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Kurukshetra Khabarnama

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KURUKSHETRA - NASHA MUKT YUVA FOR VIKSIT BHART
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LIVE: सनौर, शहीद उधम सिंह के 87वें शहीदी दिवस पर CM नायब सिंह सैनी
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LIVE: करनाल में 77वें वन महोत्सव में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 
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बजरंग बली अपने भक्तों पर सदैव असीम कृपा बरसाते है : कुलवंत भट्टी
कुरुक्षेत्र। प्रसिद्ध दु:खभंजन मंदिर में मंगलवार को हवन यज्ञ किया गया जिसमें वीर बजरंगी के भक्तों ने सबकी सुख-शांति के लिए पूर्ण आहुति डाली। वीर बजरंगी को सिंदूर व फूलों से सजाया गया। बजरंगी सरदार कुलवंत सिंह भट्टी ने कहा कि हनुमान जी भाव के भूखे हैं। नियमित रूप से 'राम नाम' का जाप और हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन से नकारात्मकता दूर होती है और साहस बढ़ता है। बजरंग बली (हनुमानजी) अपने भक्तों पर सदैव असीम कृपा बरसाते है। वे संकटमोचन हैं जो अपने भक्तों के सभी दुखों, भयों और बाधाओं को दूर कर उनके जीवन में शक्ति, साहस, और सुख-शांति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। जो भक्त सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा अर्चना करता है, उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती और राम भक्त हनुमान जी उन पर कृपा करते है। इस अवसर पर कुलवंत सिंह भट्टी, प्रदीप तिवारी, सुरेश अरोड़ा, एचके पाल, ज्ञान चंद पराशर, सुनील वधवा, टींकू शर्मा, श्याम लाल, चंद्रिका, सुदेश धीमान, डा. सत्य नारायण शर्मा, ललित लाली, हर्षित मिगलानी आदि श्रद्धालु प्रमुख रुप से मौजूद रहे।
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दु:ख भंजन मंदिर में वीर हनुमान जी की पूजा करते श्रद्धालु
तत्कालीन साहित्यक विमर्श की देन है नामवर सिंहःः प्रो. सुभाष चन्द्र
नामवर सिंह ने हिंदी आलोचना को नई दृष्टि प्रदान कीः प्रो. महासिंह पूनिया
कुवि के हिंदी विभाग में मनाई गई नामवर सिंह की जन्म शताब्दी
कुरुक्षेत्र, 28 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हिंदी विभाग द्वारा प्रख्यात साहित्यकार एवं आलोचक नामवर सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में हिंदी आलोचना के क्षेत्र में नामवर सिंह का योगदान विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग के गणपति चन्द्र गुप्त हॉल में मंगलवार को किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) सुभाष चन्द्र, पूर्व प्रोफेसर, हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने व्याख्यान में कहा कि नामवर सिंह तत्कालीन साहित्यक विमर्श की देन हैं। नामवर सिंह हिंदी आलोचना के ऐसे पुरोधा थे, जिन्होंने आलोचना को नई वैचारिक ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि नामवर सिंह ने साहित्य को केवल रचना के रूप में नहीं, बल्कि समाज, इतिहास, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा। उनकी आलोचना दृष्टि ने हिंदी साहित्य को नई दिशा और नई
दृष्टि प्रदान की। इससे पहले दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रो. (डॉ.) सुभाष चन्द्र ने कहा कि नामवर सिंह का लेखन भारतीय साहित्यिक परंपरा और आधुनिक चिंतन का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करता है। उनकी आलोचना में तर्क, संवेदना, निष्पक्षता और बौद्धिक गहराई का अनूठा संगम दिखाई देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नामवर सिंह की प्रमुख कृतियों का गंभीर अध्ययन करें, क्योंकि उनके विचार आज भी साहित्य, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में समान रूप से प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी का साहित्य भक्ति सिखाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. (डॉ.) महासिंह पूनिया, अध्यक्ष, हिंदी विभाग ने कहा कि नामवर सिंह ने हिंदी आलोचना को केवल साहित्यिक मूल्यांकन का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि उसे समाज, संस्कृति और विचार के व्यापक विमर्श से जोड़ा। उन्होंने आलोचना को नई दृष्टि, नई भाषा और नई वैचारिक ऊँचाई प्रदान की। प्रो. पूनिया ने कहा कि नामवर सिंह का व्यक्तित्व अध्ययन, संवाद और बौद्धिक निर्भीकता का अद्भुत संगम था। उनकी आलोचना किसी पूर्वाग्रह से नहीं, बल्कि तर्क, संवेदना और साहित्यिक विवेक से संचालित होती थी। उन्होंने नई पीढ़ी के रचनाकारों को प्रोत्साहित किया और हिंदी साहित्य में स्वस्थ बहस तथा वैचारिक संवाद की समृद्ध परंपरा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि कविता के नए प्रतिमान, दूसरी परंपरा की खोज, इतिहास और आलोचना तथा छायावाद जैसी कृतियाँ आज भी हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अध्यापकों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ हैं। नामवर सिंह की आलोचनात्मक दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को साहित्य को व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में समझने की प्रेरणा देती रहेगी। कार्यक्रम में शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भी विषय से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस अवसर पर प्रो. कुलदीप सिंह, डॉ. जसबीर सिंह सहित शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद थे।
