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Kurukshetra Khabarnama

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*ज्ञान मंदिर कुरुक्षेत्र में 29 अगस्त को विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे का आगमन*
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निर्माणाधीन ज्ञान मंदिर एवं चैरिटेबल हॉस्पिटल की प्रगति का करेंगे अवलोकन, ट्रस्ट की आगामी गतिविधियों को देंगे मार्गदर्शन
कुरुक्षेत्र 22अगस्त (सोनिका वधवा)
श्री ब्रह्मपुरी अन्नक्षेत्र आश्रम ट्रस्ट के तत्वावधान में त्याग मूर्ति स्वामी चिरंजीपुरी महाराज जी के निर्देशन में कुरुक्षेत्र में श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों पर आधारित भव्य ज्ञान मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मंदिर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इसे श्रद्धालुओं के लिए लोकार्पित करने की दिशा में तैयारियां की जा रही हैं।
 संस्था के चेयरमैन डॉक्टर सुशील गुप्ता ने बताया कि ज्ञान मंदिर की विशेष आकर्षण का केंद्र भगवान विष्णु का विराट स्वरूप होगा, जिसका निर्माण देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार श्री अरुण योगीराज जी के पवित्र हाथों से किया जा रहा है। विराट स्वरूप के ज्ञान मंदिर परिसर में स्थापित होते ही मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन एवं आध्यात्मिक अनुभूति के लिए समर्पित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। यह समस्त श्रद्धालु समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है।
ट्रस्ट द्वारा आध्यात्मिक सेवा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा को भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया गया है। इसी संकल्प के अंतर्गत एक आधुनिक चैरिटेबल हॉस्पिटल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिसका तकनीकी कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इस अस्पताल का उद्देश्य आमजन को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम को सितंबर माह में आयोजित किए जाने की योजना है, जिसमें देश की महान विभूतियों को आमंत्रित किया जाएगा।
 त्याग मूर्ति स्वामी चिरंजीवी पुरी महाराज जी ने बताया कि बागेश्वर धाम के पूजनीय धीरेंद्र शास्त्री की कथा भी बहुत जल्द ही ज्ञान मंदिर के प्रांगण में आयोजित की जाएगी
इसी क्रम में शनिवार, 29 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय श्री मिलिंद परांडे जी ज्ञान मंदिर परिसर में पधारेंगे। श्री परांडे जी ज्ञान मंदिर एवं ट्रस्ट द्वारा संचालित विभिन्न सेवा गतिविधियों का अवलोकन करेंगे तथा ट्रस्ट की आगामी योजनाओं एवं गतिविधियों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर वे उपस्थित ट्रस्ट पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं को अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से संबोधित भी करेंगे।
ट्रस्ट परिवार ने मिलिंद परांडे के आगमन को आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा के इस महत्त्वपूर्ण अभियान के लिए प्रेरणादायी अवसर बताते हुए कहा कि ज्ञान मंदिर केवल एक भव्य धार्मिक निर्माण नहीं, बल्कि श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान, संस्कार, सेवा और मानव कल्याण के संकल्प का केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने समाज को आईना दिखाकर किया एकजुट व अनुशासित: कृष्ण कुमार बेदी
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने हरियाणा दशनाम गोस्वामी समाज सभा को धर्मशाला निर्माण कार्य के लिए 21 लाख रुपए देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर गोस्वामी तुलसीदास के नाम पर कुरुक्षेत्र शहर में चौक निर्माण करवाए जाने का दिया आश्वासन
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के उपलक्ष में समाज के प्रतिभावान 183 विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त।       हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने समाज को आईना दिखाकर एकजुट व अनुशासित करने का कार्य किया है। समाज को आगे बढ़ाने में अनुशासन को ही पहला कार्य माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी महान संतों और महापुरुषों के दिखाएं रास्ते पर चलते हुए देश व प्रदेश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के आधार पर कार्य कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने हरियाणा दशनाम गोस्वामी समाज सभा को धर्मशाला निर्माण कार्य के लिए 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर गोस्वामी तुलसीदास के नाम पर कुरुक्षेत्र शहर में चौक निर्माण करवाए जाने का आश्वासन दिया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी शनिवार को हरियाणा दशनाम गोस्वामी समाज सभा द्वारा कुरुक्षेत्र की गोस्वामी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी का हरियाणा दशनाम गोस्वामी समाज सभा द्वारा पगड़ी पहनकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के उपलक्ष में समाज के प्रतिभावान 183 विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इनमें 168 विद्यार्थी दसवीं में 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से ऊपर अंक लेने वाले और 15 विभिन्न खेलों में समाज का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी शामिल रहे।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि स्वामी तुलसीदास ने जिस काल खंड में महान ग्रंथ की रचना की थी, वह ग्रंथ आज हर नागरिक के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है। स्वामी तुलसीदास जी सर्वश्रेष्ठ संतो में शामिल है। उन्होंने समाज से जाति प्रथा को दूर करने, समाज को जागृत और चेतना लाने का काम किया है। आज समाज के प्रत्येक नागरिक को महान संतों व महापुरुषों के दिखाएं मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले 12 वर्षों में गरीब, जरूरतमंद, पिछड़ा वर्ग के लिए अनेक नीति और नियमों को तैयार किया और उन्हें धरातल पर लागू किया। पंचायती चुनाव में बीसी वर्ग के लिए अलग से 8 प्रतिशत आरक्षण तय किया। जिसके परिणाम स्वरूप गोस्वामी समाज को सत्ता में भागीदारी मिली, कहीं पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति अध्यक्ष, सदस्य और पालिकाओ में पद मिलना आसान हुआ।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में युवाओं को सरकारी नौकरी पाने के लिए योग्यता की जरूरत है। अब सरकारी नौकरी पाने के लिए खर्ची पर्ची की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अब युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 36 लाख नागरिकों को सम्मान भत्ता के तौर पर पेंशन दी जा रही है और लगभग 10 लाख महिलाओं को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। हमारे संतो ने जिस रामराज की कल्पना की थी, आज वह रामराज का सपना साकार हो रहा है।
