पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के जन्मशती वर्ष पर संगोष्ठी में विमर्श
चन्द्रशेखर ने विचारों और संघर्ष के बल पर राष्ट्रीय राजनीति में अलग पहचान बनाया- राम प्रसाद चौधरी
बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की जन्मशती वर्ष के अवसर पर आयोजित समारोह रविवार को गोविन्दराम सक्सेरिया इण्टर कॉलेज के सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने चन्द्रशेखर के संघर्षपूर्ण जीवन, राजनीतिक यात्रा, समाजवादी विचारधारा और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने चन्द्रशेखर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। चन्द्रशेखर के बाल्यकाल, छात्र जीवन, समाजवादी आन्दोलन से जुड़ाव, राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के सफर पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद रामप्रसाद चौधरी ने कहा कि चन्द्रशेखर जी भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे जिन्होंने हमेशा सिद्धांतों और मूल्यों को प्राथमिकता दी। कहा कि चन्द्रशेखर का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का उदाहरण रहा है। उन्होंने किसानों, गरीबों और आम जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाया। कहा कि छात्र जीवन से ही चन्द्रशेखर सामाजिक और राजनीतिक आन्दोलनों से जुड़े रहे। उन्होंने अपने विचारों और संघर्ष के बल पर राष्ट्रीय राजनीति में अलग पहचान बनाई। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
सांसद रामप्रसाद चौधरी ने कहा कि चन्द्रशेखर ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने युवा साथियों के माध्यम से देश को समाजवादी दिशा में ले जाने का प्रयास किया। देश को उबारने के लिहाज से जयप्रकाश नारायण के साथ आकर खड़े हो गए। इसकी कीमत उन्हें जेल में नजरबंदी के रूप में चुकानी पड़ी। इसके बावजूद भी वे झुके नहीं बल्कि समाजवाद के प्रति उनकी धारणा और बढ़ गई।
प्रो. राजकुमार जैन ने कहा कि युवा तुर्क के नाम से मशहूर रहे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर स्पष्टवादिता और निर्भीक निर्णयों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि देशहित के मुद्दों पर उनकी सोच हमेशा मजबूत रही। उनके राजनीतिक जीवन से सीख लेने की जरूरत है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि चन्द्रशेखर जी ने समाज के कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती दी। उनका मानना था कि राजनीति का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए।
डॉ. राकेश पाठक ने कहा कि चन्द्रशेखर का व्यक्तित्व संघर्ष और सादगी का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि आज के समय में उनके विचार और आदर्श समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
प्रो. अरूण त्रिपाठी ने कहा कि चन्द्रशेखर जी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का काम किया। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में जनहित को प्राथमिकता दी। अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि चन्द्रशेखर जी ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन ईमानदार राजनीति की मिसाल है। कहा कि चन्द्रशेखर जी का राजनीतिक सफर युवाओं के लिए प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज और राष्ट्र के हित में हमेशा अपनी आवाज बुलंद की।
डॉ. रघुवंशमणि त्रिपाठी ने कहा कि चन्द्रशेखर जी केवल एक राजनेता नहीं बल्कि एक विचारधारा थे। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते रहेंगे। रमेश कुमार ने कहा कि चन्द्रशेखर जी ने देश की एकता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विधायक महेन्द्रनाथ यादव, पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, अरूण कुमार श्रीवास्तव, श्याम जी त्रिपाठी ने कहा कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा में 400 से अधिक सीटें जीती थी। लेकिन राजीव गांधी सरकार पर लगे बोफोर्स घोटाले के आरोपों के बाद 1989 के चुनावों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई और जनता दल की सरकार बनी। एक वर्ष के अंतराल में ही भाजपा के समर्थन वापस लेने के कारण वीपी सिंह की सरकार अल्पमत में आ गई और उनकी पार्टी के 64 सांसद अलग हो गए। कांग्रेस के समर्थन से चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बन गए। 3 महीने के बाद ही कांग्रेस ने राजीव की जासूसी कराने के आरोप में चंद्रशेखर की पार्टी से समर्थन वापस ले लिया। आदर्शवादी नेता के रूप में पहचान वाले चंद्रेखर 21 जून 1991 को इस्तीफा देना पड़ा।
संचालन करते हुये कार्यक्रम संयोजक लोकतंत्र सेनानी डॉ. हरिओम श्रीवास्तव ने कहा कि चन्द्रशेखर जी ने राजनीति में पद से अधिक विचारों को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि जन्मशती समारोह का उद्देश्य उनके विचारों और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्यों रजवंत सिंह, राजकुमार पाण्डेय, अजय कुमार सिंह ‘अरुण’, अनिल कुमार सिंह, सुभाष नाथ, श्रवण कुमार सिंह, गोपाल जी गौतम, मो. इब्राहिम, प्रहलाद गुप्ता और सिराज अहमद आदि अतिथियों के स्वागत से लेकर कार्यक्रम की अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाला। समिति के सदस्यों ने कहा कि चन्द्रशेखर जी के विचार और सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चन्द्रशेखर के प्रति श्रद्धा रखने वाले उपस्थित रहे। मुख्य रूप से ब्रजेश मिश्र, अखण्ड प्रताप सिंह के साथ ही बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्र्रम के अंत में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविन्द चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।
Basti, Basti | Sep 27, 2026