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सहयोग शिविर में आमजनों की समस्याओं का हुआ त्वरित समाधान, जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन के दिशा-निर्देश में जन शिकायतों के सरल, सुलभ एवं प्रभावी निवारण के उद्देश्य से जिले की चिन्हित पंचायतों तथा सभी नगर परिषद/नगर पंचायतों के चिन्हित वार्डों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिनके समाधान की दिशा में मौके पर आवश्यक कार्रवाई की गई। इस क्रम में जिलाधिकारी द्वारा नगर परिषद अररिया क्षेत्र अंतर्गत मिडिल स्कूल, जयप्रकाश नगर, वार्ड संख्या-07 तथा हाई स्कूल अररिया, वार्ड संख्या-23 में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सहयोग शिविर के सफल संचालन एवं आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वरीय पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों ने शिविर में उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों की सुनवाई की तथा संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के माध्यम से मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की। विदित हो कि आमजनों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी समस्याओं के समाधान की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहयोग शिविर प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाता है। यदि उक्त दिवस को सार्वजनिक अवकाश रहता है, तो अगले कार्य दिवस पर शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं शिकायतों का सहयोग पोर्टल पर पंजीकरण किया गया, जिससे शिकायतों के निष्पादन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होने के साथ-साथ मामलों की प्रगति की निगरानी और त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। इसके अलावा शिविर में उपस्थित आम नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों द्वारा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया एवं आवश्यक प्रावधानों से अवगत कराया गया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

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कोचाधामन: टुपामारी पुल के पास बाइक और कार की टक्कर, 1 गंभीर रूप से घायल

किशनगंज कोचाधामन टुपामारी पुल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। बाइक और कार की टक्कर में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। 

सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल भेजने में सहयोग किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।

`#Kochadhaman #Kishanganj #RoadAccident #BiharNews #BreakingNews`

कोचाधामन: टुपामारी पुल के पास बाइक और कार की टक्कर, 1 गंभीर रूप से घायल किशनगंज कोचाधामन टुपामारी पुल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। बाइक और कार की टक्कर में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल भेजने में सहयोग किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। `#Kochadhaman #Kishanganj #RoadAccident #BiharNews #BreakingNews`

Bahadurganj, Kishanganj | Aug 5, 2026

जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में पोठिया प्रखंड के कोल्था पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित

श्री नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, किशनगंज एवं श्री संतोष कुमार, पुलिस अधीक्षक, किशनगंज की संयुक्त अध्यक्षता में पोठिया प्रखंड अंतर्गत कोल्था पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान कोल्था पंचायत में कुल 91 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निष्पादन कर दिया गया। इनमें 45 आवेदन राजस्व (रेवेन्यू) विभाग से संबंधित थे, जबकि शेष आवेदन विभिन्न विभागों से संबंधित थे। वहीं, आज के शिविर में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 आवेदनों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया। जिला पदाधिकारी ने शेष लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया।

जिला पदाधिकारी ने सहयोग शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए अधिक से अधिक लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन देने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।

शिविर के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा नशामुक्ति अभियान, अवैध मादक पदार्थों के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों, गोपनीय शिकायतों के आधार पर की जा रही कार्रवाई तथा थाना स्तर पर चलाए जा रहे छापेमारी अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय एवं सतत संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया।

जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी, पोठिया को कोल्था पंचायत सरकार भवन की चारदीवारी में हो रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। साथ ही, आमजनों द्वारा प्राप्त रास्ता एवं नदी कटाव से संबंधित शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को पत्र भेजने का निर्देश दिया।

उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, पोठिया को निर्देशित किया कि सभी कार्यपालक सहायक पंचायत सरकार भवन में नियमित रूप से बैठकर आरटीपीएस से संबंधित सेवाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।

सहयोग शिविर में शामिल होने से पूर्व जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पोठिया स्थित प्रस्तावित Central Industrial Security Force (CISF) भूमि का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि जिन 22 लाभुकों का बंदोबस्ती पर्चा स्वीकृत हो चुका है, उन्हें शीघ्र पर्चा वितरित करते हुए संबंधित भूमि पर आवास स्थापित करने हेतु प्रेरित किया जाए। साथ ही संबंधित भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया, ताकि प्रस्तावित सीआईएसएफ निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जा सके।

