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Ground Zero News

@anujhanumat
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जनपद चित्रकूट में निर्माणाधीन इको टूरिज्म आधारित थीम पार्क का जिलाधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण

जनपद चित्रकूट में पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु निर्माणाधीन "इको टूरिज्म आधारित थीम पार्क" का आज दिनांक 27 जून, 2026 को जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया।

उल्लेखनीय है कि उक्त परियोजना का निर्माण कार्य संस्था द्वारा ₹1176.97 लाख की स्वीकृत लागत से कराया जा रहा है। परियोजना का निर्माण कार्य माह सितम्बर, 2025 से प्रारम्भ होकर मार्च, 2027 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है।

परियोजना के अंतर्गत इको लॉज, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, नेचर ट्रेल, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, एम्फीथिएटर, पार्किंग, हॉर्टिकल्चर, सोलर लाइटिंग, एडवेंचर गेम्स, बाह्य विद्युतीकरण, जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्रीवाल, टॉयलेट ब्लॉक सहित अन्य पर्यटन अवसंरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति का अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना के सभी कार्यों में अपेक्षित गति लाई जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने, गुणवत्ता मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।

कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में निर्माण कार्यों की प्रगति को और अधिक गति प्रदान की जाएगी तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने हेतु आवश्यक सभी कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
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विधायक मऊ/मानिकपुर अविनाश चंद्र द्विवेदी, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा विकासखंड मानिकपुर की ग्राम पंचायत जारो माफी एवं छेरिया बुजुर्ग मजरा के ग्रामीणों की जन समस्याओं को सुना गया, जिसमें जारों माफी के ग्रामीणों ने वन विभाग मारकुंडी रेंज के अधिकारियों /कर्मचारियों द्वारा परेशान करने की समस्या से अवगत कराया गया जिस पर जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से कहा कि इसकी जांच कराकर आपको न्याय दिलाया जाएगा,छेरिहा बुजुर्ग के ग्रामीणों ने पेयजल विद्युत आवास आदि योजनाओं के संबंध में समस्याएं रखी

 जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी मानिकपुर से कहा कि कोल आदिवासी समुदाय के लिए मुख्यमंत्री आवास का कैंप लगाकर उन्हें सुविधा उपलब्ध कराई जाए । उन्होंने उप जिलाधिकारी मानिकपुर मोहम्मद जसीम से कहा कि जो भी समस्याएं हैं यहां की उन समस्याओं का निस्तारण कराया जाए

 विधायक मऊ /मानिकपुर ने जिलाधिकारी से कहा की मानिकपुर विकासखंड के अंतर्गत न्याय पंचायत किहुनिया ,उमरी, रामपुर, अमचुर नेरुवा में कैंप लगाकर शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
<nis:link nis:type=tag nis:id=चित्रकूट: nis:value=चित्रकूट: nis:enabled=true nis:link/> समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी की घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

राम मंदिर निर्माण के दौरान जिले ज़िले भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लिये गये चन्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने जांच की मांग उठाई 

उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

अनुज यादव ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर विषय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।

मंदिर परिसरों में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों और निगरानी व्यवस्था बढ़ाने की बात कही।
जिलाधिकारी चित्रकूट ने निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए कड़े निर्देश: CMIS पोर्टल पर 'पिंक श्रेणी' के कार्यों को तत्काल 'ग्रीन श्रेणी' में लाएं कार्यदायी संस्थाएं

 जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में आज कैंप कार्यालय में ₹50 लाख से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (CMIS) पोर्टल पर दर्ज कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने CMIS पोर्टल पर असंतोषजनक प्रगति के कारण 'पिंक कलर' (गुलाबी श्रेणी) में प्रदर्शित हो रहे कार्यों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए कि वे मैनपावर बढ़ाकर कार्यों की गति में तत्काल सुधार लाएं और आगामी समीक्षा से पूर्व इन परियोजनाओं को हर हाल में 'ग्रीन कलर' (हरित श्रेणी) में लाना सुनिश्चित करें।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जिन विकास परियोजनाओं के पूर्ण होने की निर्धारित समय-सीमा  समाप्त हो चुकी है, उनकी समय-सीमा के पुनरीक्षण की प्रक्रिया अविलंब पूर्ण कर पोर्टल पर अपडेट की जाए।
 
उन्होंने कहा कि स्वीकृत एवं अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष जिन परियोजनाओं में व्यय प्रतिशत  कम है, उनमें तेजी लाते हुए उपभोग प्रमाण-पत्र  और पोर्टल के डाटा को तत्काल अपडेट किया जाए।
 
 शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित विभाग को परियोजना हस्तांतरित  करने की तिथि अनिवार्य रूप से CMIS पोर्टल पर अंकित की जाए। 

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सचेत करते हुए कहा कि इन निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में कृत कार्रवाई की प्रगति समीक्षा अगली  बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मारकुंडी थाना में संपन्न हुआ थाना समाधान दिवस 

विधायक मऊ/ मानिकपुर अविनाश चंद्र द्विवेदी व जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में थाना समाधान दिवस का आयोजन मारकुंडी थाना में किया गया

जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक ने राजस्व एवं पुलिस के अधिकारियों/ कर्मचारियों से कहा कि भूमि संबंधी जो मामले हैं उनका मौके पर जाकर निस्तारण कराया जाए ताकि समस्या ग्रस्त व्यक्ति को उनकी समस्या से निजात मिल सके।

