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HARDOI EXPRESS INDIA NEWS

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🚨 **पति ने संतान न होने पर गुपचुप रचाई दूसरी शादी: दर-दर भटक रही पहली पत्नी ने समाधान दिवस में लगाई न्याय की गुहार** 🚨

📍 **कायमगंज**

कायमगंज थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति पर बिना उसकी सहमति और जानकारी के दूसरी शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय पाने के लिए पीड़िता लगातार कोतवाली के चक्कर लगा रही है।

🔹 **क्या है पूरा मामला?**

* रानीपुर गौर निवासी पीड़िता विनीता देवी की शादी लगभग 12 वर्ष पहले दिलीप कुमार (पुत्र महिपाल सिंह) के साथ हुई थी।
* विवाह के इतने वर्षों बाद भी उन्हें संतान नहीं हुई, जिस कारण पति ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली।
* पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीते 20 जुलाई को उसके पति, सास, ससुर और ननद उसे छोड़कर घर से चले गए हैं।

🔹 **पीड़िता की मांग:**

* महिला ने 'समाधान दिवस' के दौरान प्रभारी निरीक्षक को अपना शिकायती पत्र सौंपा है।
* वह अपने जीवन-यापन के लिए कानूनी अधिकार और मामले में उचित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है।

🔹 **पुलिस की कार्रवाई:**

* इस मामले को लेकर इंस्पेक्टर क्राइम बी. यादव ने बताया कि पीड़िता अभी भी अपने पति के साथ ही रहना चाहती है।
* ससुराल पक्ष के लोगों के वापस लौटने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी
सुरसा के जीतपुरवा में तनावपूर्ण शांति, पुलिस तैनात

हरदोई के सुरसा क्षेत्र के खजुरहरा मजरा जीतपुरवा गांव में पुरानी रंजिश के चलते हुई युवक सोहित की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना के बाद से गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। वहीं पुलिस की मौजूदगी में सोहित का अंतिम संस्कार गांव में हुआ।बता दें कि शुक्रवार रात गांव निवासी 24 वर्षीय सोहित पुत्र कोमिल की पुलिया के पास धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विश्वास शर्मा व सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए थे।परिजनों के अनुसार, करीब चार वर्ष पूर्व अंतरजातीय प्रेम-प्रसंग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव बना रहा। पुलिस भी हत्या के पीछे इसी रंजिश को प्रमुख कारण मानकर जांच कर रही है।ग्रामीणों के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले बाजार में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन देर रात पुलिया पर हुई वारदात ने पूरे गांव को झकझोर दिया।
सोहित की मौत के बाद पत्नी सुधा, बेटे वंश और बेटी अंशिका का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के सामने अब जीवन यापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया। सीओ अजीत सिंह के मुताबिक एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
नौकरी जॉइन करने पहुंची शिक्षिका से कहा- पहले शारीरिक संबंध बनाओ, फिर होगी जॉइनिंग

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक सरकारी सहायता प्राप्त गर्ल्स इंटर कॉलेज से महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है.

कॉलेज की नई नियुक्त शिक्षिका ने मैनेजर पर अभद्र व्यवहार करने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है. शिक्षिका की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया. मामले के सामने आने के बाद कॉलेज की अन्य शिक्षिकाओं में भी नाराजगी और चिंता का माहौल है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है.

जॉइनिंग की औपचारिकताओं के दौरान लगा गंभीर आरोप

पुलिस के अनुसार, पीड़ित शिक्षिका की हाल ही में सरकारी सहायता प्राप्त गर्ल्स इंटर कॉलेज में नियुक्ति हुई थी. वह अपनी जॉइनिंग से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कॉलेज कार्यालय पहुंची थीं. आरोप है कि इसी दौरान कॉलेज के मैनेजर अरविंद कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिक्षिका के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला. शिक्षिका ने कथित तौर पर इसका विरोध किया और बाद में पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की.

शिकायत मिलते ही दर्ज हुई एफआईआर

पीड़ित शिक्षिका की तहरीर के आधार पर नई मंडी थाने में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की और आरोपी मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है.

आरोपी मैनेजर अरविंद कुमार गिरफ्तार

मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस ने शनिवार को आरोपी मैनेजर अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सीओ ने की कार्रवाई की पुष्टि

इस मामले की पुष्टि सर्किल ऑफिसर (सीओ) सुनील कुमार ने भी की है. उन्होंने बताया कि शिक्षिका की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके.

साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की विस्तृत जांच जारी है. जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र किया जाएगा और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

घटना के बाद कॉलेज में बढ़ी चिंता

घटना सामने आने के बाद कॉलेज की अन्य शिक्षिकाओं में भी नाराजगी और असुरक्षा की भावना देखी जा रही है. इस मामले ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
हरदोई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, 
जहां किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में अनोखा आंदोलन करते हुए गोमती नदी में जल सत्याग्रह किया। इस आंदोलन में सैकड़ों किसान शामिल हुए और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।भारतीय किसान यूनियन अवध राजू गुप्ता संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा के नेतृत्व में अतरौली क्षेत्र स्थित गोमती नदी में सैकड़ों किसानों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने जल सत्याग्रह किया।किसानों का आरोप है कि जनपद के विभिन्न विकास खंडों में भ्रष्टाचार व्याप्त है और आम किसान अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार परेशान हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा है, जिसके चलते किसानों को यह आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।जल सत्याग्रह के दौरान किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की कि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन अवध राजू गुप्ता संगठन के हरदोई जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश तिवारी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा
हरदोई: पैरावेट, पशुमित्र, मैत्री और वैक्सीनेटरों ने मासिक मानदेय व समायोजन की उठाई मांग

हरदोई। जनपद के पैरावेट, पशुमित्र, मैत्री एवं वैक्सीनेटरों ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मासिक मानदेय दिए जाने अथवा पशुपालन विभाग में रिक्त पदों पर समायोजित किए जाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि वे पशुपालन विभाग के निर्देश एवं अधिकारियों की देखरेख में लंबे समय से विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इनमें पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, ईयर टैगिंग, टीकाकरण, बधियाकरण, भारत पशुधन ऐप पर डेटा फीडिंग तथा गौ आश्रय स्थलों में पशुओं की चिकित्सा, टैगिंग और टीकाकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

