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धारचूला में खुशी की लहर: अब सालभर होंगे आदि कैलाश के दर्शन, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां धारचूला। सीमांत क्षेत्र धारचूला के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी पहल पर अब प्रतिकूल मौसम एवं आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर आदि कैलाश यात्रा को वर्षभर संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई ने संबंधित विभागों को व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप श्रद्धालुओं की आस्था, जनभावनाओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आदि कैलाश यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ आदि कैलाश यात्रा का भी प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि दोनों यात्राएं बिना किसी बाधा के संचालित हो सकें। जिला प्रशासन ने सड़क, पेयजल, विद्युत, संचार, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, आवास, भोजन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय से यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षभर यात्रा संचालन से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस क्षेत्र में पर्यटन ने अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ी है। उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी के अनुसार वर्ष 2023 में जहां 17,408 पर्यटक आदि कैलाश पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,25,277 हो गई। चालू वर्ष में अब तक 76,930 से अधिक पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं और वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा डेढ़ लाख से अधिक होने का अनुमान है। पर्यटन में आई इस तेजी का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को भी मिला है। क्षेत्र में 550 से अधिक होमस्टे संचालित हो रहे हैं, जिनसे स्थानीय परिवारों को रोजगार और आजीविका का सशक्त माध्यम मिला है। होमस्टे के साथ-साथ स्थानीय लोग परिवहन, भोजन, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन गतिविधियों से भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। वर्षभर आदि कैलाश यात्रा संचालित होने की इस पहल को सीमांत क्षेत्र के विकास, धार्मिक पर्यटन के विस्तार और स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परन्तु बहुत सारी व्यवस्थाएं भी मुंह ताक रहीं हैं सड़क खस्ताहाल है विधूत विहीन है शौचालय नदारद यात्रा मार्ग जगह जगह जानलेवा पर सरकार इस पर भी ध्यान दें तो स्वागत करेगी जनता सडक भी पास करनी जरूरी है वरना हादसा हुआ तो कोन जिम्मेदार सब प्रश्न खड़े हैं यात्रा चलाने से पहले सब चर्चा ओर काम हो । DCL news

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धारचूला में एसआईआर शिविर जारी, नोटिसों के बाद लोगों में बढ़ी हलचल; 11 अगस्त तक चलेगा दस्तावेज सत्यापन अभियान

धारचूला। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत धारचूला में लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। नोटिस जारी होने के बाद लोगों में अपने दस्तावेजों को लेकर काफी हलचल देखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर एडीओ पंचायत, बीडीओ, आरओ और एआरओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

आज सूवा, लूरकोट, तांतर, रांथी, खोतेला सहित अन्य ग्रामों के मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया गया। जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं, उनके आवश्यक दस्तावेज लेकर त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही नोटिस प्राप्त मैप्ड और अनमैप्ड मतदाताओं से भी आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं।

एडीओ पंचायत ने बताया कि यह अभियान 11 अगस्त तक लगातार चलेगा। अलग-अलग तिथियों में विभिन्न गांवों और तोकों के लिए ब्लॉक सभागार में एसआईआर शिविर लगाए जा रहे हैं।

वहीं, नगर पालिका क्षेत्र के मतदाताओं के लिए भी तहसील सभागार में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में बूथवार दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं तथा विसंगतियों, मैप्ड और अनमैप्ड मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।

प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से उपलब्ध कोई एक वैध दस्तावेज समय रहते जमा कर दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई पात्र मतदाता निर्धारित समय में दस्तावेज जमा नहीं करता है, तो उसे बाद में फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करना पड़ सकता है। इसलिए सभी लोग अपने-अपने बीएलओ अथवा संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा करें।

