बागपत: एनजीटी नियमों के तहत पुराने वाहनों की जब्ती पर भड़के किसान, एआरटीओ को धरना स्थल पर बैठाकर सुनाई खरी-खोटी
एनसीआर में अवधि पूर्ण कर चुके वाहनों को जब्त किए जाने के विरोध में भाकियू समेत कई किसान संगठनों ने एआरटीओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। एआरटीओ विपिन कुमार और पीटीओ संदीप जायसवाल को धरना स्थल पर बैठाकर खरी-खोटी सुनाई गई।
अधिकारियों की गाड़ी के आगे ट्राली खड़ी कर दी गई। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के भांजे राजेंद्र चौधरी ने यहां तक कह दिया कि दादागिरी नहीं चलेगी, पुराने वाहन पकड़े तो जूते पड़ेंगे। भाकियू ने वार्ता के बाद एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित किया है।
परिवहन विभाग के अधिकारी 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को जब्त कर स्क्रैप सेंटर भेज रहे हैं। 400 से ज्यादा वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जिले में 40 हजार वाहनों पर कार्रवाई होनी है। इसके विरोध में बुधवार को भाकियू के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर के नेतृत्व में एआरटीओ कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। एआरटीओ व पीटीओ को कार्यालय पर लेने पहुंचे, नहीं आए तो हंगामा बढ़ गया। इसके बाद दोनों अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। उनकी किसानों से नोकझोंक भी हुई। प्रताप सिंह ने कहा कि एक दिन का धरना देकर ट्रेलर दिखाया गया है। अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई तो बड़ा आंदोलन होगा।
टिकैत के भांजे एवं भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि जनपद चले न चले, यहां पर लीपापोती नहीं चलेगी, जिसकी बाइक ले रखी है उन्हें लौटाई जाए। बेचने के लिए आठ दिन का समय दिया जाए, कार्रवाई करनी है तो नोटिस दिया जाए, दादागिरी नहीं चलने दी जाएगी। इसके बाद वाहन पकड़े तो जूते पडेंगे।
साथ ही भाकियू नेताओं ने कहा कि हिंडन और कृष्णी नदी कैंसर परोस रही हैं। यदि प्रदूषण की इतनी चिंता है तो एनजीटी और अन्य अधिकारी दोनों नदियों की सफाई कराएं। थांबा चौधरी यशपाल सिंह, खाप चौधरी ओमपाल दांगी, जिला जाट महासभा के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष सिंह तोमर ने भी विचार रखे।
प्रताप सिंह का कहना है कि वार्ता में सहमति बनी है कि आरटीओ उक्त वाहनों पर कार्रवाई नहीं करेंगे तथा उच्चाधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराएंगे। एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित किया गया है। उधर, एआरटीओ का कहना है कि फिलहाल कार्रवाई जारी रहेगी। पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा, जिनके आदेश का पालन किया जाएगा।
Baghpat, Bagpat | Sep 24, 2026