बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चमथा तीन पंचायत स्थित पंचायत भवन परिसर में डॉ. राजेंद्र प्रसाद दुग्ध उत्पादक समिति गोपालपुर दियारा ने 158 पशुपालकों के बीच बोनस वितरण। जहां कुल 3,23,239.32 रुपए के साथ बाल्टी, मिठाई और मवेशियों के लिए रस्सी बांटी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत दुग्ध संघ बरौनी के प्रबंध निदेशक रवींद्र कुमार, पशु चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार, क्षेत्र प्रभारी सुशील कुमार राय, बछवाड़ा सीपीआई अंचल मंत्री भूषण सिंह, विद्यापति नगर के अंचल मंत्री भागवत प्रसाद सिंह और चमथा तीन पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शिवनारायण राउत ने दीप प्रज्वलित कर की। मंच का संचालन सुपरवाइजर जीवछ यादव और पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार राय ने किया।
इसके बाद गोपालपुर दुग्ध समिति के संस्थापक दिवंगत शिव शंकर राय के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित श्रद्धांजलि दी गई। सर्वोत्तम दुग्ध उत्पादन के लिए रामजतन राय को गोदरेज, शिवकुमार राय को 10,002.97 रुपए, परमहंस राय को 8,073.75 रुपए और रामगति राय को 7,683.67 रुपए के साथ दीवार घड़ी बोनस में दिया गया।
दुग्ध संघ बरौनी के प्रबंध निदेशक रवींद्र कुमार ने कहा कि दुग्ध संघ बरौनी पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य देता है। उन्होंने बताया कि गोपालपुर दियारा में 1 नवंबर से दूध के हर लीटर पर 3 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। उन्होंने पशुपालकों से बिचौलियों के बहकावे में न आने और समिति से जुड़ने की अपील की।
पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि शिकायत होने पर समिति में बैठकर बात करें और अपने मवेशियों का दूध समिति को दें। उन्होंने कहा कि इससे दूध का उचित मूल्य मिलेगा और पशुपालकों व उनके मवेशियों की सुरक्षा होगी। उन्होंने छठ के महीने में नशा छोड़ने की अपील भी की, जिससे हमारा परिवार और हमारा समाज मजबूत होगा।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने एक से एक संगीत प्रस्तुत कर किसानों को झुमा दिया और वक्ताओं ने पशुपालक एवं मवेशियों को लेकर काफी चर्चा की और दुग्ध समिति के बारे में बताया। इस दौरान आगंतुक अतिथियों का दुग्ध उत्पादक समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार राय, सचिव सुनील कुमार ने अंग वस्त्र से सम्मानित किया एवं निसहाय और दिव्यांगों के बीच वस्त्र और मिठाई बांटा गया।
मौके पर शिक्षक रंजीत प्रसाद यादव, पैक्स अध्यक्ष दीपक कुमार, पंचायत समिति अमरकांत कुमार, सुनील राय, सकलदेव राय, उमाशंकर राय, राजेंद्र राय, विनोद राय, जयप्रकाश यादव सहित अन्य समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और दुग्ध समिति के सचिव, अध्यक्ष एवं स्थानीय लोग और पशुपालक मौजूद रहे।