जिलाधिकारी ने कानूनगो एवं लेखपालों से कहा की राजस्व मामलों के अंतर्गत धारा 24, 116, जो लंबित है उनका प्रतिदिन लक्ष्य बनाकर त्वरित गुणवत्तापूर्ण शासन की मंशा के अनुरूप निस्तारण कराया जाए, उन्होंने कहा कि मेरी जनसुनवाई के दौरान भी भूमि संबंधी मामले जो आते हैं उनपर आप लोग क्षेत्र में जाकर भूमि संबंधी मामलों का निस्तारण मौके पर करें अगर ऐसा नहीं किया गया और मेरे पास समस्या ग्रस्त व्यक्ति समस्या लेकर आएंगे तो मैं आप लोगों के खिलाफ कार्यवाही करूंगा 

उन्होंने कहा कि गर्मी का समय चल रहा है आग्नि तथा किसी भी तरह की जो हानि होती है उसकी आर्थिक सहायता तत्काल दिलाया जाए आप सभी लोग संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तभी पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिलेगा और शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेगे।

समाधान दिवस के अवसर पर उप जिलाधिकारी मानिकपुर मोहम्मद जसीम, थानाध्यक्ष मारकुंडी दीपक कुमार सहित कानूनगो ,लेखपाल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
पाठा क्षेत्र पर्यटन विकास परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण, जिलाधिकारी ने शीघ्र हैंडओवर के दिए निर्देश

जनपद चित्रकूट के मानिकपुर स्थित पाठा क्षेत्र में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित की गई "पाठा क्षेत्र पर्यटन विकास परियोजना" का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई-13, बाँदा द्वारा कराया गया है।

पर्यटन विभाग द्वारा इस परियोजना को ₹415.98 लाख की लागत से स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करते हुए 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त कर ली गई है।

परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों की सुविधा एवं पर्यटन अवसंरचना के विकास हेतु कार्यालय भवन, परमानेंट एवं टेम्परेरी शेड, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, विश्राम गृह, प्रवेश द्वार, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, साइनेज, बेंच, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, फूड कोर्ट, हॉर्टिकल्चर तथा अन्य आवश्यक पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कराया गया है, जिससे क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि परिसर में लगाए गए टाइल्स में आकर्षक पैटर्न विकसित किया जाए। साथ ही वॉशरूम में लगाए गए टाइल्स को अधिक आकर्षक एवं मानक गुणवत्ता के अनुरूप प्रतिस्थापित किए जाने तथा वॉश बेसिन में लगाए गए वेस्ट/फ्लेक्सिबल पाइप को बदलकर बेहतर गुणवत्ता की फिटिंग लगाए जाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में पाई गई छोटी-मोटी  कमियों को शीघ्र दूर करते हुए परियोजना को पूर्ण रूप से मानक अनुरूप बनाया जाए। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि परियोजना के हैंडओवर की समस्त औपचारिकताएँ शीघ्र पूर्ण कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परियोजना का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना के नामकरण के संबंध में भी सुझाव देते हुए निर्देशित किया कि पर्यटकों को स्थानीय प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के उद्देश्य से इस स्थल का नाम "तुलसी जलप्रपात ट्राइबल हट्स" रखा जाए, जिससे निकटवर्ती तुलसी जलप्रपात से इसकी विशिष्ट पहचान स्थापित हो तथा पर्यटकों को एक अलग एवं आकर्षक अनुभव प्राप्त हो सके।

कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन करते हुए गुणवत्ता संबंधी सभी कमियों को शीघ्र दूर किया जाएगा तथा परियोजना का हैंडओवर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय द्वारा किया गया जनपद के विभिन्न गौआश्रय स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण

 उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय द्वारा दिनांक 25 जून 2026 को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गौआश्रय स्थलों का सघन निरीक्षण किया गया। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने विकासखंड मऊ के अंतर्गत 'खंडेहा', विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत 'घुनुआ' तथा विकासखंड पहाड़ी के 'सगवारा' गौआश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संरक्षित निराश्रित एवं बेसहारा गोवंशों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान सदस्य ने व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने हेतु मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) को  दिशा-निर्देश दिए। 
 
 समस्त गौशालाओं में नियमित साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, गोवंशों हेतु पर्याप्त छांव (शेड) तथा उच्च गुणवत्तायुक्त पौष्टिक चारे की उपलब्धता निरंतर सुनिश्चित की जाए।
 
 जिन गौआश्रय स्थलों के परिसर में अभी तक वृक्षारोपण नहीं किया गया है, वहां तत्काल प्रभाव से सघन वृक्षारोपण अभियान चलाकर छायादार पौधे लगाए जाएं।
 
 गौशालाओं की पारदर्शी एवं प्रभावी निगरानी हेतु परिसर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का संचालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

  मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक निराश्रित गोवंशों को इच्छुक एवं प्रगतिशील किसानों को सुपुर्द (सुपुर्दगी) किया जाए, ताकि गोवंशों का बेहतर पालन-पोषण हो सके और योजना के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जा सके।

 सदस्य ने स्पष्ट किया कि गोवंश संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, अतः इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
रानीपुर टाइगर रिजर्व के सन्निकट विकसित हो रहे इको पर्यटन परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने एवं श्रमिकों के पंजीकरण के निर्देश  

पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा रानीपुर टाइगर रिजर्व के सन्निकट पर्यटन भूमि पर विकसित की जा रही इको पर्यटन विकास परियोजना का निर्माण कार्य संस्था द्वारा कराया जा रहा है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹1367.89 लाख है तथा निर्माण कार्य माह सितम्बर, 2025 से प्रारम्भ होकर मार्च, 2027 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है।

