
बाढ़ प्रभावित गांव में अधिकारियों ने लिया स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा
नाव से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची टीम, गर्भवती महिलाओं की निगरानी और समय से भर्ती कराने के निर्देश
कासगंज, 10 सितंबर। जनपद कासगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम नगला जय किशन में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अलीगढ़ मंडल के एडी डॉ. नीरज त्यागी एवं जेडी डॉ. देवेन्द्र वार्ष्णेय ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।
स्वास्थ्य शिविर में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही थीं। अधिकारियों ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंजडुंडवारा डॉ. आकाश सिंह, जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (DCPM) कुंवरपाल सिंह, बीसीपीएम चंद्रिका प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। वहीं नायब तहसीलदार रोहत सक्सेना, ग्राम प्रधान, लेखपाल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ताओं से भी अधिकारियों ने क्षेत्र की स्थिति को लेकर जानकारी प्राप्त की।
नाव से प्रभावित क्षेत्रों का किया भ्रमण
बाढ़ के कारण कई स्थानों पर सड़क एवं आवागमन के मार्ग प्रभावित होने के चलते अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नाव के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, आवश्यक दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत के बारे में जानकारी ली गई।
गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान डॉ. आकाश सिंह को निर्देश दिए गए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रही सभी गर्भवती महिलाओं की सूची तत्काल तैयार की जाए। जिन महिलाओं की प्रसव की संभावित तिथि (EDD) निकट है, उनका विशेष रूप से चिन्हांकन करते हुए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने निर्देशित किया कि जिन गर्भवती महिलाओं की प्रसव की संभावित तिथि आगामी दिनों में है, उन्हें बाढ़ एवं आवागमन की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए संभावित प्रसव तिथि से तीन से चार दिन पूर्व संबंधित स्वास्थ्य संस्थान अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रसव के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफरल एवं एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दवाइयों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर रखने के निर्देश
अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने तथा गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करने को कहा गया।
अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं अन्य संवेदनशील लोगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. नीरज त्यागी, डॉ. देवेन्द्र वार्ष्णेय, नायब तहसीलदार रोहत सक्सेना, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आकाश सिंह, DCPM कुंवरपाल सिंह, BCPM चंद्रिका प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।