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पंचकूला में बिना नंबर प्लेट, छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट व ट्रिपलिंग पर पुलिस की सख्ती, 15 दिन में 1528 चालान, 137 वाहन इंपाउंड

हुड़दंगियों के लिए पंचकूला में कोई जगह नहीं, वाहन चालक यातायात नियमों की पालना करें, सड़क पर सभ्यता का परिचय दें: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन

पंचकूला/ 16 सितंबर: पंचकूला पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी दिशा में पुलिस कमिश्नर पंचकूला आईपीएस पंकज नैन द्वारा बिना नंबर प्लेट, छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट तथा दुपहिया वाहनों पर ट्रिपलिंग करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया था।

पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार ट्रैफिक पुलिस के साथ थाना/चौकी की टीमों और राइडरों को नाकाबंदी  कर ऐसे वाहनों की चेकिंग करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। 

डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह व डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों द्वारा 1 से 15 सितंबर तक जिले में नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग की गई। अभियान के तहत इन 15 दिनों में बिना नंबर प्लेट, छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट तथा ट्रिपलिंग सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 1528 चालान किए गए हैं, जिनमें से 137 वाहन इंपाउंड किए गए हैं। पुलिस द्वारा प्रतिदिन 100 से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं। मुख्य मार्गों, बाजारों व चौक-चौराहों पर चेकिंग लगातार जारी है।

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने बताया कि हमने जिले भर में नाकाबंदी बढ़ा दी है। ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ हर थाने की राइडर टीम को भी बिना नंबर वाले वाहनों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए। क्योंकि जांच के दौरान यह भी अक्सर सामने आता है कि चोरी, स्नैचिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों द्वारा बिना नंबर प्लेट या फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहन प्रयोग किया जाता है ताकि उनकी पहचान छिप सके। इसलिए ऐसे वाहनों पर सख्ती का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि बिना नंबर प्लेट वाहन न चलाएं। नंबर प्लेट को टेप, मिट्टी या किसी अन्य वस्तु से न छिपाएं और न ही उसके साथ छेड़छाड़ करें। दुपहिया वाहनों पर ट्रिपलिंग करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हुड़दंगियों के लिए पंचकूला में कोई जगह नहीं है। सभी वाहन चालक यातायात नियमों की पालना करें, सड़क पर सभ्यता का परिचय दें तथा अपने और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।

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सेवा संकल्प अभियान को लेकर CM सैनी ने की तैयारियों की समीक्षा, पंचकूला में जलेंगे 3 लाख दीये

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन के लिए जिलों में की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों एवं संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अभियान के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा लघु सचिवालय के सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सेवा संकल्प अभियान केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि प्रत्येक जनकल्याणकारी कार्य एवं योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उपायुक्त ने बताया कि 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत परेड ग्राउंड, सेक्टर-5, सरकारी भवनों, चौराहों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इनमें माता मनसा देवी मंदिर, काली माता मंदिर कालका, चंडी माता  मंदिर, महादेव मंदिर सकेतड़ी तथा छोटा त्रिलोकपुर मंदिर प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों में स्थित मंदिरों के साथ साथ सभी गौशालाओं में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी आरडब्ल्यूए तथा धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान जिले में विभिन्न स्थानों पर लगभग तीन लाख दीये जलाए जाएंगे।

उपायुक्त ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न दिनों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। परेड ग्राउंड, सेक्टर-5 में स्थानीय वस्तुओं के प्रयोग से राष्ट्र सेवा को समर्पित 108 डायमीटर व्यास की भव्य रंगोली बनाई जाएगी।  इसके साथ ही ड्रोन शो का भी आयोजन किया जाएगा

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सेक्टर-26 की किसान सब्जी मंडी में खुलेआम मछली-चिकन की बिक्री, व्यवस्था पर उठे सवाल

पंचकूला के सेक्टर-26 में हर बुधवार लगने वाली किसान सब्जी मंडी में सब्जियों के साथ खुलेआम मछली बेचने और चिकन काटकर बेचने का मामला सामने आया है। मंडी में लोगों की आवाजाही के बीच खुले में चिकन काटे जाने और मछली की बिक्री होने से मंडी की व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

किसान सब्जी मंडी का उद्देश्य किसानों द्वारा सब्जियों और कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध करवाना है। ऐसे में मंडी परिसर में खुले में मांस-मछली की बिक्री और चिकन काटे जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद संबंधित विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में इस तरह की गतिविधियों से स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पैदा हो सकते हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर मंडी में मछली और खुले में चिकन काटकर बेचने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और किसान सब्जी मंडी में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

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कश्मीर से कन्याकुमारी तक 3500 किलोमीटर की साइकिल यात्रा

“FIT INDIA! FIT SBI!” और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकले SBI के अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही मोहित मलिक

अगर इरादे मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं।” इसी विश्वास, जज्बे और दृढ़ संकल्प के साथ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही एवं SBILD, पंचकूला में पदस्थ श्री मोहित मलिक ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक लगभग 3500 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य SBI कर्मचारियों और देश के युवाओं के बीच फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना, “FIT INDIA! FIT SBI!” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करना था।

लाल चौक, श्रीनगर से शुरू हुआ सफर

इस चुनौतीपूर्ण साइकिल यात्रा की शुरुआत 5 सितंबर 2026 को सुबह 3:35 बजे श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक से हुई। लगभग 12 दिनों तक लगातार साइकिल चलाते हुए मोहित मलिक ने देश के विभिन्न हिस्सों को पार किया और 16 सितंबर 2026 को  दोपहर  03:00 बजे कन्याकुमारी पहुंचकर अपनी यात्रा पूरी की।

लगभग 3500 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान उन्होंने 12 अलग-अलग राज्यों से होकर साइकिल चलाई। इस दौरान उन्हें भारत की विविध भौगोलिक परिस्थितियों के साथ-साथ अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं, खान-पान और जीवनशैली को करीब से अनुभव करने का अवसर मिला।

CGM श्री अमरेश कुमार झा ने किया फ्लैग ऑफ

इस महत्वाकांक्षी अभियान को चंडीगढ़ सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) श्री अमरेश कुमार झा ने फ्लैग ऑफ किया। यात्रा की शुरुआत के अवसर पर उनके प्रेरणादायक शब्दों और शुभकामनाओं ने मोहित मलिक का उत्साह बढ़ाया और उन्हें इस चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए नई ऊर्जा प्रदान की।

पर्वतारोहण में भी हासिल की हैं उल्लेखनीय उपलब्धियां

मोहित मलिक ने केवल साइकिलिंग ही नहीं, बल्कि पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वे एक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही हैं और देश-विदेश की कई महत्वपूर्ण पर्वत चोटियों पर सफलतापूर्वक आरोहण कर चुके हैं।

उन्होंने NIM, उत्तरकाशी से Basic Mountaineering Course तथा HMI, दार्जिलिंग से Advanced Mountaineering Course सफलतापूर्वक पूरा किया है।

सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर SBI का ध्वज फहराने का संकल्प

मोहित मलिक का लक्ष्य विश्व के सभी सात महाद्वीपों की सर्वोच्च पर्वत चोटियों, जिन्हें सामूहिक रूप से “सेवन समिट्स (Seven Summits)” कहा जाता है, पर भारतीय तिरंगे के साथ State Bank of India (SBI) का ध्वज फहराना है।

इस अभियान के अंतर्गत वे विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट सहित सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर आरोहण करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
अब तक वे अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो (तंजानिया), यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस (रूस) तथा
दक्षिण अमेरिका की सर्वोच्च चोटी माउंट एकॉनकागुआ (अर्जेंटीना) पर सफलतापूर्वक भारतीय तिरंगे और SBI का ध्वज फहरा चुके हैं।

उनका उद्देश्य है कि SBI का ध्वज विश्व के सभी सात महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर पहुंचाने वाला यह अभियान एक नई पहचान स्थापित करे और State Bank of India दुनिया का पहला बैंक बने, जिसका ध्वज सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च पर्वत चोटियों पर भारतीय तिरंगे के साथ फहराया गया हो।

यह अभियान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि SBI कर्मचारियों, युवाओं और पूरे देश के लिए साहस, फिटनेस, संकल्प और राष्ट्र गौरव का प्रेरणास्रोत है।

“FIT INDIA! FIT SBI!” का संदेश यही है कि स्वस्थ कर्मचारी, मजबूत बैंक और मजबूत भारत—एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। साथ ही साइकिल जैसे पर्यावरण-अनुकूल परिवहन माध्यम को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।

FIT INDIA! FIT SBI!
Fit Employees, Stronger Bank, Stronger India.