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अंत्योदय परिवार उत्थान योजना आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता का है मेला:नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा अंत्योदय मेले में लाभार्थी ताराचंद को प्रदान किया स्वीकृति पत्र, लाडवा आईजीएन में 19 विभागों की 47 योजनाओं का दिया पात्र लाभार्थियों को लाभ, प्रदेश में अब तक 55422 पात्र लाभार्थियों तक पहुंचा आजीविका का लाभ, मुख्यमंत्री ने किया अंत्योदय मेले का अवलोकन और लाभार्थियों से ली फीडबैक
लाडवा, 26 जुलाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत प्रदेशभर में लगने वाले अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरताओं के मेले है। इन अंत्योदय मेलों के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि विकास के लाभ उन लोगों तक पहुंचाया जाए, जो दशकों से उपेक्षित रहे है। इन मेलों के एक मंच पर ही 19 विभागों की 47 योजनाओं का लाभ सीधा पात्र लाभार्थी को दिया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि प्रदेश में अब तक 166 जगहों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया जा चुका है। इन मेलों में 4 लाख 24 हजार 278 परिवारों को आमंत्रित भी किया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को लाडवा के आईजीएन कॉलेज में जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेला में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार योजना मेले का उदघाटन किया और इस मेले में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के लाभ देने के लिए लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव गोबिंदपुरा निवासी लाभार्थी ताराचंद को पीएम स्ट्रीट वैंडर योजना के तहत स्वीकृति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाड़वा में आज अंत्योदय परिवारों की आशाओं का मेला लगा है, अवसरों का मेला लगा है, आत्मनिर्भरता का मेला लगा है। आज सरकार स्वयं चलकर उस गरीब जरूरतमंद परिवार के पास पहुंची है, जो अपने अधिकार और अवसर की प्रतीक्षा कर रहा है। यह अंत्योदय मेला उस संकल्प का जीवंत स्वरूप है, जिसमें सरकार की प्रत्येक योजना, प्रत्येक संसाधन और प्रत्येक प्रयास अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के लिए है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय हमारे लिए केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति का संस्कार है। हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:। यानी सभी सुखी हों, सभी स्वस्थ हों और कोई भी दु:खी न रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने इसी भावना को अंत्योदय का नाम दिया। उनका विचार था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका प्रकाश अंतिम घर तक पहुंचे और उसकी गर्माहट अंतिम व्यक्ति अनुभव करे।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में डबल इंजन सरकार इसी विचार को जमीन पर उतार रही है। सरकार का संकल्प स्पष्ट है, कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा और किसी परिवार को केवल इसलिए आगे बढ़ने से नहीं रोका जाएगा कि उसके पास साधन, संपर्क या सही जानकारी नहीं है। सरकार के लिए शासन का अर्थ केवल कार्यालयों में फाइलें चलाना नहीं है, बल्कि जनता की कठिनाइयों को समझना, समाधान को सरल बनाना और उस समाधान को जरूरतमंद के द्वार तक पहुंचाना है। कई बार व्यक्ति के पास आगे बढ़ने की क्षमता होती है, पर उसे सही अवसर नहीं मिलता। किसी युवा के हाथ में हुनर है, लेकिन रोजगार का मार्ग नहीं है। कोई महिला अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती है, पर उसे ऋण और प्रशिक्षण की जानकारी नहीं है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कोई श्रमिक मेहनत करने को तैयार है, लेकिन वह उचित योजना से जुड़ नहीं पाता। किसी परिवार के पास छोटा उद्योग शुरू करने का सपना है, पर बैंक और विभाग के बीच की प्रक्रिया उसे कठिन लगती है। सरकार की मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना ऐसी ही दूरियों को समाप्त करने का मार्ग है। इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद परिवार को स्थायी आजीविका से जोड़ना है। स्वरोजगार, कौशल विकास, रोजगार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को एक मंच पर लाकर पात्र परिवारों को उनकी आवश्यकता और योग्यता के अनुसार अवसर प्रदान करना हैं। यहां परिवार को केवल आवेदन देकर वापस नहीं भेजा जाता। उसकी रुचि, क्षमता, परिस्थिति और आवश्यकता को समझकर उचित मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाता है।
