समाहर्यालय पूर्णिया ,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति:-1220,
दिनांक 27/08/2026,
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आम्रपाली प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णिया में गुरुवार को तीसरे दिन झूमर, सोहर एवं कजरी लोकगीत और लोकनृत्य प्रशिक्षण में कजरी लोक नृत्य और पामरिया नृत्य की दी गई जानकारी:--
कला एवं संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन पूर्णिया के तत्वावधान में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी, पूर्णिया में आयोजित 15 दिवसीय विलुप्तप्राय लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के तिसरे दिन प्रशिक्षुओं को बिहार की समृद्ध लोक सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी झूमर, कजरी,सोहर लोकगीत एवं कजरी लोक नृत्य और पामरिया लोकनृत्य की विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
झूमर, कजरी और सोहर जैसी लोकगीत विधाएं जहां हमारी पारिवारिक और सामाजिक परंपराओं को जीवंत रखती हैं, वहीं पामरिया और कजरी जैसे लोकनृत्य हमारी लोक संस्कृति पहचान हैं ।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं ने पूरे उत्साह के साथ गायन एवं नृत्य का अभ्यास किया। तिसरे दिन के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को लोक विधाओं को सीखने के साथ-साथ परंपरागत स्वरूप और मंचीय प्रस्तुति को बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 अगस्त से 08 सितंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
जिसमें प्रतिभागियों को बिहार की विलुप्तप्राय लोकगीत एवं लोकनृत्य परंपराओं की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
जिला कला एवं संस्कृत पदाधिकारी श्री पंकज कुमार पटेल ने बताया कि अभी भी रजिस्ट्रेशन एवं नामांकन हो रहा है । जिन लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित नहीं की है। वह यथाशीघ्र आए और अपना रजिस्ट्रेशन एवं नामांकन काराये यह कार्यशाला निःशुल्क आयोजित की जा रही है ।
Purnia, Bihar | Aug 27, 2026