पैरावेट एवं पशुमित्रों का कहना है कि विभाग के लिए लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार का मासिक मानदेय या आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।

ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि सभी पैरावेट, पशुमित्र, मैत्री एवं वैक्सीनेटरों को उनके कार्य के अनुरूप मासिक मानदेय दिया जाए। साथ ही, पशुपालन विभाग में रिक्त पड़े पदों पर उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर समायोजित किया जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
तेज बरसात से ढहा मकान का पक्का जीना, बड़ा हादसा टला

​हरदोई अरवल थाना क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ एक मकान का पक्का जीना अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त जीने के नीचे कोई मौजूद नहीं था, जिससे परिवार के सभी लोग बाल-बाल बच गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम मंगरौरा निवासी वीरपाल सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह के घर में हुई। बारिश के पानी व सीलन के कारण अचानक मकान का जीना गिर गया। जीने के नीचे पानी का नल, मोटर और अन्य घरेलू सामान रखा हुआ था, जो मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।अचानक हुई इस घटना से चीख-पुकार मच गई और परिजन सहम गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय जीने के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि अगर कोई वहां मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल घर के सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बेलगाम रफ्तार का कहर: बेसुध कार चालक ने तीन बाइकों को रौंदा, तीन घायल
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प्रतापनगर–संडीला मार्ग के नगवा मोड़ पर हादसा, एक की हालत गंभीर, कार चालक फरार

हरदोई बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज के कोथावां में शनिवार को तेज रफ्तार कार का ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला,जिसने राहगीरों के रोंगटे खड़े कर दिए। प्रतापनगर–संडीला मार्ग पर नगवा मोड़ के पास एक बेलगाम कार ने एक के बाद एक तीन बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि टक्कर की भयावहता से तीनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद कार चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया।​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काले रंग की कार (UP77AU2080) अत्यधिक तेज गति से प्रतापनगर की ओर से आ रही थी। नगवा मोड़ के समीप चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे तीन बाइक सवारों को बारी-बारी से रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और घायल युवक कई फीट दूर जा गिरे।​​हादसे में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के अटिया मझिगवा गांव निवासी उमेश (19) पुत्र मुकेश, छुन्नी (20) पुत्र शौकीन तथा जिगिंदर (22) पुत्र लक्ष्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि तीनों युवक बर्तन फेरी का काम निपटाकर अपने घर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।​हादसे के बाद राहगीरों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोथावां चौकी प्रभारी विजयंत मिश्रा ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां भिजवाया। चिकित्सकों ने उमेश की हालत नाजुक देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि अन्य दोनों घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।​स्थानीय लोगों में बढ़ा आक्रोश, कार्रवाई की मांग ​घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रतापनगर–संडीला मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान के लिए आफत बने हुए हैं। बेलगाम गति और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई न होने से लगातार हादसे हो रहे हैं।ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन से तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाने व दोषी चालक को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।दुर्घटना करने वाली काले रंग की कार की पहचान कर ली गई है। फरार चालक की तलाश में पुलिस जुटी है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
हरदोई: पैरावेट, पशुमित्र, मैत्री और वैक्सीनेटरों ने मासिक मानदेय व समायोजन की उठाई मांग

हरदोई। जनपद के पैरावेट, पशुमित्र, मैत्री एवं वैक्सीनेटरों ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मासिक मानदेय दिए जाने अथवा पशुपालन विभाग में रिक्त पदों पर समायोजित किए जाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि वे पशुपालन विभाग के निर्देश एवं अधिकारियों की देखरेख में लंबे समय से विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इनमें पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, ईयर टैगिंग, टीकाकरण, बधियाकरण, भारत पशुधन ऐप पर डेटा फीडिंग तथा गौ आश्रय स्थलों में पशुओं की चिकित्सा, टैगिंग और टीकाकरण जैसे कार्य शामिल हैं।

पैरावेट एवं पशुमित्रों का कहना है कि विभाग के लिए लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें किसी प्रकार का मासिक मानदेय या आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।

ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि सभी पैरावेट, पशुमित्र, मैत्री एवं वैक्सीनेटरों को उनके कार्य के अनुरूप मासिक मानदेय दिया जाए। साथ ही, पशुपालन विभाग में रिक्त पड़े पदों पर उनकी योग्यता एवं अनुभव के आधार पर समायोजित किया जाए।

ज्ञापन सौंपने वालों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
<nis:link nis:type=tag nis:id=जंतर-मंतर nis:value=जंतर-मंतर nis:enabled=true nis:link/> प्रदर्शन के समर्थन और जौहर विश्वविद्यालय तोड़ने के विरोध में पोस्ट पर हाउस अरेस्ट पिहानी निवासी सर्वेश जनसेवा को रात 12 बजे हिरासत में लिया, 2 बजे छोड़ा पुलिस का व्यवहार सम्मानजनक रहा  

<nis:link nis:type=tag nis:id=हरदोई nis:value=हरदोई nis:enabled=true nis:link/> जंतर-मंतर पर चल रहे NEET छात्र आंदोलन का समर्थन और जौहर विश्वविद्यालय को तोड़े जाने के विरोध में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर *पिहानी आवास निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सर्वेश जनसेवा* को शुक्रवार रात हाउस अरेस्ट किया गया। करीब 2 घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।  

<nis:link nis:type=tag nis:id=क्या nis:value=क्या nis:enabled=true nis:link/> हुआ पूरी घटना
  
<nis:link nis:type=tag nis:id=सर्वेश nis:value=सर्वेश nis:enabled=true nis:link/> जनसेवा के अनुसार, *रात 12:00 बजे* पिहानी स्थित उनके आवास पर पुलिस टीम पहुंची। पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के समर्थन और जौहर विश्वविद्यालय को गिराए जाने के खिलाफ फेसबुक/एक्स पर की गई पोस्ट के चलते उन्हें थाने ले जाया जा रहा है।  

