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HARDOI EXPRESS INDIA NEWS

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35 हजार की रिश्वत लेते पुलिस कर्मी को एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार

शाहजहांपुर जनपद के जैतीपुर थाना क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिसकर्मी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार पुलिसकर्मी थाना प्रभारी के हमराही के रूप में तैनात बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन टीम को रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान आरोपी सिपाही को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया गया।

जांच के नाम पर घूस:

बरेली निवासी सुधांशु कुमार शर्मा पर एक केस दर्ज है। इसकी विवेचना चल रही है। सिपाही विवेक कुमार ने विवेचक के नाम पर सुधांशु कुमार शर्मा से 35 हजार रुपये की घूस मांगी। सुधांशु शर्मा ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन में कर दी। एंटी करप्शन ने शिकायत का सत्यापन कराया। इसके बाद आरोपी सिपाही को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी प्रवीण सान्यालय ने शिकायतकर्ता सुधांशु कुमार शर्मा को रिश्वत के रुपये लेकर थाने भेजा और इसके बाद वहां दबिश देकर आरोपी सिपाही को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 

सिपाही के खिलाफ एफआईआर:

रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। शाहजहांपुर के थाना गढ़िया रंगीन में ये कार्रवाई जारी है। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी प्रवीण सान्याल ने जोर देकर कहा कि शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई चल रही है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी रिश्वत की मांग करता है तो एंटी करप्शन टीम को इसकी सूचना दें।
गौशाला में गौवंशों की दुर्दशा, लाखों रुपये का निगरानी सिस्टम भी नहीं रोक पा रहा अव्यवस्थाएं

हरदोई विकास खण्ड कोथावां अंतर्गत ग्राम पंचायत नेवादा लोचन स्थित गौशाला में गौ संरक्षण को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों की हकीकत सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। गौशाला की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार गौशाला में लाखों रुपये की लागत से लगाए गए निगरानी सिस्टम और अन्य सुविधाएं होने के बावजूद गौवंशों को अपेक्षित देखभाल नहीं मिल पा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि गौशाला परिसर में मृत गौवंशों के अवशेष पड़े होने तथा उन्हें आवारा कुत्तों द्वारा नोच-नोच कर खाने के दृश्य सामने आने से क्षेत्रीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। यह स्थिति न केवल गौ संरक्षण की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लगाती है बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को भी जन्म देती है।

ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में केयर टेकर की नियमित उपस्थिति नहीं दिखाई देती, जिसके कारण गौवंशों की देखरेख प्रभावित हो रही है। वहीं सरकारी मानकों के अनुसार गौशालाओं में गौवंशों के लिए प्राथमिक उपचार, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।
लोगों का यह भी सवाल है कि जब गौशाला में निगरानी के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं तो फिर ऐसी अव्यवस्थाएं कैसे उत्पन्न हो रही हैं? यदि निगरानी व्यवस्था सक्रिय है तो जिम्मेदार अधिकारियों तक यह जानकारी क्यों नहीं पहुंची और यदि जानकारी पहुंची है तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

क्षेत्रीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने, मृत गौवंशों के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ऐसे में नेवादा लोचन गौशाला की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए सुधारात्मक कदम उठाता है।
उत्तर प्रदेश फर्रुखाबाद,प्रेम संबंध के शक में एक महिला और उसके देवर को कथित तौर पर अपमानजनक सजा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के पति ने दोनों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ने के बाद जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया और घंटों धूप में खड़ा रखा। बताया जा रहा है कि दोनों को गांव छोड़ने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजधानी लखनऊ की सड़कों पर रात में देहव्यापार और शराब की लगती है मंडी — यूपी की राजधानी में खुलेआम हो रहे इस गंदे कारोबार का वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर मचा रहा तहलका। लखनऊ सड़क पर रात में देहव्यापार — "16-25 की मिलेगी लॉलीपॉप" और "1500 में एक घंटा" जैसे बयानों ने योगी राज में कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल।
फर्जी ब्रिगेडियर बनकर सैन्य क्षेत्र में घूम रहा युवक हिरासत में शहीद संग्रहालय में सेना की वर्दी पहनकर पहुंचा था, पूछताछ में नहीं दे सका संतोषजनक जवाब

