गया में शहीदों की याद में गूंजा गयाजी, सिकरिया मोड़ से सीताकुंड तक निकली भव्य तर्पण यात्रा
गया। भारतीय सेना के वीर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से श्री रघुनंदन जी सेवा समिति गया जी के तत्वावधान में शुक्रवार को सिकरिया मोड़ से सीताकुंड तक भव्य तर्पण यात्रा निकाली गई। यात्रा में देश के अमर शहीदों की स्मृति को नमन करते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पूर्व सैनिक, समिति के सदस्य और अकादमी के बच्चे शामिल हुए। यात्रा के दौरान भारत माता, रानी लक्ष्मीबाई, शहीद भगत सिंह और अमर शहीद जवानों से जुड़ी आकर्षक झांकियां निकाली गईं।
यह आयोजन 27 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रहे श्रीमद्भागवत महापुराण साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का हिस्सा है। समिति की ओर से इस धार्मिक आयोजन को देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को समर्पित किया गया है। तर्पण यात्रा सिकरिया मोड़ से शुरू होकर सीताकुंड पहुंची, जहां शहीदों की स्मृति में तर्पण किया गया।
सेना में धर्मगुरु के रूप में कार्यरत सूबेदार संजीत तिवारी ने कहा कि यह कोई सामान्य यात्रा नहीं है, बल्कि देश के वीर सपूतों के सम्मान और गया के गौरव से जुड़ी यात्रा है। उन्होंने कहा कि श्री रघुनंदन जी सेवा समिति पिछले कई वर्षों से सैनिकों और शहीदों के सम्मान में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करती आ रही है। इस बार भी शहीद जवानों की स्मृति में भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के साथ तर्पण यात्रा का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि तर्पण यात्रा में देश के सभी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। विशेष रूप से वर्ष 2020 में गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों की स्मृति को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। गया के रहने वाले नायक पुरुषोत्तम और नायक सुनील भिजारती समेत अन्य वीर जवानों को भी इस अवसर पर श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
तर्पण यात्रा में निकाली गई झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। भारत माता की झांकी के साथ रानी लक्ष्मीबाई और भगत सिंह की झांकी के जरिए देश के वीर योद्धाओं के बलिदान और संघर्ष को प्रदर्शित किया गया। अमर शहीद जवानों के स्वरूप ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समिति से जुड़े रंजीत कुमार तिवारी ने बताया कि धार्मिक आयोजन के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ नई पीढ़ी को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा में शामिल बच्चों और युवाओं की भागीदारी को इसी उद्देश्य से महत्वपूर्ण बताया गया।
आयोजकों ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। तर्पण यात्रा के माध्यम से उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके परिवारों और पूरे देश के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया। चार अक्टूबर तक चलने वाले श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के दौरान भी शहीद जवानों की स्मृति में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।