परियोजना के अंतर्गत रिसेप्शन भवन, कॉटेज, मल्टीपरपज हॉल, रेस्टोरेंट, योग एवं मेडिटेशन सेंटर, प्रशासनिक भवन, टॉयलेट ब्लॉक, पार्किंग, ग्रीन पार्किंग, परगोला, बाउंड्रीवाल, आंतरिक एवं बाह्य विद्युतीकरण, जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज प्रणाली, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर सिस्टम, लैंडस्केपिंग, साइनेज, स्कल्पचर एवं अन्य पर्यटन सुविधाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी, चित्रकूट द्वारा परियोजना की समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति लाने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों की प्रगति में तेजी लाने पर विशेष बल दिया।

साथ ही जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि परियोजना में कार्यरत सभी श्रमिकों एवं कार्मिकों का नियमानुसार श्रम विभाग में पंजीकरण (लेबर रजिस्ट्रेशन) कराया जाए, जिससे वे शासन द्वारा संचालित विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं एवं अन्य अनुमन्य लाभों का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा कवच सुनिश्चित करना भी परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यदायी संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी के निर्देशों का अनुपालन करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति में तेजी लाई जाएगी तथा परियोजना में कार्यरत सभी पात्र श्रमिकों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाएगा।
<nis:link nis:type=tag nis:id=चित्रकूट nis:value=चित्रकूट nis:enabled=true nis:link/> पहुंचे गौ सेवा आयोग के सदस्य

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय की अध्यक्षता गौशालाओं से संबंधित बैठक विकास भवन सभागार में संपन्न हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद अन्तर्गत 282 अस्थायी, 07 वृहद/स्थायी 02 शहरी एवं 02 कान्हा गोआश्रय स्थलों को मिलाकर 293 गोआश्रय स्थलों में कुल 56056 गोवंश संर क्षित हैं।
माननी सदस्य द्वारा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों निर्देशित किया गया कि जनपद की समस्त गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों को भूसा, हरा चारा, पशु आहार, नमक तथा गुड़ पर्याप्त मात्रा में खिलाया जाये। गोवंशों की देखभाल तथा साफ-सफाई हेतु पर्याप्त केयर टेकर / गोसेवक व रात्रि हेतु चौकीदार रखे जायें।

सदस्य द्वारा समस्त खंड विकास अधिकारियों, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि अत्यन्त तीव्र गर्मी के दृष्टिगत सभी अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहें तथा गोवंशों की उचित देखभाल पर्याप्त भूसा, हरा चारा, पशु आहार तथा स्वच्छ ताजा पानी उपलब्ध होना चाहिए पशुपालन विभाग अपनी स्वास्थ्य टीम एक्टिव रखें गोवंशों के स्वास्थ्य की जांच तथा उपचार हेतु विशेष रूप से सतर्क रहें। किसी भी गोवंश की लू (हीट स्ट्रोक) से मृत्यु नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिन गोशालाओं में वृक्ष नहीं है वहां पर दोपहर के समय चरवाहों के साथ गोवंशों को बाहर सार्वजनिक खाली पड़ी भूमि पर घुमाने हेतु ले जायें तथा शाम को वापस गोशाला में संरक्षित करें कोई भी गोवंश किसानों के खेत पर नहीं जाने पाए। 

सदस्य द्वारा समस्त खंड विकास अधिकारी व जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि उपलब्ध गोचर भूमि पर नेपियर हरा चारा तथा कैक्ट्स की विकसित की गयी नयी प्रजाति जिसमें कांटे नहीं होते तथा ऊष्ण तथा कम पानी में भी अच्छी तैयार होती है उसे भी बोया जाये तथा जहां पर गोचर भूमि नहीं है वहां पर हरा चारा की खरीद हेतु किसानों के साथ एम०ओ०यू० कर लिया जाये। हरा चारा हेतु हेतु नेपियर तथा मोरिंगा के पौधे लगवाये जायें।

सदस्य द्वारा समस्त खंड विकास अधिकारी व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी व चिकित्सा अधिकारी निर्देशित किया गया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना हेतु ग्राम पचायतों में कैम्प का आयोजन करते हुए किसानों को ज्यादा से ज्यादा गोवंश सुपुर्द कर दिये जायें। किसानों में गाय के प्रति सकारात्मक सोंच पैदा की जाये। जिससे गोशाला की सभी गाय स्वयं अपनी स्वेच्छा से गोशालाओं से घर ले जायें। सहभागिता योजना को बढ़ावा देने हेतु प्रचार-प्रसार किया जाये। शासन द्वारा आवंटित गोशालाओं की नामित महिला स्वयं सहायता समूह एवं स्वैच्छिक, तथा गोपालन में रूचि रखने वाली संस्थाओं / एन०जी०ओ० को संचालनार्थ हस्तगत कराये जाने के सम्बन्ध में जानकारी चाही गयी। 

अवगत कराया गया कि 12 एन०जी०ओ० को 41 गोशालाएं आवंटित की गयी थी जिसमें से गोशाला चलाने में रूचि रखने वाले 7 एन०जी०ओ० को 27 गोशालाओं का हस्तान्तरण कराने हेतु सम्बन्धित को पत्र जारी किये गये हैं, जिनमें से 18 गोशालाओं का हस्तान्तरण हो गया है, शेष ग्राम प्रधान स्तर पर लम्बित है। निर्देशित किया गया कि शासन द्वारा आवंटित समस्त गोशालाओं का दो दिवस में हस्तगत कराना सुनिश्चित किया जाये।

उन्होंने कहा कि गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लांट की स्थापना, गोबर से नये-नये उत्पाद जैसे कि गमले, मूर्ति पेण्ट, अगरबत्ती, गोबर के लट्टे आदि के निर्माण हेतु प्रशिक्षण कराकर गोशालाएं स्वावलम्बी बनायी जायें। गोबर तथा मूत्र से वर्मी कम्पोस्ट खाद इत्यादि का निर्माण कर गो आधारित खेती का विकास किया जाए