शाहजहांपुर शहर के संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में सेना की वर्दी पहनकर स्वयं को ब्रिगेडियर बताने वाले एक युवक को सैन्य अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उससे पूछताछ की गई, जिसमें वह अपनी पहचान और पद के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद उसे जांच के लिए रोक लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सैन्य इंटेलिजेंस समेत अन्य खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जानकारी के अनुसार युवक शहीद संग्रहालय परिसर में सेना की वर्दी पहनकर घूम रहा था। उसके कंधों पर लगे स्टार और खुद को वरिष्ठ सैन्य अधिकारी बताने के दावे पर वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों को संदेह हुआ। अधिकारियों ने उससे परिचय और तैनाती संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन उसके जवाबों में कई विसंगतियां सामने आईं। पूछताछ में युवक की पहचान आर्यन वर्मा पुत्र अनिल कुमार वर्मा निवासी दुर्गा इंक्लेव, हथौड़ा बुजुर्ग के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में उसके सेना से जुड़े होने या ब्रिगेडियर पद पर तैनात होने की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई।
जिस इलाके में युवक पकड़ा गया, वह सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां छावनी परिषद, सैन्य अधिकारियों के आवास, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवास स्थित हैं। ऐसे में सेना की वर्दी पहनकर किसी व्यक्ति का संदिग्ध रूप से घूमना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सूत्रों के मुताबिक मामले की सूचना बरेली स्थित सैन्य इंटेलिजेंस अधिकारियों को भी दे दी गई है। युवक के संपर्कों, गतिविधियों और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने वर्दी पहनकर सैन्य क्षेत्र में प्रवेश क्यों किया और उसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य तो नहीं था। फिलहाल सेना और प्रशासन के अधिकारी जांच पूरी होने तक कोई आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सेना की वर्दी पहनकर स्वयं को उच्च अधिकारी बताना गंभीर मामला है। इसकी जांच केवल धोखाधड़ी के पहलू से नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी दृष्टिकोण से भी की जानी चाहिए। वहीं लोगों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या संबंधित एजेंसी को देने की अपील की गई है।
मामले की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
2 महीने की प्रेग्नेंट थी रानी पचौरी, लेकिन आखिरी फोन कॉल के बाद जो हुआ... उसने सबको हिलाकर रख दिया!

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 24 साल की एक गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतका की पहचान रानी पचौरी के रूप में हुई है, जो दो महीने की गर्भवती थी.

रविवार की रात पोरसा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने एक गाड़ी आकर रुकी, जिससे उतरे लोग बदहवास हालत में रानी को लेकर अंदर भागे. हालांकि, डॉक्टरों ने नब्ज टटोलते ही उसे मृत घोषित कर दिया और कहा कि वह अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुकी थी.

रानी पचौरी मूल रूप से भिंड जिले के गढ़ गनेरा गांव की रहने वाली थी. उसकी शादी 17 मई 2025 को पोरसा के रहने वाले अभिषेक उपाध्याय से बेहद धूमधाम से हुई थी. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन आरोप है कि शादी की पहली सालगिरह बीतते ही ससुराल वालों ने रानी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.

आखिरी फोन कॉल और सिसकियों का रहस्य

रानी के भाई अमन पचौरी के मुताबिक, घटना वाले दिन यानी रविवार की शाम रानी ने मायके फोन किया था. मां ने जैसे ही फोन उठाया, दूसरी तरफ से सिर्फ रोने और सिसकने की आवाजें आ रही थीं. रानी कुछ बोल नहीं पा रही थी, वह सिर्फ रोए जा रही थी. मां के बार-बार पूछने पर भी उसने कुछ नहीं कहा और कुछ देर बाद फोन कट गया. यह रानी का अपने परिवार के लिए आखिरी कॉल साबित हुआ.

इसके कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष की ओर से मायके वालों को सूचना दी गई कि रानी को हार्ट अटैक आया है. जब तक मायके वाले भिंड से पोरसा पहुंचे, तब तक रानी की मौत हो चुकी थी और अस्पताल में कहानी पूरी तरह बदल चुकी थी. मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने पुलिस को बिना कोई सूचना दिए ही सीधे शव को अस्पताल पहुंचा दिया. भाई अमन का आरोप है कि उसकी बहन की हत्या की गई है.

