वंदे मातरम्' के गायन को लेकर देश में एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। सिख नेता ईमान सिंह ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि सिख समुदाय 'वंदे मातरम्' को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा।
ईमान सिंह ने अपने इस स्टैंड के पीछे की वजह साफ करते हुए कहा कि 'वंदे मातरम्' में देवी-देवताओं की स्तुति (तारीफ और वंदना) की गई है। जबकि, सिख धर्म की बुनियादी मान्यताओं के मुताबिक, सिख सिर्फ एक अकाल पुरख (ईश्वर) की इबादत करते हैं और उनके यहाँ देवी-देवताओं की पूजा या वंदना की सख्त मनाही है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस मसले को सियासी चश्मे से देखने के बजाय सिखों की धार्मिक मान्यताओं और अकीदे (आस्था) के नज़रिए से समझने की ज़रूरत है। ईमान सिंह के इस साफ और दो-टूक बयान ने मुल्क में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक अधिकारों और उनकी पहचान से जुड़े विमर्श को एक बार फिर गरमा दिया है।