 सदस्य ने कहा कि गो आश्रय स्थलों में गोवंशों को नस्ल सुधार हेतु उनका वर्गीकरण किया जाये। नन्दी गोवशों को अलग गोशालाओं में तथा मादा गोवंशों को अलग नजदीकी गोशालाओं स्थानान्तरित कर दिया जाये। 

उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किए कि सभी अधिकारियों द्वारा गोशालाओं का भ्रमण किया जाये तथा वहां पर गोआश्रय स्थलों को बेहतर से बेहतर बनाने हेतु गहनता से विचार कर छोटी से छोटी बातों को ध्यान में रखकर कार्य किये जायें जैसे कि पानी की प्रत्येक चरही में नल लगाया जाये, सफाई हेतु नीचे की तरफ एक छिद्र बनाया जाये तथा चरही में चूना से पुताई करा दी जाये। 

कमजोर तथा छोटे गोवंशों हेतु अलग-अलग बैरिकेटिंग की जाये। गोशालाओं में गोवंशों के उपचार हेतु अड़गड़ा लगाया जाये। नर गोवंश तथा मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाये तथा कृत्रिम गर्भाधान में उत्तम नस्ल के सीमन का प्रयोग किया जाये जिससे उत्तम नस्ल की बछिया पैदा हो और नस्ल सुधार हो । बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी सहित संबन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
UP के पहले ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का काम जल्द पूरा करने के निर्देश, ACS वी. हेकाली ज़ीमोमी ने लिया जायजा"

चित्रकूट। उत्तर प्रदेश सरकार की अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. हेकाली ज़ीमोमी ने चित्रकूट जनपद का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों को परखने के साथ-साथ जिले की पर्यटन और पर्यावरण परियोजनाओं की जमीनी हकीकत जानी।

​प्रधान सचिव के इस सघन दौरे की विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:

​1. वृहद वृक्षारोपण अभियान की मंडलीय समीक्षा

​दौरे की शुरुआत में अपर मुख्य सचिव वी. हेकाली ज़ीमोमी ने आगामी वृहद वृक्षारोपण अभियान को लेकर वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय मंडलीय समीक्षा बैठक की।

​रणनीति और लक्ष्य

बैठक में उन्होंने रोपे जाने वाले पौधों की सुरक्षा, जियो-टैगिंग और समयबद्ध तैयारियों को लेकर कड़े निर्देश दिए।

​अधिकारियों को हिदायत: 

उन्होंने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल कागजों पर न दिखे, बल्कि धरातल पर पौधों का जीवित रहना (सर्वाइवल रेट) सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थानीय समुदायों को भी साथ जोड़ने की बात कही गई।

​2. रानीपुर टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी और सुरक्षा का जायजा

​मंडलीय बैठक के बाद प्रधान सचिव सीधे भारत के 53वें और उत्तर प्रदेश के चौथे रानीपुर टाइगर रिजर्व (RTR) पहुचीं। उन्होंने रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था, वन्यजीवों के पेयजल स्रोतों और ट्रैकिंग कैमरों की स्थिति का जायजा लिया। वी. हेकाली ज़ीमोमी ने खुद रानीपुर के घने जंगलों के बीच 'चौरी' नामक स्थान तक जंगल सफारी की। इस दौरान उन्होंने सफारी ट्रैक की स्थिति और पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की। वन्यजीवों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए उन्होंने वन विभाग को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।

​3. यूपी के पहले ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का औचक निरीक्षण

​दोपहर के वक्त प्रधान सचिव चित्रकूट के मारकुंडी रेंज स्थित टिकरिया (तुलसी जलप्रपात) पहुंचीं। वहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के पहले और बहुप्रतीक्षित ग्लास स्काईवॉक ब्रिज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ चित्रकूट के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) भी मौजूद रहे।

​सुरक्षा और मानकों की जांच: 

उन्होंने ब्रिज की मजबूती, पर्यटकों की सुरक्षा और वहां आने-जाने वाले रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया। काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए प्रधान सचिव ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि "बचे हुए सभी फिनिशिंग कार्यों को युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।"

​जल्द खुलेगा पर्यटकों के लिए रास्ता

प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि इस ग्लास ब्रिज का काम अंतिम चरण में है और जैसे ही बचे हुए काम पूरे होते हैं, इसे तुरंत आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे चित्रकूट में ईको-टूरिज्म को एक नई ऊंचाई मिलेगी और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
​
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. हेकाली ज़ीमोमी के इस औचक और विस्तृत दौरे से साफ है कि शासन स्तर पर चित्रकूट के विकास और पर्यावरण संतुलन को लेकर बड़ी तैयारी है। ग्लास ब्रिज के जल्द शुरू होने की उम्मीद से अब स्थानीय निवासियों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
सांसद कृष्णा पटेल और विधायक विशंभर यादव के बीच तू-तू-मैं-मैं

(सोशल मीडिया में कथित वीडियो हुआ वायरल )
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राजापुर के तिरहार क्षेत्र का कब होगा विकास ? 

कब बनेगा चिल्लिमल से फतेहपुर जोड़ने वाला पुल ?

चिल्लिमल क्षेत्र में कब बहाल होंगी स्वास्थ्य सेवाएं , ग्रामीणों ने की CHC की मांग !

