समाहरणालय पूर्णिया,
जनसंपर्क कार्यालय,
प्रेस विज्ञप्ति:-1371,
दिनांक 14/9/2029,
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पूर्णिया जिला प्रशासन द्वारा रूपौली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी;- जलस्तर में गिरावट से जनजीवन सामान्य होने की ओर:-
गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि और कारी कोशी के बैक वाटर से रूपौली अंचल की कुछ पंचायतों में उत्पन्न हुई स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
जिला पदाधिकारी पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) के दिशा-निर्देशन में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
वर्तमान में नदियों के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और जलजमाव की स्थिति में सुधार के साथ जनजीवन तेजी से सामान्य अवस्था की ओर लौट रहा है।
वरीय अधिकारियों की टीम ग्राउंड जीरो पर लगातार मुस्तैद रहकर स्थिति का जायजा ले रही है।
जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों क्रमशः---
यातायात एवं नाव परिचालन:-- प्रभावित इलाकों में सुगम आवागमन और खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए 4 सरकारी तथा 16 अधिग्रहित (कुल 20) नावें निरंतर संचालित की जा रही हैं।
सामुदायिक रसोई एवं राशन वितरण:-- पीड़ितों को ताजा व पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने हेतु रूपौली अंचल में 7 सामुदायिक रसोई केंद्र पूरी तरह सक्रिय हैं। दिनांक 13 सितंबर 2026 तक कुल 19,928 व्यक्ति इन केंद्रों पर भोजन कर चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, बाढ़ से घिरे परिवारों के बीच अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (धमदाहा) एवं अंचल अधिकारी (रूपौली) द्वारा घर-घर जाकर 1,000 सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।
चिकित्सा सेवा एवं बोट एंबुलेंस:-- स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 13 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं तथा जलमग्न क्षेत्रों के लिए 1 विशेष बोट एंबुलेंस तैनात है। अब तक 7,291 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
शुद्ध पेयजल एवं बीमारियों से बचाव हेतु 9,376 हैलोजन टैबलेट्स तथा 695 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है।
पशु संरक्षण एवं चारा व्यवस्था:- मवेशियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए 3 विशेष पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से 1,524 पशुओं का उपचार किया गया है। साथ ही, पशुपालकों के बीच 273.45 क्विंटल पशुचारा का वितरण किया गया है।
आश्रय एवं पॉलिथीन वितरण:-प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए 1,200 से अधिक पॉलिथीन शीट्स वितरित की गई हैं।
पेयजल एवं स्वच्छता: पीएचईडी (PHED) विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में चापाकलों की मरम्मत, 2 जल टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति और 17 अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
जिला स्तर पर 24×7 आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (DEOC) सक्रिय आपात स्थिति से निपटने और त्वरित सहायता के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) 24 घंटे कार्यरत है।
आम नागरिक किसी भी सहायता या सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर 06454-242319 / 06454-242317 / 06454-242320 या ईमेल deoc-purnea.bih@nic.in पर संपर्क कर सकते हैं।
जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील:-
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जलस्तर में सुधार हो रहा है, लेकिन बाढ़ के बाद स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता बरतें। उल्टी, दस्त, तेज बुखार, पीलिया या त्वचा में संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य शिविर या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से संपर्क करें।
घर पर ओआरएस (ORS) पैकेट एवं आवश्यक प्राथमिक दवाएं रखें और बिना चिकित्सीय परामर्श के एंटीबायोटिक का सेवन न करें। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Purnia, Bihar | Sep 14, 2026