*कहानी बदलाव की*
*प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम**
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*स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने स्थापित की दलिया एवं सेवई निर्माण इकाई*
महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ लगातार नए आयाम स्थापित कर रही हैं। जनपद पंचायत ठीकरी क्षेत्र के अंतर्गत 'प्रेरणा शक्ति स्व-सहायता समूह' की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के सहयोग से महिलाओं ने दलिया एवं सेवई निर्माण की आधुनिक इकाई स्थापित कर सफलता की एक नई कहानी लिखी रही है।
*10 लाख रुपये के ऋण से रखी उद्यम की नींव*
प्रेरणा शक्ति स्व-सहायता समूह की चार महिला सदस्यों ने मिलकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। योजना के तहत 10,00,000 रुपये का बैंक ऋण स्वीकृत कराकर समूह ने खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की। वर्तमान में समूह की 4 महिलाएँ इस इकाई का संचालन कर उच्च गुणवत्तायुक्त दलिया एवं सेवइयों का निर्माण और पैकिंग कर रही हैं।
' *गणेशाय' ब्रांड नेम से बाजार में पहचान*
महिलाएँ गेहूँ का प्रसंस्करण कर शुद्ध दलिया एवं स्वादिष्ट सेवइयाँ तैयार करती हैं। निर्मित उत्पादों को "गणेशाय" ब्रांड नाम से आकर्षक पैकेजिंग में बाजार में बिक्री हेतु उपलब्ध कराया जाता है। स्थानीय बाजारों और दुकानों पर 'गणेशाय' ब्रांड के दलिया व सेवइयों की माँग लगातार बढ़ रही है।
*रोजगार के साथ बढ़ा आत्मविश्वास*
इस पहल ने न केवल महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान किया है, बल्कि उनकी पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति को भी संबल दिया है।सदस्यों को नियमित आय का साधन प्राप्त हुआ है।प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव मिला है। समूह में कार्य करने से आपसी समन्वय और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है। ग्रामीण स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
*महिला सशक्तिकरण की मिसाल*
यह इकाई साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को उचित वित्तीय मार्गदर्शन और अवसर प्रदान किए जाएँ, तो वे सफल उद्यमी बन सकती हैं। प्रेरणा शक्ति स्व-सहायता समूह का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।