प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का हुआ सफल आयोजन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के पहले चरण में उल्लेखनीय यात्रा तय की है। प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन किया गया है। इन मेलों के दौरान 4 लाख 24 हजार 272 परिवारों का आमंत्रित किया गया और 1 लाख 88 हजार 792 परिवार मेलों में पहुंचे। इनमें से 1 लाख 52 हजार 157 परिवारों को विभाग के पास भेजा गया। उन्होंने कहा कि अब तक 55 हजार 422 पात्र लाभार्थियों तक आजीविका के लाभ पहुंचे है।
घर बैठे ऑटो मोड से 40 लाख परिवारों के बनाए गए बीपीएल कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं और सेवाओं को परिवार पहचान-पत्र से जोड़ा गया है। घर बैठे ऑटो मोड में अब तक लगभग 40 लाख परिवारों के बीपीएल कार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा गरीब परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। अब तक लगभग 30 लाख लोगों का 4 हजार 314 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त इलाज करवाया जा चुका है। सरकार ने किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की है।
3 लाख 81 हजार बेटियों को शादी पर दी 1523 करोड़ रुपए की शगुन राशि
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बहन-बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये तक शगुन राशि दी जाती है। अब तक 3 लाख 85 हजार बेटियों की शादी पर 1 हजार 523 करोड़ रुपये शगुन राशि दी गई। गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। यह लाभ प्रदेश के लगभग 14 लाख 43 हजार परिवारों को मिल रहा है। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अनुभव मेहता, चेयरमैन सुभाष कलसाना, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी, चेयरमैन गुरनाम सैनी, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, चेयरपर्सन साक्षी खुराना, चेयरमैन डा. गणेश दत्त, चेयरमैन सतीश मथाना, मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, प्रधान जितेंद्र खैरा, प्रदेश सचिव राहुल राणा, मंडलाध्यक्ष शिव गुप्ता, मंडलाध्यक्ष विकास शर्मा, मंडलाध्यक्ष नरेंद्र दबखेड़ा, मंडलाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, सतबीर मंगोली, नायब सिंह पटाक माजरा, पूनम सैनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में सीबीएसई हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन
 गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तत्वावधान में हिंदी विषय की दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

कार्यशाला के संसाधन व्यक्तियों के रूप में श्री चन्द्र प्रकाश(हिंदी विभााध्यक्ष पुलिस डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, अंबाला तथा  *श्रीमती मंजूषा दुग्गल ( हिंदी व इतिहास  विषय की विद्यालय प्रवक्ता तथा मीडिया समन्वयक एम. एन. एम. पब्लिक स्कूल करनाल) उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा सीबीएसई की नवीन शिक्षण पद्धतियों के अनुरूप प्रभावी भाषा शिक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस कार्यशाला के दौरान ब्लूम टैक्सोनॉमी के विभिन्न आयामों को याद करना, समझना, अनुप्रयोग करना, विश्लेषण , मूल्यांकन, सृजन करने पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला के पहले सत्र में श्री चन्द्र प्रकाश ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभाषा में सोचता है, इसलिए भाषा शिक्षण का उद्देश्य केवल विषय-वस्तु का ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, सृजनात्मकता, संवेदनशीलता एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना भी है। उन्होंने बताया कि शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान-सर्जक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए शिक्षक को अपनी शिक्षण योजनाओं में विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता एवं आवश्यकताओं के अनुरूप लचीलापन अपनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए ‘प्रशंसा चक्र’ जैसी गतिविधियों को अपनाने तथा उनकी उपलब्धियों की खुले मन से सराहना करने पर बल दिया।
कार्यशाला के दूसरे सत्र में श्रीमती मंजूषा दुग्गल ने भाषा के चारों कौशल—श्रवण, वाचन, पठन एवं लेखन—को प्रभावी भाषा अधिगम का आधार बताते हुए इनके संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया।उन्होंने बताया कि एक नए कौशल चिंतन कौशल को भी इस क्रम में शामिल किया गया है ।