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा. फिलहाल, एक हंसती-खेलती 24 साल की युवती और उसके गर्भ में पल रहे दो महीने के मासूम की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
राजनांदगाव में खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़, ड्रिप चढ़ाकर चला गया झोलाछाप, पति से कहा-खत्म होने पर हटा देना

छत्तीसगढ़ में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की मनमानी सामने आ रही है। ड्रिप लगाने के बाद कथित डॉक्टर मौके से गायब हो जाते हैं और परिजनों को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी जाती है कि ड्रिप खत्म होने पर सुई निकाल दें।

राजनांदगाव के औंधी में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का फायदा उठाकर औंधी तहसील के अंतिम छोर स्थित ग्राम तोडक़े में झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालात इतने चिंताजनक हैं कि मरीजों को किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में नहीं, बल्कि घर की जमीन पर लिटाकर ड्रिप चढ़ाई जा रही है। ड्रिप लगाने के बाद कथित डॉक्टर मौके से गायब हो जाते हैं और परिजनों को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी जाती है कि ड्रिप खत्म होने पर सुई निकाल दें।

सुई निकालने की जिम्मेदारी पति पर छोड़ दी

मामले में सामने आया है कि कांकेर जिले के गोण्डाहुर निवासी एक कथित डॉक्टर द्वारा मरीज का उपचार किया जा रहा था। परिजन के अनुसार उक्त व्यक्ति मरीज को ड्रिप लगाकर चला गया और ड्रिप समाप्त होने के बाद सुई निकालने की जिम्मेदारी पति पर छोड़ दी गई। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला मरीज घर के फर्श पर लेटी हुई है, जबकि दीवार पर ड्रिप की बोतल टांगी गई है। न कोई चिकित्सकीय निगरानी, न कोई सुरक्षा व्यवस्था और न ही किसी प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी। यह दृश्य ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलने के लिए काफी है।

मरीज की लगातार निगरानी करनी चाहिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ड्रिप चढ़ाने के दौरान मरीज की लगातार निगरानी आवश्यक होती है। गलत मात्रा, संक्रमण, एलर्जी अथवा अन्य जटिलताओं की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन तोडक़े और आसपास के क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को ड्रिप लगाकर भगवान भरोसे छोड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई कथित डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री या वैध पंजीयन के इलाज कर रहे हैं। मामूली बुखार, कमजोरी और अन्य सामान्य बीमारियों में भी धड़ल्ले से ड्रिप चढ़ाई जा रही है। ड्रिप खत्म होने के बाद परिजनों को सुई निकालने की सलाह दी जाती है, जिससे संक्रमण और गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

क्षेत्र में लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टरों के सक्रिय होने की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर ऐसे लोग मरीजों से मोटी रकम वसूल रहे हैं और उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि तोडक़े सहित पूरे वनांचल क्षेत्र में संचालित अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही दूरस्थ गांवों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोगों को मजबूरी में ऐसे लोगों के भरोसे न रहना पड़े।

औंधी क्षेत्र में ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें मिली हैं। जल्द ही ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गिरीश खोब्रागड़े, बीएमओ, मानपुर
यूपी पुलिस सिपाही की बेटी को बॉयफ्रेंड समीर ने खिलाई थी गर्भनिरोधक दवा... ब्लीडिंग की वजह से 20 साल की छात्रा ने सीढ़ियों पर ही तोड़ दिया दम!

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के सारनाथ क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां अकथा इलाके के एक बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर 20 वर्षीय एक नर्सिंग छात्रा बेहद नाजुक स्थिति में बेसुध मिली.

छात्रा के प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग हो रही थी और वह पूरी तरह खून से लथपथ थी. आनन-फानन में उसे नजदीकी प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. बता दें कि मृतका उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सिपाही की बेटी थी. पुलिस ने मृतका के सहपाठी और बॉयफ्रेंड समीर को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है.

क्या है पूरा मामला?

मृतक छात्रा चंदौली के बलुआ थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी की बेटी थी और अपनी मां के साथ सारनाथ थाना परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में रहती थी. वह पास के ही एक कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी जहां उसकी दोस्ती समीर नाम के युवक से हुई. दोनों के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. समीर अकथा इलाके के एक पीजी में रहता था.

