बरसात ने खोली सड़कों की पोल: मसूरी में गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा, टैक्सी कारोबार भी प्रभावित
पहाड़ों की रानी मसूरी में मानसून की पहली तेज बारिश ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है। शहर की कई प्रमुख सड़कें जगह-जगह उखड़ गई हैं और हालात ऐसे हैं कि लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और पर्यटन नगरी की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मसूरी पेट्रोल पंप से पिक्चर पैलेस चौक तक, सहित शहर के कई हिस्सों में सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे खासकर दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और सड़कों की यह स्थिति है, ऐसे में आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
हर वर्ष पर्यटन सीजन से पहले सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में सड़कें उखड़ जाना कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता, जिसका खामियाजा आम लोगों और पर्यटकों को भुगतना पड़ता है।
मसूरी किक्रेग टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि पहले से ही मसूरी-देहरादून मार्ग के बार-बार प्रभावित होने से टैक्सी कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। अब शहर के भीतर सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों से टैक्सी वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि हर साल सड़क निर्माण कराया जाता है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब होती है कि एक ही बरसात में सड़कें उखड़ जाती हैं। इससे वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और यात्रियों को भी असुविधा होती है। उन्होंने सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की कि क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और भविष्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी उत्तराखंड की प्रमुख पर्यटन नगरी है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। खराब सड़कें न केवल पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं, बल्कि शहर की नकारात्मक छवि भी प्रस्तुत कर रही हैं, जिसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि आम लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
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Mussoorie, Dehradun | Jul 30, 2026