तिरहार क्षेत्र के चिल्लिमल में नहीं है हाईस्कूल और इंटर कॉलेज
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सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियों में प्रथम दृष्टया संलिप्त कर्मियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही आरम्भ
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कहते हैं कि कानून की आंखें बंद होती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में तो ऐसा लगता है कि खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अपनी आंखें, कान और ज़मीर सब कुछ बंद कर लिया है। सरकार बड़े-बड़े मंचों से पर्यावरण संरक्षण और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त नियमों का ढिंढोरा पीटती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन नियमों की असली हकीकत क्या है? रातों-रात नदियों और धरती का सीना कैसे चीरा जा रहा है? अगर नहीं जानते, तो राजापुर तहसील अंतर्गत तीर घुमाई गंगू खंड संख्या 03 से आई यह सनसनीखेज वीडियो देखिए 

यह जो वीडियो इस वक्त आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं, यह कोई किसी फिल्म की शूटिंग नहीं है। यह ज़मीनी हकीकत है उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले अंतर्गत तीर घुमाई गंगू खंड संख्या 03 की जहां घड़ी में रात के 10 बजकर 15 मिनट हो रहे हैं, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब यहाँ पर्यावरण को तबाह करने का 'खूनी खेल' शुरू होता है।

​चमकती हुई हेडलाइट्स और गरजती हुई ये भारी-भरकम पोकलैंड मशीनें गवाही दे रही हैं कि यहाँ बालू का अवैध खनन किस कदर हावी है। धड़ल्ले से ट्रकों और डंपरों में बालू लादी जा रही है और यह सब हो रहा है प्रशासन की नाक के नीचे
सचिव चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण /अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे स्वप्निल कुमार यादव ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, भवन मानकों का पालन और कोचिंग संस्थानों के सही तरीके से संचालन को ध्यान में रखते हुए जनपद में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों की जांच कराने के संबंध में प्राधिकरण के सहायक अभियंता एवं अवर अभियंताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने. अपने क्षेत्र में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों का मौके पर जाकर निरीक्षण करें और निम्नलिखित बिंदुओं की जांच सुनिश्चित करें-भवन का स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध है या नहीं।

 अग्निशमन विभाग का वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध है या नहीं। भवन की संरचनात्मक सुरक्षा और आपातकालीन निकास की व्यवस्था। पार्किंग और आवागमन की पर्याप्त व्यवस्था। विद्युत एवं अन्य सुरक्षा मानकों का पालन। संस्थान का संचालन लागू नियमों और उपविधियों के अनुसार किया जा रहा है। अन्य जरूरी अभिलेख और व्यवस्थाएँ,साथ ही जांच कार्य को सही तरीके से और समन्वय के साथ पूरा करने के लिए नगर पालिका परिषद, अग्निशमन विभाग तथा जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रूप से जरूरी सूचनाएँ और अभिलेख प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। 

जांच के बाद प्रत्येक संस्थान की विस्तृत आख्या निर्धारित प्रारूप में तैयार कर तय समय के भीतर सचिव चित्रकूट विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि किसी संस्थान में कोई अनियमितताए जरूरी अभिलेखों की कमी या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु संस्तुति प्रस्तुत की जाए। समस्त सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता उक्त कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

 ब्लैक स्पॉट्स को तत्काल ठीक करने तथा साइन बोर्ड व रंबल स्ट्रिप लगाने के निर्देश

 बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र के नहीं चलेंगी स्कूली बसें, ओवरस्पीडिंग पर पैनी नजर
 
हाईवे पर अतिक्रमण और अवैध ढाबों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई का अल्टीमेटम

 जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में गत माह के कार्यवृत्त की अनुपालन आख्या पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) पर निर्मित रंबल स्ट्रिप्स पर अब तक पेंटिंग न कराए जाने पर असंतोष व्यक्त किया। अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड (बांदा) ने अवगत कराया कि निविदा (टेंडर) प्रक्रिया गतिमान है, जिसे शीघ्र स्वीकृत कराकर पेंटिंग का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने खोह से भौरी तक क्षतिग्रस्त व असमान सड़क को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

खोह पुल के पुनर्निर्माण के संबंध में निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य प्रारंभ होने से न्यूनतम 10 दिवस पूर्व सूचित किया जाए ताकि ससमय रूट डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन) की सुचारू व्यवस्था की जा सके। उन्होंने निर्माण कार्य को न्यूनतम समयावधि में पूर्ण करने की हिदायत दी ताकि आमजन को असुविधा न हो।

बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 21 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित कर मुख्यालय भेजे गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि गत माह में 21 सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवेदित हुई हैं, जो कि विगत वर्ष की समान अवधि से कम हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी बैठक में प्रत्येक सड़क दुर्घटना के कारणों और स्थल का संक्षिप्त विश्लेषणात्मक विवरण  प्रस्तुत किया जाए, ताकि सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने विशेष रूप से रौली, कल्याणपुर, भरतपुर एवं चौहान ढाबा जैसे संवेदनशील दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों तथा मुख्य राजमार्ग से जुड़ने वाले ग्रामीण मार्गों पर रंबल स्ट्रिप, साइन बोर्ड और साइनेज अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्ग खंड (बांदा) को निर्देशित किया कि खोह पुलिस लाइन के समीप धंसी हुई पटरी  की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा के दौरान ओवरस्पीडिंग चालान मई माह में स्पीड गन के माध्यम से 2972 चालान किए गए जो विगत माह मात्र 9 चालान थे। जनपद में तीन स्पीड गन ओवर स्पीडिंग के लिए लगाए गए हैं।

ड्रंकन ड्राइविंग 233 चालान किए गए। जिलाधिकारी ने इस पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। 

लाइसेंस निलंबन इस माह 75 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। जिलाधिकारी ने इसमें और तेजी लाने के निर्देश दिए

परिवहन विभाग प्रवर्तन के संबंध में यात्री एवं मालकर अधिकारी द्वारा कुल 40 वाहनों का चालान किया गया तथा 12 वाहनों के परमिट निलंबन की संस्तुति की गई।

 जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन वाहन चालकों का तीन बार चालान हो चुका है, उनका ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त  करने की कार्रवाई की जाए।

आगामी शिक्षण सत्र के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। यात्री एवं मालकर अधिकारी ने बताया कि अब तक 292 स्कूली वाहनों का फिटनेस परीक्षण किया गया है, जिसमें से 16 वाहन अनफिट पाए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के कोई भी स्कूली वाहन सड़क पर संचालित नहीं होना चाहिए।

राजमार्गों को सुरक्षित बनाने हेतु जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) को संयुक्त बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित अवैध ढाबों तथा अतिक्रमण को तत्काल हटवाने के लिए संयुक्त अभियान चलाने का आदेश दिया।

बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) यामीन अहमद, अधिशासी अभियंता (लोक निर्माण विभाग) जितेंद्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, बांदा) तथा अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रयागराज) सहित समिति के अन्य सदस्य व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बिजली विभाग की घोर लापरवाही: करंट लगने से किसान की तड़पकर मौत!

पूरा मामला मानिकपुर तहसील अंतर्गत टिकरिया जमुनिहाई का
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जिलाधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक चित्रकूट के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने के दिए निर्देश

शासकीय सेवाओं की धरातलीय स्थिति परखने एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहाड़ी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की प्रशासनिक व चिकित्सकीय व्यवस्थाओं में कई खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधितों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरूआत पंजीकरण कक्ष से की गई, जहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों से दैनिक ओपीडी पंजीकरण की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। इसके पश्चात इमरजेंसी ड्यूटी कक्ष, इमरजेंसी वार्ड संख्या-1, आयुष्मान वार्ड, नियमित (परमानेंट) कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर तथा संविदा कर्मी उपस्थिति रजिस्टर का गहन अवलोकन व परीक्षण किया गया। वार्डों के निरीक्षण के दौरान मरीजों के लिए बेड की अनुपलब्धता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि अन्य वार्डों में रिक्त बेडों को तत्काल उपयोग में लाया जाए तथा 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर मरीजों को बेड आवंटित किए जाएं। बेडशीट पर दाग पाए जाने पर तथा खिड़कियों पर जमी धूल पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने बेड़ो की चादर बदलने तथा साफ सफाई व्यवस्था मे तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
 
 निरीक्षण के दौरान 5 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने  के भी निर्देश दिए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि दोपहर 08:00 बजे से 02:00 बजे की  अवधि में कोई भी कर्मचारी चिकित्सालय  छोड़कर बाहर नहीं जाएगा।
उक्त के अतिरिक्त ग्राउंड फ्लोर पर अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित ग्राउंडफ्लोर के तीन सफाई कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी की संतोषजनक आख्या प्राप्त होने के पश्चात ही इनका वेतन बहाल किया जाए।
 
जिलाधिकारी ने समस्त नियमित, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों (स्वीपर सहित) को अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस कोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्वीपर्स के पास ड्रेस उपलब्ध नहीं है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ड्रेस  उपलब्ध कराया जाए।

आउटसोर्सिंग कर्मचारी रजिस्टर के अवलोकन के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा उपस्थिति प्रमाणित (मार्क) न किए जाने पर जिलाधिकारी ने घोर प्रशासनिक शिथिलता मानते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारी को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि उपस्थिति पंजिका में सभी कर्मचारियों के हस्ताक्षर क्रमानुसार (सीरियल में) दर्ज हों

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को संपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र परिसर में उच्च स्तरीय साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था तथा मरीजों के लिए सुलभ जन-सुविधाएं सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक शाहिद संबंधित चिकित्सा कर्मी उपस्थित रहे
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सरधुआ ग्राम पंचायत में आरआरसी केंद्र का औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा तहसील राजापुर के अंतर्गत विकास खंड पहाड़ी की ग्राम पंचायत सरधुआ में 'स्वच्छ भारत मिशन (फेज-2)' के तहत नवनिर्मित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) चित्रकूट, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) पहाड़ी, ग्राम पंचायत सचिव तथा केंद्र पर तैनात सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।

 केंद्र पर प्लास्टिक, कांच तथा अन्य श्रेणियों का सूखा एवं अजैविक (न गलने वाला) कचरा पृथकीकृत कर अलग-अलग बॉक्स में संकलित पाया गया।
 
 वर्मी कंपोस्ट पिट में गोबर की उपलब्धता तो पायी गई, किंतु उसमें केंचुए नहीं पाए गए। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि अत्यधिक ग्रीष्म लहर (गर्मी) के कारण केंचुए अभी नहीं डाले गए हैं।
 
 जिलाधिकारी ने केंद्र पर कार्यरत श्रमिकों से संवाद कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि प्लास्टिक, कांच की बोतलें व अन्य कबाड़ सामग्री को स्थानीय कबाड़ विक्रेताओं को बेचकर ग्राम पंचायत की आय (राजस्व) में वृद्धि की जाए। साथ ही, इस कार्य में संलग्न सफाई कर्मचारियों को कार्य के प्रति प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए।
 