नर्सिंग कॉलेज में गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण समीर अपने घर लौटने वाला था. उससे आखिरी बार मिलने के लिए छात्रा बेहद खुश थी. वह अपने घर से बकायदा दो लंच बॉक्स तैयार करके समीर के पीजी पहुंची थी ताकि दोनों साथ बैठकर खाना खा सकें.

बदनामी के डर से दवा खिलाने की आशंका

सामने आई जानकारी के मुताबिक, छात्रा करीब दो घंटे तक समीर के कमरे के भीतर ही मौजूद थी. आशंका जताई जा रही है कि छात्रा प्रेग्नेंट थी. लोक-लाज और बदनामी के डर से इस बात को छुपाने के लिए उसे कमरे के भीतर ही कोई हैवी गर्भनिरोधक या गर्भपात की दवा खिलाई गई. दवा खाते ही छात्रा के शरीर में भयानक रिएक्शन हुआ और उसके प्राइवेट पार्ट से गंभीर रूप से ब्लीडिंग शुरू हो गई. असहनीय दर्द से तड़पती हुई छात्रा जब मदद के लिए कमरे से बाहर भागी तो वह पीजी की सीढ़ियों पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ी . सीढ़ियों पर खून बिखरा देख बॉयज हॉस्टल में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड को किया अरेस्ट

चूंकि मृतका खुद एक पुलिसकर्मी की बेटी थी, इसलिए घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बॉयफ्रेंड समीर को हिरासत में ले लिया है और उससे बंद कमरे में सघन पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि युवक और युवती दोनों अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखते हैं.

एसीपी सारनाथ ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एसीपी (सारनाथ) विदूष सक्सेना ने बताया कि "नर्सिंग की 20 वर्षीय छात्रा पीजी में मूर्छित अवस्था में पाई गई थी, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. डॉक्टरों की शुरुआती जांच में मृतका के शरीर पर बाहर से चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. अत्यधिक ब्लीडिंग और दवा खिलाए जाने की जो आशंका जताई जा रही है, उसकी पुष्टि के लिए डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी."

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस को परिजनों की तरफ से तहरीर प्राप्त हो गई है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी कि छात्रा को कौन सी दवा दी गई थी और मौत का मुख्य कारण क्या था. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश में जुटी है.
मछली तलने के नाम पर बुलाकर लुटता जिस्म, दूसरों को पत्‍नियों को उठवाता.. 100 बीघे में बनाया अय्याशी का अड्डा...कौन है TMC नेता रबीउल इस्लाम?

संदेशखाली के शेख शाहजहां का खौफनाक अध्याय अभी लोगों के जेहन से उतरा भी नहीं था कि उत्तर 24 परगना के देगंगा से एक और 'शाहजहां' का काला चिट्ठा बाहर आ गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स में छपी जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रबीउल इस्लाम पर आरोप है कि वह अपने आलीशान गार्डन हाउस में महिलाओं को मछली फ्राई करने के नाम पर बुलाता था और फिर उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाता था. गरीब से करोड़पति बने इस नेता के जुल्म की दास्तां सुनकर पूरा बंगाल सन्न है.

महिलाओं के लिए बना काल

देगंगा पंचायत समिति का यह नेता रबीउल इस्लाम इलाके में किसी आतंक से कम नहीं था. स्थानीय निवासियों के अनुसार, रबीउल का अपना एक विशालकाय गार्डन हाउस है, जो करीब 100 बीघा जमीन पर फैला हुआ है. आरोप है कि वह रात के अंधेरे में महिलाओं को मछली तलने या खाना बनाने के बहाने वहां बुलाता था. यह कोई दावत नहीं, बल्कि एक घिनौना जाल था. वहां पहुंचने के बाद महिलाओं को बंधक बनाकर उन पर अमानवीय अत्याचार किए जाते थे. इलाके के लोग बताते हैं कि रबीउल का इतना खौफ था कि कोई भी महिला या उनका परिवार जुबान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था.

