
शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने और हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी क्रम में पुष्पराजगढ़ विकासखंड के ग्राम गिरारी खुर्द निवासी ओम प्रकाश की सफलता इसी सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 अंतर्गत वाटरशेड विकास परियोजना के माध्यम से ओम प्रकाश को आजीविका गतिविधि के लिए 44 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। प्राप्त सहायता से उन्होंने कंप्यूटर एवं फोटोकॉपी की दुकान के लिए आवश्यक सामग्री क्रय कर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।
परियोजना से सहायता प्राप्त होने के पूर्व ओम प्रकाश की दुकान से लगभग 1,000 रुपये प्रतिमाह की आय होती थी। शासकीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने व्यवसाय के विस्तार के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की, जिससे दुकान पर ग्रामीणों को कंप्यूटर एवं फोटोकॉपी जैसी आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होने लगीं।
व्यवसाय के विस्तार का सीधा सकारात्मक प्रभाव उनकी आय पर पड़ा। वर्तमान में ओम प्रकाश को अपनी दुकान से लगभग 5,500 रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार उनकी मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
ओम प्रकाश के लिए यह पहल केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। गांव में ही कंप्यूटर एवं फोटोकॉपी की सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए पुष्पराजगढ़ जाने की आवश्यकता कम हुई है, जिससे उनका समय और आवागमन का खर्च भी बच रहा है।
ओम प्रकाश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का धन्यवाद देते हुए कहा कि शासकीय सहायता से उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। अब वह अपने व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से संचालित कर परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों को आधुनिक तकनीकी सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल रहा है। ओम प्रकाश की यह सफलता शासकीय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण की सार्थक तस्वीर प्रस्तुत करती है। 44 हजार रुपये की सहायता से शुरू हुआ व्यवसाय आज उनकी बढ़ी हुई आय, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार बन गया है।
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