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बुंदेलखंड में नियमों को निगलती पोकलैंड मशीनें ? एनजीटी के आदेशों की सरेआम 'माइनिंग' नदियों के अस्तित्व को सहेजने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बनाए गए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े नियम और सरकारी दावे धरातल पर कितने खोखले हैं, इसकी बानगी चित्रकूट जिले के राजापुर तहसील के अंतर्गत तीर घुमाई गंगू (खंड संख्या 03) और गडौली बालू खदान की तस्वीरो में आप देख सकते हैं । तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं। 19 जून 2026 की सुबह तीर घुमाई गंगू में ग्रामीणों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में जो कुछ दिख रहा है, वह किसी स्वीकृत और सीमित खनन की परिभाषा में नहीं आता, बल्कि यह नदियों के सीने को छलनी करने वाला एक संगठित खेल है। नदी की जलधारा के बीच पोकलैंड का तांडव एनजीटी का स्पष्ट नियम है कि खनन में भारी मशीनों (जैसे पोकलैंड) का उपयोग नदी के पानी या उसके ठीक किनारे पर नहीं किया जा सकता, ताकि जलीय पारिस्थितिकी नष्ट न हो। लेकिन वीडियो में एक नहीं, बल्कि कई भारी पोकलैंड मशीनें सीधे नदी के बहाव क्षेत्र और टापू जैसी जगहों से बालू खोदकर ट्रकों में लोड करती नजर आ रही हैं। वीडियो में एक साथ 15 से 20 भारी ट्रक और डंपर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि यहां सिर्फ 'सीमित' खनन नहीं हो रहा, बल्कि नदियों का कमर्शियल दोहन बेहद आक्रामक गति से जारी है। मशीनों और ट्रकों को नदी के भीतर तक ले जाने के लिए अवैध रूप से मिट्टी और बालू पाटकर रास्ते (रैंप) बनाए गए हैं, जो नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पूरी तरह बाधित करते हैं। प्रशासन भले ही फाइलों में 'ऑल इज वेल' की रिपोर्ट भेज दे, लेकिन ग्राउंड जीरो से आई ये तस्वीरें चीख-चीख कर कह रही हैं कि नदियों को बचाने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। देखना यह है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या यह खेल यूं ही अनवरत चलता रहेगा ! ​"दिन का चैन लूटा, रात की नींद उड़ी चौबीस घंटे जारी है बर्बादी का ये दौर" ​स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में तथाकथित 'वैध' पट्टों की आड़ में 24 घंटे अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन का नंगा नाच चल रहा है। सूर्यास्त के बाद जहां प्रशासनिक अमला सो जाता है, वहीं इन खदानों में पोकलैंड मशीनों की गड़गड़ाहट और डंपरों की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। ​ जलधारा का कत्लेआम नदी की मुख्य जलधारा से कम से कम 50 मीटर की दूरी से बालू उठाई जानी चाहिए। लेकिन यहां मुनाफाखोरी के चक्कर में सीधे बहती जलधारा के बीच से बालू निकाली जा रही है। पानी के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं, जिससे नदी का स्वाभाविक बहाव और स्वरूप पूरी तरह विकृत (खराब) हो चुका है। यह आने वाले दिनों में भयंकर जल संकट या अचानक बाढ़ की विभीषिका को न्योता दे रहा है। चलने लायक नहीं बचीं सड़कें ​सैकड़ों टन ओवरलोडेड बालू लादकर जब ये डंपर रात-दिन दौड़ते हैं, तो ग्रामीण इलाकों की पक्की सड़कें भी मिट्टी में तब्दील हो जाती हैं। ​सड़कें जगह-जगह से 2 से 3 फीट तक धंस चुकी हैं। ​पूरी सड़क पर सिर्फ गहरे गड्ढे और उड़ती हुई धूल बची है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का पैदल या बाइक से चलना भी जानलेवा हो चुका है। ​सरकार की 'गड्ढामुक्त सड़क' योजना को ये ओवरलोडेड बालू माफिया हर रोज ठेंगा दिखा रहे हैं। #mining #bundelkhand #chitrakoot #NGT

Manikpur, Chitrakoot | Jun 20, 2026

MORE NEWS

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में गोवंश संरक्षण के सम्बनध में बैठक आयोजित की गयी

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी गोशालाओं में वर्षा ऋतु के दृष्टिगत कीचड़ / जलभराव की समस्या उत्पन्न न होने पाये, इसके लिए पूर्व तैयारियां करा ली जायें तथा दिनांक-23.07.2026 के पूर्व प्रत्येक दशा में समस्त गोवंशों का संरक्षण कराते हुए गोशालाएं नियमानुसार संचालित कराना सुनिश्चित करेंगे, दिनांक-24.07. 2026 तथा 25.07.2026 को समस्त नोडल अधिकारियों द्वारा समस्त गोशालाओं का निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप पर आख्या मुख्य पशुचिकित्साधिकारी चित्रकूट को प्रेषित की जायेगी