हरियाणा दशनाम गोस्वामी समाज सभा के राज्य प्रधान सुबोध गिरी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि व अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और समाज की तरफ से मांगों को कैबिनेट मंत्री के सामने रखा।
इस मौके पर समाज के राज्य प्रधान सुबोध गिरी, प्रधान कृष्ण श्योकंद, श्याम लाल जांगड़ा, सुरेंद्र कश्यप माजरी, कृष्ण जांगड़ा, दीपक गिल, नगर पालिका पूंडरी चेयरपर्सन बबली, राकेश  पूंडरी,  प्रधान सुल्तान, रामचंद्र सैनी, यशपाल नंबरदार, सूबेदार मेजर जयवीर सिंह, प्रेम मिर्जापुर, राजेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच हरपाल सिंह, सुनेल भागमल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
बाबैन अनाज मंडी प्रधान पद के चुनाव को लेकर आठ आढ़तियों ने नामांकन दाखिल
बवाना, 21 अगस्त। राकेश शर्मा 
बाबैन किस रेस्ट हाउस में बाबैन अनाज मंडी के आगामी प्रधान पद के चुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाबैन अनाज मंडी के आढ़तियों ने भाग लिया। इस दौरान मंडी प्रधान के चुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए आढ़तियों की ओर से लाभ सिंह, कीमती लाल खुराना, बृजभूषण बंसल और उपदेश शर्मा को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया।
बैठक के दौरान मंडी प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का समय दिया गया। इस दौरान आठ उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने वालों में विनोद सिंगला, अशोक सैनी, डिंपल सैनी, नरंजन सिंह, हरिकेश सैनी, संदीप कुमार, सुखश्याम और करमजीत सिंह शामिल हैं।
ऑब्जर्वर उपदेश शर्मा ने बताया कि 22 अगस्त, शनिवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बाबैन किसान रेस्ट हाउस में नामांकन पत्र वापस लेने का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद जो नामांकन पत्र मैदान में रहेंगे, उनके आधार पर चुनाव की तारीख एवं समय निर्धारित किया जाएगा। साथ ही उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर चुनाव करवाया जाएगा।
इस अवसर पर पूर्व मंडी प्रधान जगदीश ढींगरा, पूर्व मंडी प्रधान लाभ सिंह, सरपंच कीमती लाल खुराना, उपदेश शर्मा, कौशल सैनी, राजेश छलोदी, विनोद सिंगला, महेश गुप्ता, कृष्ण गोयल, सुखश्याम, लाल सिंह, बब्बू भगवानपुर, निरंजन सिंह, सुरेश सैनी, जितेंद्र गर्ग, संजीव सिंगला, गोल्डी, सतबीर रामपुरा, डिंपल सैनी, कृष्ण सैनी, मनोज धवन, सुरेश शर्मा, करमजीत सिंह सहित अन्य आढ़ती मौजूद रहे।
भगवान शिव संग माता पार्वती के विवाह की ख़ुशी में जमकर झूमे श्रद्धालु
-अखंड गीता पीठ शाश्वत सेवाश्रम में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान सुनाया दिव्य विवाह प्रसंग
कुरुक्षेत्र, 21 अगस्त : सैक्टर-8 स्थित अखंड गीता पीठ शाश्वत सेवाश्रम में आयोजित एकादश अतिरूद्र महायज्ञ के अन्तर्गत आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान कथा-व्यास महामंडलेश्वर स्वामी शाश्वतानंद गिरि महाराज ने भगवान शिव संग माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा के मंच पर शिव विवाह प्रसंग को दर्शाती भव्य झांकीयां दिखाई गई। इससे पहले प्रातःकाल यजमानों ने 251 शिवलिंगों का रुद्राभिषेक किया। कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी शाश्वतानंद गिरि महाराज ने शिव विवाह प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हिन्दू पौराणिक कथाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंग है। सती के वियोग के बाद भगवान शिव गहन तपस्या में लीन हो गए थे। माता सती ने पर्वतराज हिमालय के यहाँ पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लिया और शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर शिवजी ने उनसे विवाह करना स्वीकार किया। भगवान शिव की बारात में भूत, प्रेत, पिशाच, अघोरी, जीव-जंतु और शिवगण शामिल हुए। शिवजी स्वयं अंगों पर भस्म लपेटे, गले में सर्पों की माला पहने और अष्टमूर्तिक रूप में नंदी पर सवार होकर विवाह के लिए निकले। शिवजी के इस भयंकर और अद्भुत स्वरूप को देखकर पार्वती जी की माता मैना भयभीत हो गईं और मूर्छित होकर गिर पड़ीं।माता पार्वती के अनुरोध पर भगवान शिव ने अपना भयंकर रूप बदला और एक अत्यंत मनमोहक एवं दिव्य 'सुंदरमूर्ति' रूप धारण किया।हिमालय के प्रांगण में देवताओं, ऋषियों और ब्रह्मदेव की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ। यह प्रसंग शिव (चेतना) और शक्ति (ऊर्जा) के शाश्वत मिलन और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
पंचजन्य नाट्य समारोह में मानवीय संवेदनाओं और आत्मज्ञान की कहानी ‘‘इल्हाम’’ ने दर्शकों को झकझोरा
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कल्पना की दुनिया से निकलकर वास्तविकता की दुनिया का ‘इल्हाम’
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कुरुक्षेत्र, 20 अगस्त। हरियाणा कला परिषद तथा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) के संयुक्त तत्वावधान में कुरुक्षेत्र के कला कीर्ति भवन (भरतमुनि रंगशाला) में आयोजित पांच दिवसीय पंचजन्य नाट्य समारोह के तीसरे दिन रंगमंच की एक बेहद गंभीर और विचारोत्तेजक प्रस्तुति देखने को मिली। उत्सव कला मंच, चंडीगढ़ के प्रतिभावान कलाकारों द्वारा प्रसिद्ध नाटक इल्हाम का अत्यंत भावपूर्ण और जीवंत मंचन किया गया। इस विशेष अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी ने मुख्य अतिथि डॉ. विवेक चावला को अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ मुख्य अतिथि और विशिष्ट जनों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान रंगमंच के बेहतरीन मिजाज को बनाए रखते हुए मंच का कुशल संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया।

आत्मज्ञान और समाज के दोहरे मापदंडों के बीच झूलती जिंदगी को दिखा गया नाटक ‘इल्हाम’
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मशहूर लेखक, फिल्म अभिनेता मानव कौल द्वारा लिखित तथा युवा रंगकर्मी सार्थक सिंह के कुशल निर्देशन में मंचित नाटक इल्हाम आधुनिक समाज, मानव मन के अंतर्द्वंद्व और अस्तित्व की लड़ाई को बयां करता है। इल्हाम एक अरबी शब्द है जिसका सीधा अर्थ होता है आत्मज्ञान। नाटक की कहानी भगवान नाम के एक सीधे-साधे मध्यमवर्गीय बैंक कर्मचारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पत्नी पूनम और बच्चों के साथ एक सामान्य ढर्रे पर जिंदगी जी रहा होता है। एक दिन अचानक पार्क में एक बेंच पर बैठे हुए भगवान को आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। वह इस भौतिक संसार की भागदौड़ से परे हटकर एक परम आनंद, शांति और संतोष की अवस्था में पहुंच जाता है। वह प्रकृति से बातें करने लगता है, अकेले हंसता है और अपनी ही कल्पना के किरदारों में खो जाता है। त्रासदी तब शुरू होती है जब समाज और उसका अपना परिवार इस आत्मिक शांति और गहरे बदलाव को समझ नहीं पाता। दुनिया की नजर में सांसारिक नियमों और भाषा को भूल जाना केवल एक मानसिक बीमारी या पागलपन लगने