#चित्रकूट
जिलाधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने के दिए निर्देश
शासकीय सेवाओं की धरातलीय स्थिति परखने एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहाड़ी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की प्रशासनिक व चिकित्सकीय व्यवस्थाओं में कई खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधितों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरूआत पंजीकरण कक्ष से की गई, जहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों से दैनिक ओपीडी पंजीकरण की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। इसके पश्चात इमरजेंसी ड्यूटी कक्ष, इमरजेंसी वार्ड संख्या-1, आयुष्मान वार्ड, नियमित (परमानेंट) कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर तथा संविदा कर्मी उपस्थिति रजिस्टर का गहन अवलोकन व परीक्षण किया गया। वार्डों के निरीक्षण के दौरान मरीजों के लिए बेड की अनुपलब्धता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि अन्य वार्डों में रिक्त बेडों को तत्काल उपयोग में लाया जाए तथा 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर मरीजों को बेड आवंटित किए जाएं। बेडशीट पर दाग पाए जाने पर तथा खिड़कियों पर जमी धूल पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने बेड़ो की चादर बदलने तथा साफ सफाई व्यवस्था मे तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान 5 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि दोपहर 08:00 बजे से 02:00 बजे की अवधि में कोई भी कर्मचारी चिकित्सालय छोड़कर बाहर नहीं जाएगा।
उक्त के अतिरिक्त ग्राउंड फ्लोर पर अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राउंडफ्लोर के तीन सफाई कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संतोषजनक आख्या प्राप्त होने के पश्चात ही इनका वेतन बहाल किया जाए।
जिलाधिकारी ने समस्त नियमित, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों (स्वीपर सहित) को अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस कोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्वीपर्स के पास ड्रेस उपलब्ध नहीं है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ड्रेस उपलब्ध कराया जाए।
आउटसोर्सिंग कर्मचारी रजिस्टर के अवलोकन के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा उपस्थिति प्रमाणित (मार्क) न किए जाने पर जिलाधिकारी ने घोर प्रशासनिक शिथिलता मानते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि उपस्थिति पंजिका में सभी कर्मचारियों के हस्ताक्षर क्रमानुसार (सीरियल में) दर्ज हों
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को संपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र परिसर में उच्च स्तरीय साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था तथा मरीजों के लिए सुलभ जन-सुविधाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक शाहिद संबंधित चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे