
बाबा नीब करौरी से जुड़े धार्मिक स्थलों को मिलेगा पर्यटन सर्किट का स्वरूप
हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट में शामिल, 12.93 करोड़ रुपये से विकसित होंगी पर्यटक सुविधाएं
लखनऊ। बाबा नीब करौरी से जुड़े धार्मिक स्थलों को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित इस सर्किट के जरिए बाबा नीब करौरी से जुड़े प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे श्रद्धालुओं के साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को इन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित पर्यटन सर्किट में फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव और फर्रुखाबाद स्थित नीब करौरी आश्रम धाम मंदिर समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही राजधानी लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी इस सर्किट का हिस्सा बनाया गया है।
पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विकास और उन्हें बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए करीब 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इसके तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के साथ ही उन्हें एक व्यवस्थित पर्यटन मार्ग से जोड़ने की योजना है।
दिल्ली-लखनऊ से चलेंगे पर्यटन पैकेज
योजना के तहत दिल्ली और लखनऊ से पर्यटन पैकेज संचालित करने की भी तैयारी है। इन पैकेजों के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बाबा नीब करौरी से जुड़े विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जा सकेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
बाबा नीब करौरी से जुड़े स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित किए जाने से उत्तर प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की संभावना है। योजना के अमल में आने के बाद श्रद्धालुओं को एक ही यात्रा में इन प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन की सुविधा मिल सकेगी।