लगता है। परिवार वाले उसे ठीक करने के लिए डॉक्टरों और ओझा-तांत्रिकों के चक्कर काटने लगते हैं। चण्डीगढ़ के कलाकारों ने अपने मर्मस्पर्शी अभिनय, प्रतीकात्मक दृश्यों और सधे हुए संवादों से यथार्थ और कल्पना के बीच के इस कड़े संघर्ष को मंच पर इतनी शिद्दत से उतारा कि कला कीर्ति भवन में बैठे हर दर्शक भाव विभोर हो गया। यह नाटक सीधे तौर पर समाज से सवाल करता है कि क्या इस बनावटी दुनिया में सचमुच शांत और खुश रहना पागलपन है? कार्यक्रम के बाद मुख्य अतिथि डॉ. विवेक चावला ने संबोधित करते हुए कहा कि इल्हाम जैसे दर्शन और मनोविज्ञान से भरे नाटक को मंच पर इतनी सहजता से उतारना बेहद सराहनीय है। कलाकार सदैव अपने अभिनय से समाज को नई राह देने का कार्य करते हैं। ऐसे राष्ट्रीय स्तर के नाट्य समारोह युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने और समाज को एक नई सोच देने का काम करते हैं। नाटक में शुभम शर्मा, गुलशन कुमार, मेहूल राणा, आर्यन सैनी, प्रणव, संदीप शर्मा, अनमोल, अक्षय, मीनाक्षी भट्ट, आदर्श यादव, अनंदिता सिंह मनकोटिया, भाव्यांश, दूर्गा, अंगद, इक्षित, अभिनंदन तथा किंजल ने अपनी भूमिका अदा की। नाटक के बाद कलाकारों तथा अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र के भारी संख्या में कलाप्रेमी, रंगकर्मी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से चण्डीगढ़ की पूरी नाट्य टीम का उत्साहवर्धन किया।
HKRN पर हुड्डा का बड़ा हमला—‘नौकरी देने नहीं, छीनने का निगम बना’; सरकार से कौशल रोजगार निगम बंद कर कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
25 अगस्त को HSGMC का बड़ा ‘रोष मार्च’! झिंडा का ऐलान—गुरसिमरन मंड की गिरफ्तारी और युवाओं पर दर्ज FIR रद्द करने की मांग
अर्चना गुप्ता के बयान पर भड़की INLD! रामपाल माजरा बोले—‘हरियाणा का भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश, माफी मांगें वरना पुरजोर उठाएंगे मुद्दा’
*गीता निकेतन आवासीय विद्यालय कुरुक्षेत्र के पूर्व छात्र कमांडर विनीत शर्मा को गैलेंट्री अवॉर्ड की घोषणा* 
डॉ. राजेश वधवा/ कुरूक्षेत्र खबरनामा 
गीता निकेतन आवासीय विद्यालय कुरुक्षेत्र के पूर्व छात्र विनीत शर्मा वर्तमान में भारतीय नौसेना में कमांडर पद पर  आई.एन.एस. वागशीर पनडुब्बी पर तैनात हैं। कमांडर विनीत शर्मा को नौ सेना में उनके अदम्य साहस और असाधारण वीरता के लिए  80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा नौसेना गैलेंट्री अवॉर्ड (वीरता पुरस्कार) से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।यह समाचार विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान , गीता निकेतन आवासीय विद्यालय एवं कुरुक्षेत्र वासियों के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।
सेक्टर -4 कुरुक्षेत्र के रहने वाले विनीत शर्मा के पिता स्वर्गीय मोहिंदर कुमार शर्मा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय   के प्रशासनिक विभाग से सेवानिवृत्त थे तथा माता सुदर्शन शर्मा भारत सरकार के एम. एस. एम. ई . विभाग से सेवानिवृत्त हैं। गीता निकेतन के संपर्क अधिकारी वरिष्ठ आचार्य तेजबीर सिंह ने बताया कि विनीत शर्मा विद्यालय के होनहार मेधावी छात्र रहे।उनकी अध्ययन के साथ साथ खेलकूद में भी रुचि थी ।  छात्र जीवन से ही विनीत को देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा का जुनून था। विनीत शर्मा ने गीता निकेतन में दशवीं कक्षा में अध्ययन के समय सन 2002 में देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतिभाखोज परीक्षा NTSE उत्तीर्ण कर राष्ट्रीय छात्रवृति प्राप्त की थी।2004 में विनीत ने गीता निकेतन से 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा 2005 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी NDA खड़गवासला में प्रवेश लिया । ज्ञातब्य है कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पासिंग आउट परेड के समय भी विनीत शर्मा सर्वश्रेष्ठ कैडेट रहते हुए प्रेसीडेंट स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित हो चुके हैं ।
महामहिम राष्ट्रपति द्वारा नौसेना सेवा मेडल गैलेंट्री अवॉर्ड (वीरता पुरस्कार )से सम्मानित होने वाले नौ सेना के अधिकारियों की सूची में भी विनीत शर्मा का नाम पहले स्थान पर है । इस अभूतपूर्व एवं सराहनीय उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ घनश्याम शर्मा, प्रबंधक पवन गुप्ता, प्रधानाचार्य नारायण सिंह ने विनीत शर्मा एवं परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की है।
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पौधारोपण से हुई शुरुआत, कक्षा से लेकर कैंपस तक छात्रों के बीच रहे दिग्विजय चौटाला
डॉ. राजेश वधवा/कुरुक्षेत्र खबरनामा 
कुरुक्षेत्र, 17 अगस्त। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अपने पहले दिन कक्षा लगाने पहुंचे दिग्विजय सिंह चौटाला का विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। विश्वविद्यालय पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार से मुलाकात की और उन्हें बुके भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद दिग्विजय सिंह चौटाला ने कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ बैठकर पढ़ाई की और अपने विश्वविद्यालयी शैक्षणिक सफर की शुरुआत की।कक्षा के बाद दिग्विजय सिंह चौटाला ने विश्वविद्यालय के कैफे हाउस में विद्यार्थियों के साथ छात्र संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई, विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं, कैंपस से जुड़े विषयों तथा विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने छात्रों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की आवाज महत्वपूर्ण है।दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि विश्वविद्यालय में उनका पहला दिन उनके लिए विशेष और यादगार है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि कैंपस की गतिविधियों, विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके विचारों को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उनके बीच रहेंगे और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे।इसके बाद दिग्विजय सिंह चौटाला विश्वविद्यालय की मैस में पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ बैठकर लंच किया। उन्होंने छात्रों के साथ सहज माहौल में बातचीत करते हुए उनके अनुभव और रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। मैस में अपने बीच दिग्विजय चौटाला को देखकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, अच्छी सुविधाएं और अपनी बात रखने के लिए उचित मंच मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं और उनकी आवाज को मजबूती से उठाना हर छात्र नेता की जिम्मेदारी है।दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि “मेरा प्रयास रहेगा कि मैं केवल कक्षा तक सीमित न रहूं, बल्कि विश्वविद्यालय के हर छात्र के साथ संवाद करूं, उनकी समस्याओं को समझूं और छात्र हितों के लिए हमेशा उनके साथ खड़ा रहूं।”उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से उनका जुड़ाव उनके लिए गौरव की बात है और आने वाले दिनों में भी वे विद्यार्थियों के साथ लगातार संवाद करते रहेंगे। उन्होंने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।इस मौके पर डॉ. जसविंदर खैहरा, राजू ढुल पाई, विशाल मुकीमपुरा, राजेश पायलट, नवीन सिहाग, मनवीर बुरा, विक्रांत सिंह, शिवांश शर्मा, रितु रानी, अमरजीत गोरिया सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।पौधारोपण से शुरू हुआ दिन, विभागाध्यक्ष से मुलाकात, कक्षा, छात्र संवाद और मैस में विद्यार्थियों के साथ लंच तक छात्रों के बीच बीता। दिग्विजय सिंह चौटाला के पहले दिन की यह सक्रियता विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ सीधे जुड़ने और उनकी बात सुनने की उनकी सोच को दर्शाती है।