<nis:link nis:type=tag nis:id=हाउस nis:value=हाउस nis:enabled=true nis:link/> अरेस्ट के बाद उन्हें थाने लाकर बयान दर्ज किया गया। रात 2:00 बजे पूछताछ और खाना खिलाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।  

<nis:link nis:type=tag nis:id=बड़े nis:value=बड़े nis:enabled=true nis:link/> सम्मान के साथ रखा गया
  
<nis:link nis:type=tag nis:id=सर्वेश nis:value=सर्वेश nis:enabled=true nis:link/> जनसेवा ने कहा  
गिरफ्तारी की खबर से परिवार परेशान था, लेकिन थाने में अधिकारियों और जवानों ने बहुत सम्मान के साथ पेश आए। मेरी बात सुनी और किसी तरह की बदसलूकी नहीं की। रात 2 बजे खाना खिलाकर सुरक्षित घर छोड़ दिया।  

<nis:link nis:type=tag nis:id=विवाद nis:value=विवाद nis:enabled=true nis:link/> की वजह
  
1. जंतर-मंतर प्रदर्शन का समर्थन NEET पेपरलीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्र पिछले कई दिनों से धरना दे रहे हैं। सर्वेश जनसेवा ने सोशल मीडिया पर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया था।
  
2. जौहर विश्वविद्यालय तोड़ने का विरोध

<nis:link nis:type=tag nis:id=प्रशासन nis:value=प्रशासन nis:enabled=true nis:link/> द्वारा जौहर विश्वविद्यालय के एक हिस्से को गिराए जाने के खिलाफ उन्होंने पोस्ट कर विरोध जताया था।  

<nis:link nis:type=tag nis:id=पुलिस nis:value=पुलिस nis:enabled=true nis:link/> का कहना है कि माहौल शांतिपूर्ण बना रहे, इसलिए "निवारक कार्रवाई" के तहत हाउस अरेस्ट किया गया था। बाद में शांति भंग न करने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
सर मुड़ाते ही पड़ने लगे ओले , रीलबाज तीन बहनों से शादी करने वाला युवक जा सकता है जेल, रीलबाज तीनों बहनों ने अपने कैमरामैन से कर ली थी 15 जुलाई को  शादी ,,,कहा था कि हमारे पिता ने एक बहन की शादी कहीं और तय की थी लेकिन हम तीनों बहने एक दूसरे से अलग नहीं रह सकतीं ,,इसलिए तीनों बहनों ने अपने कैमरामैन से ही एक साथ कर ली शादी ,, वीडियो वायरल हुआ और कुछ संगठनों ने आवाज उठाया तो जांच में जुटी पुलिस और चारों को थाने बुलाया ,,,अब कहा जा रहा है एक बहन नाबालिग है ,,,15 साल की है ,,,बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारी से 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है, उत्तर प्रदेश के अमरोहा का ये मामला सुर्ख़ियों में है ,,,रील के चक्कर में अजीब हरकतें करने लगे आजकल के युवक -युवती
बीज सत्यापन व टैग जारी करने के नाम पर रिश्वत, उपनिदेशक रंगे हाथ गिरफ्तार 70 हजार रुपये की मांग, 10 हजार रुपये लेते विजिलेंस टीम ने दबोचा

उत्तर प्रदेश मुरादाबाद राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था, मुरादाबाद के उपनिदेशक रूप सिंह को बरेली विजिलेंस टीम ने शुक्रवार दोपहर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गेहूं के बीजों के सत्यापन और टैग जारी करने के एवज में उन्होंने 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। फिलहाल विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे अपने साथ बरेली ले गई। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश बीज भंडार, मुरादाबाद के प्रभारी विजय वर्मा ने गेहूं के बीज तैयार कराए थे। आरोप है कि बीजों के सत्यापन और टैग जारी करने के लिए उपनिदेशक रूप सिंह 70 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। शिकायतकर्ता द्वारा रकम अधिक होने की बात कहने पर आरोपी ने पहले 10 हजार रुपये और शेष 60 हजार रुपये अगस्त के दूसरे सप्ताह में लेने की बात तय की।इसके बाद विजय वर्मा ने बरेली विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद इंस्पेक्टर अंगद सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय ट्रैप टीम गठित की गई। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे योजना के तहत शिकायतकर्ता को उपनिदेशक के कार्यालय भेजा गया। जैसे ही रूप सिंह ने 10 हजार रुपये रिश्वत के रूप में अपने हाथ में लिए, पहले से घात लगाए विजिलेंस अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। विजिलेंस एसपी ने बताया कि आरोपी रूप सिंह, जो बुलंदशहर का निवासी है, के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।
वृद्ध महिला को जहरीले सांप ने डसा, हालत गंभीर, परिजन डिब्बे में बंद कर जिंदा सांप भी अस्पताल ले पहुंचे

