दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली पर गरजा अभाविप, गया कॉलेज के मुख्य गेट पर CS का पुतला फूंका
परीक्षा अधीक्षक को पदमुक्त कर गिरफ्तारी की मांग, CCTV और डिजिटल रिकॉर्ड की वैज्ञानिक जांच कराने की उठी आवाज
गया: गया महाविद्यालय में आयोजित बिहार पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर सामने आए कथित अनियमितता एवं धांधली के आरोपों के विरोध में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) गया महानगर के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गया कॉलेज के मुख्य द्वार पर परीक्षा अधीक्षक (CS) का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ी होती हैं। अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत कर ऐसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धांधली की आशंका सामने आना गंभीर विषय है। संगठन ने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच को हर स्तर पर पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है।
जांच पूरी होने तक CS को पदमुक्त करने की मांग
अभाविप के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होने तक परीक्षा केंद्र के CS को पदमुक्त किया जाना चाहिए, ताकि जांच की प्रक्रिया प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि यदि जांच में CS की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है तो नियमानुसार गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। परीक्षा केंद्र के CCTV फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड, अभ्यर्थियों के प्रवेश और निकास का रिकॉर्ड, परीक्षा संचालन से जुड़े तकनीकी दस्तावेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित किया जाए। इसके बाद इन सभी की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके और किसी निर्दोष व्यक्ति पर आरोप न लगे।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : अभाविप
अभाविप के महानगर मंत्री आदित्य कुमार ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता अथवा लापरवाही प्रमाणित होती है तो उसके पद और प्रभाव की परवाह किए बिना कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कथित परीक्षा प्रकरण के कारण गया महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और छवि भी प्रभावित हुई है। ऐसे में यदि जांच में महाविद्यालय के किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है या किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
समयबद्ध जांच की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अभाविप ने प्रशासन से मांग की कि दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े पूरे मामले की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए। संगठन ने कहा कि जांच में किसी भी प्रकार का दबाव, पक्षपात अथवा लीपापोती छात्रों के हित में स्वीकार्य नहीं होगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना और अभ्यर्थियों के भविष्य की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो छात्रों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मोहित सिंह, विनायक सिंह, आदित्य मिश्रा, अमन शर्मा, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, आदर्श गुप्ता, सूर्यप्रताप सिंह, शशिकांत सिंह, निखिल कुमार, शिवशक्ति पांडेय, आयुष मिश्रा, प्रतिभा पांडेय, मुस्कान सिन्हा, शुभम, ऋतिक और आलोक कुमार सहित बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता एवं छात्र मौजूद रहे।