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निफ्ट में जागरूकता सेमिनार का आयोजन, स्वस्थ जीवनशैली का दिया मंत्र
 
एनआईए द्वारा आयुर्वेद के प्रति लोगों को जागरूक करने की सराहनीय पहल : डॉ. ग्रोवर

स्वास्थ्य के लिए दिनचर्या और खान-पान में संतुलन जरूरी : डॉ. अनूप एम

पंचकूला, 16 सितंबर : राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला की ओर से आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार) में अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता एनआईएफटी के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह ग्रोवर ने की, जबकि एनआईए से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनूप एम मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहे। 

आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आयोजित सेमिनार का उद्देश्य युवाओं को आयुर्वेद की उपयोगिता, स्वस्थ जीवनशैली तथा दैनिक जीवन में आयुर्वेद को अपनाने के प्रति जागरूक करना है। 

निफ्ट के निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह ग्रोवर ने एनआईए द्वारा आयुर्वेद के प्रति लोगों को जागरूक करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर जरूरी है।
 
एनआईए से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनूप एम ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र दृष्टि प्रदान करता है। उन्होंने दैनिक दिनचर्या, खान-पान और जीवनशैली में संतुलन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के प्रति विस्तार से अवगत कराया।  डॉ. अनूप एम ने आयुर्वेद की उपयोगिता, संतुलित दिनचर्या के साथ आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी को साझा करते हुए आयुर्वेद की प्रासंगिकता को समझाया। उन्होंने अवगत कराया कि नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजगता से व्यक्ति जीवन शैली को बेहतर बना सकता है। 
 
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा दिलीप ने बताया कि डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व और डीएमएस डॉ. गौरव गर्ग के निर्देशानुसार आयुर्वेद दिवस पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने एनआईए में आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं बारे भी अवगत कराया। 

योग इंस्टक्टर मनुप्रिया ने योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। उन्होंने अलोम-विलोम और कार्यालय समय के दौरान फाइव मिनट ब्रेक योग क्रियाओं बारे अवगत कराया। मंच का संचालन सोनिका सिवाच ने किया। अवेयरनेस सेमिनार के आयोजन पर निफ्ट निदेशक डॉ. अमनदीप सिंह ग्रोवर, ज्वाइंट डायरेक्टर दिनेश कुमार रांगडा और डॉ. अभिनव गर्ग ने एनआईए की टीम को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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गुटबाजी भूल चन्नी-वडिंग को साथ ले आए सचिन पायलट... पंजाब कांग्रेस ने चंडीगढ़ में दिखाया दम

पंजाब की सियासत में इस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा चल रहा है. गुलजार सिंह केस को लेकर मामला इतना गर्म हो चुका है कि सड़कों पर फुल क्लेश वाली स्थिति बन गई है. पंजाब कांग्रेस के नए बॉस यानी प्रभारी सचिन पायलट की एंट्री होते ही पार्टी ने एनर्जी दिखा दी है. चंडीगढ़ की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा ऐसा फूटा कि पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए. बैरिकेड्स तोड़े गए, नारेबाजी हुई और फिर माहौल को शांत करने के लिए पुलिस को सीधे वाटर कैनन (पानी की बौछारें) का इस्तेमाल करना पड़ा. सबसे बड़ा सरप्राइज तो यह रहा कि पिछले 3 महीने से अलग-अलग चल रहे चन्नी और राजा वडिंग इस प्रोटेस्ट में एक ही मंच पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आए.

वित्त मंत्री हरपाल चीमा के खिलाफ मोर्चाबंदी
संगरूर के चर्चित गुलजार सिंह केस ने पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इस मामले में इंसाफ की मांग को लेकर पंजाब कांग्रेस ने सीधे चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस की साफ मांग है कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और उनके खिलाफ मामला (FIR) दर्ज किया जाए. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार इस केस में लीपापोती करने की कोशिश कर रही है.

बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया जब सचिन पायलट और राज्य के दिग्गजों की अगुआई में कार्यकर्ताओं ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के आवास का घेराव करने के लिए कूच किया. पुलिस ने कांग्रेसी नेताओं को रोकने के लिए रास्ते में हैवी बैरिकेडिंग कर रखी थी. लेकिन गुस्साए कार्यकर्ता पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं थे और देखते ही देखते कई कांग्रेसी कार्यकर्ता बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए. स्थिति को आउट ऑफ कंट्रोल होता देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन चला दिया.

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70 करोड़ के नकली सिक्के बाजार में खपाए, मोहाली के जीरकपुर में नेटवर्क का खुलासा; सरगना समेत पांच गिरफ्तार

जीरकपुर से संचालित नकली सिक्कों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। दावा है कि 70 करोड़ से अधिक के 20 रुपये के नकली सिक्के बाजार में अब तक खपाए जा चुके हैं।

इस मामले में सहारनपुर पुलिस ने जीरकपुर निवासी गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह हरियाणा के सोनीपत में मशीनें लगाकर 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करता था और उन्हें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और हिसाब-किताब के रजिस्टरों के जरिए गिरोह की पूरी सप्लाई चेन खंगाल रही है। सहारनपुर पुलिस के अनुसार बाजार में नकली सिक्के चलने की सूचना के बाद शहर कोतवाली, एसओजी और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया था।

जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस गिरोह तक पहुंची और पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। रविवार को पुलिस लाइन में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने मामले की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्के बाजार में खपाने का दावा किया है।

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👮‍♂️❤️ राह भटके 2 वर्षीय मासूम को चंद घंटों में मिला परिवार

सेक्टर-21 मार्केट क्षेत्र में भटककर पहुंचे करीब 2 वर्षीय मासूम बच्चे को पंचकूला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों में सुरक्षित उसके परिजनों से मिला दिया।

स्थानीय नागरिकों से सूचना मिलते ही सेक्टर-21 पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। चौकी प्रभारी मुकेश सैनी की अगुवाई में पुलिस टीम बच्चे को सुरक्षित अपने साथ लेकर आसपास के क्षेत्रों में परिजनों की तलाश में जुट गई।

लगातार पूछताछ और प्रयासों के बाद बच्चे के परिजनों का पता लगा लिया गया और मासूम को सकुशल उनके सुपुर्द किया गया। बच्चे को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने पंचकूला पुलिस का आभार व्यक्त किया।

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन, IPS ने पुलिस टीम की त्वरित एवं सराहनीय कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए अभिभावकों से अपील की—

छोटे बच्चों पर हमेशा निगरानी रखें। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