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सहयोग शिविर को आमजन के लिए प्रभावी जनसेवा मंच के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया

जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में पोठिया प्रखंड के कोल्था पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित श्री नवीन कुमार, जिला पदाधिकारी, किशनगंज एवं श्री संतोष कुमार, पुलिस अधीक्षक, किशनगंज की संयुक्त अध्यक्षता में पोठिया प्रखंड अंतर्गत कोल्था पंचायत में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान कोल्था पंचायत में कुल 91 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निष्पादन कर दिया गया। इनमें 45 आवेदन राजस्व (रेवेन्यू) विभाग से संबंधित थे, जबकि शेष आवेदन विभिन्न विभागों से संबंधित थे। वहीं, आज के शिविर में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 27 आवेदनों का ऑन द स्पॉट निष्पादन किया गया। जिला पदाधिकारी ने शेष लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। जिला पदाधिकारी ने सहयोग शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए अधिक से अधिक लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन देने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। शिविर के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा नशामुक्ति अभियान, अवैध मादक पदार्थों के उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों, गोपनीय शिकायतों के आधार पर की जा रही कार्रवाई तथा थाना स्तर पर चलाए जा रहे छापेमारी अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय एवं सतत संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया। जिला पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी, पोठिया को कोल्था पंचायत सरकार भवन की चारदीवारी में हो रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। साथ ही, आमजनों द्वारा प्राप्त रास्ता एवं नदी कटाव से संबंधित शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को पत्र भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी, पोठिया को निर्देशित किया कि सभी कार्यपालक सहायक पंचायत सरकार भवन में नियमित रूप से बैठकर आरटीपीएस से संबंधित सेवाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। सहयोग शिविर में शामिल होने से पूर्व जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पोठिया स्थित प्रस्तावित Central Industrial Security Force (CISF) भूमि का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि जिन 22 लाभुकों का बंदोबस्ती पर्चा स्वीकृत हो चुका है, उन्हें शीघ्र पर्चा वितरित करते हुए संबंधित भूमि पर आवास स्थापित करने हेतु प्रेरित किया जाए। साथ ही संबंधित भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया, ताकि प्रस्तावित सीआईएसएफ निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जा सके। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सहयोग शिविर को आमजन के लिए प्रभावी जनसेवा मंच के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया

Bahadurganj, Kishanganj | Aug 5, 2026

किशनगंज के रेल विकास को लेकर सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद की बड़ी पहल

किशनगंज के माननीय सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने माननीय रेल मंत्री से मिलकर चार महत्वपूर्ण पत्र सौंपे और क्षेत्र की रेल सुविधाओं एवं यात्री समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

📌 प्रमुख मांगें—

🔹 बालुरघाट–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय में संशोधन एवं पोठिया स्टेशन पर दोनों दिशाओं में ठहराव।
🔹 ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाकर 12–14 कोच करने की मांग।
🔹 किशनगंज एवं ठाकुरगंज स्टेशनों पर पर्याप्त CCTV कैमरे एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना।
🔹 अमृत भारत स्टेशन योजना के स्वीकृत कार्यों में तेजी लाना।
🔹 SK-313 एवं SK-314 रेलवे फाटक पर ROB निर्माण की प्रक्रिया तेज करना।
🔹 गलगलिया रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव तथा स्वीकृत टर्मिनल प्वाइंट एवं रेक प्वाइंट का निर्माण शीघ्र शुरू करना।

सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने कहा कि सीमांचल के लाखों यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम रेल सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।

किशनगंज के विकास और जनता की सुविधा के लिए प्रयास लगातार जारी हैं। 🚆✊

#DrMohammadJawed #Kishanganj #Railway #RailwayDevelopment #Seemanchal #KishanganjMP #IndianRailways

किशनगंज के रेल विकास को लेकर सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद की बड़ी पहल किशनगंज के माननीय सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने माननीय रेल मंत्री से मिलकर चार महत्वपूर्ण पत्र सौंपे और क्षेत्र की रेल सुविधाओं एवं यात्री समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग की। 📌 प्रमुख मांगें— 🔹 बालुरघाट–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस के समय में संशोधन एवं पोठिया स्टेशन पर दोनों दिशाओं में ठहराव। 🔹 ट्रेनों में कोचों की संख्या बढ़ाकर 12–14 कोच करने की मांग। 🔹 किशनगंज एवं ठाकुरगंज स्टेशनों पर पर्याप्त CCTV कैमरे एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना। 🔹 अमृत भारत स्टेशन योजना के स्वीकृत कार्यों में तेजी लाना। 🔹 SK-313 एवं SK-314 रेलवे फाटक पर ROB निर्माण की प्रक्रिया तेज करना। 🔹 गलगलिया रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव तथा स्वीकृत टर्मिनल प्वाइंट एवं रेक प्वाइंट का निर्माण शीघ्र शुरू करना। सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आज़ाद ने कहा कि सीमांचल के लाखों यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम रेल सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। किशनगंज के विकास और जनता की सुविधा के लिए प्रयास लगातार जारी हैं। 🚆✊ #DrMohammadJawed #Kishanganj #Railway #RailwayDevelopment #Seemanchal #KishanganjMP #IndianRailways

Bahadurganj, Kishanganj | Aug 5, 2026

गोल्डन ऑवर में जीवन बचाने की नई उम्मीद: किशनगंज सदर अस्पताल में शुरू हुई गहन चिकित्सा सेवा

10 बेड वाले आईसीयू का जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने किया उद्घाटन, फिलहाल दो वेंटिलेटर युक्त बेड से होगी शुरुआत

अब गंभीर मरीजों को उपचार के लिए बाहर रेफर करने की मजबूरी होगी कम

सुरक्षित मातृत्व, ट्रॉमा केयर और आपातकालीन चिकित्सा को मिली नई मजबूती

किसी भी गंभीर मरीज के लिए जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी कई बार किलोमीटर में नहीं, बल्कि कुछ मिनटों में तय होती है। सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, मस्तिष्काघात, अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण, श्वसन विफलता या प्रसव के दौरान अचानक उत्पन्न जटिलताओं में उपचार का पहला घंटा जिसे चिकित्सा विज्ञान 'गोल्डन ऑवर' कह जाता  है सबसे निर्णायक होता है। यदि इस अवधि में मरीज को वेंटिलेटर सहायता, प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम और गहन निगरानी उपलब्ध हो जाए तो उसके बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लेकिन लंबे समय तक किशनगंज में आईसीयू सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता था। रेफरल की प्रक्रिया में उपचार का सबसे महत्वपूर्ण समय बीत जाता था और कई परिवारों को आर्थिक, मानसिक तथा चिकित्सकीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।इसी चुनौती को कम करने की दिशा में सदर अस्पताल, किशनगंज में स्थापित 10 बेड वाले आधुनिक गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) का उद्घाटन सदर विधायक कमरुल होदा एवं जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से किया। प्रथम चरण में दो वेंटिलेटर युक्त बेड से सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। आवश्यक उपकरणों और मानव संसाधनों की उपलब्धता के साथ शेष बेड चरणबद्ध तरीके से संचालित किए जाएंगे। आईसीयू के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों का चौबीसों घंटे रोस्टर तैयार किया गया है। जिले में उपलब्ध जनरल सर्जन तथा एनेस्थेटिस्ट भी गंभीर मरीजों के उपचार में निरंतर अपनी सेवाएं देंगे।

अब रेफरल नहीं, समय पर उपचार बनेगा प्राथमिकता

अब तक सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर संक्रमण, श्वसन संबंधी जटिलताओं, विषाक्तता और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बाहर भेजना पड़ता था। रेफरल के दौरान उपचार में देरी कई बार मरीज की स्थिति को और गंभीर बना देती थी। नई आईसीयू व्यवस्था के बाद प्राथमिक स्थिरीकरण, वेंटिलेटर सहायता और गहन निगरानी जैसी जीवनरक्षक सेवाएं जिले में ही उपलब्ध होंगी। इससे गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार शुरू करना संभव होगा, जो गंभीर मरीजों के जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