मजदूरी से 10 करोड़ का सफर

रबीउल इस्लाम के उदय की कहानी उतनी ही चौंकाने वाली है जितनी उसके अपराधों की. साल 2011 से पहले रबीउल एक साधारण दिहाड़ी मजदूर था, जो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करता था. लेकिन सत्ता के गलियारों में पहुंच बनाने के बाद उसकी किस्मत का सितारा तेजी से चमका. देखते ही देखते वह देगंगा पंचायत समिति में वन एवं भूमि विभाग का शक्तिशाली अधीक्षक बन बैठा. आरोप है कि उसने सरकारी परियोजनाओं के नाम पर मिले धन और पेड़ों को अपने निजी गार्डन हाउस को सजाने में खर्च किया. आज उसकी इस संपत्ति की कीमत 10 करोड़ रुपये आंकी गई है.

बांग्लादेश भागते हुए चढ़ा हत्थे

लंबे समय तक रबीउल ने अपने रसूख के दम पर हर कानून को ठेंगा दिखाया. जबरन वसूली और महिला उत्पीड़न की कई शिकायतें देगंगा थाने पहुंचीं, लेकिन हर बार उसका प्रभाव भारी पड़ा. हालांकि, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद जैसे ही स्थितियां बदलीं, रबीउल का सुरक्षा कवच टूट गया. पुलिस की सक्रियता बढ़ते ही वह अंडरग्राउंड हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी जान बचाकर सीमा पार बांग्लादेश भागने की योजना बना रहा था. लेकिन उसकी यह चालाकी काम नहीं आई. बसिरहाट बॉर्डर पर पुलिस की मुस्तैद टीम ने उसे दबोच लिया. अब वह सलाखों के पीछे है और जांच एजेंसियां उसकी अवैध संपत्ति की परतों को खोलने में जुटी हैं.
तुम्हारे अब्बू रेप करते हैं मेरा." पत्नी की बात सुन पति ने जो कहा, उसे सुन कांप जाएगी रूह.

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. यहां एक बेबस महिला को अपने ससुर की दरिंदगी की शिकायत अपने ही पति से करना बहुत भारी पड़ गया.

पीड़िता ने जब अपने ससुर की काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा पति के सामने खोला, तो इंसाफ मिलने के बजाय पति ने उसे फोन पर ही तीन तलाक दे दिया. अब पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही है और पुलिस के चक्कर काट रही है.

इस खौफनाक मामले के सामने आने के बाद पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है. हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने के बजाय करीब 24 घंटे तक टालमटोल की. आखिरकार, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी ससुर और पति फरार हो गए हैं. यह पूरी सनसनीखेज घटना बहराइच के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के मुस्लिम बाग मोहल्ले की बताई जा रही है.

तमंचे के बल पर ससुर ने कई बार किया रेप

इस पूरी दर्दनाक कहानी की शुरुआत करीब 3 साल पहले हुई थी. लखनऊ की रहने वाली एक युवती की शादी रुपईडीहा थाना क्षेत्र के मुस्लिम बाग मोहल्ले के रहने वाले रेहान के साथ हुई थी. शुरुआत में सब कुछ बिल्कुल ठीक-ठाक चल रहा था. दोनों पति-पत्नी घर में हंसी-खुशी रह रहे थे. इसी बीच, रेहान के पिता अच्छन की हवस भरी नजरें अपनी ही बहू पर टिक गईं. आरोप है कि अच्छन ने घर में अकेलेपन का फायदा उठाया और बहू को अवैध तमंचा दिखाकर डराया-धमकाया. इसके बाद उसने बहू के साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया.

पति ने कहा- 'पापा के साथ कोऑपरेट करो'

पीड़िता इस जुल्म को सहती रही, लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो उसने अपने पति रेहान को फोन किया. पीड़िता ने रोते हुए अपने पति को ससुर अच्छन की पूरी हवस की कहानी सुनाई. पीड़िता ने बताया कि जब उसने पहली बार अपने ससुर की इस घिनौनी करतूत के बारे में पति को जानकारी दी, तो पति का जवाब बेहद शर्मनाक था. रेहान ने अपनी पत्नी को सांत्वना देने या पिता का विरोध करने के बजाय उससे कहा कि वह अपने पिता अच्छन के साथ ही 'कोऑपरेट' और 'कोऑर्डिनेट' करे.

