**कृषक कल्याण वर्ष 2026' के तहत ग्राम बीजापुरी में 23वीं 'रात्रि चौपाल' आयोजित*
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*69 किसानों ने कराया प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन*
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*पशुपालन की मैत्री योजना से ग्रामीण युवाओं को अपने ही गांव में मिलेगी आजीविका*
बड़वानी 14 अक्टूबर 2026/कृषक कल्याण वर्ष 2026' के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग बड़वानी द्वारा ग्रामीण अंचलों में लगातार रात्रि चौपालों का आयोजन कर किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी श्रृंखला में सेंधवा विकासखंड के ग्राम बीजापुरी में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में 23वीं 'रात्रि चौपाल' का आयोजन किया गया।
*प्राकृतिक खेती की ओर कदम,69 किसानों ने कराया पंजीयन*
ग्राम बीजापुरी में आयोजित चौपाल के दौरान 'नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग (NMNF) के तहत प्राकृतिक खेती के पंजीयन एवं प्रमाणीकरण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। इस दौरान कृषि विभाग द्वारा बताया कि ग्राम पंचायत से ही 69 लोगों ने प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन कराया हैं। मिशन के तहत किसानों को दो मुख्य तरीकों से सहायता दी जा रही है:
• सीधी आर्थिक सहायता: प्राकृतिक खेती अपनाने पर किसानों को प्रति एकड़ ₹4,000 प्रति वर्ष (2 वर्षों तक) का प्रोत्साहन।
• बायो-इनपुट रिसो्रेस सेंटर (BRC): स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक खाद व जैविक कीटनाशक निर्माण केंद्र खोलने के लिए ₹1 लाख तक की सहायता एवं निःशुल्क प्रशिक्षण।
*पशुपालन अंतर्गत बकरीपालन एवं युवाओं के लिए स्वरोजगार ('मैत्री')*
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने खेती के पूरक व्यवसाय के रूप में उन्नत पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी।चौपाल में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने बकरी पालन योजना में विशेष रुचि दिखाई। बेरोजगार युवाओं को पशुपालन सेवाओं के विस्तार के लिए 'मैत्री' (MAITRI - Multipurpose Artificial Insemination Technician in Rural India) कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षित होकर कार्य करने की जानकारी दी, जिससे वे गांवों में ही पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर अपनी आजीविका का साधन अर्जित कर सकते हैं।
*कस्तूरी कॉटन, HDPS तकनीक और संतुलित उर्वरकों पर जोर*
चौपाल में किसानों को 'कस्तूरी कॉटन भारत' ब्रांड के मानकों की जानकारी दी गई। बताया गया कि गुणवत्तायुक्त कपास की प्रत्येक बेल पर जिनर्स को ₹500 प्रति बेल प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। इसके अलावा, कपास उत्पादन बढ़ाने हेतु एचडीपीएस (हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम) पद्धति, बेसल डोज, पोटाश एवं संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
*ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान*
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत भवन, स्कूल भवन तथा आंगनवाड़ी केंद्र भवन की समस्या से अवगत कराया। ज़िला प्रशासन द्वारा समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी प्राप्त कर,जल्द से जल्द नवीन स्वीकृति के माध्यम से निर्माण कार्य कराए जाने हेतु आश्वस्त किया।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ, कृषि,पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व, निर्माण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय सरपंचगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकगण उपस्थित रहे।
Department of Agriculture, Madhya Pradesh