कार्यशाला के अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सीबीएसई द्वारा आयोजित इस प्रकार की क्षमता संवर्धन कार्यशालाएँ शिक्षकों के ज्ञान को अद्यतन करने के साथ-साथ उन्हें नई शिक्षा नीति के अनुरूप हो रहे शैक्षिक परिवर्तनों से भी परिचित कराती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षण की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।
इस ज्ञानवर्धक कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए 60 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए । कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के हिंदी आचार्य श्री अच्छरू कुमार जी ने किया ।
यमुनानगर में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यूथ मैराथन को दिखाई हरी झंडी
देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुनरमंद लोगों के कौशल का किया साझा:नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाडवा विस क्षेत्र के धनौरा जाटान बूथ पर नागरिकों के साथ सुना मन की बात कार्यक्रम, कारगिल विजय दिवस व विभिन्न खेलों में विजेता खिलाडिय़ों को दी बधाई, मुख्यमंत्री ने नागरिकों से एक पेड़ माँ के नाम लगाने की अपील
लाडवा, 26 जुलाई       मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए हुनरमंद लोगों के कौशल को मन की बात कार्यक्रम के दौरान साझा किया। प्रधानमंत्री हर महीने मन की बात की कार्यक्रम में ऐसे लोगों के कौशल को साझा करते है, जो दूसरे लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वरोजगार शुरु करने का हौंसला देते है। ये कदम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को लाडवा विधानसभा क्षेत्र के आईजीएन कॉलेज में स्थित धनौरा जाटान बूथ पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को नागरिकों के बीच बैठकर सुना और इसके उपरांत नागरिकों से इस पर चर्चा भी की। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर विभिन्न खेलों के विजेता खिलाडिय़ों को बधाई दी। इसके साथ ही एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की। प्रदेश में 1 करोड़ 86 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पौधे रोपित किए जा रहे है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि परिवार में किसी खुशी के मौके जैसे जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ इत्यादि पर पौधा रोपित करे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आज हमें एक ऐसा विकसित भारत-विकसित हरियाणा बनाना है, जहां विकास का अर्थ केवल बड़ी इमारतें और चौड़ी सडक़े न हो। विकास का अर्थ उस गरीब मां के चेहरे की मुस्कान हो, जिसके बेटे को रोजगार मिला है। विकास का अर्थ उस बेटी का आत्मविश्वास हो, जिसने प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू किया है। विकास का अर्थ उस श्रमिक का सम्मान हो, जिसे अपनी मेहनत का उचित अवसर मिला है। विकास का अर्थ यह विश्वास हो कि सरकार कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी एक संवेदनशील साथी है।
इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अनुभव मेहता, चेयरमैन सुभाष कलसाना, भाजपा के वरिष्ठï नेता जयभगवान शर्मा डीडी, चेयरमैन गुरनाम सैनी, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, चेयरपर्सन साक्षी खुराना, चेयरमैन डा. गणेश दत्त, चेयरमैन सतीश मथाना, मीडिया कोआर्डिनेटर तुषार सैनी, प्रधान जितेंद्र खैरा, प्रदेश सचिव राहुल राणा, मंडलाध्यक्ष शिव गुप्ता, मंडलाध्यक्ष विकास शर्मा, मंडलाध्यक्ष नरेंद्र दबखेड़ा, मंडलाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, सतबीर मंगोली, नायब सिंह पटाक माजरा, पूनम सैनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
जंतर-मंतर लाठीचार्ज ने लोकतंत्र को किया शर्मसार, छात्रों व नवयुवाओं पर बर्बर अत्याचार बर्दाश्त नहीं: डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के छात्रों और नौजवानों के अटूट संघर्ष की ऐतिहासिक जीत
दमन और लाठी-डंडों के बल पर युवाओं की न्यायसंगत आवाज को दबा नहीं सकती सरकार
कुरुक्षेत्र/देश की राजधानी स्थित ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर अपने बेहतर भविष्य और हक की लड़ाई लड़ रहे निर्दोष छात्रों और युवाओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए युवा जेजेपी प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा ने कहा कि इस अमानवीय घटना ने भारतीय लोकतंत्र को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। अपने अधिकारों और न्याय के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे देश के नौजवानों पर इस तरह का अत्याचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा ने कहा कि वर्तमान सरकार अपनी घोर विफलताओं, तानाशाही रवैये और प्रशासनिक नाकामियों को छिपाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है। देश का युवा जब अपने भविष्य की सुरक्षा और अधिकारों के लिए सड़क पर उतरता है, तो संवाद करने के बजाय उन पर लाठियाँ बरसाना और जेलों में डालना बेहद निंदनीय है। यह कार्रवाई लोकतंत्र की मर्यादाओं और संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन है।शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. खैहरा ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के लाखों-करोड़ों जागरूक छात्रों, युवाओं और संघर्षरत नौजवानों की बुलंद आवाज, एकजुटता और ऐतिहासिक संघर्ष की बड़ी जीत है। सत्ता के अहंकार के सामने आखिरकार युवा शक्ति का सत्य और न्यायसंगत पक्ष विजयी हुआ है। यह इस्तीफा उन तमाम जिम्मेदार पदाधिकारियों के लिए एक कड़ा सबक है जो युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का दुस्साहस करते हैं।"
डॉ. जसविंदर सिंह खैहरा ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को यह भली-भांति समझ लेना चाहिए कि लाठी, गोली या दमनकारी नीतियों के बल पर देश की युवा शक्ति की बुलंद आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यदि भविष्य में भी छात्रों, शिक्षार्थियों और नौजवानों के हितों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ हुआ या उनके साथ अन्याय हुआ, तो इसके खिलाफ चरणबद्ध तरीके से देशव्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
उन्होंने माँग की कि लाठीचार्ज के दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को सम्मानपूर्वक रिहा कर उन पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए
किसान की मेहनत का सम्मान और हरियाणा की कृषि शक्ति का उत्सव है मैंगो मेला : श्याम सिंह राणा
-भारत की दुनिया में सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है हमारे गांव, किसान और कृषि
-कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा लाडवा के उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र में तीन दिवसीय 8 वें मैंगो मेले के समापन अवसर पर रहे मुख्य अतिथि
-कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने केंद्र की नर्सरी का निरीक्षण कर पौधे तैयार करने की विधि को जाना
-कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने उप केंद्र परिसर में पौधा रोपित कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
लाडवा, 25 जुलाई। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह मेला किसान की मेहनत का सम्मान है और हरियाणा की कृषि शक्ति का उत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है। इस यात्रा की सबसे बड़ी ताकत हमारे गांव, किसान और कृषि हैं। किसान की मेहनत का पूरा मूल्य तभी मिलेगा जब वह बाजार की ताकत भी बने। इसी सोच से देशभर में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन का नेटवर्क बन रहा है। इसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में पूरजोर बढ़ावा दे रहे हैं। छोटे किसानों के जुड़ने से लागत घटती है और आय बढ़ती है।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा शनिवार को लाडवा के उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र में तीन दिवसीय 8 वें मैंगो मेले के समापन अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने उप केंद्र की नर्सरी का निरीक्षण किया और पौधे तैयार करने की विधि की जानकारी ली। उप केंद्र परिसर में पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की। इसके साथ ही अलग अलग राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलस का अवलोकन किया और आम की विभिन्न किस्मों में गहरी रुचि दिखाई।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मैंगो मेले में 200 से अधिक आम की किस्में प्रदर्शित की गई है जो हमारे किसानों के अनुभव, नवाचार और परिश्रम का परिणाम हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो खेती को भी भविष्य के अनुरूप ढालना होगा। दुनिया आज एआई की चर्चा कर रही है, इसका सबसे बड़ा लाभ हमारे किसान को मिलेगा। मिट्टी में तत्व की कमी, सिंचाई का समय, लाभकारी फसल, रोग का संकेत, मंडी की मांग, यह पहले से पता चले तो समय बचेगा, लागत घटेगी और आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि आज ड्रोन खेत सर्वेक्षण कर रहे हैं, एआई मिट्टी की सेहत जांच रहा है, मौसम की जानकारी मोबाइल तक पहुंच रही है। एआई आधारित डिजिटल अकाउंटिंग से किसान अपने मोबाइल पर ही खर्च-आमदनी का पूरा हिसाब रख सकता है। यही स्मार्ट खेती का भविष्य है। तकनीक रास्ता दिखा सकती है, परंतु खेती की आत्मा किसान का अनुभव ही है। इसलिए परंपरा और तकनीक, दोनों साथ चलेंगे।