*प्राचीन मुल्तान ज्योत उत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भाग*
-सन्निहित सरोवर तक बैंड-बाजों और झांकियों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, भजन-कीर्तन में झूमे श्रद्धालु*
*भाजयुमो जिलाध्यक्ष साहिल सुधा रहे मुख्यातिथि*
*शहर के गणमान्य लोगों ने की शिरकत मिलकर मुल्तान ज्योत को किया प्रवाहित*
*51 कंजकों का किया पूजन*
डॉ. राजेश वधवा/कुरुक्षेत्र खबरनामा 
कुरुक्षेत्र, 17 अगस्त। प्राचीन मुल्तान सभा की ओर से सन्निहित सरोवर के तट पर रविवार को ‘प्राचीन मुल्तान ज्योत (सेसा) उत्सव’ श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। धार्मिक आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा से जुड़े इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बैंड-बाजों, आकर्षक झांकियों और धार्मिक गीतों के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्राचीन मुल्तान सभा के प्रधान प्रदीप झांब ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष पवित्र सावन मास में प्राचीन परंपरा के अनुसार आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 16 अगस्त को आयोजित उत्सव की शुरुआत चक्रवर्ती मोहल्ला स्थित धर्मशाला में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे अंबेडकर चौक से बैंड-बाजों और झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा सन्निहित सरोवर के लिए रवाना हुई। रास्तेभर श्रद्धालु धार्मिक गीतों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।
सन्निहित सरोवर पहुंचने पर शाम करीब 4 बजे श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति की ओर से भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। करीब दो घंटे तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालु भजनों पर झूमते हुए प्रभु भक्ति में लीन नजर आए। देर शाम सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर धार्मिक विधि-विधान के साथ मुल्तान ज्योत को सन्निहित सरोवर में प्रवाहित किया। इसके बाद 51 कंजकों का पूजन किया गया और श्रद्धालुओं को हलवा-छोले का प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष साहिल सुधा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और श्रद्धालुओं को मुल्तान ज्योत उत्सव की शुभकामनाएं दीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक खंडूजा और पावन नरूला उपस्थित रहे।
प्रधान प्रदीप झांब ने कहा कि मुल्तान ज्योत उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अपनी प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम भी है। सभा द्वारा वर्षों से इस परंपरा को श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में महासचिव धर्मेंद्र सचदेवा, डॉ. एसी नागपाल, डॉ. सुरेंद्र मेहता, डॉ. अंशुल ग्रोवर, डॉ. देश ललित, डॉ. विवेक ललित, संदीप मदान, राजन चावला, फतेहचंद गांधी, मुल्खराज अरोड़ा, अमीर चंद, कृष्ण लाल पुंडरी, मास्टर ओमप्रकाश, पार्षद सुधीर चुघ,

टोनी मदान, मोहन लाल अरोड़ा, पंकज खन्ना, महेंद्र मेहता, यशपाल नारंग, सुरेश धवन, प्रेम मदान, एडवोकेट संजीव धवन, राजू झांब, देवेंद्र चावला, जितेंद्र अरोड़ा, महेश तनेजा, डॉ. श्यामलाल आहूजा, कृष्ण धवन, खेम चंद वाधवा, विनीत बजाज, कृष्ण लाल मेहता, सुरेंद्र काठपाल, पंडित अंकित शर्मा, नंदलाल धवन, ओम प्रकाश अरोड़ा, सुभाष सुखीजा, कृष्ण सचदेवा, रविंद्र सेठी, जगदीश सचदेवा, सुनील राजपाल, प्रेम ग्रोवर, वेद प्रकाश धवन, विनोद सहगल, कृष्ण धमीजा, अशोक सचदेवा, ओपी आहूजा, विकास चुघ, सुरेश मल्होत्रा, कुणाल झांब, पंकज अरोड़ा, नरेश सोनी, गुलशन ग्रोवर, जोगिंदर झांब, राजीव चुघ, बिट्टू नय्यर, श्याम सुंदर जुनेजा, ममता आहूजा, पूजा सरदाना, कमलेश, संतोष और इंदु बाला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
23 अगस्त को हरिद्वार रवाना होगी मुल्तान ज्योत
प्रदीप झांब ने बताया कि रविवार, 23 अगस्त को मुल्तान ज्योत चक्रवर्ती मोहल्ला स्थित धर्मशाला से हरिद्वार के लिए रवाना होगी। दो बसों में सवार होकर श्रद्धालु हरिद्वार जाएंगे। पूर्व मंत्री सुभाष सुधा बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 12 वर्षों से सभा द्वारा नि:शुल्क बसों के माध्यम से मुल्तान समाज के श्रद्धालुओं को हरिद्वार ले जाया जा रहा है।
हरिद्वार पहुंचने के बाद शाम 5 बजे भीमगोड़ा स्थित जयराम आश्रम विद्यापीठ से शोभायात्रा निकाली जाएगी और सभी की सुख-समृद्धि की कामना के साथ मां गंगा में ज्योत प्रवाहित की जाएगी।
अविभाजित भारत के मुल्तान से जुड़ा है ज्योत का इतिहास
प्रदीप झांब के अनुसार सावन के महीने में आयोजित होने वाली मुल्तान ज्योत का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह परंपरा भगवान शिव के प्रति आस्था से जुड़ी है। इसकी शुरुआत अविभाजित भारत के मुल्तान जिले, जो अब पाकिस्तान में है, के रहने वाले लाला रूप चंद्र मुल्तानी ने अपने साथियों के साथ की थी।
बताया जाता है कि उस समय मुल्तान क्षेत्र में नदियों की बाढ़ और तूफानों से होने वाले जान-माल के नुकसान से मुक्ति की कामना को लेकर लाला रूप चंद्र मुल्तानी अपने साथियों के साथ पैदल हरिद्वार पहुंचे थे और मां गंगा में ज्योत प्रवाहित की थी। तभी से यह परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती चली आ रही है और आज भी मुल्तान समाज इसे पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहा है।
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आयुर्वेद को समझने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा को समझना बेहद जरूरी: कुलपति 
- आचार्य चरक ने आयुर्वेद के ज्ञान को व्यवस्थित और व्यापक स्वरूप प्रदान किया: डॉ. संधु  
-श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में मनाई गई महर्षि चरक जयंती