 पायी गयी कमियों को मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी तथा उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी से समन्वय बनाकर सुधार करायेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी गोवंश खेतों अथवा सड़कों पर दिखायी नहीं पड़ने चाहिए शिकायत मिलने पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। गोशालाओं में एकत्रित गोबर की खाद की बिक्री कर नियमानुसार प्राप्त धनराशि को गोशाला के खाते में जमा करायी जाये। 

किसी भी गोवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर गोशाला में ही दफनाया जाये। समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि कन्ट्रोल रूम से प्रत्येक गोआश्रय स्थल के कैमरे कनेक्ट होने चाहिए, प्रत्येक गोआश्रय स्थल की कड़ी निगरानी की जाये तथा कमी होने पर सम्बन्धित को नोटिस देते हुए व्यवस्थाएं सुदृढ़ करायी जायें।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में गोवंश संरक्षण के सम्बनध में बैठक आयोजित की गयी बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी गोशालाओं में वर्षा ऋतु के दृष्टिगत कीचड़ / जलभराव की समस्या उत्पन्न न होने पाये, इसके लिए पूर्व तैयारियां करा ली जायें तथा दिनांक-23.07.2026 के पूर्व प्रत्येक दशा में समस्त गोवंशों का संरक्षण कराते हुए गोशालाएं नियमानुसार संचालित कराना सुनिश्चित करेंगे, दिनांक-24.07. 2026 तथा 25.07.2026 को समस्त नोडल अधिकारियों द्वारा समस्त गोशालाओं का निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप पर आख्या मुख्य पशुचिकित्साधिकारी चित्रकूट को प्रेषित की जायेगी पायी गयी कमियों को मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी तथा उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी / पशुचिकित्साधिकारी से समन्वय बनाकर सुधार करायेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी गोवंश खेतों अथवा सड़कों पर दिखायी नहीं पड़ने चाहिए शिकायत मिलने पर सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। गोशालाओं में एकत्रित गोबर की खाद की बिक्री कर नियमानुसार प्राप्त धनराशि को गोशाला के खाते में जमा करायी जाये। किसी भी गोवंश की मृत्यु होने पर नियमानुसार समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर गोशाला में ही दफनाया जाये। समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि कन्ट्रोल रूम से प्रत्येक गोआश्रय स्थल के कैमरे कनेक्ट होने चाहिए, प्रत्येक गोआश्रय स्थल की कड़ी निगरानी की जाये तथा कमी होने पर सम्बन्धित को नोटिस देते हुए व्यवस्थाएं सुदृढ़ करायी जायें।

Manikpur, Chitrakoot | Jul 17, 2026

#चित्रकूट 

जिलाधिकारी ने अटल पार्क (कोठी तालाब) का किया निरीक्षण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा एवं सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश*

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने आज अटल पार्क (कोठी तालाब) का स्थलीय निरीक्षण कर पार्क में उपलब्ध जनसुविधाओं, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पार्क की बाउंड्रीवाल के संबंध में निर्देश दिए कि इसे निर्धारित मानकों के अनुरूप ऊंचा कराया जाए तथा उस पर आकर्षक ग्रिल स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रिल एवं एक्सपोज वॉल का निर्माण इस प्रकार कराया जाए कि उसमें भारतीय संस्कृति एवं पौराणिक दृश्यों की झलक परिलक्षित हो, जिससे पार्क का सौंदर्य और अधिक आकर्षक बन सके।

उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि पार्क में उपलब्ध रिक्त स्थानों पर व्यापक पौधरोपण कराया जाए तथा नागरिकों की सुविधा के लिए ओपन जिम की स्थापना भी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने पार्क स्थित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि जलापूर्ति की व्यवस्था सदैव सुचारु रहे तथा नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव के लिए आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने पार्क में स्थापित वाटर कूलर/फ्रीजर के आसपास जलभराव रोकने हेतु सोख्ता  का निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पार्क में स्थापित चार्जिंग प्वाइंटों की मरम्मत कर उन्हें शीघ्र क्रियाशील बनाने को कहा गया।

झूला क्षेत्र में जलभराव पाए जाने पर जिलाधिकारी ने वहां रबर मैटिंग बिछाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य का प्रस्ताव एवं टेंडर शीघ्र तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाए, ताकि स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ कराया जा सके और बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने पार्क के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैमरों की वायरिंग भूमिगत कराई जाए ताकि बंदरों अथवा अन्य कारणों से क्षति न पहुंचे तथा कैमरों को सुरक्षा जाली से भी संरक्षित किया जाए। साथ ही पार्क में आगंतुकों की सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने पार्क में कार्यरत मालियों के लिए घास काटने की मशीन, कैंची एवं अन्य आवश्यक उद्यान उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पौधरोपण के लिए गौशालाओं से जैविक गोबर खाद उपलब्ध कराने तथा पौधों को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित करने पर भी विशेष बल दिया।

