
चाईबासा: सारंडा एवं कोल्हान वन क्षेत्र के 14 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की दिशा में पहल तेज
उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई विस्तृत समीक्षा बैठक, नवंबर माह के अंत तक अंतिम प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा एवं कोल्हान वन क्षेत्र में अवस्थित कुल 14 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक पहल तेज कर दी गई है. इसी क्रम में जिला समाहरणालय स्थित उपायुक्त प्रकोष्ठ में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अभिरूप सिन्हा, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार एवं अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक के दौरान जिले के सारंडा एवं कोल्हान वन क्षेत्र में अवस्थित वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किए जाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. इस क्रम में उपलब्ध मानचित्र, वनग्राम अधिसूचना से संबंधित दस्तावेज, प्लॉटिंग रिकॉर्ड तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की समीक्षा करते हुए वास्तविक स्थिति का आकलन करने पर विशेष जोर दिया गया.
उपायुक्त मनीष कुमार ने अपर उपायुक्त एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वनग्रामों से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों, मानचित्रों एवं अन्य दस्तावेजों का विस्तृत सर्वेक्षण एवं सत्यापन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का समुचित अध्ययन करते हुए नवंबर माह के अंत तक अंतिम प्रतिवेदन जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि आगे की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित की जा सके.
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं वन अधिकार अधिनियम- 2006 तथा इसके अंतर्गत अधिसूचित नियमों के प्रावधानों के अनुरूप वन क्षेत्रों में निवास करने वाले पात्र व्यक्तियों एवं समुदायों के वन अधिकारों को मान्यता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है. इसके तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकारों के पट्टे निर्गत किए जाने के साथ-साथ वनग्रामों को चिह्नित कर उन्हें राजस्व ग्राम में परिवर्तित किए जाने का भी प्रावधान है. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस दिशा में सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं तकनीकी पहलुओं का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में कुल 14 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किए जाने के संदर्भ में चिह्नित किया गया है. इनमें सारंडा वन क्षेत्र के 10 वनग्राम- थोलकोवाद, तिरिलपोसी, नवागांव-1, नवागांव-2, बिटकल सोय, दीघा, बलिवा, करमपदा, बनगांव एवं कुमुदी शामिल हैं. वहीं कोल्हान वन क्षेत्र के अंतर्गत तुम्बाहाका, राजाबासा, रंगामाटी एवं हुसुपी सहित 4 वनग्राम शामिल हैं.
जिला प्रशासन द्वारा इस प्रक्रिया में उपलब्ध अभिलेखों के समुचित सत्यापन, भौगोलिक स्थिति के आकलन एवं संबंधित नियमों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने से संबंधित आगे की कार्रवाई तथ्यात्मक एवं नियमानुकूल आधार पर सुनिश्चित की जा सके.