
बाल श्रम के खिलाफ चलेगा नियमित अभियान, 6 बाल श्रमिक कराए गए विमुक्त
लखीसराय। बाल श्रम उन्मूलन, पुनर्वास एवं कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं की समीक्षा को लेकर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें बाल श्रम के खिलाफ अभियान, विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास, नियोजकों पर कार्रवाई, मुआवजा राशि की वसूली समेत कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में चलाए गए अभियान के दौरान प्रतिष्ठानों, दुकानों एवं अन्य कार्यस्थलों से छह बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया। छह बाल श्रमिकों के नियोजन के मामले में पांच नियोजकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। नियोजकों से निर्धारित 20 हजार रुपये प्रति बाल श्रमिक की दर से कुल 1.20 लाख रुपये मुआवजा राशि पुनर्वास-सह-कल्याण कोष में जमा कराई गई है। विमुक्त बाल श्रमिकों के सत्यापन और पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त 80 लाख रुपये के आवंटन में से 79.95 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आवंटन के अभाव में 57 पीड़ित लाभार्थियों का भुगतान लंबित है।
समीक्षा में डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय, बिहरोरा की क्षमता 400 से घटाकर वर्तमान में 250 किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं डॉ. आंबेडकर कल्याण छात्रावास, खगौर-किऊल में बिजली व्यवस्था के कारण संचालन प्रभावित होने पर डीएम ने बिजली विभाग से समन्वय कर जल्द व्यवस्था दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
महादलित टोला में सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड निर्माण की 31 योजनाओं में 21 कार्य पूर्ण, तीन रद्द और एक विवादित है। अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या प्लस-2 विद्यालय योजना में इस वित्तीय वर्ष में 174 छात्राओं का नामांकन हुआ है। जननायक कर्पूरी ठाकुर कल्याण छात्रावास में 100 स्वीकृत सीटों के विरुद्ध 39 छात्रों का नामांकन हुआ है।
डीएम ने बाल श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए नियमित निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाने तथा विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी सुमित कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी अश्विनी कुमार चौबे, डीईओ यदुवंश राम समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।