सलाम है इस जज्बे को: नेताओं ने दिए सिर्फ वादे, ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाकर खोद डाली सड़क!
"जब सिस्टम सो गया और सरकार के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए... तब उदयपुर के इस गांव ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि हौसले और एकजुटता के दम पर रास्ता कैसे बनाया जाता है!
यह कहानी है बड़गांव के पेली भागल गांव की। सालों तक यहां के आदिवासी परिवारों ने नेताओं और अफसरों के चक्कर काटे, गुहार लगाई, लेकिन पक्की सड़क के नाम पर मिला तो सिर्फ आश्वासन। पथरीला रास्ता और जानलेवा घाटी हर दिन इनकी हिम्मत की परीक्षा लेती थी।
लेकिन इस गांव ने हार मानना नहीं सीखा! ग्रामीणों ने प्रशासन के आगे हाथ फैलाना बंद किया, अपनी किस्मत खुद बदलने की ठानी। आपस में पाई-पाई जोड़कर चंदा जुटाया और हाथों में कुदाल-फावड़ा थामकर चट्टानों का सीना चीर दिया।
अपने पसीने और अटूट हिम्मत से ग्रामीणों ने खुद ही रास्ता तैयार कर डाला। सलाम है पेली भागल के ग्रामीणों के इस बुलंद जज्बे को, जिन्होंने साबित �