जिलाधिकारी ने पार्क में स्थापित गज़ीबो की पेंटिंग कराने, पार्क का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण के दृष्टिगत आरआरसी के प्रभावी उपयोग के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरुण यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद लालजी यादव, सफाई निरीक्षक कमलाकांत शुक्ल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

#चित्रकूट जिलाधिकारी ने अटल पार्क (कोठी तालाब) का किया निरीक्षण, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा एवं सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश* जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने आज अटल पार्क (कोठी तालाब) का स्थलीय निरीक्षण कर पार्क में उपलब्ध जनसुविधाओं, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पार्क की बाउंड्रीवाल के संबंध में निर्देश दिए कि इसे निर्धारित मानकों के अनुरूप ऊंचा कराया जाए तथा उस पर आकर्षक ग्रिल स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रिल एवं एक्सपोज वॉल का निर्माण इस प्रकार कराया जाए कि उसमें भारतीय संस्कृति एवं पौराणिक दृश्यों की झलक परिलक्षित हो, जिससे पार्क का सौंदर्य और अधिक आकर्षक बन सके। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि पार्क में उपलब्ध रिक्त स्थानों पर व्यापक पौधरोपण कराया जाए तथा नागरिकों की सुविधा के लिए ओपन जिम की स्थापना भी सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने पार्क स्थित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि जलापूर्ति की व्यवस्था सदैव सुचारु रहे तथा नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव के लिए आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पार्क में स्थापित वाटर कूलर/फ्रीजर के आसपास जलभराव रोकने हेतु सोख्ता का निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही पार्क में स्थापित चार्जिंग प्वाइंटों की मरम्मत कर उन्हें शीघ्र क्रियाशील बनाने को कहा गया। झूला क्षेत्र में जलभराव पाए जाने पर जिलाधिकारी ने वहां रबर मैटिंग बिछाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य का प्रस्ताव एवं टेंडर शीघ्र तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रेषित किया जाए, ताकि स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ कराया जा सके और बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने पार्क के प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैमरों की वायरिंग भूमिगत कराई जाए ताकि बंदरों अथवा अन्य कारणों से क्षति न पहुंचे तथा कैमरों को सुरक्षा जाली से भी संरक्षित किया जाए। साथ ही पार्क में आगंतुकों की सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पार्क में कार्यरत मालियों के लिए घास काटने की मशीन, कैंची एवं अन्य आवश्यक उद्यान उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पौधरोपण के लिए गौशालाओं से जैविक गोबर खाद उपलब्ध कराने तथा पौधों को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित करने पर भी विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने पार्क में स्थापित गज़ीबो की पेंटिंग कराने, पार्क का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण के दृष्टिगत आरआरसी के प्रभावी उपयोग के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरुण यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद लालजी यादव, सफाई निरीक्षक कमलाकांत शुक्ल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Manikpur, Chitrakoot | Jul 17, 2026

जनपद चित्रकूट

जिलाधिकारी ने तुलसी पार्क का किया निरीक्षण, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2026 को तुलसी पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पार्क की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए उन्होंने इसके समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि तुलसी पार्क के मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु लगभग ₹64 लाख की लागत से परियोजना प्रस्तावित है, जिसका क्रियान्वयन चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा। वर्तमान में कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत पार्क में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, इंटरलॉकिंग कार्य, बाउंड्री वॉल की मरम्मत, मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) का जीर्णोद्धार तथा बच्चों एवं आगंतुकों की सुविधा हेतु झूलों की स्थापना कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त पार्क की समग्र सौंदर्य वृद्धि एवं जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निविदा प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराते हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि पार्क के विकास कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों, बच्चों एवं पर्यटकों को बेहतर मनोरंजन एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण उपलब्ध हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि तुलसी पार्क के सौंदर्यीकरण एवं उन्नयन से नगर की सुंदरता में वृद्धि होगी तथा नागरिकों को एक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा।

