दिल्ली हादसे के पीडि़तों को यूथ कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, कैंडल मार्च निकाल कर की सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग
सरकार व सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण मासूमों ने गंवाई जान, पूरे तंत्र के मुंह पर तमाचा दिल्ली की घटना : मनदीप सुई
भिवानी, 08 सितंबर : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई दर्दनाक घटना ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। हादसे में मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु से हर आंख नम है। इस हृदयविदारक त्रासदी के विरोध और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर शहर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला और मासूमों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
हाथों में मोमबत्तियां थामे युवाओं और नागरिकों ने गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि जलाई गई मोमबत्तियां केवल रोशनी का प्रतीक नहीं थी, बल्कि यह इंसाफ, जवाबदेही और एक सुरक्षित भविष्य की पुरजोर उम्मीद हैं। प्रदर्शनकारियों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले, शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो और हादसे में घायल बच्चे जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटें।
कैंडल मार्च के दौरान यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनदीप सुई ने इस पूरी घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन की लापरवाही पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक अनदेखी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर परिणाम है। मासूम बच्चों की जान चली जाना पूरे तंत्र के मुंह पर एक तमाचा है। हम इस दुख की घड़ी में पीडि़त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और जब तक दोषियों की पहचान कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी। सरकार को तुरंत प्रभाव से घायल बच्चों के समुचित और नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था करनी चाहिए तथा पीडि़त परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए।
इस मौके पर यूथ कांगे्रस के प्रदेश महासचिव योगिंद्र सोनी व हल्का प्रधान रजत कालड़ा ने कहा कि छात्रों और युवाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सत्य निकेतन जैसी घनी आबादी और छात्र बाहुल्य क्षेत्र में इस तरह की दुर्घटना होना व्यवस्था की बहुत बड़ी नाकामी को दर्शाता है। छात्र नेता सुमित बराड़ व विनीत पंघाल ने अपना रोष व्यक्त करते हुए कहा कि हर बार ऐसे हादसों के बाद केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह कैंडल मार्च केवल एक शोक सभा नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था को जगाने का एक सशक्त प्रयास है। इस अवसर पर सतीश बेनिवाल, दिनेश, रोहित धानिया, पंकज, हिमांशु, राजेश, कमल, नितिन, सुनील, सोनू, अमित, मुकेश, अशोक सहित अनेक युवा मौजूद रहे।