मातृ स्वास्थ्य को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

आईसीयू की उपलब्धता का सबसे बड़ा लाभ जटिल प्रसूति सेवाओं में दिखाई देगा। पहले दूसरे सिजेरियन प्रसव अथवा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को आईसीयू सुविधा के अभाव में उच्च संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता था। अब जनरल सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और आईसीयू सुविधा उपलब्ध होने से जटिल सिजेरियन प्रसव तथा प्रसवोत्तर गंभीर स्थितियों का उपचार सदर अस्पताल में ही संभव होगा। इससे सुरक्षित मातृत्व को मजबूती मिलेगी और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर कम करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव

आईसीयू केवल एक वार्ड नहीं, बल्कि जीवनरक्षक चिकित्सा व्यवस्था का केंद्र होता है, जहाँ प्रशिक्षित चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मी, आधुनिक उपकरण और निरंतर निगरानी एक साथ कार्य करते हैं। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए 24×7 ड्यूटी व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि किसी भी समय आने वाले गंभीर मरीज को तत्काल उपचार मिल सके। यह व्यवस्था जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी।

समय पर उपचार ही सबसे बड़ी जीवनरक्षक व्यवस्था

उद्घाटन के अवसर पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को उसके अपने जिले में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आईसीयू की शुरुआत से गंभीर मरीजों को गोल्डन ऑवर के भीतर आवश्यक उपचार मिलेगा, जिससे अनावश्यक रेफरल कम होंगे और लोगों का समय, धन तथा जीवन—तीनों की रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल दो वेंटिलेटर युक्त बेड से सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं और शीघ्र ही सभी दस बेड पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किए जाएंगे।सिविल सर्जन ने कहा कि प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों का चौबीसों घंटे रोस्टर तैयार किया गया है तथा जनरल सर्जन और एनेस्थेटिस्ट की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को समन्वित उपचार मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा न केवल ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर को मजबूत करेगी, बल्कि सुरक्षित मातृत्व और जटिल सर्जरी सेवाओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। सदर अस्पताल में आईसीयू की शुरुआत केवल एक नई इकाई का उद्घाटन नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में उस परिवर्तन का संकेत है जहाँ गंभीर मरीजों का जीवन बचाने की दौड़ अब रेफरल से नहीं, बल्कि तत्काल उपचार से शुरू होगी। यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इस विश्वास को मजबूत करती है कि संकट की घड़ी में गुणवत्तापूर्ण उपचार अब जिले के लोगों को अपने ही सदर अस्पताल में उपलब्ध होगा।