पति की इस बेशरमी को सुनकर जब पीड़ित बहू ने कड़ा विरोध किया, तो शौहर रेहान ने सारी हदें पार कर दीं. उसने फोन पर ही अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोल दिया और उसे तुरंत घर से भाग जाने की धमकी दे डाली. पति के इस रवैये से टूट चुकी महिला ने आखिरकार कानून का दरवाजा खटखटाया और रुपईडीहा थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, रुपईडीहा पुलिस की ढिलाई और टालमटोल की वजह से आरोपी ससुर और पति को भागने का मौका मिल गया और वे अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.
जीजाजी के साथ दिल्ली चली गई साली, लड़की के पिता ने फोन किया, पूछा- बेटी कहाँ है? फिर सामने आई सच्चाई....

उत्तर प्रदेश के जिला अमेठी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। मुंशीगंज थाना क्षेत्र के पलिया गाँव में रहने वाले दिलीप कुमार ने अपनी बेटी नीतू की शादी अयोध्या जिले के बीकापुर थाना क्षेत्र के सहजपुर गाँव में रहने वाले अनिल [बदला हुआ नाम] से की थी।

नीतू के परिवार (मायका) में नीतू के अलावा नीतू की माँ, नीतू के पिता दिलीप कुमार और दो छोटी बहनें क्रमश: दिव्यांशु और किरन हैं। नीतू की माँ की किसी अज्ञात कारण से पहले ही मौत हो चुकी है। अभी लगभग 15 दिन पहले ही नीतू का देवर अंकित नीतू के मायके पहुँचा और उसने ये बताया कि उसकी भाभी नीतू पेट से है। नीतू भाभी की देखरेख के लिये अंकित ने नीतू की 22 वर्षीय बहन दिव्यांशु को अपने साथ चलने को कहा। जिस कारण दिव्यांशु नीतू के साथ चलने को तैयार हो गई।

अंकित, दिव्यांशु को लेकर नीतू भाभी के पास ना जाकर दिल्ली पहुँच गया। दिव्यांशु के पिता दिलीप कुमार ने जब दिव्यांशु को फोन किया तो उसका फोन अंकित ने उठाया दिलीप कुमार ने दिव्यांशु के बारे में जानकारी ली तो अंकित ने बताया की दिव्यांशु की मौत हो गई है। अंकित ने बताया कि दिव्यांशु ने 4 जुलाई को ही पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली है।

दिव्यांशु के पिता दिलीप कुमार ने दिव्यांशु के शव को वापस लाने को कहा तो अंकित ने एक प्राइवेट एंबुलेंस बुक की और उसमें दिव्यांशु के शव को रखकर उसके घर की ओर निकल गया। रात करीब 12 बजे दिव्यांशु के घर के बाहर चुपचाप एम्बुलेंस खडी करके अंकित फरार हो गया। किसी वजह से दिलीप कुमार घर से बाहर निकले तो उन्हें दरवाजे के सामने एंबुलेंस खडी दिखी।

दिलीप कुमार ने अंदर जाकर देखा तो अंदर दिव्यांशु का शव था और कोई नहीं था। दिलीप कुमार ने तुरंत पुलिस को इसकी शिकायत कर दी। वहीं दिव्यांशु के चाचा जीत बहादुर का आरोप है कि अंकित, दिव्यांशु को नौकरी दिलवाने के बहाने दिल्ली ले गया था और उसकी हत्या कर दी।

फिर शव को यहाँ लाकर रख दिया। दिव्यांशु की किरन का आरोप है कि अंकित ने पहले दिव्यांशु को जहर देकर मार दिया फिर हत्या को आत्महत्या दिखाने के लिये खुद उसे फाँसी के फंदे पर टांग दिया। किरन का कहना है पहले भी अंकित ने मेरी मम्मी को किसी झूठे बहाने से बुलाया था और उनकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने दिव्यांशु के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है और पुलिस इस केस की जाँच कर रही है।
शाहजहांपुर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, प्रधान को हिरासत में लिया
हरदोई साण्डी में 12 की छात्रा कोचिंग पढ़कर घर जा रही खुला नाले  में गिरी हुई बेहोश वार्ड वासियों ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप बघौली रोड का मामला
हरदोई जनपद के हरपालपुर सीएचसी में कर्मचारी से मारपीट का वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, अस्पताल में हंगामा....
हरदोई जनपद के हरपालपुर सीएचसी में कर्मचारी से मारपीट का वीडियो वायरल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, अस्पताल में हंगामा.
साण्डी 12 की छात्रा कोचिंग पढ़कर जा रही खुला नाले में गिरी हुई बेहोश वार्ड वासियों ने नगर पालिका प्रशासन पर लगाये आरोप
एसडीएम प्रकरण के बाद BJP जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन के साथ ग्राम परियल पहुंचीं राज्यमंत्री रजनी तिवारी, घटना की जानी जमीनी हकीकत

