
अमहरा थाना से जुड़े वायरल वीडियो को लखीसराय पुलिस ने बताया भ्रामक, दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज
लखीसराय। अमहरा थाना से संबंधित एक वायरल वीडियो को लेकर लखीसराय पुलिस ने बुधवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए वीडियो में लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान सामने आए वीडियो में एक युवक द्वारा अमहरा थाना के पुलिसकर्मी पर कई आरोप लगाए गए थे, जिन्हें पुलिस ने भ्रामक बताया है।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 14 सितंबर की रात छोटू पासवान, पिता स्व. रामवृक्ष पासवान, निवासी साठो थाना अमहरा ने सरकारी नंबर पर सूचना दी थी कि अमहरा मुसहरी के पास कुछ लोग शराब के नशे में हंगामा कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के लिए अमहरा थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान छोटू कुमार वहां से भाग गया। थाने लाकर दोनों व्यक्तियों की जांच की गई, लेकिन किसी के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें परिजनों के साथ मुक्त कर दिया गया।
इसके बाद 15 सितंबर की रात करीब 9 बजे अमहरा चौक पर छोटू पासवान द्वारा पिछली घटना को लेकर हंगामा किए जाने की बात पुलिस ने बताई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गश्ती दल के गृह रक्षक ने उसे शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वह उलझ गया और वीडियो बनाकर पुलिस पर आरोप लगाने लगा। सूचना मिलने पर अन्य पुलिस पदाधिकारी और बल भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान छोटू पासवान और उसके भाई रविंद्र पासवान द्वारा पुलिस पदाधिकारियों एवं बल के साथ अभद्र व्यवहार, अनावश्यक बल प्रयोग तथा धक्का-मुक्की की गई। मामले में अमहरा थाना कांड संख्या 91/26 दर्ज किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि छोटू पासवान के खिलाफ अमहरा थाना में पहले से कांड संख्या 96/25 (दंगा) और कांड संख्या 98/25 (हत्या के प्रयास) दर्ज हैं। दोनों मामलों में उसके विरुद्ध आरोप पत्र भी समर्पित किया जा चुका है।
लखीसराय पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर आम लोगों से अपील की है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के इस तरह के भ्रामक वीडियो को शेयर या उस पर प्रतिक्रिया न दें और पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें।