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धारचूला में जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप, पूर्व प्रधान राजेंद्र ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
धारचूला। जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर देहात के पूर्व प्रधान राजेंद्र ने ग्रामीणों के साथ उपजिलाधिकारी (एसडीएम) धारचूला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में विक्रम पारिक सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि देहात क्षेत्र के विभिन्न तोकों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य तो दिखाए गए, लेकिन अधिकांश कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि बिना गुणवत्तापूर्ण कार्य के ही संबंधित विभागों द्वारा भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
पूर्व प्रधान राजेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार की "हर घर नल, हर घर जल" योजना को अधिकारी और ठेकेदार मिलकर विफल कर रहे हैं। उनका आरोप है कि देहात के अधिकांश तोकों में आज भी पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं है और ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर ठेकेदारों द्वारा स्टैंड पोस्ट तो बनाए गए हैं, लेकिन उनमें न तो नल लगाए गए हैं और न ही पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके बावजूद करोड़ों रुपये के कार्यों का भुगतान कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर देहात क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो धारचूला में व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।
नोट: ये आरोप ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों और पूर्व प्रधान द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया आना शेष है।