
बेगूसराय में बाढ़ से 95 हजार से अधिक परिवार प्रभावित, 269 नावें और 57 मेडिकल कैंप तैनात
बेगूसराय/बीके गुलशन: जिले में गंगा सहित विभिन्न नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। बुधवार को समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में अपर समाहर्ता श्री बृज किशोर चौधरी ने प्रेस वार्ता कर जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति और प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
अपर समाहर्ता ने बताया कि जिले में वर्तमान जलस्तर 43.28 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 43.52 मीटर है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन तथा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुल 269 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें 23 सरकारी और 246 निजी नावें शामिल हैं।
बचाव एवं सर्च ऑपरेशन के लिए एसडीआरएफ की टीमें बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी और शाम्हो प्रखंडों में तैनात हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीम बलिया प्रखंड में मुस्तैद है।
180 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 180 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 4,01,467 थाली भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं जरूरतमंद परिवारों के बीच 25,357 पॉलिथीन शीट्स वितरित की गई हैं, जबकि प्रशासन के पास 41,880 पॉलिथीन शीट्स का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
57 मेडिकल कैंप और बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 57 मेडिकल कैंप लगातार संचालित किए जा रहे हैं। नदी तटीय और जलमग्न क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से एक बोट एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। मेडिकल टीमों द्वारा अब तक 14,545 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं प्राथमिक उपचार किया जा चुका है।
पशुधन की सुरक्षा के लिए 38 पशु चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां अब तक 4,236 पशुओं का उपचार किया गया है। पशुपालकों के बीच 1,280.31 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है।
27 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र प्रभावित
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा प्रभावित इलाकों में स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 45 अस्थायी शौचालय संचालित हैं और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 31 नए चापाकल लगाए गए हैं।
कृषि विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिले में कुल 27,034 हेक्टेयर कृषि रकबा प्रभावित हुआ है। इनमें 19,504 हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का प्रारंभिक आकलन किया गया है।
सभी तटबंध सुरक्षित, 24 घंटे निगरानी
जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के सभी तटबंधों की 24×7 निगरानी की जा रही है। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तटबंध सुरक्षा दल और संबंधित पदाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
8 प्रखंडों के 189 गांव और 39 पंचायत प्रभावित
जिला प्रशासन के अनुसार जिले के 8 प्रखंडों के 189 गांव और 39 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इनमें 37 ग्राम पंचायतें और 2 नगर पंचायतें शामिल हैं। बाढ़ से लगभग 95,245 परिवारों की 3,80,980 आबादी प्रभावित हुई है।
जिलाधिकारी श्री रिची पांडेय ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचाने को प्राथमिकता देने की बात कही है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
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