हरदोई अरवल थाना क्षेत्र के करनपुर गांव में शुक्रवार रात एक वृद्ध महिला को जहरीले सांप ने काट लिया। घटना के बाद महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया है।​मिली जानकारी के अनुसार, करनपुर गांव की निवासी 60 वर्षीया सुखरानी (पत्नी स्व. रामभजन) शुक्रवार रात अपने घर के बाहर नल पर पानी भरने गई थीं। इसी दौरान नल के पास पहले से मौजूद एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। महिला ने तुरंत इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी।
​​महिला की बिगड़ती हालत को देखते हुए परिजन उन्हें तुरंत सीएचसी लेकर पहुंचे। चौंकाने वाली बात यह रही कि परिजन सांप को भी पकड़कर एक डिब्बे में बंद करके अस्पताल ले आए। डिब्बे में जिंदा सांप को देखकर अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और अन्य तीमारदारों में हड़कंप मच गया।​महिला के पुत्र नन्हेंलाल ने बताया कि उनकी मां को पानी भरते समय सांप ने काटा था। फिलहाल डॉक्टरों द्वारा महिला का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रायबरेली बारिश के बाद खुला इतिहास का पन्ना! प्राचीन टीले के नीचे मिली सदियों पुरानी रहस्यमयी गुफा पुरातत्व से जुड़े राज आने की उम्मीद! धंसी हुई जमीन के अंदर झांकने पर दिखाई दीं प्राचीन ईंटों से बनी विशालकाय दीवारें। ऊपर से महज 1 मीटर का दिखने वाला गड्ढा, अंदर से 10 मीटर चौड़ी गहरी सुरंग में तब्दील। सूचना के बाद उप-जिलाधिकारी महराजगंज मौके पर पहुंचे उप-जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर उच्च अधिकारियों को अवगत कराने व जांच कराने का दिया आश्वासन, ग्रामीणों का दावा- टीले के नीचे छिपा हो सकता है कोई प्राचीन महल, किला या गुप्त रास्ता। <nis:link nis:type=tag nis:id=हरचंदपुर nis:value=हरचंदपुर nis:enabled=true nis:link/> थाना क्षेत्र के ओई गांव में तेज बारिश के चलते अचानक बैठ गई उपजाऊ खेत की जमीन।
हरदोई टडियावां के प्राथमिक विद्यालय कोटरा में सुबह 8 बजे खुलने वाला केंद्र 9 बजे तक बंद, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ शासन के आदेशों की धज्जियां,अभिभावकों में आक्रोश हरदोई सरकार भले ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" और "पोषण मिशन" के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। विकास खंड टडियावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोटरा परिसर में संचालित 3 आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 8 बजे खुलने के बाद भी 9 बजे तक बंद मिले।समय से नहीं खुलते केंद्र, बच्चे लौट रहे मायूस स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में चल रहे इन तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों का खुलने का आधिकारिक समय सुबह 8 बजे है। लेकिन रोजाना 8 बजे पहुंचने वाले छोटे-छोटे बच्चे और उनकी माताएं गेट पर घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर वापस लौट जाती हैं। केंद्र 9 बजे के बाद ही खुल पाते हैं।ग्रामीणों ने कहा,यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 9 से 10 बजे आती हैं। तब तक बच्चे भूखे-प्यासे बैठे रहते हैं। गर्मी में छोटे बच्चों का हाल बेहाल हो जाता है।

क्या है प्रशासन की जिम्मेदारी

आंगनबाड़ी केंद्रों का मकसद 6 साल तक के बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा देना है। शासन के निर्देश हैं कि केंद्र समय से खुलें और बच्चों को गर्म भोजन, दूध व नाश्ता समय पर मिले। लेकिन कोटरा के इस विद्यालय में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है सवाल ये भी उठ रहा है कि एक ही विद्यालय परिसर में 3 आंगनबाड़ी केंद्र होने के बावजूद निगरानी कौन कर रहा है? खंड शिक्षा अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी की टीम समय-समय पर निरीक्षण क्यों नहीं करती?अभिभावकों की मांग - हो कार्रवाई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सीडीओ से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में केंद्र निर्धारित समय 8 बजे से खुलें और बच्चों को उनका हक मिले।फिलहाल इस लापरवाही पर जिला प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
चार साल पुरानी रंजिश का खूनी अंजाम: युवक की बांके से हमला कर हत्या, इलाके में सनसनी

हरदोई ​​सुरसा थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम चार साल पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की धारदार हथियार (बांके) से काटकर बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई। सरेबाजार हुई इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।​​जानकारी के अनुसार, जीतपुरवा गांव निवासी सोहित (पुत्र कोमिल) शुक्रवार रात करीब आठ बजे गांव के बाहर स्थित बाजार में मौजूद था। इसी दौरान किसी बात को लेकर गांव के ही अमर सिंह और जितेंद्र से उसका विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और आरोपियों ने सोहित के सिर पर बांके से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सोहित खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे तत्काल हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।​​मृतक के पिता कोमिल ने बताया कि करीब चार साल पहले सोहित का चचेरा भाई आरोपी पक्ष के परिवार की एक लड़की को भगा ले गया था। हालांकि, पांच दिन बाद ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया था और लड़की को परिजनों को सौंप दिया गया था। इसके बावजूद आरोपियों के मन में रंजिश बरकरार रही। परिजनों का आरोप है कि उसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए सोहित की हत्या की गई है।
​घटना की जानकारी मिलते ही गांव  में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
​परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी जितेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, वहीं मुख्य आरोपी अमर सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश का है।"
**पुलिस कार्रवाई से पत्रकारों में उबाल, कलेक्ट्रेट तक मार्च; एसपी ने मानी चूक, 24 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन**

**शाहजहांपुर।** दो पत्रकारो  को कथित रूप से हिरासत में लेने के मामले ने शुक्रवार को जिले में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। घटना के विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। प्रेस क्लब में बैठक के बाद पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपने पहुंचे। जिलाधिकारी के उपलब्ध न होने पर पत्रकार विकास भवन के सभागार में धरने पर बैठ गए। बाद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की पहल पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर पहुंचे और पत्रकारों से वार्ता की।

बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्वीकार किया कि एसओजी टीम से कार्रवाई में गलती हुई है। उन्होंने कहा कि टीम को गलत फीडबैक मिलने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। एसपी ने सभी पत्रकारों के समक्ष एसओजी प्रभारी के विरुद्ध 24 घंटे के भीतर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्रकारों ने धरना समाप्त किया, लेकिन स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

**यह है पूरा मामला**

23 जुलाई की शाम करीब सात बजे हिंदी खबर टीवी चैनल के पत्रकार प्रभाकर मिश्रा और नेटवर्क-10 नेशनल न्यूज चैनल के पत्रकार विवेक मिश्रा शाहजहांपुर से पुवायां जा रहे थे। आरोप है कि चिनौर के पास एसओजी प्रभारी और उनकी टीम ने दोनों पत्रकारों को बिना कोई कारण बताए अपने वाहन में बैठा लिया तथा उनके मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए। इससे करीब तीन घंटे तक दोनों पत्रकारों का कोई संपर्क नहीं हो सका।

पत्रकारों का आरोप है कि साथी पत्रकारों के दबाव के बाद दोनों को छोड़ा गया। उनका कहना है कि डिप्टी सीएम को काले झंडे दिखाने की घटना के बाद पुलिस ने बिना किसी साक्ष्य के उन्हें अपराधियों की तरह रास्ते से उठा लिया, जबकि वे अपने पेशेगत कार्य से जा रहे थे।