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि भूमि जोत छोटी होती जा रही है, इसलिए सरकार किसानों को बागवानी फसले लगाने के लिए प्रेरित कर रही है। नया आम बाग लगाने पर 42 हजार रुपये प्रति एकड़ सब्सिडी दी जाती है। साथ ही आम की फसल को भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2022 में शुरू हुई प्राकृतिक खेती योजना धरती की सेहत बचाने, लागत घटाने और भविष्य सुरक्षित करने का संकल्प है। लगभग 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ भूमि पंजीकृत करवाई है, 24 हजार किसान 44 हजार एकड़ से अधिक पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 20 हजार 727 एकड़ में प्राकृतिक खेती हुई और इस वर्ष प्राकृतिक खेती के लिए 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक खेती में देसी गाय का विशेष महत्व है। वर्ष 2025 से देसी गाय आधारित जीवामृत-घनजीवामृत के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 30 हजार रुपये की गई है। इसके साथ साथ प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कच्चे माल के भंडारण और प्रसंस्करण के लिए चार ड्रम खरीदने हेतु प्रत्येक किसान को 3 हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपेडा प्रमाणित प्राकृतिक व जैविक किसानों को 5 वर्षों तक प्रति वर्ष प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि किसान तभी मजबूत होगा जब उसे मेहनत का पूरा सम्मान मिले। हरियाणा में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है। उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हरियाणा का किसान आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, बागवानी और मूल्य संवर्धन के बल पर पूरी दुनिया के लिए नया आदर्श बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित कर रही है। इस दिशा में किसानों के हित में अनेक योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे खेती में कीटनाशकों (पेस्टिसाइड्स) का कम से कम उपयोग करें तथा प्राकृतिक खेती को अपनाकर स्वस्थ एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था को बढ़ावा दें।
मुख्यमंत्री के एडीसी महेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को गेहूं और धान की फसल के अलावा बागवानी की तरफ ध्यान देते हुए बाग लगाने चाहिए। इससे फसल चक्र टूटेगा और भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में किसानों के लिए कई प्रकार की लाभकारी योजनाएं लागू की है। इनका लाभ प्राप्त करके किसान अपने आय को बढ़ा सकते हैं।
बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और उपकेंद्र व प्रदेश में बागवानी विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर बागवानी विभाग के मिशन डायरेक्टर डा. मनोज कुमार, चेयरमैन डा. गणेश दत्त, उप निदेशक पिंकी यादव, डा. सतेंद्र सिंह शिवेंदु, डा. बिल्लू यादव, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र दबखेड़ा, नायब सिंह पटाक माजरा, पूनम सैनी, सन्नी कालड़ा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
*नवयुग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में धूमधाम से मनाया गया 'येलो डे', बच्चों ने रंग-बिरंगी गतिविधियों में दिखाई प्रतिभा*

आज नवयुग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए 'येलो डे' (पीला दिवस) का भव्य आयोजन किया गया,जिसमें बच्चों ने अत्यधिक उत्साह और उमंग के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया।'येलो डे' के अवसर पर सभी बच्चे घर से सुंदर पीले रंग के परिधान पहनकर विद्यालय पहुंचे, जिससे पूरा विद्यालय परिसर पीले रंग की छटा से खिल उठा। बच्चे अपने टिफिन में भी पीले फल और स्वादिष्ट पीला भोजन लेकर आए थे। दिनभर बच्चों ने खूब मस्ती की, संगीत की धुन पर नृत्य किया और कक्षा स्तर पर आयोजित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों ने डिस्पोजेबल कप्स की सहायता से चमकता हुआ सूरज बनाया, एलकेजी कक्षा के विद्यार्थियों ने पेपर टियरिंग तकनीक से सुंदर केला बनाया, यूकेजी कक्षा के विद्यार्थियों ने आकर्षक सूरजमुखी का फूल तैयार किया, प्रथम कक्षा के विद्यार्थियों ने क्राफ्ट पेपर से स्वीट कॉर्न बनाए और द्वितीय कक्षा के विद्यार्थियों ने आम की सुंदर आकृति बनाकर अपनी कलात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर श्री बी. डी. गाबा जी एवं प्रधानाचार्य श्री देवेंद्र अरोड़ा जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पीले रंग का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि पीला रंग सूर्य की किरणों, सकारात्मकता, ऊर्जा, प्रसन्नता और ज्ञान का प्रतीक है, जो हमारे जीवन में नई उमंग, ताजगी और उत्साह का संचार करता है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रकाशक श्री विकास गाबा जी, मुख्याध्यापिका श्रीमती प्रीति मिश्रा एवं कोऑर्डिनेटर श्रीमती रितु चौधरी, अध्यापिका मंजीत , अन्नू, रजनी, नैंसी, सीमा, परमज्योति, पंकज, नीतू, पायल, मोनिका सुमन सहित स्टाफ के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
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