आरआरसी केंद्र के परिसर में अनुपयोगी एवं रिक्त पड़े 'नाडेप' (NADEP) गड्ढों को देखकर जिलाधिकारी ने अप्रसन्नता व्यक्त की और संबंधित सचिव को तत्काल प्रभाव से उन्हें क्रियाशील बनाने के कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण की अगली कड़ी में जिलाधिकारी महोदय द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा कायाकल्प योजना के तहत प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कराए गए विकास कार्यों के भौतिक सत्यापन की इच्छा व्यक्त की गई। इस पर ग्राम पंचायत सचिव द्वारा विद्यालय बंद होने तथा चाबी उपलब्ध न होने का बताया गया।पूर्व सूचना के बावजूद विद्यालय परिसर की उपलब्धता सुनिश्चित न कराने तथा शासकीय दायित्वों में घोर शिथिलता बरतने पर जिलाधिकारी ने सचिव को कड़ी फटकार लगाई।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को निम्नलिखित आदेश जारी किए।
 उन्होंने ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का 'ऑपरेशन कायाकल्प' के निर्धारित मानकों (पैरामीटर्स) के आधार पर गहन निरीक्षण किया जाए।
 विगत वित्तीय वर्ष से लेकर वर्तमान समय तक ग्राम पंचायत द्वारा निष्पादित कराए गए समस्त विकास कार्यों का रैंडम (यादृच्छिक) आधार पर भौतिक सत्यापन कर विस्तृत आख्या (रिपोर्ट) अविलंब जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत की जाए

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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एवं पुलिस अधीक्षक की की उपस्थिति में राजापुर तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस संपन्न
 
विगत 3 वर्षों में धारा-24 के तहत पारित आदेशों की पत्थरगड़ी का 15 कार्यदिवसों में प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश

 आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण का फीडबैक 90% से कम होने पर दी गई कड़ी चेतावनी; शिथिलता बरतने वाले लेखपाल कलेक्ट्रेट संबद्ध किए जाएंगे
 
महिला संबंधी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें: पुलिस अधीक्षक

 तहसील सभागार राजापुर में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर चकबंदी, पत्थरगढ़ी, सिंचाई, जलकल, चकरोड अतिक्रमण एवं अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न जन-शिकायतें एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण करना है। यह मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों का निस्तारण केवल कागजी न होकर, संबंधित विभागों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर किया जाए। जहां आवश्यक हो, वहां राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार न भटकना पड़े।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि विगत तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-24 (सीमांकन/पत्थरगड़ी) के अंतर्गत जितने भी आदेश पारित हुए हैं, उनके अनुपालन में पत्थरगड़ी की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करें। इस संबंध में आगामी 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से प्रमाण-पत्र  उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा-116 (बंटवारा) और धारा-24 के वादों का निस्तारण लगातार नियत तिथि (डेट) लगाकर किया जाए। स्थलीय निस्तारण हेतु संबंधित लेखपालों की तिथिवार ड्यूटी निर्धारित की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अथवा शिथिल कार्यप्रणाली वाले लेखपालों को तत्काल प्रभाव से कलेक्ट्रेट संबद्ध (अटैच) कर दिया जाएगा।

समन्वय और पोर्टल प्रबंधन पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण का फीडबैक किसी भी परिस्थिति में 90 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आपसी सहमति की गुंजाइश हो, वहां दोनों पक्षों में समन्वय स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं।

पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने पुलिस बल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से संबंधित प्रत्येक प्रकरण को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और उनका प्राथमिकता के आधार पर विधिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कानून-व्यवस्था और भूमि विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पुलिस और राजस्व टीम आपसी समन्वय से कार्य करें।

इसी क्रम में जनपद के सभी तहसीलों में  समाधान दिवस का आयोजन किया गया जिसमें राजापुर में 73 मे 7,
मऊ में 138 में 4, मानिकपुर में 66, कर्वी में 90 में से 6 का मौके पर निस्तारण करा दिया गया।

इस संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर उप जिलाधिकारी राजापुर फूलचंद्र यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला परियोजना अधिकारी सत्यराम यादव, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी  मनोहर लाल धर्मन सहित तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं समस्त संबंधित विभागों के जिला व तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे
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खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम ने खुद किया बालू खदान का स्थलीय निरीक्षण , अवैध बालू खनन और ओवरलोड परिवहन को लेकर DM के तेवर सख्त!

अवैध खनन / परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं शासन की मंशा के अनुरुप परदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी, चित्रकूट पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रुप से तीरधुमाई गंगू बालू खनन क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। खान अधिकारी रणवीर सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त खनन पट्टा सुरेन्द्र कुमार शुक्ला पुत्र परमानन्द शुक्ला, निवासी-जौनपुर सदर, जनपद-जौनपुर के पक्ष में अवधि दिनांक 07.04.2026 से 06.04.2031 तक 05 वर्ष हेतु स्वीकृत किया गया है। 

निरीक्षण के दौरान 01 ट्रक (UP92AT-3945) की नम्बर प्लेट अस्पष्ट / धुंधली पायी गयी। गहनता से जाँच करने पर उक्त वाहन के परिवहन विभाग से सम्बन्धित 02 पुराने चालान लम्बित मिले तथा वाहन का टैक्स भी समाप्त पाया गया। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुये इंस्पेक्टर सरधुवा को तत्काल सीज करने के निर्देश दिये गये। पट्टाधारक द्वारा अपने स्वीकृत क्षेत्र में ही खनन कार्य का संचालन किया जाना पाया गया। जिलाधिकारी द्वारा खनन क्षेत्र की निगरानी हेतु स्थापित सीसीटीवी कन्ट्रोल रुम का भी जायजा लिया गया। 

जिलाधिकारी द्वारा सुरक्षा और पारदर्शिता हेतु सीसीटीवी कैमरों को निरंतर सुचारु रुप से रखने के निर्देश दिये गये। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी की उपस्थिति में मौके पर 01 लोडेड वाहन का धर्मकांटे पर वजन कराया गया, जो मानक के अनुरुप पाया गया। नदी की जलधारा में किसी भी प्रकार का खनन कार्य किया जाना नहीं पाया गया।