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत स्नातकोत्तर विभाग द्वारा महर्षि चरक जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान, कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता तथा मुख्यवक्ता प्रो. बलबीर सिंह संधु, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, विभागाध्यक्ष प्रो. कृष्ण कुमार  ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से चरक जयंती गायन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. बलबीर संधु ने कहा कि महर्षि चरक को समझने से पहले आयुर्वेद के अवतरण और उसकी ज्ञान परंपरा को समझना आवश्यक है। आयुर्वेद की परंपरा पौराणिक काल से चली आ रही है और भारतीय ज्ञान परंपरा को केवल पश्चिमी इतिहास की कसौटियों से नहीं समझा जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारतीय वांग्मय में वर्णित परंपराओं, ग्रंथों और पौराणिक प्रमाणों का अध्ययन अपनी दृष्टि से किया जाना चाहिए। अपने इतिहास और ज्ञान परंपरा को समझने के लिए भारतीय स्रोतों को महत्व देना आवश्यक है।
ब्रह्मा से भारद्वाज तक पहुंची ज्ञान की परंपरा: प्रो. संधु 
प्रो. संधु ने बताया कि आयुर्वेद का ज्ञान सबसे पहले ब्रह्मा के पास था। ब्रह्मा ने यह ज्ञान दक्ष प्रजापति को, दक्ष प्रजापति ने अश्विनी कुमार को और अश्विनी कुमार से इंद्र ने आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त किया। इसके बाद महर्षि भारद्वाज इस ज्ञान को मृत्युलोक में लेकर आए और पुनर्वसु आत्रेय को प्रदान किया। पुनर्वसु आत्रेय ने अपने छह शिष्यों, अग्निवेश, भेद, जतुकर्ण, पराशर, हारित और शार्पण को आयुर्वेद का ज्ञान दिया। इन शिष्यों ने अपनी-अपनी संहिताओं की रचना की, जिनमें अग्निवेश तंत्र विशेष रूप से प्रसिद्ध हुआ। उन्होंने बताया कि समय के साथ अग्निवेश तंत्र के कई अंश लुप्त हो गए। महर्षि चरक ने इसका पुनर्संस्करण किया और इसे व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। बाद में चरक संहिता के भी कुछ अंश कालांतर में लुप्त हो गए, जिनकी पूर्ति दृढ़बल ने की। इस प्रकार चरक संहिता वर्तमान स्वरूप तक पहुंची।
आयुर्वेद की वर्तमान समृद्ध परंपरा के पीछे  हमारे ऋषि-महर्षियों का अमूल्य योगदान: कुलपति
कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुर्वेद की वर्तमान समृद्ध परंपरा और संस्थागत स्वरूप के पीछे हमारे ऋषि-महर्षियों का अमूल्य योगदान है। उन ऋषियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके द्वारा दिए गए ज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर उसे आत्मसात करें और लोकहित में उसका उपयोग करें। आयुर्वेद के मूल ग्रंथों को सही अर्थों में समझने के लिए शब्दों के सूक्ष्म अंतर को समझना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वे केवल आधुनिक पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि चरक संहिता सहित मूल आयुर्वेदिक संहिताओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि आयुर्वेद की वास्तविक समझ उसके मूल ग्रंथों और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़कर ही विकसित हो सकती है। आयुर्वेद को गहराई से समझने के लिए विद्यार्थियों का मूल संहिताओं का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है। महर्षि चरक ने चिकित्सा विज्ञान को केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी के उपचार को आयुर्वेद का मूल उद्देश्य बताया। कुलपति ने कहा कि महर्षि चरक भारतीय चिकित्सा परंपरा के महान आचार्य थे, जिनके विचार आज भी आयुर्वेद के विद्यार्थियों और चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक हैं।
चरक संहिता स्वयं महर्षि चरक के विचारों का स्वरूप: कुलसचिव
कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि महापुरुष और महर्षि किसी एक स्थान या काल तक सीमित नहीं होते। उनके विचार और ज्ञान सदैव समाज का मार्गदर्शन करते हैं। चरक संहिता स्वयं महर्षि चरक के विचारों का स्वरूप है, क्योंकि इसमें उनके चिंतन और मानव कल्याण की भावना समाहित है। महर्षि ब्रह्मलीन होने के बाद भी अपने विचारों और ग्रंथों के माध्यम से समाज में जीवित रहते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय की आवश्यकता है कि युवा चिंता करने के बजाय चिंतन करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए पहले मन बनाना पड़ता है। जब मन तैयार होता है तो चिंतन और मनन की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है।
आचार्य चरक आयुर्वेद की महान ज्ञान परंपरा के प्रमुख आचार्य थे: डॉ. मेहता
प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि आचार्य चरक आयुर्वेद की महान ज्ञान परंपरा के प्रमुख आचार्य थे और चरक संहिता ने चिकित्सा ज्ञान को व्यवस्थित एवं व्यापक स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का ज्ञान चरक से बहुत पहले भारतीय समाज में विद्यमान था, लेकिन आचार्य चरक ने उपलब्ध ज्ञान का संकलन, पुनर्संस्करण और सूत्रबद्ध रूप में प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आचार्य चरक के जीवन, सिद्धांतों और मूल संहिताओं का गहन अध्ययन कर इस प्राचीन ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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आयुष विवि में बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आज से शुरू
कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में कौमारभृत्य विभाग द्वारा आज मंगलवार से 15 दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित कटारिया ने बताया कि शिविर में आगामी 15 दिनों तक 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी। बताया कि केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित ‘बाल कास परियोजना’ के अंतर्गत यह शिविर आयोजित किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में कास (खांसी) एवं श्वसन संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, प्रारंभिक स्वास्थ्य मूल्यांकन तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। शिविर के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य का प्रारंभिक मूल्यांकन करते हुए कास एवं श्वसन संबंधी लक्षणों की जांच की जाएगी तथा परियोजना में निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार पात्र बच्चों की पहचान की जाएगी। जिसके बाद बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। एमएम
गुरुकुल कुरुक्षेत्र में भव्य ‘वेद प्रचार संगोष्ठी’ संपन्न
आर्य समाज ने हमेशा लोक कल्याण का कार्य किया - आचार्यश्री देवव्रत जी
डॉ. राजेश वधवा/कुरुक्षेत्र खबरनामा 