हरदोई शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम परियल में हुए घटनाक्रम को संज्ञान में लेते हुए आज क्षेत्रीय विधायक उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी BJP जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन के साथ ग्राम परियल पहुंची। 
राज्यमंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष ने गांव के लोगों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।

ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्होंने घटना की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया तथा संबंधित पक्षों की बात भी सुनी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जायेगी।

राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने सभी को धैर्य से काम करने और गाँव में रहने को कहा और साथ ही किसी भी अफवाह और बयानबाजी से बचने को कहा, उन्होंने कहा कि सरकार हमारी है, कार्यकर्ता हमारे हैं और अधिकारी भी हमारे हैं, सभी को मिलजुल कर कार्य करना है।

किसी भी प्रकार की लापरवाही या दोषियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा और सच्चाई सामने लाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य करेगा। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने अपनी समस्याएं और घटना से जुड़े तथ्यों को नेताओं के समक्ष रखा। दोनों नेताओं ने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा!!
रुद्रप्रयाग में भारी बारिश का कहर, पुलियाएं क्षतिग्रस्त, पुजारगांव–सिरवाड़ी मोटर मार्ग बंद!!

रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकासखंड में बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं ग्राम प्रधान पुजार गांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील जखोली की ग्राम सभा खलियाण में स्थित राम मंदिर के समीप खुदगर गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

अत्यधिक वर्षा के कारण उफान पर आए खुदगर गदेरे के तेज बहाव से पुजार गांव से जंगल की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित 2 से 3 पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं भारी बारिश के चलते पुजारगांव–सिरवाड़ी मोटर मार्ग पर मलबा आने से सड़क यातायात के लिए बंद हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

नायब तहसीलदार जखोली द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि अथवा अन्य बड़े नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

प्रशासन लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

• खुदगर गदेरे का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में नुकसान।
• पुजार गांव से जंगल जाने वाले मार्ग की 2-3 पुलियाएं क्षतिग्रस्त।
• पुजारगांव–सिरवाड़ी मोटर मार्ग मलबा आने से बंद।
• किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं।
• प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
फेसबुक पर हुआ प्यार, मंदिर में की शादी; अब मारपीट कर घर से निकाला, दूसरी शादी की तैयारी का आरोप

मुरैना। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट की रहने वाली एक महिला ने मुरैना न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने उत्तमपुरा निवासी एक युवक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मंदिर में विवाह करने के बाद प्रताड़ित कर घर से निकालने तथा दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से उत्तमपुरा निवासी सचिन से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। महिला का आरोप है कि युवक ने शादी का वादा किया और चित्रकूट में पहली मुलाकात के दौरान होटल में उससे शारीरिक संबंध बनाए।
महिला के अनुसार, बाद में उसके दबाव पर युवक ने मंदिर में विवाह कर लिया और उसे अपने घर मुरैना के उत्तमपुरा क्षेत्र में ले आया। कुछ महीनों तक दोनों साथ रहे, लेकिन इसके बाद युवक और उसके परिजनों का व्यवहार बदल गया। महिला का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसे घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे दहेज की मांग की जा रही थी। महिला का कहना है कि अब युवक दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है। इसी को लेकर उसने न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से न्याय दिलाने, दूसरी शादी रुकवाने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल महिला द्वारा प्रशासन को आवेदन सौंप दिया गया है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। युवक और उसके परिजनों का पक्ष सामने आना बाकी है।
यूपी के बदायूं में जमीन के लिए दो पक्षों में हुआ ख़ूनी संघर्ष, पुलिस के सामने जमकर चले ईंट पत्थर और लाठियाँ :- मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल
इटावा के सारंगपुर में दिनदहाड़े अवैध खनन का आरोप, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
शाहाबाद में एसडीएम पर हुए हमले के बाद 8 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत, पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप, 

हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव में सोमवार देर रात एक 8 साल की बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के सदमे से उसकी बेटी की जान गई, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बालिका 18 दिन से बीमार थी। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया।