जिलाधिकारी ने पट्टाधारक को सख्त हिदायत दी कि बिना वैध रवन्ना के किसी भी वाहन को खनन क्षेत्र से रवाना न किया जाये। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना रवन्ना वाहन मिलने पर चालक / वाहन स्वामी के साथ-साथ खनन पट्टाधारक के विरुद्ध भी कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
मानिकपुर में सेहत से खिलवाड़: प्रशासन मौन, बिक रहा हल्दीराम का एक्सपायर्ड नमकीन का पैकेट 

​मानिकपुर (चित्रकूट): स्थानीय बाजार में हल्दीराम का एक्सपायरी डेट पार कर चुका नमकीन धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। जागरूक नागरिकों द्वारा खाद्य सुरक्षा विभाग से बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों की इस अनदेखी से दुकानदारों के हौसले बुलंद हैं और जनता की सेहत के साथ सरेआम खिलवाड़ हो रहा है। स्थानीय लोगों ने अब इस मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाने की चेतावनी दी है।
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उप कृषि निदेशक जे०एल० गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रमुख सचिव उ०प्र० शासन के निर्देश के क्रम में दिनांक 20 जून 2026 को अपरान्ह 03:45 बजे से तारकेश्वर, हुगली, पंश्चिम बंगाल में आयोजित होने वाले पी०एम० किसान उत्सव दिवस में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि की 23वी किस्त जारी किये जाने के उपलक्ष्य में जनपद स्तरीय लाइव प्रसारण कार्यक्रम का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी, चित्रकूट डी०पी०पाल की अध्यक्षता में कलेट्रेट सभागार सोनेपुर में किया गया, जिसमें पूर्व सांसद आर०के०पटेल, जिलाध्यक्ष भा०ज०पा० महेन्द्र कोटार्य, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक पंकज अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता, एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि शक्ति प्रताप सिंह तोमर, उप कृषि निदेशक जीत लाल गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी, आर०के० वर्मा एवं अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका व जिला समाज कल्याण अधिकारी, चित्रकूट एवं अधिक संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

 समस्त प्रतिनिधियों एवं कृषकों द्वारा पी०एम० किसान सम्मान निधि का 23वी किस्त जारी करने का लाइव प्रसारण दिखाया गया। तत्पश्चात मा० जिलाध्यक्ष भा०ज०पा० द्वारा कृषकों को सम्बोधित करते हुये गौ आधारित प्राकृतिक खेती, रसायनिक उर्वरकों का कम प्रयोग तथा मृदा स्वस्थ्य से सम्बन्धित जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में उपस्थित समस्त किसानों, अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापन करते हुये मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट द्वारा कार्यक्रम का समापन किया गया। इसी प्रकार प्रत्येक विकासखण्ड पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 विकासखण्ड पहाड़ी में ब्लॉक प्रमुख शुशील कुमार द्विवेदी एवं भूमि संरक्षण अधिकारी द्वारा प्रतिभाग किया गया। विकासखण्ड मानिकपुर म पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, ब्लॉक प्रमुख अरविन्द मिश्रा, मण्डल अध्यक्ष भा०ज०पा० राकेश सिंह एवं अधिक संख्या में कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। विकासखण्ड मऊ में ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुशीला वर्मा तथा विकासखण्ड रामनगर में खण्ड विकास अधिकारी राजेश कुमार तिवारी एवं अधिक से अधिक संख्या में कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें समस्त जन प्रतिनिधियों एवं कृषकों को लाइव प्रसारण दिखाया गया।
रामायण मेला सभागार में संभव अभियान 6.0 के अंतर्गत पोषण जागरूकता, रेसिपी प्रदर्शन एवं सम्मान समारोह का आयोजन

जनपद चित्रकूट के रामायण मेला सभागार में संभव अभियान 6.0 के अंतर्गत टीएचआर (Take Home Ration) रेसिपी निर्माण विधि एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों के अभिभावकों को संतुलित आहार, पोषण संवर्धन तथा कुपोषण की रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में नगर पालिका परिषद कर्वी के अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा विभागीय गतिविधियों के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने नगरपालिका परिषद कर्वी की ओर से भी विभाग को आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार जाटव ने अपने संबोधन में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समाज में मां यशोदा के समान भूमिका निभाती हैं और बच्चों के सर्वांगीण विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभागीय लाभार्थियों के लिए नवीन मानकों पर आधारित पौष्टिक रेसिपियों को उपलब्ध कराने के संकल्प की घोषणा करते हुए बताया कि इसका शुभारंभ आज से किया जा रहा है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों की ओर से विभाग को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
कृषि विज्ञान केन्द्र गनीवां में PM किसान सम्मान निधि लाइव प्रसारण, 136 किसानों ने लिया लाभ

कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवां में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि की किस्त हस्तांतरण का लाइव प्रसारण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 136 किसानों ने आभासी माध्यम से भाग लेकर PM जी का उद्बोधन सुना।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत किसानों को धान की उन्नत किस्म 'बौना दुबराज' का बीज प्रदर्शन स्वरूप वितरित किया गया। 

धान की वैज्ञानिक खेती, नर्सरी तैयारी, SRI पद्धति, जल प्रबंधन व कीट-रोग नियंत्रण पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को आगामी ऋतु में उर्वरक का कम व संतुलित उपयोग करने की सलाह दी, ताकि लागत घटे और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे। साथ ही सम्मान निधि की राशि का उपयोग बीज, उर्वरक व कृषि यंत्रों जैसी कृषिगत गतिविधियों में करने और खरीफ में श्रीअन्न व दलहन की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

किसानों ने कार्यक्रम को लाभकारी बताते हुए प्राप्त जानकारी को खेत में अपनाने का संकल्प लिया।