👨‍👩‍👦 मासूम सुरक्षित… परिवार के चेहरे पर फिर लौटी मुस्कान।

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15 अक्टूबर से UPI पर 0.4% MDR! जानिए किन पेमेंट पर लगेगा चार्ज और ग्राहकों पर क्या होगा असर

15 अक्टूबर 2026 से UPI के नए MDR नियम लागू होने वाले हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के पात्र P2M यानी मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR तय किया गया है, जबकि 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये रहेगा। हालांकि, ग्राहकों के लिए UPI पेमेंट, P2P ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के भुगतान पर कोई अतिरिक्त ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं होगा।

15 अक्टूबर से लागू होगा नया UPI MDR फ्रेमवर्क
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से बताए गए नए MDR फ्रेमवर्क में मर्चेंट पेमेंट को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इसका सबसे अहम हिस्सा यह है कि आम ग्राहक को UPI से भुगतान करने पर सीधे कोई MDR नहीं देना होगा।

2,000 रुपये तक के UPI मर्चेंट पेमेंट को MDR से बाहर रखा गया है। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के पात्र P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए शुल्क 300 रुपये तक सीमित रहेगा।

छोटे व्यापारियों के लिए P2PM कैटेगरी में जीरो MDR की व्यवस्था बताई गई है। इसके तहत हर महीने 1 लाख रुपये तक UPI के जरिए भुगतान पाने वाले पात्र छोटे मर्चेंट को MDR से छूट मिलेगी।

क्या आम ग्राहक को UPI इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे?
नहीं। दिए गए FAQ के अनुसार ग्राहकों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह बिना ट्रांजैक्शन शुल्क के जारी रहेगा। MDR मर्चेंट-साइड शुल्क है और इसे सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं होगी।

इसका मतलब है कि चाय, नाश्ता, किराना खरीदारी या ऑनलाइन शॉपिंग जैसे भुगतान में ग्राहक को अलग से UPI सर्विस चार्ज नहीं देना होगा, बशर्ते लेनदेन संबंधित नियमों के तहत हो।

2,000 रुपये तक के UPI पेमेंट पर क्या होगा?
2,000 रुपये तक के UPI P2M ट्रांजैक्शन पर MDR शून्य रहेगा। FAQ में दावा किया गया है कि ऐसे भुगतान कुल UPI P2M ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 95 फीसदी से अधिक हिस्सा हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य रोजमर्रा के छोटे डिजिटल भुगतान को MDR से अलग रखना बताया गया है।

2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर कितना MDR लगेगा?
पात्र P2M UPI ट्रांजैक्शन में 2,000 रुपये से अधिक की राशि पर 0.4% MDR निर्धारित किया गया है।

हालांकि, बड़ी रकम के भुगतान पर एक कैप भी रखा गया है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए अधिकतम MDR 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगा।

उदाहरण के तौर पर 3,000 रुपये के भुगतान पर 12 रुपये, जबकि 50,000 रुपये के भुगतान पर 200 रुपये MDR बनेगा। 1 लाख रुपये के भुगतान पर 0.4% के हिसाब से 400 रुपये बनते हैं, लेकिन 300 रुपये की अधिकतम सीमा लागू होने के कारण MDR 300 रुपये ही रहेगा।

छोटे दुकानदारों के लिए P2PM में क्या व्यवस्था है?
P2PM यानी Person-to-Person-Merchant कैटेगरी के तहत छोटे मर्चेंट को जीरो MDR का लाभ दिया गया है। FAQ के मुताबिक ऐसे छोटे विक्रेता UPI QR के जरिए सीधे अपने खाते में हर महीने 1 लाख रुपये तक भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

इस कैटेगरी का उद्देश्य छोटे और असंगठित कारोबारियों के बीच डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना बताया गया है।

क्या छोटे दुकानदार को 2,000 रुपये से ज्यादा मिलने पर भी MDR नहीं लगेगा?
सिर्फ ट्रांजैक्शन की राशि से यह तय नहीं होगा कि MDR लगेगा या नहीं। मर्चेंट की कैटेगरी भी महत्वपूर्ण होगी।

P2PM जैसी पात्र छूट वाली कैटेगरी में आने वाले छोटे मर्चेंट को 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान मिलने पर अपने आप MDR नहीं लगेगा। दूसरी ओर, पात्र सामान्य P2M ट्रांजैक्शन पर 2,000 रुपये से अधिक की राशि के लिए 0.4% MDR लागू होगा।

क्या छोटे दुकानदार को नया QR कोड लेना पड़ेगा?
नहीं। FAQ में कहा गया है कि मौजूदा UPI QR इंफ्रास्ट्रक्चर सामान्य रूप से काम करता रहेगा। छोटे मर्चेंट को अपने मौजूदा फिजिकल QR स्टैंड या साउंडबॉक्स को बदलने अथवा दोबारा रजिस्टर करने की जरूरत नहीं होगी।

P2PM मर्चेंट की पहचान कैसे होगी?
एक्वायरिंग बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर P2PM के तहत आने वाले मर्चेंट के UPI लेनदेन की निगरानी करेंगे। इसमें 1 लाख रुपये की मासिक इनवर्ड ट्रांजैक्शन सीमा को देखा जाएगा।

FAQ के मुताबिक, जो मर्चेंट लगातार तीन महीनों तक UPI के जरिए 1 लाख रुपये से अधिक की रकम हासिल करेंगे, उन्हें P2M कैटेगरी में बदला जाएगा।

क्या P2PM के लिए GST रजिस्ट्रेशन जरूरी है?
FAQ के अनुसार P2PM के तहत जीरो MDR के लिए पात्र होने के लिए GST रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है। पात्रता मासिक कलेक्शन लिमिट और बैंक अकाउंट की कैटेगरी से संबंधित है।

क्या ग्रामीण इलाकों के UPI पेमेंट पर भी जीरो MDR रहेगा?
योग्य P2PM मर्चेंट द्वारा ग्रामीण और सेमी-अर्बन इलाकों में स्वीकार किए जाने वाले QR पेमेंट पर जीरो MDR का प्रावधान बताया गया है।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों और टियर-3 तथा उससे आगे के सेंटर में डिजिटल पेमेंट के विस्तार के लिए विशेष फंड के जरिए सहायता देने का प्रस्ताव भी बताया गया है।

छोटे व्यापारियों के लिए विशेष फंड क्यों बनाया जाएगा?
टियर-3 से टियर-6 सेंटरों में डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए विशेष फंड का प्रस्ताव है। इसमें पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भी शामिल बताए गए हैं।

टियर-1 और टियर-2 सेंटर में केंद्र सरकार की नोटिफाइड योजनाओं, जैसे PM स्वनिधि और PM विश्वकर्मा, को भी शामिल किए जाने की बात कही गई है।
यह फंड मर्चेंट ऑनबोर्डिंग में इकोसिस्टम प्लेयर्स को आर्थिक सहायता देने और छोटे व्यापारियों के बीच UPI ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जाना प्रस्तावित है।

विशेष फंड का अंतिम ढांचा कब तैयार होगा?
FAQ के मुताबिक विशेष फंड के विस्तृत ऑपरेशनल फ्रेमवर्क को अगले तीन महीनों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के साथ बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

इसमें फंड के इस्तेमाल, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और मर्चेंट इंसेंटिव से जुड़े प्रावधान तय किए जाने हैं।

MDR लागू करने का फैसला कौन करेगा?
ऑपरेशनल पैरामीटर, शुल्क बांटने का मॉडल और कैटेगरी कैप से जुड़े फैसले UPI और Services Steering Committee द्वारा किए जाएंगे। इस समिति की अध्यक्षता NPCI करेगी।