**ज्ञापन में उठीं प्रमुख मांगें**

पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से एसओजी प्रभारी एवं संबंधित टीम को तत्काल निलंबित करने, दोनों पत्रकारों से पुलिस प्रशासन द्वारा लिखित रूप से माफी मांगने तथा भविष्य में किसी भी पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई से पूर्व मान्यता प्राप्त पत्रकार संगठन को सूचना देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक पुलिस प्रशासन से संबंधित खबरों का बहिष्कार किया जाएगा।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो जिले के पत्रकार व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

**बड़ी संख्या में शामिल हुए पत्रकार**

विरोध प्रदर्शन में बलराम शर्मा, कमल सिंह, अंबुज मिश्रा, आशीष त्रिपाठी, विवेक सैंगर, साजिद खान, आरिफ सिद्दीकी, फ़ैयाज़ सागरी, अनिल मिश्रा, अजय यादव, प्रेम शंकर गंगवार, हरिओम त्रिवेदी, आनंद शर्मा, सुशील शुक्ला, शिव कुमार, सिशांत शुक्ला, अमित सक्सेना, संजय श्रीवास्तव, अरविंद त्रिपाठी, राजू मिश्रा, संतोष उपाध्याय, प्रभाकर मिश्रा, आदर्श मिश्रा, पंकज सक्सेना, शुभम पांडेय, अरविंद कनौजिया, अभिषेक चौहान, प्रियांशु मिश्रा सहित जिलेभर के सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।
जंतर मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट में आपने तरह तरह के प्रदर्शन करने वालों को देखा होगा, लेकिन यहां मामला सबसे अलग है।

ये दिल्ली की ही रहने वाली दिव्या हैं जो दुल्हन के गेटअप में प्रोटेस्ट करने आईं हैं, 

इनका मानना है कि करियर तो बनने से रहा है दुल्हन ही बन जाते हैं।

दिव्या जी मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूं,

हो सकता है आपका होने वाला दूल्हा भी इसी प्रोटेस्ट में कहीं हो, करियर तो उसका भी नहीं बन रहा है।😀

करियर बनाना है तो कुछ और कोशिश करो दुल्हन क्यों बनना है?
बरेली में हिंदुओं को गाली देने वाले आदिल की कोटेदार बहन कलीमा पर कसेगा शिकंजा; 58 क्विंटल राशन गायब, FIR की तैयारी

बरेली। सदर तहसील क्षेत्र के केसरपुर गांव में राशन वितरण में कथित अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है। गाली-गलौज के आरोप में बाबू बख्श के बेटे आदिल अंसारी की गिरफ्तारी के बाद अब उसकी बहन एवं उचित दर विक्रेता कलीमा खातून के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने और दुकान का अनुबंध निलंबित करने की तैयारी की जा रही है।

आदिल का गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित हुआ था। प्रसारित वीडियो में वह हिंदुओं को गाली-गलौज करते हुए राशन नहीं देने को कह रहा था। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी लिखकर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इधर, जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विवेक श्रीवास्तव और पूर्ति निरीक्षक शिखा तिवारी ने 23 जुलाई को राशन की दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय कोटेदार कलीमा खातून मौजूद नहीं मिली। दुकान पर रेट बोर्ड, स्टाक बोर्ड, साइन बोर्ड और अंत्योदय कार्डधारकों की सूची भी प्रदर्शित नहीं थी।

दुकान का ताला कोटेदार के पिता बाबू ने खुलवाया। भौतिक सत्यापन में 88 बोरी गेहूं और 41 बोरी चावल मिला, जबकि विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध स्टाक से मिलान करने पर 50.535 क्विंटल गेहूं, 37.545 क्विंटल चावल, 33 किलोग्राम चीनी और 53 किलोग्राम बाजरा कम पाया गया। जांच टीम ने आशंका जताई कि खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई है।

मौके पर मौजूद राशन कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए गए। अधिकांश लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। कुछ लोगों ने बताया कि अंगूठा लगवाने में भी टालमटोल की जाती थी, जबकि कुछ कार्डधारकों ने दूसरे कोटे से राशन लेने की बात कही।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के उल्लंघन के तथ्य सामने आए हैं। मामले में एफआइआर दर्ज कराने और दुकान का अनुबंध निलंबित करने के लिए पत्रावली जिलाधिकारी के अनुमोदन के लिए भेजी गई है।

उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी उचित दर दुकान से राशन प्राप्त कर सकता है। किसी कार्डधारक का अंगूठा रोकना या राशन देने में टालमटोल करना नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई टडियावां के प्राथमिक विद्यालय कोटरा में सुबह 8 बजे खुलने वाला केंद्र 9 बजे तक बंद, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
पत्नी से नाराजगी और चाची से नजदीकी दोनों पड़ गई युवक को भारी...चाचा निकला और भी तेज...कर दिया खेल...

राजस्थान के दौसा जिले में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया है, पुलिस ने मामले में मृतक के सगे चाचा अशोक रैगर को गिरफ्तार किया है, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, आरोपी ने पारिवारिक विवाद और अपनी पत्नी पर शक के चलते इस वारदात को अंजाम दिया था, युवक का शव सदर थाने के मित्रपुरा के पास गुर्जर बालिका छात्रावास के नजदीक मिला था।

21 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि मित्रपुरा के पास तलाई के किनारे एक युवक का शव पड़ा है, युवक के गले पर गहरे घाव थे और शव की पहचान न हो पाने से पुलिस के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई, इसके बाद टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए और हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के लिए पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई, टीम ने सूचना मिलने के करीब एक घंटे में मृतक की पहचान सौरभ पुत्र जयनारायण रैगर निवासी रैगर मोहल्ला दौसा के रूप में कर ली। इसके बाद शहर से घटनास्थल तक के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई।