​कुरुक्षेत्र, 17 अगस्त 2026 - गुरुकुल कुरुक्षेत्र के पावन परिसर में सोमवार को एक भव्य एवं गरिमामय ‘वेद प्रचार संगोष्ठी’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के महामहिम राज्यपाल, आचार्य देवव्रत जी ने की। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य वेदों के ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना, महर्षि दयानन्द सरस्वती के सिद्धांतों की वर्तमान प्रासंगिकता को दर्शाना तथा प्राकृतिक कृषि के महत्व से समाज को अवगत कराना था। कार्यक्रम में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान धर्मवीर आर्य, उप प्रधान उमेद शर्मा, महामंत्री विजयपाल आर्य, कोषाध्यक्ष मोहित आर्य, वेद प्रचार अधिष्ठाता स्वामी सच्चिदानन्द, वैदिक विद्वान् डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार सहित वेद प्रचार विभाग गुरुकुल के अधिष्ठाता रामनिवास आर्य, वरिष्ठ भजनोपदेशक महाशय जयपाल आर्य, जसविन्द्र आर्य व अन्य कई गणमान्य विद्वानों, शिक्षाविदों, आर्य समाज के अनुयायियों और वेदप्रेमी नागरिकों ने भाग लिया।
संगोष्ठी मंें आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा एवं वेद प्रचार विभाग गुरुकुल कुरुक्षेत्र संयुक्त प्रयासों से कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, अम्बाला, जींद और पानीपत जिला में गठित किये गये ‘वेद प्रचार मंडल’ के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंचे। 

​वेदों की आधुनिक प्रासंगिकता: कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपालश्री आचार्य देवव्रत जी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धी दौर में वेदों की शिक्षाएँ दिशाहीनता को दूर कर एक संतुलित, अनुशासित और सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वेदों को केवल पढ़ने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके संदेशों को आचरण में उतारें।
​‘सबकी उन्नति में अपनी उन्नति’: आर्य सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए आचार्यश्री ने समाज के सामूहिक उत्थान पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए कार्य करना ही सच्ची प्रगति है। परस्पर सहयोग और सद्भाव ही एक स्वस्थ समाज की नींव है।
​प्राकृतिक कृषि और पर्यावरण: संगोष्ठी का एक प्रमुख विषय प्राकृतिक कृषि रहा। आचार्य देवव्रत जी ने मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण के लिए रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती अपनाने और भारतीय कृषि परंपराओं को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती ही मानव जीवन को बचा सकती है। यूरिया, डीएपी, कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से हमारी भूमि बंजर हो गई है, पानी दूषित और भोजन भी विषैला हो गया है। यदि अभी भी किसानों ने प्राकृतिक खेती को नहीं अपनाया तो आने वाली पीढ़ी को न पीने योग्य पानी मिलेगा और न ही खाने योग्य भोजन। उन्होंने सभी किसान भाइयों से अपील की कि वे प्राणि मात्र के कल्याण हेतु प्राकृतिक खेती के अपनाएं। 
​युवाओं की भूमिका और गुरुकुल शिक्षा: राज्यपालश्री ने युवाओं से अपील की कि वे आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और वैदिक विरासत को भी समझें। उन्होंने कहा कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति को मात्र किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और संस्कारों के विकास का मुख्य केंद्र है।
​अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित लोगों ने वेदों के ज्ञान और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपने जीवन में अपनाने और समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
भारत ने सांस्कृतिक विरासत और सामरिक शक्ति के साथ बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए विश्व में बनाई अपनी पहचान:हरविन्द्र कल्याण
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने जिलास्तरीय कार्यक्रम में किया राष्ट्रीय ध्वजारोहण, विस अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, एसपी चंद्रमोहन ने शहीदी स्मारक पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को किया नमन, स्वतंत्रता दिवस की परेड में शामिल टुकडिय़ों, सांस्कृतिक टीमों को किया पुरस्कृत, स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित, विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुति, विस अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के लिए 2 लाख 1 हजार रुपए देने की घोषणा, धूमधाम के साथ मनाया गया जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह
कुरुक्षेत्र 15 अगस्त हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि आज का भारत केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामरिक शक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भी विश्व में अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार और आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के साथ हरियाली तीज का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। प्रकृति, संस्कृति और नारी शक्ति से जुड़ा यह पर्व हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण शनिवार को नई अनाज मंडी के प्रांगण में जिला प्रशासन की तरफ से आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यातिथि विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, एसडीएम अमन कुमार ने लघु सचिवालय प्रांगण में शहीदी स्मारक पर पुष्पचक्र भेंट कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने नई अनाज मंडी कुरुक्षेत्र के प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूली विद्यार्थियों के लिए 2 लाख 1 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा भी की है।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने परेड की सलामी लेने के उपरांत जिला वासियों को स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व की बधाई देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य केवल आर्थिक विकास की गति बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा विकास सुनिश्चित करना है जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार विकसित भारत के साथ विकसित हरियाणा के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। हम 140 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था के बल पर भारत को विश्व के सबसे बड़े और सशक्त लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया है। संविधान निर्माताओं ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जिन मूल्यों पर लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी थी, वह नींव समय के साथ और मजबूत हुई है। सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा रही है। पिछले लगभग 12 वर्षों में लगभग सवा चार सौ शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं है, विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के चार प्रमुख स्तंभ बताए है, जिनमें युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति और अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति शामिल है। हरियाणा सरकार इन चारों स्तंभों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की बेटियां और महिलाएं भी हरियाणा की प्रगति की मजबूत आधारशिला है। हरियाणा की बेटियों ने शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार बनाया जाए। आज देश सामने सबसे बड़ी चुनौती नशे की भी है। नशा हमारी युवा शक्ति, परिवारों और समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के माध्यम से देशभर में 28000 से अधिक स्थानों पर बड़ी संख्या में युवाओं ने नशामुक्त और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण को उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, एसपी चंद्रमोहन, एडीसी विरेंद्र चौधरी, एसडीएम अमन कुमार ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान मुख्य अतिथि ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रसंशा पत्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन डीआईपीआरओ डा. नरेन्द्र सिंह व एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि व अन्य उपस्थित मेहमानों ने परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पीटी शो, मलखंभ आदि के प्रतिभागियों के साथ चित्र भी खिंचवाए। इस मौके पर विधायक अशोक अरोड़ा, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, चेयरमैन गुरनाम सिंह सैनी, जिप चेयरमैन कंवलजीत कौर, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सैनी, चेयरमैन सुरेश सैनी कुक्कू, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, चेयरमैन माफी ढांडा, पूर्व चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, एडीसी विरेंद्र चौधरी, एसडीएम अमन कुमार, सीटीएम आशीष कुमार, पार्षद मुकुंद लाल सुधा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण को जनसंपर्क विभाग की तरफ से भेंट की गई कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर
मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण को जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की तरफ से उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, डीआईपीआरओ डा. नरेन्द्र सिंह, एआईपीआरओ बलराम शर्मा, अधीक्षक हाकिम सिंह, लेखाकार पंकज व संजीव कुमार, विक्रम सैनी ने स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण की तस्वीर भेंट की है।
कार्यक्रम में परेड में शामिल टुकडियों को किया गया सम्मानित
स्वतंत्रता दिवस समारोह पर परेड में 10 टुकडिय़ों को शामिल किया गया था। इस परेड की कमान डीएसपी शाहबाद सिद्घार्थ ने संभाली थी। इस समारोह में सभी टुकडिय़ों ने शानदार मार्च पास्ट किया। कार्यक्रम के अंत में परेड में शामिल टुकडियों को मुख्य अतिथि विस अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
स्कूलों के विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुति
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को रंगमय बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें महावीर जैन पब्लिक स्कूल द्वारा वंदे मातरम पर आधारित देशभक्ति की प्रस्तुति, सैंट थॉमस स्कूल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की शान पर आधारित कोरियाग्राफी, विजडम वर्ल्ड स्कूल द्वारा हरियाणवी नृत्य, सैनी पब्लिक स्कूल द्वारा महान योद्धाओं को श्रद्घाजंलि पर आधारित कोरियाग्राफी, गुरु नानक पब्लिक स्कूल द्वारा तीज उत्सव व पंजाबी गिद्दा की प्रस्तुति, महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल द्वारा शहीदे आजम भगत सिंह को समर्पित कोरियोग्राफी शामिल है। कार्यक्रम के अंत में राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय अभिमन्युपुर द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुति दी गई। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मलखंभ, पीटी शो के सभी प्रतिभागियों को विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने मेडल देकर सम्मानित किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह पर विधानसभा अध्यक्ष ने किया स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की पावन बेला पर स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिजनों को मंच पर खुद उनके पास जाकर सम्मानित किया। विधानसभा अध्यक्ष ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शॉल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि इन वीरों के कारण ही हम खुल हवा में आजादी की सांस ले रहे है।
सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को हरियाणा विस अध्यक्ष ने प्रदान किया प्रशस्ति पत्र
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जिनमें दमकल केन्द्र अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग से प्रवीण फायर आप्रेटर, विकास सिंह सहायक जिला न्यायवादी, पुलिस विभाग से प्रतीक कुमार निरीक्षक, मंदीप सिह निरीक्षक, सुरिन्द्र सिधू निरीक्षक, सतीश कुमार निरीक्षक, मंजीत सिंह सहायक उप निरीक्षक, सन्नी कुमार सहायक उपनिरीक्षक, राजेश कुमार वालिया लेखा अधिकारी, एस्टेट कार्यालय से शिवानी, प्रधानाचार्य कमल बत्तरा, सहायक परियोजना समन्वयक डा. कृष्णा कुमारी, चुनाव कार्यालय से पीआरटी सुनील कुमार मराठा, केडीबी से स्वीपर महिन्द्र, जिला राजस्व कार्यालय से पटवारी अमित कुमार, क्रिड से डाटा एंट्री ऑपरेटर सुखविंदर सिंह, शुगर मिल से सहायक अभियंता विपिन कुमार, नगर परिषद थानेसर से सफाई दरोगा अशोक कुमार, जेसीबी चालक अनिल कुमार, स्वीपर मदन कुमार, जिला मौलिक शिक्षा विभाग से जेबीटी अनुपम, जिंदल हाउस से परमजीत सिंह, चुनाव कार्यालय से साहिल बिन्द्रा, विख्यात समाजसेवी एवं गोताखोर प्रगट सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग से पंप अटेंडड रणवीर शर्मा सहित खिलाडी साईक्लिंग में गोल्ड मेडलिस्ट प्रवेश, सिल्वर मेडलिस्ट खुशाल सिंह व एथलेटिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट अभिषेक चौहान के नाम शामिल है।
स्वतंत्रता दिवस पर कुरुक्षेत्र में फहराया गया 206 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज
पुरुषोत्तम बाग, ब्रह्मसरोवर बना राष्ट्रभक्ति, धर्म और गौरव का अद्भुत संगम
कुरुक्षेत्र 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र स्थित ब्रह्मसरोवर के ऐतिहासिक पुरुषोत्तम बाग में 206 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता के संकल्प को नमन किया गया। विशाल तिरंगा आकाश में लहराया तो ब्रह्मसरोवर का पावन तट राष्ट्रप्रेम, आध्यात्मिकता और कुरुक्षेत्र की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा से एकाकार होता दिखाई दिया।
इस अवसर पर षड्दर्शन साधु समाज के संरक्षक एवं श्री दक्षिण काली पीठ, पिहोवा के पीठ अध्यक्ष बंसी पुरी महाराज ने कहा कि कुरुक्षेत्र केवल महाभारत की भूमि और श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश की पावन धरती ही नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, कर्तव्य और राष्ट्र धर्म की चेतना का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज जब देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तब कुरुक्षेत्र की इस पावन भूमि पर तिरंगे को नमन करना हमारे लिए विशेष आध्यात्मिक और राष्ट्रीय अनुभूति का विषय है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल ने बताया कि पुरुषोत्तम बाग में स्थापित यह राष्ट्रीय ध्वज 206 फीट ऊंचा है और वर्ष 2009 में यहां स्थापित किया गया था। इतने विशाल आकार में फहराता तिरंगा कुरुक्षेत्र आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राष्ट्रीय गौरव का महत्वपूर्ण आकर्षण है।
