उद्यानिकी विभाग की पहल से बड़वानी जिले के श्री रोहन शिंदे ने घर पर शुरू की मशरूम की खेती
बड़वानी 16 अक्टूबर 2026/इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिले तो व्यक्ति किसी भी विषम परिस्थिति में अपने लिए स्वरोजगार के नए अवसर तलाश सकता है। ऐसा ही उदाहरण बड़वानी जिले के सेंधवा निवासी श्री रोहन शिंदे ने पेश किया है। पेट्रोल पंप पर कार्य करने वाले रोहन ने अपनी आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में कुछ नया करने के उद्देश्य से उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से प्रेरित होकर मशरूम उत्पादन की शुरुआत की है।
उद्यानिकी विभाग द्वारा उन्हें मशरूम उत्पादन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण से प्रेरित होकर उन्होंने मशरूम की वैज्ञानिक खेती करने का निर्णय लिया। खेती के लिए आवश्यक मशरूम का बीज ऑनलाइन माध्यम से इंदौर से मंगवाया गया। उन्होंने लगभग 10 दिन पूर्व मशरूम उगाने की प्रक्रिया शुरू की है। यह फसल अगले 30 से 45 दिनों में बिक्री के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
*कम लागत और बिना मिट्टी के घर पर उत्पादन*
श्री रोहन शिंदे ने बताया कि मशरूम की खेती के लिए जमीन या उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती। इसे घर के अंदर ही कम जगह में आसानी से उगाया जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से गेहूं, सोयाबीन या मक्का का भूसा, स्टरलाइजेशन (कीटाणुरहित करने) के लिए फॉर्मेलिन, पॉलिथीन बैग, रस्सी और स्टैंड जैसी साधारण सामग्रियों का उपयोग होता है।
*लोकल से लेकर इंदौर तक के बाजारों में बिक्री की योजना*
तैयार मशरूम को स्थानीय स्तर पर सेंधवा, आसपास के क्षेत्र सिरपूर और बड़े शहर इंदौर के बाजारों में बेचा जाएगा।
उद्यानिकी विभाग की यह पहल न केवल युवाओं को पारंपरिक खेती से अलग हटकर आधुनिक एवं कम लागत वाले कृषि व्यवसाय की ओर प्रेरित कर रही है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है।
19 views | Barwani, Madhya Pradesh | Oct 16, 2026