*बस्ती: 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का महा आयोजन, सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय पाने का सुनहरा मौका - जिला जज ने रैली को दिखाई हरी झंडी*
*जनपद बस्ती, 09 सितंबर 2026।* राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जनपद बस्ती में आगामी *12
सितंबर 2026 दिन शनिवार* को राष्ट्रीय लोक अदालत का विशाल आयोजन किया जा रहा है। यह अदालत जनपद न्यायालय बस्ती के साथ-साथ सभी तहसील स्तर की अदालतों, परिवार न्यायालय और राजस्व न्यायालयों में एक साथ आयोजित होगी। इसी के प्रचार-प्रसार और आम जनता को जागरूक करने के लिए बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे *जनपद न्यायाधीश शमसुल हक* ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
*लोक अदालत में कौन-कौन से मामलों का होगा निस्तारण -*
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग हर प्रकार के सुलह-समझौता योग्य मामलों का निपटारा किया जाएगा।
*1. बैंक लोन व वसूली मामले:* भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक सहित सभी बैंकों के ऋण वसूली, क्रेडिट कार्ड, एनपीए मामलों में भारी ब्याज में छूट और एकमुश्त समझौता (OTS) की सुविधा दी जाएगी।
*2. मोटर दुर्घटना क्लेम:* सड़क हादसों से जुड़े मुआवजा मामलों का तुरंत निस्तारण, जिससे पीड़ित परिवारों को वर्षों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
*3. पारिवारिक विवाद:* पति-पत्नी के बीच तलाक, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा के मामले आपसी सुलह से खत्म कर परिवारों को टूटने से बचाया जाएगा।
*4. राजस्व मामले:* जमीन, खेत, विरासत, दाखिल-खारिज, धारा 34, 116 जैसे वर्षों से लंबित राजस्व वादों का मौके पर ही समाधान।
*5. विद्युत, जल व टेलीफोन बिल:* बिजली चोरी और बिल से जुड़े मामलों में सरचार्ज में विशेष छूट देकर समझौता कराया जाएगा।
*6. श्रम विवाद, मनरेगा और अन्य छोटे आपराधिक मामले* जो समझौता योग्य हैं, उनका भी निस्तारण होगा।
*जनता को लोक अदालत से क्या-क्या फायदे होते हैं -*
लोक अदालत आम आदमी के लिए वरदान है, इसके फायदे ही फायदे हैं *पहला सबसे बड़ा फायदा - त्वरित न्याय:* जो मुकदमा 10 साल में खत्म नहीं होता, वह लोक अदालत में एक ही दिन में खत्म हो जाता है।
*दूसरा - पैसे की बचत:* लोक अदालत में कोई कोर्ट फीस नहीं लगती। अगर आपने पहले फीस दी है तो मुकदमा सुलह से खत्म होने पर वह फीस वापस कर दी जाती है। वकीलों के चक्कर और तारीखों का खर्चा बचता है।
*तीसरा - कोई हार-जीत नहीं:* यह अदालत दुश्मनी नहीं दोस्ती कराती है। इसमें फैसला थोपा नहीं जाता, बल्कि दोनों पक्षों की रजामंदी से समझौता कराया जाता है, इसलिए कोई भी पक्ष हारता नहीं है। भविष्य में रिश्ते खराब नहीं होते।
*चौथा - अंतिम फैसला:* लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, इसलिए मामला हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। यह फैसला सिविल कोर्ट की डिक्री के समान होता है।
*पांचवां - कागजी कार्रवाई से मुक्ति:* सरल प्रक्रिया, वकील की अनिवार्यता नहीं, आप स्वयं अपना पक्ष रख सकते हैं।
*अदालत में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी -*
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वादकारियों के लिए विशेष सुविधाएं की गई हैं। सभी बेंचों पर पीने के पानी, बैठने, हेल्प डेस्क, अधिवक्ताओं की निशुल्क सहायता, बैंक अधिकारियों की मौजूदगी और पराविधिक स्वयं सेवकों द्वारा फॉर्म भरने में मदद की व्यवस्था रहेगी। बैंक स्टॉल लगाकर मौके पर ही OTS फार्म भरवाए जाएंगे।
*सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार प्रथम* ने बताया कि सभी पराविधिक स्वयं सेवकों को गांव-गांव जाकर लघु कैम्प लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि जिनके भी मामले लंबित हैं, वे 13 सितंबर को अपने दस्तावेजों के साथ न्यायालय पहुंचकर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Sep 9, 2026