UPI पर MDR की जरूरत क्यों बताई गई?
FAQ में बताया गया है कि UPI हर महीने बहुत बड़ी संख्या में ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है। MDR से मिलने वाली राशि को इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, साइबर सिक्योरिटी और कस्टमर सर्विस में निवेश के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है।

दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि UPI की लागत दूसरे डिजिटल पेमेंट माध्यमों, जैसे क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और वॉलेट की तुलना में कम है।

क्या सरकारी सब्सिडी से UPI का खर्च पूरा नहीं हो रहा?
FAQ में कहा गया है कि सरकारी इंसेंटिव और सब्सिडी को शुरुआत में डिजिटल पेमेंट अपनाने को बढ़ावा देने के लिए शॉर्ट-टर्म ब्रिज फंडिंग के रूप में बनाया गया था।

दस्तावेज में इंडस्ट्री के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि UPI ऑपरेशन को बनाए रखने में सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसमें सर्वर बैंडविड्थ, फ्रॉड प्रिवेंशन सिस्टम और बैंकिंग टेक्निकल सपोर्ट जैसी लागत शामिल बताई गई है।

UPI MDR और क्रेडिट कार्ड MDR में कितना अंतर है?
FAQ में बताया गया है कि क्रेडिट कार्ड पर सामान्य MDR हर ट्रांजैक्शन में 1.5% से 2.5% के बीच हो सकता है, जबकि डेबिट कार्ड MDR की अधिकतम सीमा 0.90% तक हो सकती है।

इसके मुकाबले प्रस्तावित सामान्य UPI MDR 2,000 रुपये से अधिक के पात्र P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% है और 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम 300 रुपये की सीमा रखी गई है।

क्या UPI ऐप ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस लेंगे?
FAQ के अनुसार UPI ऐप प्रोवाइडर UPI से किए गए भुगतान के लिए कोई प्लेटफॉर्म फीस या अन्य शुल्क नहीं लेंगे।

इसलिए प्रस्तावित MDR को ग्राहक के UPI ऐप इस्तेमाल करने की फीस के रूप में नहीं बताया गया है।

क्या दुकानदार MDR का पैसा ग्राहक से ले सकता है?
नहीं। दिए गए फ्रेमवर्क के अनुसार मर्चेंट MDR का बोझ सीधे ग्राहक पर नहीं डाल सकते। ग्राहक को सामान या सेवा की लिस्टेड कीमत ही चुकानी होगी।
इसलिए QR कोड स्कैन करते समय ग्राहक से अलग से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी।

क्या लोकल दुकानों और रेहड़ी-पटरी पर QR पेमेंट फ्री रहेगा?
हां। लोकल मार्केट, स्ट्रीट वेंडर और छोटी रिटेल दुकानों पर ग्राहक द्वारा UPI QR स्कैन करके भुगतान करने पर ग्राहक से कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
योग्य छोटे मर्चेंट के लिए P2PM व्यवस्था में जीरो MDR का प्रावधान भी रखा गया है।

क्या UPI के मुफ्त इस्तेमाल की कोई मंथली लिमिट होगी?
FAQ के अनुसार ग्राहकों के लिए मुफ्त UPI इस्तेमाल पर कोई अलग मंथली कमर्शियल वॉल्यूम लिमिट नहीं होगी।

हालांकि, बैंकों या NPCI की ओर से सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट के लिए तय दैनिक ट्रांजैक्शन लिमिट अलग विषय है और उसका संबंध MDR से नहीं है।

क्या P2P UPI ट्रांसफर पर भी MDR लगेगा?
नहीं। दोस्तों, परिवार के सदस्यों या अपने लिंक किए गए बैंक खातों के बीच किए जाने वाले P2P UPI ट्रांसफर को मुफ्त रखने की बात कही गई है।

इसमें बिल शेयर करने या किसी व्यक्ति को पैसे भेजने जैसे ट्रांजैक्शन भी शामिल हैं। ट्रांसफर की राशि कितनी भी हो, FAQ के अनुसार P2P ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा।

क्या UPI AutoPay पर MDR लागू होगा?
FAQ के मुताबिक UPI Mandate या AutoPay के जरिए किए जाने वाले ऑटोमेटेड रिकरिंग पेमेंट पर प्रस्तावित MDR लागू नहीं होगा।

इसमें यूटिलिटी बिल, OTT सब्सक्रिप्शन और रिकरिंग इन्वेस्टमेंट जैसे भुगतान शामिल बताए गए हैं।

बड़े कमर्शियल ट्रांजैक्शन पर कितना MDR लगेगा?
2,000 रुपये से अधिक के पात्र P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये रहेगा।

2,000 रुपये से कम के P2M भुगतान को MDR से बाहर रखा गया है।
किन सेक्टर में फ्लैट 5 रुपये MDR लगेगा?
कुछ विशेष मर्चेंट कैटेगरी के लिए प्रतिशत आधारित MDR के बजाय फ्लैट शुल्क का प्रावधान बताया गया है।
रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी कैटेगरी में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रति ट्रांजैक्शन 5 रुपये MDR बताया गया है।

इंश्योरेंस प्रीमियम पर कितना MDR होगा?
2,000 रुपये से अधिक के UPI इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान पर 5 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR बताया गया है।
2,000 रुपये तक के इंश्योरेंस पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा।

पेट्रोल पंप पर UPI पेमेंट का क्या नियम है?
पेट्रोल पंप पर UPI से 2,000 रुपये से अधिक का फ्यूल पेमेंट करने पर 5 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR लागू होने की बात कही गई है।
2,000 रुपये से कम के फ्यूल पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा।

बिजली और पानी के बिल पर कितना MDR लगेगा?
पब्लिक यूटिलिटी पेमेंट, जैसे बिजली और म्युनिसिपल पानी के भुगतान के लिए 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट रियायती MDR बताया गया है।
2,000 रुपये से कम के यूटिलिटी पेमेंट पर MDR शून्य रहेगा।

कैपिटल मार्केट पेमेंट पर कितना MDR लगेगा?
कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI ट्रांजैक्शन के लिए 0.02% MDR का प्रावधान बताया गया है। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन होगी।
इस कैटेगरी में म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर को किए जाने वाले भुगतान शामिल बताए गए हैं।

किन संस्थाओं पर कैपिटल मार्केट MDR लागू होगा?
इस कैटेगरी में एसेट मैनेजमेंट कंपनियां, म्यूचुअल फंड, SEBI-रजिस्टर्ड स्टॉकब्रोकर, सिक्योरिटीज डीलर और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म जैसी रेगुलेटेड संस्थाओं को शामिल किया गया है।
इक्विटी खरीद, डेट मार्केट में निवेश, म्यूचुअल फंड खरीद और ब्रोकर वॉलेट टॉप-अप जैसी गतिविधियों के लिए UPI ट्रांसफर को इसमें शामिल बताया गया है।

UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड पर क्या यही MDR लगेगा?
नहीं। FAQ के अनुसार UPI से जुड़े RuPay क्रेडिट कार्ड और पहले से मंजूर बैंक क्रेडिट लाइन अलग क्रेडिट प्रोडक्ट नियमों के तहत आते हैं।
दिए गए MDR फ्रेमवर्क को सीधे अकाउंट-टू-अकाउंट P2M UPI ट्रांजैक्शन के लिए बताया गया है।

क्या एजुकेशनल फीस पर भी यही MDR लागू होगा?
एजुकेशनल फीस कलेक्शन में स्कूल ट्यूशन, यूनिवर्सिटी फीस और संस्थानों के एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े भुगतान शामिल बताए गए हैं।
FAQ के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के ऐसे ट्रांजैक्शन पर संबंधित इंडस्ट्री प्रोग्राम के तहत फ्लैट-फीस या कैप्ड प्रोसेसिंग रेट का लाभ मिलेगा, जबकि 2,000 रुपये तक के भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।

