
पत्थरों में कैद इतिहास फिर बोलेगा: संवरेंगे यादवेंद्र गार्डन के महल-बुर्ज, 92.5 करोड़ की आएगी लागत
सदियों के इतिहास और पिंजौर की शाही पहचान के गवाह यादवेंद्र गार्डन के महल और बुर्ज अब फिर संवरेंगे। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत यादवेंद्र गार्डन व मोरनी के टिक्कर ताल के कायाकल्प के लिए 92.5 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसमें 65.82 करोड़ रुपये सिर्फ यादवेंद्र गार्डन के ऐतिहासिक स्वरूप को बचाने और पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने पर खर्च होंगे। शीश महल, रंग महल, जल महल और रानी महल का संरक्षण किया जाएगा, जबकि पांचों ऐतिहासिक बुर्जों को भी संवारा जाएगा। वर्षों से बंद पड़े फव्वारों को दोबारा शुरू करने की योजना भी इसमें शामिल है।
कायाकल्प योजना में विरासत संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं को भी जगह दी गई है। गार्डन में नई पार्किंग, बेहतर लाइटिंग और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम लगाया जाएगा। बाउंड्री वॉल को मजबूत करने के साथ नई दुकानें और टिकट हाउस बनाए जाएंगे। पर्यटकों के बैठने की बेहतर व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
महलों के साथ कॉन्फ्रेंस सेंटर भी होगा आधुनिक
यादवेंद्र गार्डन के कॉन्फ्रेंस सेंटर और बजरीगढ़ मोटल के रूफटॉप रेस्तरां का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। इससे पर्यटकों को ऐतिहासिक विरासत के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
टिक्करताल बनेगा एडवेंचर हब
मोरनी के टिक्कर ताल को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। यहां एडवेंचर हब विकसित करने के साथ सौंदर्यीकरण किया जाएगा। दोनों पर्यटन स्थलों के विकास की योजना अब प्रशासनिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच चुकी है। सात सितंबर को हरियाणा निवास, सेक्टर-3 चंडीगढ़ में हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत दोनों स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्ताव रखे गए।
आरटीआई में सामने आया विकास का खाका
आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता विजय बंसल ने पर्यटन विभाग से परियोजना के संबंध में जानकारी मांगी थी। दो सितंबर 2025 को दिए गए आवेदन के जवाब में हरियाणा पर्यटन निगम ने स्वीकृत राशि और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराई। इसी जानकारी से पिंजौर और मोरनी के पर्यटन स्थलों के कायाकल्प का खाका सामने आया।
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