
*थाना नारायण विहार में गूंजी बच्चों की किलकारियां: एनजीओ के बच्चों ने जाना पुलिस का कामकाज, बाल विवाह के खिलाफ नाटक मंचन कर जीता दिल*
• एसएचओ गुंजन सोनी की पहल: बच्चों को आसान भाषा में समझाए नए कानून, पॉक्सो और साइबर सुरक्षा के नियम; चॉकलेट और रिफ्रेशमेंट पाकर खिले मासूमों के चेहरे
जयपुर :कमलेश आमेटा,23 जून राजधानी के जयपुर दक्षिण जिला अंतर्गत पुलिस थाना नारायण विहार में बच्चों और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने और उन्हें कानून के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से एक अनूठा और बेहद सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। थानाधिकारी गुंजन सोनी की विशेष पहल पर एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) से आए बच्चों को थाने का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
इस दौरान जहां एक ओर बच्चों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से देखा, वहीं दूसरी ओर अपनी शानदार नाट्य प्रस्तुति के जरिए समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूक रहने का बड़ा संदेश भी दिया।
*एफआईआर से लेकर लॉकअप तक... आसान भाषा में समझी पुलिसिंग*
थाने पहुंचे बच्चों को पुलिस के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था को समझाने के लिए पूरे परिसर का दौरा कराया गया। एसएचओ गुंजन सोनी और थाना स्टाफ ने बच्चों को बेहद दोस्ताना माहौल में पुलिस की कार्यप्रणाली सिखाई। जिसमे बच्चों को बताया गया कि एफआईआर क्या होती है और इसे कैसे दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही बच्चों को थाने का लॉकअप और एसएचओ सहित बाकी स्टाफ की दैनिक वर्किंग स्टाइल को भी दिखाया गया, जिसे देखकर बच्चे खासे रोमांचित नजर आए।
*साइबर सेफ्टी, पॉक्सो और नए कानूनों की मिली पाठशाला*
आज के डिजिटल युग को देखते हुए थानाधिकारी गुंजन सोनी ने बच्चों को साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक टिप्स दिए, ताकि वे ऑनलाइन गेमिंग या इंटरनेट सर्फिंग के दौरान किसी ठगी या जालसाजी का शिकार न हों। इसके अलावा बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने के लिए पॉक्सो एक्ट, कम्युनिटी सर्विस और देश में लागू हुए नए कानूनों के बारे में बेहद सरल और सुबोध भाषा में जानकारी दी गई, ताकि वे निडर होकर अपनी बात पुलिस के सामने रख सकें।
*बाल विवाह के खिलाफ बच्चों का थिएटर: खूब बजीं तालियां*
इस विजिट का सबसे आकर्षक और भावुक कर देने वाला पल वह था, जब एनजीओ के बच्चों ने थाने के भीतर ही बाल विवाह की रोकथाम के विषय पर एक बेहतरीन और मार्मिक नाट्य रूपांतरण पेश किया। बच्चों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह दिखाया कि कैसे बाल विवाह मासूमों के बचपन और उनके सुनहरे भविष्य को छीन लेता है। बच्चों की इस शानदार और जागरूक प्रस्तुति को देखकर एसएचओ सोनी और मौजूद पुलिस स्टाफ ने खड़े होकर तालियां बजाईं और बच्चों की इस अनूठी सोच की जमकर सराहना की।
*चॉकलेट और रिफ्रेशमेंट पाकर खिले बच्चों के चेहरे*
कार्यक्रम के समापन पर पुलिस का एक बेहद मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया। थानाधिकारी गुंजन सोनी द्वारा सभी आगंतुक बच्चों को चॉकलेट्स, स्नैक्स और रिफ्रेशमेंट बांटे गए। पुलिस अंकल और आंटी से मिले इस लाड़-प्यार और उपहारों को पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। बच्चों ने जाते-जाते कहा कि पहले उन्हें पुलिस से डर लगता था, लेकिन अब पुलिस उनकी सबसे अच्छी दोस्त बन गई है।
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