
रक्षाबंधन से जन्माष्टमी तक जिले में होंगे विविध आयोजन
स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मंदिरों, गौशालाओं और धार्मिक स्थलों पर आयोजित होंगी विशेष गतिविधियां
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शासन के निर्देशानुसार रक्षाबंधन, बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिले में विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 10 अगस्त को हुई बैठक के निर्देशों के तहत संबंधित विभागों को निर्धारित तिथियों पर आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को ‘एक राखी-एक संकल्प’, ‘रक्षा सूत्र-एक राखी-एक रिश्ता’ और ‘पेड़ को राखी’ जैसी गतिविधियां जनसहयोग से आयोजित की जाएंगी। स्कूलों में प्रकृति संरक्षण पर कहानी एवं पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी होंगी।
2 सितंबर को बलराम जयंती पर कृषि महोत्सव आयोजित कर पारंपरिक कृषि कला, आधुनिक कृषि उपकरण, बीज एवं प्राकृतिक खेती पर प्रदर्शनी-सह-संवाद किया जाएगा।
4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर स्कूलों में मटकी एवं बांसुरी प्रतियोगिता, जीवंत झांकियां, भाषण प्रतियोगिता तथा बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुतियां कराई जाएंगी।
29 अगस्त से 4 सितंबर तक बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक शालाओं में बच्चों के लिए विशेष पोषण आहार की व्यवस्था भी की जाएगी।
जिले के कृष्ण मंदिरों, मठों एवं देवालयों का विशेष श्रृंगार, स्वच्छता अभियान, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन-कीर्तन, बांसुरी वादन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, झांकियां, दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक आरती सहित विभिन्न आयोजन होंगे। जिला जेल में भी भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जनजातीय क्षेत्र के छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में भजन, श्रीकृष्ण वेशभूषा, चित्रकला, बांसुरी वादन एवं ग्रामीण संस्कृति से जुड़ी गतिविधियां होंगी। गौशालाओं में स्वच्छता, गौ-रक्षा सूत्र एवं पशु स्वास्थ्य परीक्षण के शिविर आयोजित किए जाएंगे।
शासन ने प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तिमय वातावरण तैयार करने, श्रीकृष्ण के विभिन्न प्रसंगों एवं आख्यानों पर आधारित पुस्तक के प्रकाशन तथा युवाओं को इससे जोड़ने के लिए स्कूलों में वितरण की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही कांवड़ यात्रा मार्ग पर जनसुविधा, सुरक्षा एवं दुर्घटना रोकथाम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है।