जनसेवा के पर्याय बने दमोह-दतिया कलेक्टर, नवाचारों और संवेदनशील कार्यशैली की प्रदेशभर में चर्चा
जनता से सीधा संवाद, त्वरित समाधान और जमीनी प्रशासन ने बनाई अलग पहचान
छतरपुर/दमोह। प्रशासनिक कार्यों में संवेदनशीलता, नवाचार और जनता से सीधा संवाद किसी भी अधिकारी की पहचान बन जाते हैं। मध्यप्रदेश में इन दिनों दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। दोनों अधिकारियों द्वारा किए जा रहे नवाचार और जनहित के निर्णय प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।
दोनों कलेक्टरों ने पारंपरिक कार्यालयी व्यवस्था से आगे बढ़कर प्रशासन को सीधे जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। गांवों में चौपाल लगाना, रात्रि विश्राम करना, स्कूलों और अस्पतालों का औचक निरीक्षण करना तथा आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का मौके पर निराकरण करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता बन गया है। इससे प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास का माहौल मजबूत हुआ है।
दमोह जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है। सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए गए प्रयोग मॉडल के रूप में देखे जा रहे हैं। जिले में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी उनके प्रयास चर्चा में हैं।
वहीं दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और जनसुनवाई की प्रभावी प्रणाली के माध्यम से लोगों का भरोसा जीता है। लंबित मामलों के शीघ्र समाधान और जवाबदेही तय करने की उनकी कार्यप्रणाली को प्रशासनिक हलकों में सराहा जा रहा है।
दोनों जिलों में प्रशासनिक नवाचारों के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अन्य जिलों के अधिकारी भी इन मॉडलों का अध्ययन कर रहे हैं। शासन स्तर पर भी इन पहलों को बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी दोनों कलेक्टरों के कार्यों को लेकर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आम नागरिकों का मानना है कि जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जमीनी स्तर पर पहुंचकर समस्याओं को समझते हैं और उनका समाधान करते हैं, तो प्रशासन की छवि स्वतः मजबूत होती है।
जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता और जनहित केंद्रित कार्यशैली ने दमोह और दतिया के इन दोनों कलेक्टरों को प्रशासनिक सेवा में एक नई पहचान दिलाई है। यही कारण है कि उनकी कार्यप्रणाली की गूंज अब पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है।
Collector Office Damoh
Damoh, Damoh | Jun 16, 2026