दुर्गा पूजा पर गया में प्रशासन का मेगा सुरक्षा प्लान! DM-SSP ने संभाला मोर्चा, पंडाल से विसर्जन घाट तक सख्त निगरानी
रावण दहन में मजबूत बैरिकेडिंग, हर पंडाल में CCTV और अग्निशमन की व्यवस्था अनिवार्य; विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती का निर्देश, ड्यूटी में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
गयाजी। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पूजा पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ से लेकर रावण दहन के कार्यक्रम और मूर्ति विसर्जन तक, हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में रविवार, 18 अक्टूबर को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने जिले के विभिन्न पूजा पंडालों, रावण दहन स्थलों और मूर्ति विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता साफ रही—पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, भीड़ अनियंत्रित न हो और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम पहले से मौजूद रहें। सुरक्षा व्यवस्था में अग्निशमन, CCTV निगरानी, प्रवेश और निकास द्वार, पहुंच पथ, बिजली के तार, बैरिकेडिंग, रोशनी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई।
रुक्मिणी सरोवर से सीता कुंड तक सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल
जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने रुक्मिणी सरोवर, मां मंगला गौरी मंदिर के समीप स्थित क्षेत्र, सीता कुंड तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रसलपुर स्थित रावण दहन और मूर्ति विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। इन स्थानों पर जुटने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे और किसी स्थान पर भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध हो। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने और आयोजन से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा।
पूजा पंडालों से लेकर रावण दहन और विसर्जन स्थलों तक सुरक्षा इंतजामों की नियमित निगरानी जरूरी बताई गई, ताकि किसी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
हर पूजा पंडाल में CCTV, अग्निशमन और सुरक्षित रास्तों पर जोर
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने पूजा पंडालों में अग्निशमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पंडालों में CCTV कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था रखने और प्रवेश एवं निकास द्वारों को व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। श्रद्धालुओं को रास्तों और निकास द्वारों की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए पर्याप्त साइनेज लगाने का भी निर्देश दिया गया।
भीड़ के दौरान प्रवेश और निकास के रास्ते बाधित होने से परेशानी बढ़ सकती है। इसे देखते हुए पंडाल प्रबंधन और संबंधित पदाधिकारियों को आवाजाही की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रास्ते स्पष्ट और उपयोग के योग्य रहने चाहिए।
जिलाधिकारी ने पूजा पंडालों तक पहुंचने वाले रास्तों का भी जायजा लिया। जहां आवश्यकता हो, वहां पहुंच पथों का समतलीकरण कराने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी नहीं हो। बिजली के तारों की पर्याप्त ऊंचाई सुनिश्चित करने और विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन कराने को भी कहा गया।
प्रशासन का उद्देश्य है कि सजावट, रोशनी और अन्य व्यवस्थाओं के बीच बिजली से जुड़ा कोई जोखिम पैदा नहीं हो। इसके लिए संबंधित विभागों को समय रहते आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया।
रावण दहन में मजबूत बैरिकेडिंग, भीड़ पर रहेगी नजर
रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। रसलपुर सहित निर्धारित स्थलों पर दर्शकों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि रावण दहन स्थल पर बैरिकेडिंग पर्याप्त मजबूत और सुरक्षित होनी चाहिए। दर्शकों को निर्धारित सीमा में रखने और कार्यक्रम स्थल पर भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाएं। किसी भी स्थिति में दर्शकों की भीड़ सुरक्षा घेरे को पार कर जोखिम वाले क्षेत्र तक नहीं पहुंचे, इसका ध्यान रखने को कहा गया।
इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को जरूरी सूचनाएं देने और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाओं की जांच कर लें और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराएं।
विसर्जन घाटों पर गोताखोर अनिवार्य, रोशनी के लिए जनरेटर और हैलोजन
मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक निर्धारित विसर्जन स्थल पर गोताखोरों की अनिवार्य रूप से प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए। विसर्जन के समय पानी के पास श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा संबंधी सभी जरूरी इंतजाम पहले से उपलब्ध रहने चाहिए।
विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी के लिए जनरेटर के साथ हैलोजन लाइट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इससे कम रोशनी या अंधेरा होने की स्थिति में भी लोगों की आवाजाही और सुरक्षा प्रबंधन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की व्यवस्था रखने को कहा गया।
प्रशासन ने संबंधित पदाधिकारियों को विसर्जन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। गोताखोरों की तैनाती, पर्याप्त रोशनी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को महत्वपूर्ण मानते हुए इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से काम करने को कहा गया है।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी, अधिकारियों को समन्वय का निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। भीड़ बढ़ने की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी संबंधित इकाइयों के बीच तालमेल जरूरी बताया गया।
दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों, रावण दहन और मूर्ति विसर्जन से जुड़े कार्यक्रमों में अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर पहले से तैयारी रखने और किसी भी समस्या पर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभिन्न स्थलों पर प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी अपने निर्धारित ड्यूटी स्थलों पर पूरी निष्ठा, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें। सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी सतर्कता से करें और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं रहने दें।
शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन की सख्ती
गया जिला प्रशासन का जोर दुर्गा पूजा से जुड़े सभी कार्यक्रमों को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है। इसके लिए पूजा पंडालों में अग्निशमन और CCTV व्यवस्था, रावण दहन स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग तथा विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती जैसे महत्वपूर्ण इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निरीक्षण के बाद संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब सभी व्यवस्थाओं को निर्देशों के अनुरूप दुरुस्त रखने और निर्धारित ड्यूटी का जिम्मेदारी से निर्वहन करने पर जोर रहेगा।
प्रशासन ने साफ किया है कि दुर्गा पूजा, रावण दहन और मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकें।