दुग्धम को 'वैली ऑफ मेडिसिनल प्लांट' के रूप में विकसित करने की पहल, किसानों को औषधीय खेती के लिए किया प्रेरित
लखीसराय। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार जनजातीय क्षेत्रों के बहुमुखी विकास की दिशा में कृषि विभाग, बिहार कृषि विश्वविद्यालय एवं उद्यान निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में सूर्यगढ़ा प्रखंड की बरियारपुर पंचायत के जनजातीय गांव दुग्धम, हदहदिया एवं हनुमान स्थान में किसानों के साथ औषधीय फसलों की खेती को लेकर बैठक आयोजित की गई।
बैठक का उद्देश्य दुग्धम क्षेत्र को "वैली ऑफ मेडिसिनल प्लांट" के रूप में विकसित करना तथा इसे जैविक ग्राम बनाने के लिए किसानों को प्रेरित करना था। इस दौरान किसानों को कालमेघ, तुलसी एवं केला की वैज्ञानिक खेती से होने वाले लाभ, बाजार की संभावनाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
संवाद कार्यक्रम के दौरान 17 किसानों ने 8.5 एकड़ भूमि में केला एवं कालमेघ की खेती करने की सहमति जताई, जबकि 6 किसानों ने 3 एकड़ भूमि में तुलसी की खेती करने की इच्छा व्यक्त की।
बैठक में जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन, सूर्यगढ़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी मंजुल मनोहर मधुप, प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल कुमार, राजस्व अधिकारी जयकांत जायसवाल तथा बरियारपुर पंचायत के मुखिया अभिषेक कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को औषधीय खेती अपनाकर आय बढ़ाने और क्षेत्र को जैविक खेती का मॉडल बनाने का आह्वान किया।
Lakhisarai, Lakhisarai | Jul 12, 2026