
मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला: पदोन्नति में मिलेगी दो साल की छूट, सचिवालय में 149 नए पदों के सृजन को मंजूरी
कर्मचारी हित में भजनलाल सरकार का अहम कदम, युवाओं के लिए भी खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
जयपुर /भीलवाड़ा : महेंद्र नागोरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य कर्मचारियों को पदोन्नति में दो वर्ष की विशेष छूट देने का ऐलान किया है। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस फैसले से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री जनसंपर्क प्रकोष्ठ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार बजट वर्ष 2026-27 की घोषणा के अनुरूप पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव अथवा सेवा अवधि में दो वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। हालांकि, जिन कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) के वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में यह लाभ मिल चुका है, उन्हें इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रखा जाएगा।
सचिवालय में बढ़ेगा प्रशासनिक ढांचा:-
राज्य सरकार ने सचिवालय में कार्यकुशलता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से 149 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इनमें 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी (एएसओ) तथा 67 लिपिक ग्रेड प्रथम के पद शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि नए पदों के सृजन से न केवल सचिवालय के कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि विभागीय कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर भी बढ़ेंगे।
युवाओं को मिलेगा रोजगार का लाभ:-
नवसृजित पदों के कारण युवाओं के लिए सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, वर्तमान कर्मचारियों को भी पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलने से प्रशासनिक तंत्र में उत्साह और कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
कर्मचारियों में खुशी की लहर:-
पदोन्नति में दो वर्ष की छूट और नए पदों के सृजन के फैसले को कर्मचारी हितैषी कदम माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों का मार्ग प्रशस्त होगा और प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।