनशिप हो या किसी बड़े प्रोजेक्ट का नाम। आखिर हर बार जमीन और घर से बेदखल गरीब ही क्यों होतें है?

गरीबों और किसानों की जमीन छीनकर बड़े-बड़े उद्योग और टाउनशिप खड़े करने की बात की जाती है। लेकिन जिन लोगों की जमीन छीनी जाती है। उनके लिए क्या है? न स्थायी आवास, न रोजगार की गारंटी, न बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था और न ही सम्मानजनक पुनर्वास। सवाल सीधा है। अगर विकास गरीबों को उजाड़कर होगा। तो उस विकास का लाभकिसे मिल रहा है?

भाजपा सरकार का यह समझना होगा कि गरीब सिर्फ वाट दन वाली जनता नहीं है बल्कि इस देश का मेहनतकश नागरिक है। जिसका जमीन, आवास और सम्मान पर बराबर का अधिकार है। गरीबों की बस्तियां उजाड़कर, किसानों की जमीन छीनकर और मजदूरों की आजीविका खत्म करके कोई भी सरकार जनहितैषी होने का दावा नहीं कर सकती।

आज़ादी के बाद से जिस जमीन पर भूमिहीन और गरीब परिवार बसे हुए हैं। उन्हें PPH Act के आधार पर वासगीत पर्चा देना होगा। उनके आवासीय अधिकार को सुरक्षित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। कानून और अधिकारों की बात करने वाली सरकार को पहले गरीबों के घर और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। न कि उनके खिलाफ बुलडोजर को हथियार बनाना चाहिए।

यह बुलडोजर सिर्फ एक झोपड़ी पर नहीं चल रहा। यह गरीब की मेहनत, उसके अधिकार और उसके भविष्य पर हमला है। अगर भाजपा सरकार ने गरीबों की बस्तियों को उजाड़ने और बुलडोजर राज की राजनीति को बंद नहीं किया। तो अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा तमाम गरीबों, किसानों और खेतिहर मजदूरों को संगठित कर सड़क से लेकर सदन तक और संघर्ष के हर मोर्चे तक लड़ाई को तेज करेगी और लड़ेगी। गरीबों को उजाड़ने वाली इस राजनीति के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। जनता अपने अधिकारों की लड़ाई का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
बिहार के बाढ़ स्टेशन पर अचानक बदला प्लेटफॉर्म: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में जोखिम भरा रास्ता चुनती दिखीं युवतियां, वीडियो वायरल

​आखिरी वक्त में प्लेटफॉर्म बदलने की अनाउंसमेंट से मची अफरा-तफरी, जान जोखिम में डालकर दूसरे प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं लड़कियां; रेलवे की व्यवस्था पर उठे सवाल

​बिहार के बाढ़ रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और अचानक प्लेटफॉर्म बदले जाने की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जालौन में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को परिजनों ने संदूक से पकड़ा: मामला खुलने पर प्रेमिका ने लगाए डरा-धमकाकर संबंध बनाने के आरोप

​प्रेमिका के घर पहुंचे युवक की संदूक में छिपे होने पर खुली पोल, परिजनों के पकड़ने के बाद प्रेमिका ने लगाया धमकाने का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

​उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचे एक युवक को परिजनों ने कमरे के भीतर रखे संदूक से रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरा मामला उजागर होने के बाद प्रेमिका ने भी अपने बयान बदलकर युवक पर गंभीर आरोप लगा दिए हैं।
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास: जानिए आज के स्वरूप में आने से पहले कितनी बार बदला हमारा तिरंगा

​स्वतंत्रता दिवस विशेष: 1906 से 1947 तक... जानिए कितनी बार बदला गया भारत का राष्ट्रीय ध्वज और क्या है इसका गौरवशाली इतिहास

​स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोशल मीडिया पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) के इतिहास और उसके विकासक्रम को लेकर खासी चर्चाएं देखने को मिल रही हैं। आज हम जिस तिरंगे को गर्व से फहराते हैं, वह अपने वर्तमान स्वरूप में आने से पहले कई बदलावों के दौर से गुजरा है।
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास: जानिए आज के स्वरूप में आने से पहले कितनी बार बदला हमारा तिरंगा
रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज: सड़क पर मची भगदड़, जूते-चप्पल छोड़कर भागे छात्र

​झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस का कड़ा एक्शन, लाठीचार्ज के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी

​झारखंड की राजधानी रांची में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों के उग्र प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और प्रदर्शनकारी छात्र तितर-बितर हो गए।
हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव में बहे कांवड़िए: जल पुलिस और राहत दलों ने तत्परता दिखाते हुए बचाई जान

​हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव की चपेट में आए कई कांवड़िए, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला

​उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान तेज धारा की चपेट में आकर कई कांवड़िए बहने लगे। मौके पर तैनात जल पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने फौरन नदी में छलांग लगाकर तत्परता दिखाई और डूबते हुए कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कुदरत का अनोखा मेल: एक साथ दिखे सांप, नेवला और इंसान, हैरतअंगेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

