बागपत में पुराने वाहनों पर कार्रवाई का विरोध:RTO कार्यालय पर किसान संगठनों का धरना, बड़े आंदोलन की चेतावनी
बागपत में पुराने वाहनों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में किसान संगठनों ने आरटीओ कार्यालय पर धरना दिया। किसानों ने साफ किया कि अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी परिवहन विभाग के अधिकारियों की होगी।
बागपत में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई हो रही है। परिवहन विभाग 400 से ज्यादा वाहनों पर कार्रवाई कर उन्हें स्क्रैप के लिए भेज चुका है। जिले भर में 40 हजार वाहन ऐसे हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है।
आरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है। यह आगे भी जारी रहेगी। एआरटीओ के धरने में न पहुंचने पर किसानों ने नाराजगी जताई। उन्होंने एआरटीओ के ऑफिस में पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद एआरटीओ विपिन कुमार और पीटीओ मौके पर पहुंचे। किसानों का धरना अभी भी जारी है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) समेत कई किसान संगठन आरटीओ कार्यालय पर धरना दे रहे हैं।
समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दल इस कार्रवाई को लेकर भाजपा पर हमलावर हैं। उनका कहना है कि सरकार स्क्रैप कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए यह अभियान चला रही है।
भाकियू कार्यकर्ता प्रदीप धामा ने कहा कि आज सिर्फ एक दिन का धरना देकर ट्रेलर दिखाया गया है। अगर यह कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने महेंद्र सिंह टिकैत के जिला बनने पर हुए आंदोलन जैसा ही अभियान चलाने की बात कही।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि सरकार मनमानी कर रही है। अधिकारियों का रवैया तानाशाह जैसा है। इस कार्रवाई से जरूरतमंद किसानों पर आर्थिक और मानसिक रूप से बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इस कार्रवाई को तुरंत रोका जाए, नहीं तो जिले में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
Baghpat, Bagpat | Sep 23, 2026