चाची से नजदीकी के शक में चाचा ने रची खूनी साजिश
खबरों की माने तो जांच में सामने आया कि सौरभ का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था, इसी दौरान उसकी अपने चाचा अशोक रैगर की पत्नी यानी चाची से नजदीकियां बढ़ने का शक अशोक को हो गया, इसी शक में उसने सौरभ की हत्या की योजना बनाई। आरोपी सौरभ को शराब पिलाने के बहाने मित्रपुरा के पास सुनसान स्थान पर ले गया, अधिक नशा होने के बाद उसे तलाई की ओर खींच ले गया और शराब की बोतल तोड़कर उसके गले पर लगातार वार कर दिए, गंभीर चोट लगने से मौके पर ही सौरभ की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घर लौट आया और सामान्य व्यवहार करता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।
जयमाला के बीच दुल्हन ने सबके सामने खोया आपा! दूल्हे ने अगले ही पल उठाया ऐसा कदम कि शादी में मच गया हड़कंप, वायरल वीडियो

शादी का दिन किसी भी दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार के लिए सबसे खास माना जाता है। लेकिन कभी-कभी छोटी सी बात ऐसा मोड़ ले लेती है कि खुशी का माहौल देखते ही देखते तनाव में बदल जाता है।

इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जयमाला समारोह के दौरान दूल्हा और दुल्हन के बीच अचानक विवाद हो जाता है। देखते ही देखते दुल्हन स्टेज पर ही दूल्हे पर नाराज हो जाती है और सबके सामने उसे खरी-खोटी सुनाने लगती है। कुछ देर तक दूल्हा चुपचाप खड़ा रहता है, लेकिन फिर ऐसा कदम उठाता है कि वहां मौजूद मेहमान भी हैरान रह जाते हैं।

यह वीडियो इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, वीडियो में विवाद की असली वजह स्पष्ट नहीं है और सोशल मीडिया पर इसके अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जयमाला के दौरान अचानक बदल गया माहौल

वायरल वीडियो में एक शादी समारोह का दृश्य दिखाई देता है, जहां दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर जयमाला की रस्म निभाने के लिए खड़े हैं। आसपास परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और मेहमान मौजूद हैं।

वीडियो की शुरुआत सामान्य तरीके से होती है। सबसे पहले दुल्हन दूल्हे के गले में वरमाला डालती है। इसके बाद जब दूल्हे की बारी आती है, तभी अचानक माहौल बदल जाता है।

दुल्हन किसी बात पर नाराज हो जाती है और स्टेज पर ही दूल्हे से बहस करने लगती है।

सबके सामने दूल्हे को सुनाने लगी दुल्हन

वीडियो में देखा जा सकता है कि दुल्हन लगातार दूल्हे से कुछ कह रही है। उसके हावभाव से साफ पता चलता है कि वह काफी नाराज है।

दूल्हा शुरुआत में बिना कुछ बोले उसकी बातें सुनता रहता है। वहीं स्टेज के आसपास मौजूद रिश्तेदार और मेहमान भी अचानक हुए इस घटनाक्रम को देखकर चौंक जाते हैं।

कुछ लोग दोनों को शांत कराने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन माहौल सामान्य नहीं हो पाता।

फिर दूल्हे ने उठाया ऐसा कदम

कुछ देर तक चुप रहने के बाद दूल्हा अपने हाथ में मौजूद वरमाला किसी अन्य व्यक्ति को दे देता है।

इसके बाद वह बिना कोई प्रतिक्रिया दिए स्टेज से नीचे उतर जाता है और वहां से जाने लगता है।

दूल्हे को स्टेज छोड़कर जाता देख वहां मौजूद लोग भी हैरान रह जाते हैं।

कुछ रिश्तेदार उसके पीछे जाते हैं और उसे रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन वायरल वीडियो में आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो पाता।

परिवार के लोग भी रह गए हैरान

जयमाला जैसी महत्वपूर्ण रस्म के दौरान अचानक हुए विवाद ने दोनों परिवारों के लोगों को असहज कर दिया।

वीडियो में कुछ लोग दुल्हन को समझाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, जबकि कुछ लोग दूल्हे के पीछे जाते नजर आते हैं।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि ऐसा दृश्य शादी समारोहों में बेहद कम देखने को मिलता है।

विवाद की वजह क्या थी?

वायरल वीडियो में विवाद का कारण साफ नहीं बताया गया है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

कुछ यूजर्स का कहना है कि कथित तौर पर शादी से ठीक पहले दहेज को लेकर विवाद हुआ था, जिसकी वजह से दुल्हन नाराज हो गई।

वहीं कुछ अन्य लोगों का दावा है कि दूल्हा समारोह के दौरान दूसरी लड़कियों की ओर देख रहा था, जिससे दुल्हन गुस्सा हो गई।

हालांकि, इन दावों की किसी आधिकारिक स्रोत या संबंधित पक्ष द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @byomkesbakshy नाम के अकाउंट से साझा किया गया।

पोस्ट के साथ लिखा गया कि दूल्हे ने स्टेज छोड़कर अपनी पूरी जिंदगी बचा ली।

वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं और इस पर हजारों लाइक व बड़ी संख्या में कमेंट भी आ चुके हैं।

लोगों ने दी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने अपनी-अपनी राय रखी।

कुछ लोगों ने दूल्हे के फैसले का समर्थन करते हुए लिखा कि यदि रिश्ते की शुरुआत ही विवाद से हो रही थी तो शांतिपूर्वक वहां से चले जाना बेहतर था।

वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि बिना पूरी सच्चाई जाने किसी एक पक्ष को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

कई लोगों ने यह भी लिखा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले छोटे वीडियो अक्सर पूरी घटना नहीं दिखाते, इसलिए निष्कर्ष निकालने से पहले पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

शादी समारोहों में बढ़ रहे वायरल वीडियो

पिछले कुछ वर्षों में शादी समारोहों से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते रहे हैं।

कभी डांस को लेकर विवाद, कभी खाने को लेकर बहस, तो कभी जयमाला के दौरान हुई नोकझोंक इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन जाती है।

हालांकि, कई बार ऐसे वीडियो केवल कुछ सेकंड के होते हैं और पूरी घटना का संदर्भ सामने नहीं आता।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप के आधार पर किसी भी व्यक्ति या परिवार के बारे में अंतिम राय बना लेना उचित नहीं होता।

