दारू: खंभवा के प्रवासी मजदूर की रोजी-रोटी की जंग में मुंबई में थमीं सांसें; जब कफन में लिपटा घर पहुंचा मजदूर, तो बिलख उठा गांव
खंभवा के प्रवासी मजदूर की रोजी-रोटी की जंग में मुंबई में थमीं सांसें; जब कफन में लिपटा घर पहुंचा मजदूर, तो बिलख उठा गांव। परिवार के बेहतर कल और खुशियों के लिए पिछले डेढ दशक से परदेस में हाड़-तोड़ मेहनत कर रहे एक मजदूर की सांसें आखिरकार थम गईं। दो महीने पहले हंसते-खेलते घर से मुंबई लौटे टाटीझरिया के खंभवा निवासी प्रभु यादव (50 वर्ष) की मौत मुंबई में हो गई।