​जानी दुश्मन सांप और नेवले की इंसान के साथ दिखी अनोखी दोस्ती, अद्भुत वीडियो देख लोग हैरान

​आमतौर पर सांप और नेवले को एक-दूसरे का कट्टर दुश्मन माना जाता है, जिनका आमना-सामना होते ही जानलेवा लड़ाई शुरू हो जाती है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक हैरतअंगेज वीडियो ने सभी को चौंका दिया है, जहां एक शख्स के साथ दो सांप और एक नेवला बिल्कुल शांत भाव से साथ चलते दिखाई दे रहे हैं।
लखनऊ की सड़कों पर अवैध असलहे से हवाई फायरिंग: मड़ियांव क्षेत्र का वीडियो वायरल, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

राजधानी लखनऊ में खुलेआम दबंगई: मड़ियांव इलाके में अवैध असलहे से हवाई फायरिंग करते युवक का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी

​उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेखौफ बदमाशों द्वारा कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स सड़क पर खुलेआम अवैध असलहे से अंधाधुंध हवाई फायरिंग करता नजर आ रहा है। यह वीडियो मड़ियांव थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
ट्रेन की पैंट्री कार में चूहों का आतंक: यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ का वीडियो वायरल, रेलवे की खाद्य सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

​ट्रेन की पैंट्री कार में खाने के सामान पर दौड़ते दिखे चूहे, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; यात्रियों ने रेलवे की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा पर खड़े किए सवाल

​भारतीय रेलवे की पैंट्री कार का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भोजन और खाद्य सामग्री के आसपास चूहे घूमते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है।
रेलवे प्लेटफॉर्म पर नशे में धुत युवक पर RPF का एक्शन: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, कार्रवाई के तरीके पर बंटी राय

​रेलवे प्लेटफॉर्म पर नशेड़ी युवक को RPF ने सिखाया सबक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस

​रेलवे प्लेटफॉर्म पर नशे की हालत में उपद्रव या अनुचित व्यवहार कर रहे एक युवक के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा की गई कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में सुरक्षाकर्मी नशे में धुत युवक पर बल प्रयोग कर उसे नियंत्रित करते हुए नजर आ रहे हैं।
रोजी-रोटी के लिए जान जोखिम में: चलती ट्रेन के साथ खतरनाक स्टंट करते वेंडर्स का वीडियो वायरल, सुरक्षा पर उठे सवाल

चलती ट्रेन पर जान हथेली पर रखकर सामान बेचते दिखे वेंडर्स, वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा नियमों पर खड़े हुए सवाल

​भारतीय रेलवे में अपनी आजीविका चलाने के लिए वेंडर्स द्वारा जान जोखिम में डालने का एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वेंडर्स तेज रफ्तार चलती ट्रेन के पायदान और बाहरी हिस्सों पर बेहद खतरनाक तरीके से लटककर काम करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।
हरदोई में उधारी के 500 रुपये मांगे तो भड़का युवक, किराना दुकान पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, बाजार में मचा हड़कंप...

हरदोई के शाहाबाद में उधारी के महज 500 रुपये मांगना एक दुकानदार को भारी पड़ गया। आरोप है कि रुपये मांगने से नाराज युवक ने दिनदहाड़े किराना दुकान पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटें उठते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदार और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामला शाहाबाद नगर के मोहल्ला इस्लामगंज के पास मुख्य बाजार का है। मोहल्ला अल्हापुर निवासी श्याम बहादुर पुत्र रामदास ने शाहाबाद कोतवाली में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी किराना की दुकान है। मंगलवार को उसने गिगयानी निवासी बबलू से उधारी के 500 रुपये मांगे थे। आरोप है कि रुपये मांगने पर बबलू गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देकर वहां से चला गया। श्याम बहादुर के मुताबिक, कुछ देर बाद बबलू प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल लेकर दुकान पर पहुंचा। खतरा भांपकर दुकानदार ने तुरंत दुकान का शटर गिरा दिया। इसी दौरान पेट्रोल दुकान के बाहर रखे किराने के सामान पर गिर गया और आरोप है कि बबलू ने उसमें आग लगा दी। देखते ही देखते सामान धू-धूकर जलने लगा।

घटना के बाद बाजार में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। श्याम बहादुर ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शाहाबाद कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार राय ने बताया कि पीड़ित की ओर से प्रार्थना पत्र मिला है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।
मर्जी के खिलाफ शादी के बाद मिला धोखा: रोते हुए पिता की चौखट पर पहुंची बेटी, पिता ने घर में पनाह देने से किया इनकार

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​परिवार की रजामंदी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह करने और बाद में वैवाहिक रिश्ते में मिले धोखे के बाद का एक भावुक और संवेदनशील मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी के कुछ समय बाद ही अकेली पड़ी युवती जब वापस अपने पिता के घर पहुंची और रो-रोकर शरण मांगने लगी, तो आहत पिता ने उसे घर में प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया।