
सफलता की कहानी: आशंकाओं से उम्मीद तक : आयुष्मान योजना से 12 वर्षीय राज सेन के हृदय को मिला नया जीवन
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RBSK एवं जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र की सतत काउंसलिंग से सर्जरी के लिए तैयार हुए अभिभावक, मुंबई में निःशुल्क हुई हृदय शल्य चिकित्सा
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विदिशा। कभी-कभी किसी बच्चे को नया जीवन देने के लिए केवल बेहतर चिकित्सा सुविधा ही नहीं, बल्कि परिवार का विश्वास जीतना और सही समय पर उचित मार्गदर्शन देना भी जरूरी होता है। ऐसी ही प्रेरणादायक सफलता की कहानी विदिशा जिले के नटेरन क्षेत्र के ग्राम सोमवारा निवासी 12 वर्षीय राज सेन की है, जिसे समय पर उपचार और शासकीय स्वास्थ्य योजना के सहयोग से नया जीवन मिला है। राज सेन, पिता श्री मुकेश सेन, हृदय रोग से पीड़ित था तथा चिकित्सकों द्वारा उसे हृदय की सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी। हालांकि, शुरुआत में उसके अभिभावक सर्जरी कराने को लेकर आशंकित थे और इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे। ऐसे में बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम एवं जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टीम ने हार नहीं मानते हुए लगातार अभिभावकों से संपर्क किया और उनकी काउंसलिंग की। उन्हें बच्चे की बीमारी की गंभीरता, समय पर उपचार की आवश्यकता तथा हृदय शल्य चिकित्सा के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। निरंतर संवाद, संवेदनशील समझाइश और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों से अभिभावकों का विश्वास बढ़ा और अंततः वे बच्चे की सर्जरी कराने के लिए सहमत हो गए। अभिभावकों की सहमति के बाद राज सेन को उपचार के लिए मुंबई स्थित एसआरसीसी (SRCC) हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां 21 अक्टूबर 2026 को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उसकी हृदय शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। विशेष बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत राज की यह सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की गई, जिससे परिवार को उपचार के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
राज के उपचार की सफलता ने उसके परिवार की उन आशंकाओं को उम्मीद और खुशियों में बदल दिया, जो कभी सर्जरी को लेकर उनके मन में थीं। आज यह परिवार अपने बच्चे के बेहतर भविष्य की नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में RBSK टीम एवं जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) की निरंतर काउंसलिंग, समर्पण और संवेदनशील कार्यशैली सराहनीय रही। यह सफलता दर्शाती है कि बच्चों में गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, अभिभावकों को उचित परामर्श, उपचार के लिए सतत प्रयास तथा शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
राज सेन की यह कहानी केवल हृदय शल्य चिकित्सा की सफलता नहीं, बल्कि विश्वास, सेवा, समर्पण और उम्मीद की जीत का उदाहरण है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही है कि कोई भी बच्चा उपचार के अभाव में स्वस्थ जीवन जीने के अवसर से वंचित न रहे। #vidisha