
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बेगूसराय में 20 बेंच गठित
बेगूसराय/बीके गुलशन: आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता और अधिकाधिक सुलहनीय मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय श्री ऋषिकांत ने की।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि 12 सितंबर को वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसमें सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।
20 बेंचों का किया गया गठन
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 20 बेंच गठित किए गए हैं। इनमें 15 बेंच बेगूसराय मुख्यालय, चार बेंच अनुमंडल न्यायालय बखरी, मंझौल, तेघड़ा और बलिया तथा एक बेंच बरौनी रेलवे न्यायालय में गठित किया गया है।
इसके अलावा ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए दिनकर भवन में तीन विशेष बेंच बनाए गए हैं।
ई-चालान से लेकर बैंक ऋण तक मामलों का होगा निष्पादन
राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर 1 सितंबर 2026 से ही प्री-लिटिगेशन एवं प्री-सिटिंग के माध्यम से मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएलएसए के एडीआर भवन में प्रतिदिन विशेष बेंच के माध्यम से ई-चालान, न्यायालय संबंधी मामले, बैंक ऋण, विद्युत, नापतौल, चेक बाउंस सहित विभिन्न सुलहनीय मामलों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।
5 हजार से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में 5,000 से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। आम लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करने के लिए पारा विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है।
पीएलवी लोगों को उनके सुलहनीय मामलों के समाधान के लिए 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
समय और धन दोनों की होगी बचत
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिले के नागरिकों से अपील की कि जिनके मामले सुलहनीय हैं, वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने मामलों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराएं।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निष्पादन आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा आपसी सद्भाव भी बना रहता है।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश श्री करूणानिधि प्रसाद ने भी मीडिया कर्मियों से राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
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