एडवोकेट शैलेंदर बहल इस बार गुरुग्राम बार में सेक्रेटरी पोस्ट के मज़बूत दावेदार हैं उन्होंने टावर ऑफ़ जस्टिस का स्वागत किया और यह भी बताया की वकील साथियों में चैम्बर्स की लैंड allotment को लेकर रोष भी है |
गुरुग्राम में नव-निर्मित जिला न्यायालय भवन के उद्घाटन को लेकर अधिवक्ता समुदाय में अत्यंत उत्साह एवं हर्ष का वातावरण है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस भवन के प्रारंभ होने से न्यायिक कार्यों में सुगमता आएगी तथा अधिवक्ताओं, एवं न्यायपालिका को बेहतर कार्य वातावरण प्राप्त होगा। अधिवक्ता इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हैं।
इसके साथ ही अधिवक्ताओं के बीच इस बात को लेकर गहरी निराशा एवं असंतोष भी है कि वर्षों से लंबित अधिवक्ताओं के चैम्बरों हेतु भूमि आवंटन का मुद्दा अब तक समाधान की प्रतीक्षा में है। लगभग 15 वर्षों से अधिवक्ता समुदाय इस मूलभूत आवश्यकता को लेकर लगातार मांग करता आ रहा है, किंतु आज तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
अधिवक्ताओं का मानना है कि केवल नई न्यायालय भवन का निर्माण पर्याप्त नहीं है। न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त एवं स्थायी चैम्बर व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है। बिना चैम्बर सुविधा के अधिवक्ताओं को अपने पेशेवर दायित्वों के निर्वहन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
एडवोकेट शैलेंदर बहल ने अधिवक्ता समुदाय के साथ राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि Tower of Justice के उद्घाटन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को पूर्णता प्रदान करते हुए अधिवक्ताओं के चैम्बरों के लिए लंबित भूमि आवंटन का निर्णय भी शीघ्र लिया जाए।