गोल्डन ऑवर में जीवन बचाने की नई उम्मीद: किशनगंज सदर अस्पताल में शुरू हुई गहन चिकित्सा सेवा 10 बेड वाले आईसीयू का जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने किया उद्घाटन, फिलहाल दो वेंटिलेटर युक्त बेड से होगी शुरुआत अब गंभीर मरीजों को उपचार के लिए बाहर रेफर करने की मजबूरी होगी कम सुरक्षित मातृत्व, ट्रॉमा केयर और आपातकालीन चिकित्सा को मिली नई मजबूती किसी भी गंभीर मरीज के लिए जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी कई बार किलोमीटर में नहीं, बल्कि कुछ मिनटों में तय होती है। सड़क दुर्घटना, हृदयाघात, मस्तिष्काघात, अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण, श्वसन विफलता या प्रसव के दौरान अचानक उत्पन्न जटिलताओं में उपचार का पहला घंटा जिसे चिकित्सा विज्ञान 'गोल्डन ऑवर' कह जाता है सबसे निर्णायक होता है। यदि इस अवधि में मरीज को वेंटिलेटर सहायता, प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम और गहन निगरानी उपलब्ध हो जाए तो उसके बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लेकिन लंबे समय तक किशनगंज में आईसीयू सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता था। रेफरल की प्रक्रिया में उपचार का सबसे महत्वपूर्ण समय बीत जाता था और कई परिवारों को आर्थिक, मानसिक तथा चिकित्सकीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।इसी चुनौती को कम करने की दिशा में सदर अस्पताल, किशनगंज में स्थापित 10 बेड वाले आधुनिक गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) का उद्घाटन सदर विधायक कमरुल होदा एवं जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से किया। प्रथम चरण में दो वेंटिलेटर युक्त बेड से सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं। आवश्यक उपकरणों और मानव संसाधनों की उपलब्धता के साथ शेष बेड चरणबद्ध तरीके से संचालित किए जाएंगे। आईसीयू के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों का चौबीसों घंटे रोस्टर तैयार किया गया है। जिले में उपलब्ध जनरल सर्जन तथा एनेस्थेटिस्ट भी गंभीर मरीजों के उपचार में निरंतर अपनी सेवाएं देंगे। अब रेफरल नहीं, समय पर उपचार बनेगा प्राथमिकता अब तक सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर संक्रमण, श्वसन संबंधी जटिलताओं, विषाक्तता और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बाहर भेजना पड़ता था। रेफरल के दौरान उपचार में देरी कई बार मरीज की स्थिति को और गंभीर बना देती थी। नई आईसीयू व्यवस्था के बाद प्राथमिक स्थिरीकरण, वेंटिलेटर सहायता और गहन निगरानी जैसी जीवनरक्षक सेवाएं जिले में ही उपलब्ध होंगी। इससे गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार शुरू करना संभव होगा, जो गंभीर मरीजों के जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। मातृ स्वास्थ्य को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ आईसीयू की उपलब्धता का सबसे बड़ा लाभ जटिल प्रसूति सेवाओं में दिखाई देगा। पहले दूसरे सिजेरियन प्रसव अथवा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को आईसीयू सुविधा के अभाव में उच्च संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता था। अब जनरल सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और आईसीयू सुविधा उपलब्ध होने से जटिल सिजेरियन प्रसव तथा प्रसवोत्तर गंभीर स्थितियों का उपचार सदर अस्पताल में ही संभव होगा। इससे सुरक्षित मातृत्व को मजबूती मिलेगी और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर कम करने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। स्वास्थ्य व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव आईसीयू केवल एक वार्ड नहीं, बल्कि जीवनरक्षक चिकित्सा व्यवस्था का केंद्र होता है, जहाँ प्रशिक्षित चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मी, आधुनिक उपकरण और निरंतर निगरानी एक साथ कार्य करते हैं। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए 24×7 ड्यूटी व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि किसी भी समय आने वाले गंभीर मरीज को तत्काल उपचार मिल सके। यह व्यवस्था जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी। समय पर उपचार ही सबसे बड़ी जीवनरक्षक व्यवस्था उद्घाटन के अवसर पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को उसके अपने जिले में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि आईसीयू की शुरुआत से गंभीर मरीजों को गोल्डन ऑवर के भीतर आवश्यक उपचार मिलेगा, जिससे अनावश्यक रेफरल कम होंगे और लोगों का समय, धन तथा जीवन—तीनों की रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल दो वेंटिलेटर युक्त बेड से सेवाएं प्रारंभ की जा रही हैं और शीघ्र ही सभी दस बेड पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किए जाएंगे।सिविल सर्जन ने कहा कि प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों का चौबीसों घंटे रोस्टर तैयार किया गया है तथा जनरल सर्जन और एनेस्थेटिस्ट की उपलब्धता से गंभीर मरीजों को समन्वित उपचार मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा न केवल ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर को मजबूत करेगी, बल्कि सुरक्षित मातृत्व और जटिल सर्जरी सेवाओं को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। सदर अस्पताल में आईसीयू की शुरुआत केवल एक नई इकाई का उद्घाटन नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में उस परिवर्तन का संकेत है जहाँ गंभीर मरीजों का जीवन बचाने की दौड़ अब रेफरल से नहीं, बल्कि तत्काल उपचार से शुरू होगी। यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इस विश्वास को मजबूत करती है कि संकट की घड़ी में गुणवत्तापूर्ण उपचार अब जिले के लोगों को अपने ही सदर अस्पताल में उपलब्ध होगा।

Bahadurganj, Kishanganj | Aug 5, 2026