15 अक्टूबर 2026 से क्या बदलेगा?
15 अक्टूबर 2026 से फाइनल MDR फ्रेमवर्क और थ्रेशोल्ड स्ट्रक्चर लागू होने की बात कही गई है। एक्वायरिंग बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर, फिनटेक ऐप और कॉर्पोरेट अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म को अपने सॉफ्टवेयर और बिलिंग सिस्टम में जरूरी बदलाव करने के लिए समय दिया गया है।

ग्राहकों के नजरिए से सबसे अहम बात यह है कि प्रस्तावित व्यवस्था में UPI इस्तेमाल करने पर सीधे कोई ट्रांजैक्शन फीस नहीं रखी गई है। MDR मुख्य रूप से पात्र मर्चेंट-साइड ट्रांजैक्शन से जुड़ा है।

UPI MDR के 42 सवाल-जवाबों का संक्षिप्त सार
NPCI के बताए FAQ में MDR लागू करने के कारण, छोटे व्यापारियों के लिए P2PM व्यवस्था, विशेष फंड, ग्राहक शुल्क, बड़े मर्चेंट, कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस, फ्यूल, यूटिलिटी, शिक्षा और क्रेडिट-लिंक्ड UPI पेमेंट से जुड़े कुल 42 सवालों को शामिल किया गया है।

पूरे फ्रेमवर्क में 2,000 रुपये की सीमा, 0.4% सामान्य MDR, 75,000 रुपये पर 300 रुपये की अधिकतम सीमा और कुछ विशेष कैटेगरी के लिए 5 रुपये के फ्लैट MDR को प्रमुख प्रावधानों के तौर पर बताया गया है।

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पत्थरों में कैद इतिहास फिर बोलेगा: संवरेंगे यादवेंद्र गार्डन के महल-बुर्ज, 92.5 करोड़ की आएगी लागत

सदियों के इतिहास और पिंजौर की शाही पहचान के गवाह यादवेंद्र गार्डन के महल और बुर्ज अब फिर संवरेंगे। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत यादवेंद्र गार्डन व मोरनी के टिक्कर ताल के कायाकल्प के लिए 92.5 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 

इसमें 65.82 करोड़ रुपये सिर्फ यादवेंद्र गार्डन के ऐतिहासिक स्वरूप को बचाने और पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने पर खर्च होंगे। शीश महल, रंग महल, जल महल और रानी महल का संरक्षण किया जाएगा, जबकि पांचों ऐतिहासिक बुर्जों को भी संवारा जाएगा। वर्षों से बंद पड़े फव्वारों को दोबारा शुरू करने की योजना भी इसमें शामिल है। 

कायाकल्प योजना में विरासत संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं को भी जगह दी गई है। गार्डन में नई पार्किंग, बेहतर लाइटिंग और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम लगाया जाएगा। बाउंड्री वॉल को मजबूत करने के साथ नई दुकानें और टिकट हाउस बनाए जाएंगे। पर्यटकों के बैठने की बेहतर व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। 

महलों के साथ कॉन्फ्रेंस सेंटर भी होगा आधुनिक
यादवेंद्र गार्डन के कॉन्फ्रेंस सेंटर और बजरीगढ़ मोटल के रूफटॉप रेस्तरां का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। इससे पर्यटकों को ऐतिहासिक विरासत के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

टिक्करताल बनेगा एडवेंचर हब
मोरनी के टिक्कर ताल को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। यहां एडवेंचर हब विकसित करने के साथ सौंदर्यीकरण किया जाएगा। दोनों पर्यटन स्थलों के विकास की योजना अब प्रशासनिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच चुकी है। सात सितंबर को हरियाणा निवास, सेक्टर-3 चंडीगढ़ में हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत दोनों स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्ताव रखे गए।

आरटीआई में सामने आया विकास का खाका
आरटीआई एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता विजय बंसल ने पर्यटन विभाग से परियोजना के संबंध में जानकारी मांगी थी। दो सितंबर 2025 को दिए गए आवेदन के जवाब में हरियाणा पर्यटन निगम ने स्वीकृत राशि और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराई। इसी जानकारी से पिंजौर और मोरनी के पर्यटन स्थलों के कायाकल्प का खाका सामने आया।

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चंडीगढ़ में 134 इमारतें असुरक्षित, दिल्ली हादसे के बाद जागा प्रशासन; अब मालिकों को जाएंगे नोटिस

दिल्ली में बिल्डिंग गिरने से हुए हादसे के बाद चंडीगढ़ प्रशासन भी असुरक्षित भवनों को लेकर सतर्क हो गया है। एस्टेट ऑफिस ने शहर में कुल 134 इमारतों को असुरक्षित चिह्नित किया है। यह सभी कामर्शियल और इंडस्ट्रियल इमारतें है। 

पिछले साल सेक्टर-17 में तीन मंजिला महफिल होटल की इमारत गिरने के बाद डीसी निशांत यादव के निर्देश पर गठित कमेटी ने असुरक्षित इमारतों की सूची तैयार कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी है। अब संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर इमारत की मरम्मत करवाने या अधिकृत विशेषज्ञ से स्ट्रक्चरल ऑडिट करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।

रिपोर्ट के अनुसा सबसे सेक्टर-22 में सबसे ज्यादा ज्यादा 15 इमारतें असुरक्षित हैं। सेक्टर-22 शहर के प्रमुख बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां सबसे अधिक भवन असुरक्षित पाए जाने के बाद अब इनकी सुरक्षा जांच और आवश्यक मरम्मत पर प्रशासन का फोकस रहेगा। 

इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में 13 और फेज-2 में 10 भवन असुरक्षित पाए गए हैं। वहीं, सेक्टर-20 में आठ, सेक्टर-8 और सेक्टर-18 में सात-सात तथा सेक्टर-21 में सात असुरक्षित इमारतें चिह्नित की गई हैं । सेक्टर-19 में छह इमारतें असुरक्षित मिले हैं। इन असुरक्षित इमारतों को लेकर मंगलवार को डीसी निशांत यादव ने बैठक भी की।

सेक्टर-17 में भी पांच असुरक्षित भवन
शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र सेक्टर-17 में भी पांच इमारतें असुरक्षित चिह्नित की गई हैं। सेक्टर-17 को सिटी का हार्ट कहा जाता है। सेक्टर-26, 32 और 37 में भी पांच-पांच इमारतें सूची में शामिल हैं।

सेक्टर-11, 24, 27 और 51 में चार-चार तथा सेक्टर-15 और 23 में तीन-तीन भवन असुरक्षित पाए गए हैं। मनीमाजरा में तीन तथा सेक्टर-16 और 28 में दो-दो इमारतें सूची में हैं।

शहर के कई अन्य हिस्सों में भी एक-एक असुरक्षित भवन मिला है। इनमें सेक्टर-2, 5, 9, 29, 30, 31, 35, 38, 40, 46, 47, 50 और 52 शामिल हैं।

सेक्टर-17 में एक इमारत की बेसमेंट की दीवार गिरी
सोमवार को सेक्टर-17 में एक इमारत की बेसमेंट की दीवार भी गिर गई थी। घटना के बाद एहतियात के तौर पर आसपास के हिस्से को खाली कराया गया और सुरक्षा जांच की गई। अब इसी सेक्टर की पांच इमारतों का असुरक्षित सूची में शामिल होना भवनों की नियमित संरचनात्मक जांच की जरूरत को और रेखांकित करता है ।

