
अवैध शराब पर शिकंजा कसने की तैयारी, देवास जिले में दो विशेष टीमें गठित; 30 नवंबर तक चलेगा अभियान
कलेक्टर नेहा मीना ने आबकारी विभाग को दिए सख्त निर्देश, रोजाना होगी गश्त और औचक जांच; अवैध निर्माण से लेकर परिवहन तक पर रहेगी नजर
देवास। चंदाना-बिंजाना शराब कांड के बाद जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है। कलेक्टर नेहा मीना ने जिलेभर में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग की दो विशेष जांच टीमें गठित की हैं। इन टीमों को 30 नवंबर तक सघन जांच और कार्रवाई अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभियान के तहत जिले के सभी आबकारी वृत्तों को दो हिस्सों में बांटकर जिम्मेदारी तय की गई है। पहले दल का प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप कनासे को बनाया गया है। इस दल के दायरे में देवास-अ, देवास-ब, देवास-स, टोंकखुर्द और सोनकच्छ वृत्त रहेंगे।
वहीं दूसरे दल की कमान सहायक जिला आबकारी अधिकारी महेश पटेल को सौंपी गई है। इस दल के कार्यक्षेत्र में बागली-अ, बागली-ब, कन्नौद और खातेगांव वृत्त शामिल किए गए हैं।
रोजाना गश्त, मुखबिरों की सूचना पर तत्काल कार्रवाई
कलेक्टर ने दोनों दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन गश्त करने और जरूरत के मुताबिक अचानक जांच करने के निर्देश दिए हैं। अवैध शराब बनाने, जमा करने, बेचने और परिवहन करने वालों पर निगरानी रखी जाएगी। मुखबिरों से मिलने वाली सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई होगी। महत्वपूर्ण मामलों की वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर समीक्षा भी की जाएगी।
शराब की कीमतों पर भी रहेगी नजर
विशेष अभियान में केवल अवैध शराब ही नहीं, बल्कि लाइसेंसी दुकानों पर निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) और अधिकतम विक्रय मूल्य (MRP) के पालन की भी जांच होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान जब्त की गई शराब की मात्रा और कार्रवाई का प्रतिदिन हिसाब लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भी कार्यालय में भेजनी होगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि विशेष जांच दलों की सक्रियता से जिले में अवैध शराब के कारोबार पर वास्तव में कितना अंकुश लगता है। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में कार्रवाई के आंकड़े और जमीनी परिणाम प्रशासन की सख्ती की असली तस्वीर सामने लाएंगे।