
उत्तर प्रदेश के मेरठ के सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर 2 दलित-गुर्जर नेताओं को थर्ड डिग्री देने के गंभीर आरोप, दिग्विजय सिंह और मोहित जाटव ने लगाया अमानवीय पिटाई का आरोप; SSP अविनाश पांडे के ‘कहने भर’ पर बड़ा रिस्क लेने की चर्चा, कांवड़ के दौरान गौड़ की गलती पर SSP ने कथित तौर पर डाला था पर्दा; अब ADG भानु भास्कर ने सहारनपुर DIG अभिषेक सिंह को सौंपी जांच!
किसान नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और दलित नेता मोहित जाटव के साथ कथित पुलिस बर्बरता का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान ने दोनों नेताओं के साथ प्रेसवार्ता कर तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय और सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ SC-ST सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हो और जरूरत पड़ने पर उनकी मानसिक स्थिति की भी जांच कराई जाए।
अतुल प्रधान ने कहा कि वह इस मामले को लखनऊ विधानसभा में उठाएंगे। इसके साथ ही SC-ST आयोग, मानवाधिकार आयोग और मेरठ जोन के ADG के सामने भी शिकायत रखी जाएगी। उन्होंने मांग की कि अविनाश पांडेय की अब तक जिन-जिन जिलों में तैनाती रहे हैं, वहां उनके कार्याकाल से जुड़े विवादित मामलों की भी जांच कराई जाए।
दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव का आरोप है कि दोनों करीब 12 घंटे तक पुलिस हिरासत में रहे। दोनों का दावा है कि वे 19 अगस्त को SSP कार्यालय में अपनी सफाई देने पहुंचे थे। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से SSP कार्यालय की ओर से उन्हें बातचीत के लिए फोन आ रहे थे। आरोप के मुताबिक, SSP कार्यालय पहुंचने के बाद माहौल बदल गया और एसएसपी के आदेश पर पुलिसकर्मियों ने दोनों को पकड़ लिया। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि इसके बाद उन्हें उनके ऑफिस के पर्सनल एक कमरे में ले जाकर मारपीट की गई। उनका दावा है कि बाद में मुंह ढककर उन्हें SOG कार्यालय ले जाया गया, जहां हाथ-पैर बांधकर उल्टा लटका कर मारपीट की गई।
उन्होंने कहा कि हमने हाथ जोड़कर कहा कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं, ऐसा मत करो। यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मारपीट के दौरान अभद्र टिप्पणियां कीं। इस पूरे प्रकारण में पिटाई के पांच राउंड पूरे किए गए और उनकी चीखों को मोबाइल द्वारा एसएसपी को सुनाई गई। मीडिया के सामने अपने पूरी बात कहते हुए दो बार दिग्विजय भाटी रो पड़े और उनसे बोला तक नहीं गया।