Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
अमित_शाह
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
kosisamachaar
कोशी बैरेज से सीधी लाइव तस्वीर....
Kahara, Saharsa
| Oct 2, 2026
MORE NEWS
कोशी बराज का तेज धारा
Kahara, Saharsa | Oct 2, 2026
मॉडल स्कूल: सरकारी शिक्षा की बदलती तस्वीर बिहार सरकार की मॉडल स्कूल की पहल सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक एवं बेहतर आधारभूत संरचना के साथ गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन की व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार कर रही है। मॉडल स्कूलों का यह स्वरूप अभिभावकों के विश्वास को मजबूत कर रहा है। आज सरकारी विद्यालय भी आधुनिक सुविधाओं, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। यही बदलती तस्वीर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही है। मॉडल स्कूल — बेहतर शिक्षा, बेहतर वातावरण और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता बिहार।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
आपदा पर वश नहीं, लेकिन तत्परता और संवेदनशीलता से उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है छपरा 1 अक्टूबर 2026 आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन संकट की घड़ी में त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और समन्वित प्रयासों से उसके प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है। सारण जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान आपदा की स्थिति में इसका उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है। संकट में फंसे लोगों का लगातार सुरक्षित निष्क्रमण कर उन्हें सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षित स्थलों एवं राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता के अनुरूप नौका सेवा एवं चिकित्सा दलों का संचालन भी लगातार किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा लाचार एवं प्रभावित पशुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पशु चारा, पशु चिकित्सा एवं उपचार की व्यवस्था के साथ संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन पूरी तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान तेज, SDRF की 10 अतिरिक्त नावें तैनात छपरा 1 अक्टूबर 2026 सारण जिले में बाढ़ की आपात स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है। NDRF की नावों के अतिरिक्त SDRF की 10 अतिरिक्त नावों को भी रेस्क्यू अभियान के लिए तैयार किया गया है। इन नावों के माध्यम से विभिन्न पंचायतों में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की जा रही है। NDRF एवं SDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू कार्य के लिए तत्पर हैं। स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया गया है कि विभिन्न पंचायतों में पानी में फंसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा हरसंभव व्यवस्था की गई है। प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक राहत एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी लगातार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा तत्परता पूर्वक प्रत्येक स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा छपरा स्थित खेल भवन का निरीक्षण किया गया, जहां सूखा राशन के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर पैकेटिंग एवं राहत सामग्री की तैयारियों का निरीक्षण किया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक एवं समुचित दिशा-निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाढ़ की वर्तमान आपात स्थिति में प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमों का सहयोग करें। लोग अनावश्यक रूप से बाढ़ के पानी में प्रवेश न करें और ऐसी किसी गतिविधि से बचें, जिससे जान-माल की क्षति अथवा दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो। पानी में फंसे लोगों के संबंध में सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि रेस्क्यू टीम द्वारा उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके। पानापुर में डूबने से मृत दो युवकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि पानापुर प्रखंड में बाढ़ के पानी में डूबने से दो व्यक्तियों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है। मृतकों की पहचान अनिल कुमार, पिता–सुरेंद्र कुमार राय, ग्राम–चकिया, उम्र 19 वर्ष तथा सत्यम कुमार, पिता–मंजय कुमार सिंह, ग्राम–फजुली, उम्र 16 वर्ष के रूप में हुई है। आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के तहत दोनों मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का चेक प्रदान किया गया। माननीय सांसद महाराजगंज श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, माननीय विधायक तरैया श्री जनक सिंह, जिला पदाधिकारी सारण एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण की उपस्थिति में मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि का चेक सौंपा गया। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू, राहत, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए प्रशासन की सभी संबंधित टीमें एवं संसाधन लगातार सक्रिय हैं।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
किशनगंज में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ कार्यक्रम, डीएम समेत अधिकारियों ने किया श्रमदान..... see more
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
नगर निगम बटराहा वार्ड-34 में जमीन का बड़ा खेल? सरकारी जमीन पर घेराबंदी, महादलित परिवार ने मांगा रास्ता तो बढ़ा विवाद. विवादों के घेरे में नगर आयुक्त का बयान ?
Kahara, Saharsa | Oct 1, 2026
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें लगातार मुस्तैद, स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा जारी सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर लगातार जारी है। इसी क्रम में मेडिकल टीमों को भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रखा गया है, ताकि बाढ़ के बीच लोगों को समय पर स्वास्थ्य संबंधी सहायता मिल सके। स्वास्थ्य शिविर एवं मेडिकल कैंप के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का जायजा ले रही हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। आपदा की इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित नागरिकों तक राहत, बचाव और स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर पहुंचें और किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा - कैंप लगाकर ग्रामीणों की हो रही स्वास्थ्य जांच - नि:शुल्क दवा वितरण के साथ जरूरी परामर्श - बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर छपरा। सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद अमनौर, मकेर, पानापुर और तरैया प्रखंड के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग भी पूरी मुस्तैदी से जुटा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की तैनाती कर लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है और जरूरत के अनुसार नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जीवन रक्षक एवं आवश्यक दवाओं के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। टीम के सदस्य शिविरों में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं तथा बीमार लोगों की जांच कर उन्हें उपचार एवं दवा उपलब्ध करा रहे हैं। बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों, सर्दी-जुकाम, बुखार, त्वचा संबंधी समस्या सहित अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। गर्भवती महिलाओं की अलग से लाइन लिस्ट तैयार की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, पोषण और सुरक्षित प्रसव से संबंधित आवश्यक परामर्श भी दिया जा रहा है। चार प्रखंडों में कई मेडिकल टीमें सक्रिय जिला स्वास्थ्य समिति का डीपीएम अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान में मकेर प्रखंड में दो अस्थायी मेडिकल टीमों के साथ तीन मोबाइल मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। वहीं अमनौर में दो, तरैया में चार और पानापुर में छह मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। पानापुर में तैनात छह टीमों में दो मोबाइल टीमें भी शामिल हैं, जो जरूरत के अनुसार अलग-अलग प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की जांच कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आने वाले दिनों में भी टीमों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की तैयारी की है। शुक्रवार से मकेर प्रखंड में पांच, अमनौर में पांच, तरैया में चार और पानापुर में छह मेडिकल टीमें सक्रिय रूप से कार्य करेंगी। इन टीमों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था जारी रहेगी। आपात स्थिति के लिए भी स्वास्थ्य विभाग तैयार सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों को आवश्यक एवं जीवन रक्षक दवाओं के साथ तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रभावित आबादी तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि बाढ़ के बीच किसी भी व्यक्ति को इलाज या आवश्यक दवाओं के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान के साथ स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार मेडिकल टीमों की तैनाती और उनकी संख्या में आवश्यक बदलाव किया जा रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित लोगों को उनके आसपास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
Saharsa, Bihar | Oct 1, 2026