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पंचकूला में 22 साल का शातिर गिर/फ्तार, मजबूरी का हवाला दे लिए दोस्तों के बैंक खाते; ट्रांसफर करवाए लाखों रुपये

पुलिस ने 22 साल के एक ऐसे शातिर को गिर/फ्तार किया है, जिसने मजबूरी का हवाला देकर दोस्तों के बैंक खाते और एटीएम कार्ड लेकर उनमें साइबर ठगी के लाखों रुपये मंगवाई। 

शातिर विशाल कुमार मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है और पिंजौर में रह रहा था। साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

साइबर थाना सेक्टर-20 की जांच में संदिग्ध बैंक खातों से जुड़ी साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई थीं। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि विशाल ने अपने साथी के साथ मिलकर मजबूरी का हवाला देकर दोस्ती का फायदा उठाया।

दोस्तों को गुमराह कर बैंक खातों की जानकारी और एटीएम कार्ड हासिल किए गए। इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर एटीएम से निकाल ली जाती थी। अब तक सात बैंक खातों के दुरुपयोग और करीब आठ लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम सामने आई है।

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपित को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान मोबाइल बरामद किया गया। उसे जेल भेज दिया गया, जबकि उसके साथी की तलाश जारी है।

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चंडीगढ़ में सीरियल कि/लर को तीसरे केस में भी उम्र/कैद, दुष्क/र्म के बाद उतार देता था मौ/त के घाट

60 वर्षीय महिला से दुष्क/र्म के बाद ह/त्या करने के मामले में सीरियल कि/लर मोनू कुमार को जिला अदालत ने मंगलवार को उम्र/कैद की सजा सुनाई है।

इससे पहले दो मामलों में भी उसे उम्र/कैद की सजा सुनाई जा चुकी है, जिनमें एक एमबीए की छात्रा से दुष्क/र्म के बाद हत्या का है और दूसरा मलोया निवासी 40 वर्षीय महिला की भी दुष्क/र्म के बाद ह/त्या की थी।

जिस मामले में मंगलवार को सजा सुनाई गई वह वर्ष 2024 का है, जिसमें उसने दुष्क/र्म के बाद 60 वर्षीय महिला की ह/त्या की थी। पुलिस जांच में इस वारदात में भी मोनू का नाम सामने आया था। गिर/फ्तारी के बाद उसने एमबीए की छात्रा और दो महिलाओं की ह/त्या करने की बात कबूल की थी।

एमबीए छात्रा हत्याकांड से खुला राज
मोनू कुमार का नाम वर्ष 2010 में सेक्टर-38 में 21 वर्षीय एमबीए छात्रा से दु/ष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सामने आया था। छात्रा का श/व सेक्टर-38 के पास मिला था। करीब 14 साल तक हत्या/रे का पता नहीं चलने पर पुलिस ने जिला अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, लेकिन जांच पूरी तरह बंद नहीं की थी।

पिछले वर्ष पुलिस को डड्डूमाजरा के पास शाहपुर काॅलोनी निवासी मोनू कुमार पर शक हुआ। उसका डीएनए सैंपल लेकर मृत छात्रा के सुरक्षित डीएनए से मिलाया गया, जो मैच हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में उसे पिछले वर्ष उम्रकै/द की सजा सुनाई गई थी।

2022 में ऑटो ड्राइवर की पत्नी की ह/त्या
मोनू ने गिरफ्तारी के बाद वर्ष 2022 में मलोया निवासी ऑटो चालक की 40 वर्षीय पत्नी की ह/त्या करने की बात भी कबूल की थी। 11 जनवरी 2022 की रात महिला बाजार गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। अगले दिन घर से कुछ दूरी पर उसका शव मिला था। इस मामले में भी पुलिस जांच के बाद मोनू के खिलाफ कार्रवाई हुई और अदालत ने उसे उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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हरियाणा में 1 अक्टूबर से शुरू हो रही धान की सरकारी खरीद को लेकर राज्य सरकार की प्रशासनिक तैयारियां तेज

हरियाणा में 1 अक्टूबर से शुरू हो रही धान की सरकारी खरीद को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य भर की मंडियों में व्यापक और समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो।

"गेट पास जारी होने से लेकर फसल की तुलाई और बिक्री के बाद सीधे किसान के बैंक खाते में भुगतान पहुँचने तक की पूरी व्यवस्था सरल और पारदर्शी होनी चाहिए।" - श्री श्याम सिंह राणा

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ऑपरेशन कवच: पंचकूला पुलिस द्वारा स्कूलों के आसपास सख्त चेकिंग के साथ शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों को किया जा रहा जागरूक 

4 दिन में सैकड़ों दुकानों की जांच, भारी मात्रा में कूल लिप व रोलिंग पेपर बरामद

नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ बच्चों को जागरूक करने पर जोर, स्कूल प्रशासन को भी अभियान से जोड़ा: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन

पंचकूला के सरकारी एवं निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने तथा नशे की शुरुआती आदतों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर पंचकूला आईपीएस पंकज नैन द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन कवच के तहत पंचकूला पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को नशे की गिरफ्त से दूर रखना, शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर रोक लगाना तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। 

ऑपरेशन कवच के तहत पंचकूला पुलिस की विभिन्न टीमों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई करते हुए सैकड़ों दुकानों की जांच की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कूल लिप के पैकेट, रोलिंग पेपर के बड़े डिब्बे तथा अन्य संबंधित पदार्थ बरामद किए गए हैं। पुलिस टीमों द्वारा शिक्षण संस्थानों के आसपास भी विशेष चेकिंग की गई, जहां ऐसे पदार्थों की उपलब्धता एवं बिक्री की जांच की गई। 

डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह के अनुसार इसी अभियान के तहत पंचकूला पुलिस द्वारा अब शिक्षण संस्थानों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आज कालका स्थित सरकारी स्कूल में कालका थाना प्रभारी प्रताप सिंह की टीम द्वारा विद्यार्थियों को कूल लिप जैसे नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। 

पुलिस कमिश्नर पंचकूला आईपीएस पंकज नैन ने बताया कि ऑपरेशन कवच के तहत की जा रही कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम नजर आ रहा है। महज चार दिन की कार्रवाई में सैकड़ों दुकानों की जांच की गई है, जिनमें से भारी संख्या में कूल लिप, रोलिंग पेपर तथा अन्य संबंधित पदार्थ बरामद किए गए हैं। स्कूल प्रशासन भी इस अभियान से जुड़कर सहयोग कर रहा है।

पुलिस कमिश्नर ने आगे कहा कि पंचकूला पुलिस का प्रयास है कि सामान्य दिखाई देने वाले ऐसे पदार्थों की उपलब्धता एवं बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए, ताकि विशेषकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे और युवा इनकी गिरफ्त में न आएं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ बच्चों को जागरूक करना भी बेहद जरूरी है। पुलिस, स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास से ही बच्चों को नशे से दूर रखा जा सकता है।

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पंचकूला जिला बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का भव्य शपथ ग्रहण समारोह, सांसद कार्तिकेय शर्मा ने दिलाई शपथ

जिला न्यायालय परिसर पंचकूला में जिला बार एसोसिएशन की नवनियुक्त कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने जिला बार एसोसिएशन के नवनियुक्त प्रधान सहित पूरी कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलाई। समारोह में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लेकर नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नीतियों में बदलाव के साथ सोच में बदलाव भी जरूरी है। उन्होंने न्याय व्यवस्था को समाज और देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समय के साथ कानूनी सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका आम आदमी के विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र है और लोगों को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

