
सीखने से सिखाने तक: द स्कॉलर्स होम स्कूल में अधिगम परिणाम एवं शिक्षण-पद्धतियों पर कार्यशाला आयोजित
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पांवटा साहिब : आज द स्कॉलर्स होम स्कूल में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से “अधिगम परिणाम एवं शिक्षण-पद्धतियाँ” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं क्षमता-वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पूजा बत्रा एवं डॉ. मोनिका ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय की निदेशक गुरमीत कौर नारंग एवं प्रधानाचार्य अभिषेक शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यशाला में विद्यालय के 60 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न गतिविधियों, समूह-चर्चाओं एवं विचार-विमर्श के माध्यम से शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञ वक्ताओं ने अधिगम परिणामों को प्रभावी शिक्षण से जोड़ने, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, नवीन शिक्षण-पद्धतियों, प्रभावी मूल्यांकन तथा कक्षा-कक्ष की विभिन्न रणनीतियों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
शिक्षकों को यह समझाया गया कि स्पष्ट अधिगम परिणामों और उपयुक्त शिक्षण-पद्धतियों के प्रभावी समन्वय से कक्षा-कक्ष को अधिक रोचक, सहभागी, समावेशी एवं परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा साझा किए गए अनुभवों, उदाहरणों एवं व्यावहारिक रणनीतियों ने शिक्षकों को अपने शिक्षण-अभ्यास में नवाचार एवं रचनात्मकता को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला ने शिक्षकों को इस बात पर चिंतन करने का अवसर भी प्रदान किया कि प्रत्येक शिक्षण-अधिगम गतिविधि किस प्रकार विद्यार्थियों के अपेक्षित अधिगम परिणामों की प्राप्ति में योगदान दे सकती है।
कार्यशाला का समापन सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण में हुआ। शिक्षकों ने इस समृद्ध एवं उपयोगी अधिगम अनुभव के लिए आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों के बेहतर अधिगम परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी, विद्यार्थी-केंद्रित एवं नवाचारी शिक्षण-पद्धतियों को अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
Ronhat, Sirmaur | Aug 22, 2026