जनपद चित्रकूट जिलाधिकारी ने तुलसी पार्क का किया निरीक्षण, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा दिनांक 15 जुलाई 2026 को तुलसी पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पार्क की वर्तमान स्थिति का अवलोकन करते हुए उन्होंने इसके समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि तुलसी पार्क के मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु लगभग ₹64 लाख की लागत से परियोजना प्रस्तावित है, जिसका क्रियान्वयन चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा। वर्तमान में कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया संचालित की जा रही है। प्रस्तावित कार्यों के अंतर्गत पार्क में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, इंटरलॉकिंग कार्य, बाउंड्री वॉल की मरम्मत, मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) का जीर्णोद्धार तथा बच्चों एवं आगंतुकों की सुविधा हेतु झूलों की स्थापना कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त पार्क की समग्र सौंदर्य वृद्धि एवं जनोपयोगी सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निविदा प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराते हुए कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि पार्क के विकास कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों, बच्चों एवं पर्यटकों को बेहतर मनोरंजन एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि तुलसी पार्क के सौंदर्यीकरण एवं उन्नयन से नगर की सुंदरता में वृद्धि होगी तथा नागरिकों को एक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा।

Manikpur, Chitrakoot | Jul 16, 2026

बुंदेलखंड में नियमों को निगलती पोकलैंड मशीनें ? एनजीटी के आदेशों की सरेआम 'माइनिंग' नदियों के अस्तित्व को सहेजने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए बनाए गए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े नियम और सरकारी दावे धरातल पर कितने खोखले हैं, इसकी बानगी चित्रकूट जिले के राजापुर तहसील के अंतर्गत तीर घुमाई गंगू (खंड संख्या 03) और गडौली बालू खदान की तस्वीरो में आप देख सकते हैं । तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं। 19 जून 2026 की सुबह तीर घुमाई गंगू में ग्रामीणों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में जो कुछ दिख रहा है, वह किसी स्वीकृत और सीमित खनन की परिभाषा में नहीं आता, बल्कि यह नदियों के सीने को छलनी करने वाला एक संगठित खेल है। नदी की जलधारा के बीच पोकलैंड का तांडव एनजीटी का स्पष्ट नियम है कि खनन में भारी मशीनों (जैसे पोकलैंड) का उपयोग नदी के पानी या उसके ठीक किनारे पर नहीं किया जा सकता, ताकि जलीय पारिस्थितिकी नष्ट न हो। लेकिन वीडियो में एक नहीं, बल्कि कई भारी पोकलैंड मशीनें सीधे नदी के बहाव क्षेत्र और टापू जैसी जगहों से बालू खोदकर ट्रकों में लोड करती नजर आ रही हैं। वीडियो में एक साथ 15 से 20 भारी ट्रक और डंपर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि यहां सिर्फ 'सीमित' खनन नहीं हो रहा, बल्कि नदियों का कमर्शियल दोहन बेहद आक्रामक गति से जारी है। मशीनों और ट्रकों को नदी के भीतर तक ले जाने के लिए अवैध रूप से मिट्टी और बालू पाटकर रास्ते (रैंप) बनाए गए हैं, जो नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पूरी तरह बाधित करते हैं। प्रशासन भले ही फाइलों में 'ऑल इज वेल' की रिपोर्ट भेज दे, लेकिन ग्राउंड जीरो से आई ये तस्वीरें चीख-चीख कर कह रही हैं कि नदियों को बचाने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। देखना यह है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या यह खेल यूं ही अनवरत चलता रहेगा ! ​"दिन का चैन लूटा, रात की नींद उड़ी चौबीस घंटे जारी है बर्बादी का ये दौर" ​स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में तथाकथित 'वैध' पट्टों की आड़ में 24 घंटे अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन का नंगा नाच चल रहा है। सूर्यास्त के बाद जहां प्रशासनिक अमला सो जाता है, वहीं इन खदानों में पोकलैंड मशीनों की गड़गड़ाहट और डंपरों की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। ​ जलधारा का कत्लेआम नदी की मुख्य जलधारा से कम से कम 50 मीटर की दूरी से बालू उठाई जानी चाहिए। लेकिन यहां मुनाफाखोरी के चक्कर में सीधे बहती जलधारा के बीच से बालू निकाली जा रही है। पानी के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए गए हैं, जिससे नदी का स्वाभाविक बहाव और स्वरूप पूरी तरह विकृत (खराब) हो चुका है। यह आने वाले दिनों में भयंकर जल संकट या अचानक बाढ़ की विभीषिका को न्योता दे रहा है। चलने लायक नहीं बचीं सड़कें ​सैकड़ों टन ओवरलोडेड बालू लादकर जब ये डंपर रात-दिन दौड़ते हैं, तो ग्रामीण इलाकों की पक्की सड़कें भी मिट्टी में तब्दील हो जाती हैं। ​सड़कें जगह-जगह से 2 से 3 फीट तक धंस चुकी हैं। ​पूरी सड़क पर सिर्फ गहरे गड्ढे और उड़ती हुई धूल बची है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का पैदल या बाइक से चलना भी जानलेवा हो चुका है। ​सरकार की 'गड्ढामुक्त सड़क' योजना को ये ओवरलोडेड बालू माफिया हर रोज ठेंगा दिखा रहे हैं। #mining #bundelkhand #chitrakoot #NGT - Manikpur News