मृतका के पिता राम मोहन ने बताया कि मंगलवार शाम एसडीएम से जुड़े एक विवाद के दौरान पुलिस ने उन्हें उनके मकान के सामने ही हिरासत में ले लिया था। राम मोहन का दावा है कि इस दौरान उनकी 8 साल की रूबी मौके पर मौजूद थी। पुलिस कार्रवाई देखकर वह सदमे में आ गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात उसकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि बालिका पिछले 18 दिनों से बीमार थी। मंगलवार को बालिका के बीमार होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने परिजनों के साथ उसे अस्पताल पहुंचाया था। इस मामले में पुलिस की कोई संलिप्तता नहीं है।

दरअसल, मंगलवार शाम शाहाबाद एसडीएम एसके मिश्रा परियल गांव में अन्नपूर्णा भवन के संबंध में प्रधान पुत्र उदयवीर से जानकारी ले रहे थे। एसडीएम ने आरोप लगाया कि प्रधान पुत्र ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।

भीड़ में से किसी ने उन पर ईंट फेंकी, जिससे वे घायल हो गए। कुछ ही देर में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस ने गांव के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।

राम मोहन ने दावा किया कि पुत्री की मौत की सूचना देने के लिए उनके परिजन कोतवाली पहुंचे, जिसके बाद देर रात करीब 1 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह ने पुष्टि की कि बालिका 18 दिन से बीमार थी और राम मोहन को हिरासत में नहीं लिया गया था। उन्होंने दोहराया कि इस घटना में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।।
दिल को छू लेने वाली खबर दिल्ली से एक भावुक कहानी सामने आई है।  
एक पिता, माँ और भाई का सहारा छोड़कर, समाज और गाँव की परवाह किए बिना, एक लड़की ने ऐसा कदम उठाया जिसने उसके पूरे भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया।  
लोग कहते हैं—  
- "पिता का सहारा खोना, जैसे जीवन की नींव हिल जाना…"  
- "माँ की ममता से दूर होना, जैसे आत्मा का एक हिस्सा टूट जाना…"  
- "भाई का साथ छोड़ना, जैसे बचपन की यादें बिखर जाना…"  
- "गाँव और समाज से कट जाना, जैसे जड़ों से अलग हो जाना…"  
समाज में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।  
कई लोग इसे एक बेवकूफी भरा कदम मानते हैं, तो कुछ इसे समाज की उदासीनता का परिणाम बताते हैं।  
आँखों में सपने थे, पर हालात ने उन्हें रेत की तरह फिसला दिया।  
यह कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं की है जो भावनाओं और दबाव के बीच अपना रास्ता खो देते हैं।  
समाज को सोचने की ज़रूरत है—क्या हम अपने बच्चों को समझने और संभालने में कहीं पीछे रह
 गए हैं?
बस्ती:जनपद मे टावर पर चढने का सिलसिला बदस्तूर जारी,घंन्टो परेशान हो रहे है अधिकारी....

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने टॉवर पर चढ़ी महिला,एसपी कार्यालय मे मचा हड़कम्प

पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिला ने उठाया खौफनाक कदम 

पीडित महिला ने लालगंज पुलिस पर लगाया पति को बचाने का गंभीर आरोप.. 

पीडित महिला को जब लालगंज पुलिस से नहीं मिला न्याय तो पहुंची एसपी आँफिस ..

टावर पर चढी महिला को  उतारने के लिए टावर पर चढ़े पुलिसकर्मी

लालगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है पीड़ित मंजू
एसडीएम हमले के मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में

हरदोई के शाहाबाद में एसडीएम पर हुए हमले के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच शाहाबाद के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवनीत गुप्ता आर्य ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की है, जो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने अपनी पोस्ट में लिखा कि "शाहाबाद के हर विवाद की जड़ में तथाकथित फर्जी ब्लॉक प्रमुख शाहाबाद का हाथ..."। 

इसके साथ ही उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए लिखा कि "जहरीले नाग को दूध पिलाने वाले कभी भी शिकार हो सकते हैं, क्योंकि डसना उसकी फितरत में है।"

पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि पोस्ट में किसी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया है, लेकिन इसे शाहाबाद में चल रहे विवादों और हाल ही में एसडीएम पर हुए हमले की घटना से जोड़कर देखा जा रहा है।