समाचार धारचूला में एसआईआर शिविर जारी, नोटिसों के बाद लोगों में बढ़ी हलचल; 11 अगस्त तक चलेगा दस्तावेज सत्यापन अभियान धारचूला। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत धारचूला में लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। नोटिस जारी होने के बाद लोगों में अपने दस्तावेजों को लेकर काफी हलचल देखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर एडीओ पंचायत, बीडीओ, आरओ और एआरओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। आज सूवा, लूरकोट, तांतर, रांथी, खोतेला सहित अन्य ग्रामों के मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया गया। जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं, उनके आवश्यक दस्तावेज लेकर त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही नोटिस प्राप्त मैप्ड और अनमैप्ड मतदाताओं से भी आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। एडीओ पंचायत ने बताया कि यह अभियान 11 अगस्त तक लगातार चलेगा। अलग-अलग तिथियों में विभिन्न गांवों और तोकों के लिए ब्लॉक सभागार में एसआईआर शिविर लगाए जा रहे हैं। वहीं, नगर पालिका क्षेत्र के मतदाताओं के लिए भी तहसील सभागार में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तहसीलदार एवं संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में बूथवार दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं तथा विसंगतियों, मैप्ड और अनमैप्ड मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेजों में से उपलब्ध कोई एक वैध दस्तावेज समय रहते जमा कर दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई पात्र मतदाता निर्धारित समय में दस्तावेज जमा नहीं करता है, तो उसे बाद में फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करना पड़ सकता है। इसलिए सभी लोग अपने-अपने बीएलओ अथवा संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा करें।

Dharchula, Pithoragarh | Aug 6, 2026

पुस्तक विमोचन जिला अधिकारी पिथोरागढ़

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Dharchula, Pithoragarh | Jul 30, 2026

सिंचाई विभाग संज्ञान लें।

सिंचाई विभाग संज्ञान लें।

Dharchula, Pithoragarh | Jul 30, 2026

उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने काटा रिबन। व्यापारी उत्साह से लवरेज। #dmpithoragarh #sdmdharchula #indian #china Ashish Bhatgain Hemant Pandey

उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने काटा रिबन। व्यापारी उत्साह से लवरेज। #dmpithoragarh #sdmdharchula #indian #china Ashish Bhatgain Hemant Pandey

Dharchula, Pithoragarh | Jul 30, 2026

धारचूला 
शिक्षकों ने दिया ज्ञापन।

नदीम परवेज़ धारचूला 

स्लग: टीईटी से छूट और पुरानी पेंशन की मांग, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

धारचूला। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, विकासखंड धारचुला ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार के नाम उपजिलाधिकारी (एसडीएम) धारचुला के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में टीईटी की अनिवार्यता से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने, आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को इसके प्रावधानों से छूट देने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग उठाई गई।

शिक्षक संगठन ने ज्ञापन में कहा कि उच्चतम न्यायालय के 1 नवंबर 2025 के निर्णय के अनुरूप वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। साथ ही आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी इसके प्रावधानों से छूट प्रदान की जाए। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की भी मांग की।

ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट नहीं दी गई और पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की गई, तो शिक्षक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षक सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी तैयारी संगठन ने कर ली है।

इस दौरान संगठन के अध्यक्ष हीरा सिंह बम, मंत्री महावीर सिंह धामी, कोषाध्यक्ष आभा फगलियाल, कमला जोशी, तुलसी जोशी, फरहत तबस्सुम, जसोदा नबियाल टी एस गरबियाल, जीवन बिस्ट, निधी वरमा, जशोदा रोतेला पुष्पा  गुरगँ, पुष्पा सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

धारचूला शिक्षकों ने दिया ज्ञापन। नदीम परवेज़ धारचूला स्लग: टीईटी से छूट और पुरानी पेंशन की मांग, शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन धारचूला। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, विकासखंड धारचुला ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार के नाम उपजिलाधिकारी (एसडीएम) धारचुला के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में टीईटी की अनिवार्यता से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने, आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को इसके प्रावधानों से छूट देने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग उठाई गई। शिक्षक संगठन ने ज्ञापन में कहा कि उच्चतम न्यायालय के 1 नवंबर 2025 के निर्णय के अनुरूप वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। साथ ही आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी इसके प्रावधानों से छूट प्रदान की जाए। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की भी मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट नहीं दी गई और पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की गई, तो शिक्षक चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षक सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी तैयारी संगठन ने कर ली है। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष हीरा सिंह बम, मंत्री महावीर सिंह धामी, कोषाध्यक्ष आभा फगलियाल, कमला जोशी, तुलसी जोशी, फरहत तबस्सुम, जसोदा नबियाल टी एस गरबियाल, जीवन बिस्ट, निधी वरमा, जशोदा रोतेला पुष्पा गुरगँ, पुष्पा सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

Dharchula, Pithoragarh | Jul 10, 2026