रिश्तों में संवाद की अहमियत

पारिवारिक सलाहकारों का कहना है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर यदि किसी कारण से तनाव की स्थिति बनती है तो बातचीत और धैर्य से समाधान निकालना अधिक उचित होता है।

सार्वजनिक स्थान पर विवाद होने से दोनों परिवारों पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है और स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है।

इसी वजह से विशेषज्ञ किसी भी मतभेद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की सलाह देते हैं।

वायरल वीडियो की सच्चाई जानना भी जरूरी

सोशल मीडिया पर रोजाना हजारों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन उनमें से कई वीडियो अधूरी जानकारी के साथ साझा किए जाते हैं।

ऐसे में किसी वीडियो को देखकर तुरंत निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक जानकारी या संबंधित पक्ष का बयान सामने आने का इंतजार करना अधिक जिम्मेदाराना तरीका माना जाता है।

जयमाला के दौरान दूल्हा-दुल्हन के बीच हुए कथित विवाद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वीडियो में दुल्हन का गुस्सा और उसके बाद दूल्हे का स्टेज छोड़कर चले जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार करना ही उचित माना जाता है
NEET पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन, 4 राज्यों में बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट, नए कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई

नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) ने सख्त कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने पेपर लीक में शामिल आरोपियों को त्वरित सजा दिलाने और मामलों के जल्द निपटारे के लिए चार राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है।

सरकार का उद्देश्य है कि ऐसे मामलों में तेजी से सुनवाई हो और दोषियों को जल्द सजा मिल सके।

नए एंटी-चीटिंग कानून के तहत चलेगा मुकदमा

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक मामले के आरोपियों पर अब नया एंटी-चीटिंग कानून (Anti-Cheating Law) लागू किया जाएगा। उनके खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 (Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024) के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इस कानून के तहत यदि कोई आरोपी दोषी पाया जाता है और अदालत से सजा मिलती है, तो उसे पांच वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

4 राज्यों में बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट

जानकारी के मुताबिक, नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों में अब तक इस नए कानून के तहत चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court), कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court), दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) के अधिकार क्षेत्र में चार फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं।

कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं पर भी लागू होगा कानून

सूत्रों के मुताबिक, यह नया कानून केवल नीट तक सीमित नहीं रहेगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency-NTA) द्वारा आयोजित सभी प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के साथ-साथ संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission-UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission-SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board-RRB), इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (Institute of Banking Personnel Selection-IBPS) और केंद्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक मामलों पर भी यही कानून लागू होगा।

इससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार का यह कदम अहम माना जा रहा है।
गुजरात में बाढ़ का सबसे बड़ा राज! आखिर PDO क्या है, जिसने बदल दिया पूरा मॉनसून का खेल

गुजरात में इस बार हो रही रिकॉर्डतोड़ बारिश ने साफ कर दिया कि मॉनसून को सिर्फ अल-नीनो या ला-नीना के आधार पर समझना काफी नहीं है। कई इलाकों में कुछ घंटों के भीतर 424mm से 552mm के बीच बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं, सड़कें डूब गईं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

24 जुलाई के लिए भी बड़ा अलर्ट जारी है। ऐसे में अब मौसम विज्ञान की दुनिया में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है-पैसिफिक डिकेडल ऑसीलेशन (PDO)। सवाल यही है कि क्या इस बड़े समुद्री पैटर्न ने गुजरात में भारी बारिश की स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई?

PDO क्या है और यह क्यों मायने रखता है?

PDO यानी Pacific Decadal Oscillation प्रशांत महासागर के सतही तापमान में दशकों तक चलने वाला बदलाव है।

यह अल-नीनो और ला-नीना की तरह ही एक जलवायु पैटर्न है, लेकिन इसका असर कुछ महीनों नहीं बल्कि 20 से 30 साल तक रह सकता है।

इसके दो चरण होते हैं- पॉजिटिव और नेगेटिव।

फिलहाल PDO मजबूत नेगेटिव फेज में माना जा रहा है, जिसका असर दुनिया के कई मौसम तंत्रों पर देखा जा रहा है।

नेगेटिव PDO कैसे बढ़ाता है मॉनसून की ताकत?

नेगेटिव PDO के दौरान भारत की ओर नमी लेकर आने वाली हवाएं ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं।

अरब सागर और हिंद महासागर से आने वाली नमी मॉनसून सिस्टम को अतिरिक्त ऊर्जा देती है।

इससे कई बार सामान्य से ज्यादा बारिश और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की स्थिति बन सकती है।

पश्चिमी भारत, खासकर गुजरात, इस तरह की नमी का सीधा असर महसूस करता है।

PDO पर क्यों चूके कई मौसम मॉडल?

अधिकांश मौसमी पूर्वानुमान अल-नीनो और ला-नीना जैसे कम अवधि वाले कारकों पर ज्यादा आधारित होते हैं।

PDO जैसे लंबे समय तक असर डालने वाले पैटर्न को मॉडल पूरी तरह पकड़ नहीं पाते।

यही वजह रही कि कुछ शुरुआती आकलनों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका जताई गई, जबकि वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही।

गुजरात की बाढ़ से क्या सीख मिली?

भारी बारिश किसी एक मौसम प्रणाली का परिणाम नहीं होती।

बड़े समुद्री पैटर्न, स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियां, अरब सागर से लगातार मिल रही नमी और बदलती जलवायु- ये सभी मिलकर अत्यधिक बारिश की स्थिति बना सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के बेहतर मौसम पूर्वानुमान के लिए PDO, Indian Ocean Dipole (IOD) और अन्य बड़े जलवायु संकेतकों को भी बराबर महत्व देना होगा।

गुजरात की हालिया बाढ़ यह याद दिलाती है कि मौसम को समझना पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है। सिर्फ अल-नीनो या ला-नीना पर नजर रखना पर्याप्त नहीं है। PDO जैसे दीर्घकालिक जलवायु पैटर्न भी मॉनसून की दिशा और ताकत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बदलते जलवायु दौर में ऐसे संकेतकों को बेहतर ढंग से समझना ही अधिक सटीक पूर्वानुमान और प्रभावी आपदा तैयारी की कुंजी साबित हो सकता है। नीचे वीडियो में देखें गुजरात में बाढ़ की स्थिति-
राम भक्त रूठे! चढ़ावा चोरी के बाद अयोध्या में सन्नाटा, 80% तक कारोबार ठप; 51 हजार देने वाले चढ़ा रहे सिर्फ ₹51