सांसद ने जिला बार एसोसिएशन के विकास कार्यों के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही महिला सशक्तिकरण और मातृशक्ति के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बार एसोसिएशन परिसर में ‘नमो शक्ति रथ’ के माध्यम से निःशुल्क ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने की पेशकश की गई। कार्यक्रम के अंत में नई कार्यकारिणी ने अधिवक्ताओं के हितों, बार एसोसिएशन के विकास और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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घर से बिना बताए निकली 19 वर्षीय युवती को पंचकूला पुलिस ने सुरक्षित खोज निकाला, परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस द्वारा गुमशुदा लोगों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए लगातार गंभीरता और तत्परता से कार्रवाई की जा रही है।

इसी कड़ी में पंचकूला के सेक्टर-21 क्षेत्र से एक 19 वर्षीय युवती अपने परिजनों को बिना बताए घर से चली गई थी। युवती के वापस घर न लौटने पर परिजनों ने इसकी शिकायत 8 सितंबर को सेक्टर-21 चौकी में दी। सूचना के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी।

चौकी इंचार्ज मुकेश सैनी की अगुवाई में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए युवती की तलाश की। पुलिस टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद 26 अगस्त को युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आवश्यक काउंसलिंग के बाद युवती को सकुशल उसके परिजनों के हवाले कर दिया। युवती के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने पंचकूला पुलिस का आभार व्यक्त किया।

डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी कारण से घर से बाहर जाते समय अपने परिजनों को इसकी जानकारी जरूर दें और कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले परिवार से सलाह मशवरा करें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखें और उनकी बातों को समझने का प्रयास करें, ताकि बच्चे अपनी परेशानियां और भावनाएं खुलकर परिवार के साथ साझा कर सकें।

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भानु में गूंजी मानव अधिकारों पर बहस, 8 CAPFs के जवानों-अधिकारियों ने रखे तर्क

पंचकूला के भानु स्थित आईटीबीपी बेसिक ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के तत्वावधान में “नॉर्थ ज़ोन इंटर-सीएपीएफ डिबेट कॉम्पिटिशन 2026” का सफल आयोजन किया गया। मानव अधिकार जागरूकता वर्ष 2026 के अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अधिकारियों एवं जवानों में मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मानवीय मुद्दों पर तार्किक एवं सार्थक विचार-विमर्श के लिए मंच उपलब्ध कराना था।

इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “सबसे बुरे संकट में भी मानव अधिकार वैकल्पिक नहीं हैं” रहा। प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में प्रभावी तर्क प्रस्तुत करते हुए मानव अधिकारों की सार्वभौमिकता, संकट के समय मानव गरिमा की रक्षा तथा सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपने विचार रखे।

प्रतियोगिता में ITBP, BSF, CRPF, CISF, RPF, आसाम राइफल्स और SSB सहित विभिन्न CAPFs की टीमों ने भाग लिया। हिंदी और अंग्रेजी दोनों श्रेणियों में प्रतिभागियों ने तर्क, तथ्य, अभिव्यक्ति और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विषय के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा। प्रत्येक भाषा में 14 प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए।

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रायपुर रानी में गूंजा सेवा और सुशासन का संकल्प, कार्तिकेय शर्मा समेत भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं को दिया जनसेवा का संदेश

रायपुर रानी में ‘सेवा एवं सुशासन संकल्प समारोह’ का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा और भाजपा पंचकूला जिला अध्यक्ष अजय मित्तल की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा, सुशासन और ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए जनसेवा को संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का संकल्प लिया गया।

समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कालका विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर परिवार और प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। कार्यकर्ताओं से सेवा और सुशासन के इस अभियान को संगठन की शक्ति एवं मेहनत के साथ नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।

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लिफ्ट मांग कार में बैठी युवती, झूठे केस में फंसाने का डर दिखा ट्रांसफर करवाए 57 हजार; मोहाली में FIR

सड़क किनारे इमरजेंसी बताकर लिफ्ट मांगना और फिर कार सवार युवक को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने का मामला सामने आया है।

अंबाला निवासी युवक ने आरोप लगाया है कि जीरकपुर पहुंचने के बाद युवती ने उसका आईफोन-15 अपने कब्जे में ले लिया और दबाव बनाकर फोन-पे के जरिए उसके एसबीआई खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 57 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

पुलिस ने जांच के बाद खरड़ निवासी आंचल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अंबाला निवासी 36 वर्षीय रमाकांत उपाध्याय ने पुलिस को बताया कि वह रात को अपने दोस्तों गुरप्रीत सिंह और अभय सिंह के साथ हुंडई एक्सटर कार में चंडीगढ़ घूमने आया था।

अगले दिन दोपहर करीब 2 बजे वे सेक्टर-26 चंडीगढ़ से अंबाला लौट रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे खड़ी एक युवती ने कार रुकवाकर इमरजेंसी का हवाला देते हुए जीरकपुर तक छोड़ने की बात कही। इस पर रमाकांत ने उसे कार में बैठा लिया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जीरकपुर स्थित कार्तिक होटल के पास पहुंचते ही युवती कार से उतर गई और कार के पास खड़े होकर उनकी तस्वीरें खींचने लगी। आरोप है कि उसने पुलिस बुलाकर झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी दी और रमाकांत का आईफोन-15 कथित तौर पर छीन लिया। फोन लौटाने के बदले पहले पांच हजार रुपये मांगे गए।

रमाकांत का आरोप है कि जब वह मोबाइल लेने होटल के अंदर पहुंचा तो युवती रोने लगी और होटल के दो कर्मचारी भी वहां आ गए। वह बाहर निकला तो युवती भी पीछे आ गई और कथित तौर पर दोबारा झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगने लगी।

पीड़ित के मुताबिक, दबाव में उससे मोबाइल और फोन-पे का पासवर्ड ले लिया गया। इसके बाद उसके एसबीआई खाते से 43 हजार, पांच हजार और नौ हजार रुपये के तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 57 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।

आरोप है कि इसके बावजूद मोबाइल वापस नहीं किया गया। इसी दौरान एक सफेद वैगनआर वहां पहुंची और युवती मोबाइल लेकर उसमें बैठकर चली गई।

घटना के बाद व्हाट्सएप कॉल से भी धमकाने का आरोप
रमाकांत ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि घटना के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। युवती एक मोबाइल नंबर से उसे और उसके परिवार के सदस्यों को व्हाट्सएप कॉल कर गाली-गलौज करने लगी और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती रही।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में उसे युवती की पहचान आंचल निवासी खरड़ के रूप में हुई। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आंचल के खिलाफ बीएनएस की धारा 304(2) और 308(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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साइबर ठगी के लिए 7 लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग करने वाला आरोपी पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में 

पुलिस की अपील: अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड व पिन किसी को न दें, वरना साइबर ठगी की रकम आने पर आप भी फंस सकते हैं कानूनी कार्रवाई के शिकंजे में

साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों पर कार्रवाई के लिए पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देशानुसार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20 पंचकूला पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों में मंगवाकर एटीएम के माध्यम से निकलवाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विशाल कुमार निवासी जिला सोनीपत, हाल निवासी पिंजौर, जिला पंचकूला, उम्र 22 वर्ष के रूप में हुई है। 

साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें पाई गईं। जांच में सामने आया कि आरोपी विशाल कुमार ने अपने साथी के साथ मिलकर लोगों को उनकी मजबूरी व दोस्ती का फायदा उठाकर गुमराह किया तथा उनके बैंक खातों की जानकारी और एटीएम कार्ड हासिल किए। आरोपियों द्वारा इन बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाकर एटीएम के माध्यम से पैसे निकलवाए जाते थे। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने 7 लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग किया है। पुलिस द्वारा अब तक सामने आए संदिग्ध बैंक खातों में साइबर ठगी से संबंधित करीब 8 लाख रुपये की रकम की पहचान की गई है। मामलें की जांच पीएसआई अभिषेक छिल्लर द्वारा की जा रही है। 

डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह के अनुसार इस संबंध में 11 सितम्बर को थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20 पंचकूला में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। हमारी टीम ने आरोपी विशाल कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके अलावा मामले में अन्य आरोपी की तलाश जारी है। आरोपी को 2 दिन के पुलिस रिमांड के बाद आज जेल भेज दिया है। 

पंचकूला पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, एटीएम पिन, ओटीपी, बैंक पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी न दें। अपने बैंक खाते का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति को न करने दें, क्योंकि साइबर ठगी की रकम आपके खाते में आने पर आपके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं cybercrime पर ऑनलाइन शिकायत करें।

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पंचकूला में जमीन बेचने के नाम पर फ्रॉड:8 लाख ऐंठने के बाद रजिस्ट्री से मुकरे मां-बेटे; मारने की दी धमकी

पंचकूला में जमीन का सौदा कर पूरा पैसा ऐंठने के बाद दूसरा पक्ष रजिस्ट्री से मुकर गया। पंचकूला पुलिस कमिश्नर के आदेश पर तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और धमकी देने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा के मार्गदर्शन में अर्बन एरिया पंचकूला में की गई तोड़फोड़ की बड़ी कार्यवाही

गांव टपरियां, तहसील रायपुर-रानी में एक एकड़ में पनप रही अवैध काॅलोनी में रोड नेटवर्क को जेसीबी द्वारा किया गया ध्वस्त

उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा के मार्गदर्शन में तथा जिला नगर योजनाकार, श्रीमती बबिता गुप्ता के नेतृत्व में अर्बन एरिया पंचकूला में तोड़फोड़ की बड़ी कार्यवाही की गई। इस दौरान गांव टपरियां, तहसील रायपुर-रानी में एक एकड़ में पनप रही अवैध काॅलोनी में रोड नेटवर्क को जेसीबी द्वारा ध्वस्त किया गया। उक्त कार्यवाही ड्यूटी मैजिस्ट्रेट श्री अशोक कुमार, सहायक नगर योजनाकार व श्री डिम्पी राठी, सहायक नगर योजनाकार, कनिष्ठ अभियंता विकास एवं पुलिस बल की उपस्थिति में संपन्न हुई।  

इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला नगर योजनाकार ने बताया कि उक्त अवैध काॅलोनियों पर कार्यवाही करने से पहले विभाग द्वारा नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन  इन अवैध निर्माणों को नहीं हटाया गया, जिस कारण विभाग को यह कार्यवाही करनी पड़ी। 

उन्होंने बताया कि निर्माण करने या काॅलोनी विकसित करने से पहले निदेशक, नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा से अनुमति लेना अनिवार्य है। अनुमति 
लिए बिना कोई भी अवैध निर्माण या काॅलोनी विकसित की जाती है तो विभाग उसके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही जारी रखेगा। 

उन्होने आम जनता से अपील की कि विभाग से सी.एल.यु/लाईसेंस की अनुमति लिए बिना काटी गई अवैध काॅलोनियों में मकान या दुकान ना लें, ताकि जनता की कड़ी मेहनत का पैसा बर्बाद न हो और अनाधिकृत अवैध निर्माणों पर रोक लग सके।

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11,500 फीट की ऊंचाई पर दौड़े चंडीगढ़ के डीसी, 21.1 किमी की मैराथन पूरी कर पेश की फिटनेस की मिसाल

चंडीगढ़ के जिला उपायुक्त (ड) निशांत कुमार यादव ने समुद्र तल से करीब 11,500 फीट की ऊंचाई पर आयोजित लद्दाख मैराथन में 21.1 की दौड़ पूरी कर फिटनेस और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश की।

लद्दाख की बेहद ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन, पतली हवा और कठिन पहाड़ी भूभाग के बीच हाफ मैराथन पूरी करना अपने आप में बड़ी चुनौती माना जाता है। निशांत यादव ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए पूरी दूरी तय की।

सामान्य मैदानी क्षेत्रों की तुलना में इतनी ऊंचाई पर शरीर को कम ऑक्सीजन मिलती है, जिससे दौड़ के दौरान सांस लेने और गति बनाए रखने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद उन्होंने लगातार दौड़ते हुए 21.1 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा किया।

प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ फिटनेस का संदेश
उपायुक्त जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद की जिम्मेदारियों के बीच मैराथन में हिस्सा लेना युवाओं के लिए भी प्रेरक संदेश माना जा रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य और शारीरिक सक्रियता के लिए समय निकाला जा सकता है।

लद्दाख मैराथन को देश की कठिन मैराथन दौड़ों में शामिल माना जाता है। यहां ऊंचाई के साथ मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां भी धावकों की परीक्षा लेती हैं। ऐसे वातावरण में 21.1 किलोमीटर की दूरी पूरी करने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है।

मैराथन पूरी करने के बाद निशांत यादव ने इसे विशेष अनुभव बताया। उन्होंने दौड़ के दौरान के अनुभव और तस्वीरें भी साझा कीं। उनकी इस उपलब्धि को फिटनेस के प्रति सक्रियता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता से जोड़कर देखा जा रहा है।

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हिंदी दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन

हिंदी दिवस के अवसर पर हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के निदेशक, डाॅ. धर्मदेव विद्यार्थी द्वारा अकादमी के विभिन्न प्रकोष्ठों से संबंधित कर्मचारियों के साथ एक कक्ष में हिन्दी भाषा के महत्त्व एवं उसकी विशेषताओं पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर डाॅ. धर्मदेव विद्यार्थी ने हिंदी के प्रति अपने विचार सांझा करते हुए कहा कि वे सदैव  हिंदी में ही हस्ताक्षर करते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दी एक विशाल और समृद्ध भाषा है, जो मन को स्पर्श करती है तथा मनुष्य के भावों और अंतर्मन की आवाज को सहज एवं प्रभावशाली ढ़ंग से अभिव्यक्त करने की क्षमता रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दी की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी शब्द-समृद्धि है। हिन्दी में एक ही अर्थ को व्यक्त करने के लिए अनेक पर्यायवाची शब्द उपलब्ध हैं, जो भाषा को अभिव्यक्ति की व्यापकता और विविधता प्रदान करते हैं। इसके विपरीत अंग्रेजी भाषा में अभिव्यक्ति के विविध विकल्प अपेक्षाकृत सीमित दिखाई देते हैं।
डाॅ. धर्मदेव विद्यार्थी ने हिंदी को संस्कारों और भावनाओं की भाषा बताते हुए कहा कि हिन्दी केवल संवाद का ही माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संवेदनाओं, विचारों और सांस्कृतिक मूल्यों को अभिव्यक्त करने वाली भाषा है। उन्होंने हिंदी के प्रति सम्मान और उसके अधिकाधिक प्रयाग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना है कि हमें अपने प्रदेश और देश को सशक्त बनाना है तो हमें अपनी भाषा को सशक्त बनाना होगा। भाषा जितनी समृद्ध और सशक्त होगी, हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास भी उतना ही मजबूत होगा। हिंदी दिवस के इस विचार गोष्ठी में मनीषा नांदल, मुकेश लता, रितु, सुमन, अंजु कक्कड़, राजबीर, संजय कुमार व प्रदीप शर्मा ने भाग लिया।

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