कुरुक्षेत्र नहर में डूबे स्टूडेंट की तलाशः मामा बोला- तैरना आता है कहकर पानी में उतरा, यूपी का रहने वाला
कुरूक्षेत्र, 29 जून/कुरूक्षेत्र खबरनामा/डॉ. राजेश वधवा
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में नहर में डूबे 11वीं क्लास के स्टूडेंट रोहित (18) का देर शाम तक भी कोई सुराग नहीं मिल पाया। रविवार को पूरे दिन चले सर्च ऑपरेशन के बाद भी SDRF और पुलिस को सफलता नहीं मिली। आज सुबह गोताखोर प्रगट सिंह की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रविवार शाम तक SDRF की टीम ने मिर्जापुर पुल से करीब 2 किलोमीटर आगे तक नहर में तलाश की। अंधेरा होने के बाद ऑपरेशन रोक दिया गया। दूसरी ओर, रोहित का परिवार, उसका मामा और अन्य रिश्तेदार पूरी शाम नहर के हेड पर डटे रहे। रात तक परिवार के लोग नहर के हेड पर पहरा लगाकर बैठे रहे।
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आज फिर शुरू होगा ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक, आज रोहित की तलाश के लिए गोताखोर टीम की मदद ली गई। टीम ने नहर के अंदर और बहाव वाले हिस्सों में टीम ने तलाश की। उसका कोई सुराग मिलने तक ऑपरेशन जारी रहेगा।
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मामा से बोला- मुझे तैरना आता है
राजवीर ने बताया कि वह अपने भांजे रोहित को नए कपड़े दिलाने कुरुक्षेत्र लेकर गया था। वापसी के दौरान मिर्जापुर पुल के पास कुछ बच्चों को SYL नहर में नहाते देख रोहित भी रुक गया। उसने मामा से कहा कि "मुझे तैरना आता है। आज बहुत गर्मी है, नहा लेते हैं, फिर घर चलेंगे।
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नहर में जाने से पहले मना किया
राजवीर ने पहले उसे मना किया, लेकिन रोहित की जिद के आगे मान गया। जैसे ही रोहित नहर में उतरा, वह कुछ ही देर में गहरे पानी में पहुंच गया। तेज बहाव ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। मामा ने उसे बचाने की कोशिश की, शोर भी मचाया, लेकिन देखते ही देखते रोहित पानी में बह गया।
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शादी की तैयारियों के बीच छाया मातम
रोहित यूपी के बदायूं जिले के मानपुर बसोली गांव का रहने वाला था। वह पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। मामा राजवीर के मुताबिक, हाल ही में उसका रिश्ता तय हुआ था और करीब तीन महीने बाद सितंबर में उसकी शादी होनी थी। घर में शादी की तैयारियों की चर्चा चल रही थी, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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मामा के घर रहने आया था रोहित
रोहित का मामा राजवीर करीब चार महीने पहले परिवार के साथ खानपुर गांव में आया था। वह यहां राजमिस्त्री का काम करता है। रोहित गर्मी की छुट्टियां बिताने उसके पास आया हुआ था। छुट्टियां खत्म होने वाली थीं और उसे वापस बदायूं जाना था। रोहित मामा के पास रहकर राजमिस्त्री का काम भी सीख रहा था।