अयोध्या के भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरी अयोध्या नगरी में इन दिनों मायूसी छायी हुई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों के विवाद ने न केवल श्रद्धालुओं के भरोसे को ठेस पहुंचाई है, बल्कि इसका सीधा और घातक असर अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है। भक्तों की संख्या में आई कमी और श्रद्धालुओं के दान न देने के रुख के कारण आसपास के छोटे-बड़े कारोबार को बढ़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि राम मंदिर परिसर के बाहर खड़े देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की सोच में बदलाव साफ देखा जा रहा है।

मंदिर प्रबंधन से टूटा भरोसा

श्रद्धालुओं का कहना कि हमें भगवान राम पर अटूट आस्था है, लेकिन मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट पर अब भरोसा नहीं रहा। चढ़ावे का पैसा चुराया जा रहा है, इसलिए अब दानपेटी में पैसे डालने के बजाय हम किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई या जरूरतमंद की मदद करेंगे।

हरियाणा के हिसार से पहुंचे रामकृष्ण जैन ने बताया कि वह 2024 में 5,100 रुपये का दान देकर गए थे, लेकिन इस बार केवल 51 रुपये ही चढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया और समाचारों में चंदा चोरी की खबरें फैलने के बाद श्रद्धालु अब खासकर सोना, चांदी, गहने और बड़ी नकद राशि दान करने से पूरी तरह कतरा रहे हैं।

80% तक घटा कारोबार

इस प्रकरण में होटल और गेस्ट हाउस उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। श्रद्धालुओं की घटती संख्या की सबसे भारी मार अयोध्या के होटल, होम स्टे और गेस्ट हाउस संचालकों पर पड़ी है। मंदिर के पास 20 कमरों का गेस्ट हाउस चलाने वाले हरिओम वर्मा के अनुसार, पिछले एक महीने में उनका कारोबार 80 फीसदी तक ठप हो गया है।

कमोबेश यही स्थिति मध्यम और बजट श्रेणी के 2-स्टार और 3-स्टार होटलों की भी है। होटल मालिकों का कहना है कि मानसून के मौसम में भीड़ थोड़ी कम होती है, लेकिन पिछले साल की तुलना में इस बार दान विवाद के चलते बुकिंग्स में अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई है।

बाजारों में सन्नाटे जैसे हालात

राम मंदिर के ठीक बाहर स्थित हरिश्चंद्र मार्केट, रिकाबगंज और आसपास की गलियों के दुकानदार ग्राहकी न होने से बेहाल हैं। पूजा सामग्री, पीतल के बर्तन, तस्वीरें और कपड़े बेचने वाले व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक महीने में उनका व्यापार 50 से 70 प्रतिशत तक गिर गया है।

पूजा सामग्री विक्रेता बलराम गुप्ता बताते है कि पहले सामान्य दिनों में भी 10,000 से 12,000 रुपये रोजाना की बिक्री हो जाती थी, अब 2,000 रुपये कमाना भी मुश्किल हो रहा है। जो पर्यटक आते भी हैं, वे खरीदारी करने या रास्ता पूछने के बजाय दान चोरी और इसमें शामिल आरोपियों के बारे में सवाल पूछते हैं।

SIT कर रही जांच, ट्रस्टियों के इस्तीफे

जून में चंदा एवं चढ़ावे की चोरी का मामला उजागर होने के बाद पुलिस अब तक ट्रस्ट के 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। विवाद बढ़ता देख श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है।

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बेटी की बर्थडे के बहाने बुलाकर नाबालिग से कॉन्स्टेबल ने किया रेप, चार साल के मासूम बेटे के साथ दूसरा पुलिसकर्मी देता रहा पहरा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पुलिस महकमे को एक शर्मसार करने वाली खबर सामने आई हैं। बेटी की बर्थडे पार्टी में ले जाने के बहाने एक कॉन्स्टेबल ने 17 साल की नाबालिग को अपने हवस का शिकार बनाया है।

इस दौरान दूसरा कान्स्टेबल और उसका चार साल का बेटा पहरा देता रहा है। घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

दोनों कॉन्स्टेबल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

दरअसल, भोपाल के जहांगीराबाद थाने में दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों ग्वालियर और धार स्थित विशेष सशस्त्र बल में पदस्थ हैं। इनके खिलाफ पहले कमला नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी.

22 जुलाई की शाम बर्थडे पार्टी के बहाने बुलाया

पीड़िता की एफआईआर के अनुसार धार में पदस्थ कॉन्स्टेबल संतोष सेन ने 22 जुलाई की शाम छह बजे पीड़िता को लाल परेड मैदान के पास बुलाया। उसने कहा था कि बेटी का बर्थडे है। उसके फोन पर पीड़िता करीब शाम साढ़े छह बजे वहां पर पहुंची तो संतोष सेन और उसका साथी जितेंद्र राजपूत खड़ा था। जितेंद्र राजपूत ग्वालियर में पोस्टेड है।

कार से ले गए साथ

दोनों पीड़िता को अपने साथ कार में ले गए। इस दौरान आरोपी संतोष सेन का मासूम बेटा भी कार में मौजूद था। बर्थडे के बहाने आरोपी एमपी नगर के प्रगति पेट्रोल पंप स्थित एक मकान में पीड़िता को ले गए।

सीढ़ी पर कॉन्स्टेबल और उसका बेटा देता रहा पहरा

इस दौरान आरोपी संतोष सेन पीड़िता को कमरे में ले गया और उसके साथ रेप किया। दूसरा आरोपी जितेंद्र राजपूत और उसका बेटा सीढ़ी पर बैठकर पहरा देता रहा। घटना के बाद रात आठ बजे आरोपियों ने पीड़िता को शाही दरबार के पास छोड़ दिया। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती बताई है।

दोनों गिरफ्तार

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके खिलाफ अपहरण, रेप, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।