महाभारत विजय की स्मृति से जुड़ा पुरुषोत्तम बाग
पुरुषोत्तम बाग ब्रह्मसरोवर के मध्य स्थित एक ऐतिहासिक द्वीप है। यह स्थान कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक स्मृतियों से गहराई से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि महाभारत युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद धर्मराज युधिष्ठिर ने इसी क्षेत्र में विजय स्तंभ स्थापित किया था। इस कारण यह स्थान विजय, धर्म और कर्तव्य की स्मृति का प्रतीक माना जाता है। यही पुरुषोत्तम बाग आज अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है। यहां आयोजित होने वाले गीता महोत्सव के कार्यक्रम कुरुक्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच प्रदान करते हैं। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी पुरुषोत्तम बाग में आयोजित आरती में भाग लेकर इस पावन स्थल की महत्ता को और विशेष बनाया था।
द्रौपदी कूप की प्राचीन मान्यता
पुरुषोत्तम बाग के निकट स्थित प्राचीन द्रौपदी कूप भी कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं पौराणिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण के अवसर पर इस कूप का जल दूधिया रंग का दिखाई देने लगता है। यह मान्यता कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण, तीर्थ-स्नान और धार्मिक आस्था की प्राचीन परंपरा से जुड़ी हुई है।
ब्रह्मसरोवर-ब्रह्मा की तपोभूमि
ब्रह्मसरोवर स्वयं कुरुक्षेत्र की धार्मिक पहचान का केंद्र है। पौराणिक परंपरा में इसे वह पावन स्थल माना जाता है जहां ब्रह्माजी ने भगवान शिव की आराधना की थी। इसी कारण ब्रह्मसरोवर सदियों से साधना, तीर्थ-स्नान, यज्ञ, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र रहा है।
तिरंगा और कुरुक्षेत्र-कर्तव्य से राष्ट्रधर्म तक
15 अगस्त का राष्ट्रीय पर्व कुरुक्षेत्र की धरती पर एक विशेष संदेश लेकर आता है। इसी भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्तव्य, धर्म और निष्काम कर्म का संदेश दिया था। गीता का यह संदेश आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणा देता है—अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करना ही सच्ची सेवा है। कुरुक्षेत्र की धरती पर लहराता तिरंगा इसलिए केवल स्वतंत्र भारत की संप्रभुता और स्वतंत्रता का प्रतीक नहीं, बल्कि गीता के कर्मयोग और राष्ट्र धर्म की आधुनिक अभिव्यक्ति भी है। महाभारत के युद्ध क्षेत्र से लेकर स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक राष्ट्र तक, कुरुक्षेत्र की पहचान हमें कर्तव्य, साहस, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य अशोक रोशा, अलकेश मोदगिल, चेयरमैन गुरनाम सैनी, हरमेश सिंह, गीता जयंती अथॉरिटी के सदस्य विजय नरुला सहित अनेक धार्मिक और सामाजिक संस्थानों के प्रतिनिधि रहे। पर्ल स्कूल के विद्यार्थियों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों ने राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। 206 फीट ऊंचाई पर लहराता तिरंगा ब्रह्मसरोवर के आकाश में भारत की स्वतंत्रता, सनातन संस्कृति और कुरुक्षेत्र की अमर विरासत का संदेश देता रहा।
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संविधान के प्रति आस्था ने भारत को विश्व के सबसे बड़े और सशक्त लोकतंत्र रूप में किया स्थापित:सुभाष कलसाना
शाहबाद के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में एचएससीएआरडीबी चेयरमैन सुभाष कलसाना ने किया ध्वजारोहण, विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी प्रस्तुतियां, वीरांगनाओं व उल्लेखनीय कार्य करने वाले को किया गया सम्मानित
शाहाबाद 15 अगस्त हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक के चेयरमैन सुभाष कलसाना ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय अनेक लोगों को यह संदेह था कि इतनी विशाल विविधताओं वाला भारत लोकतंत्र के रूप में लंबे समय तक टिक पाएगा या नहीं। लेकिन आज लगभग आठ दशकों की हमारी लोकतांत्रिक यात्रा ने उन सभी आशंकाओं को गलत साबित कर दिया है। 140 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था के बल पर भारत को विश्व के सबसे बड़े और सशक्त लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया है।
हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक के चेयरमैन सुभाष कलसाना शनिवार को शाहबाद अनाज मंडी के प्रांगण उपमंडल स्तर के स्वतंत्रता दिवस समारोह पर उपमंडल वासियों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले एचएससीएआरडीबी के चेयरमैन सुभाष कलसाना ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इसके उपरांत चेयरमैन सुभाष कलसाना ने स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों के परिजनों को शॉल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और उपमंडल वासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों में शामिल है। राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी वर्ष 2026-27 में लगभग 15.18 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह आर्थिक प्रगति कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र-तीनों के संतुलित विकास का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सरकार के लिए विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं है। विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के चार प्रमुख स्तंभ बताए है, जिनमें युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति और आमजन है। हरियाणा सरकार इन चारों स्तंभों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सामाजिक न्याय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों तथा समाज के अन्य वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। सरकार ने उद्योगों के लिए कारोबारी वातावरण को सरल बनाया है। प्रमाण-पत्र, लाइसेंस और अनुमतियों से जुड़ी अनेक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है। निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है ताकि उद्योगों को बढ़ावा मिले और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो।
इस कार्यक्रम की परेड में पुलिस विभाग की टुकड़ी, एनसीसी में एमएन कालेज शाहबाद, आर्य कन्या महाविद्यालय शाहबाद, पीएमश्री जीएसएसएस स्कूल खरींडवा, एनएसएस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहाबाद तथा बैंड गीता विद्या मंदिर शाहाबाद स्कूल के बच्चों ने भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सतलुज सीनियर सेकेंडरी स्कूल शाहाबाद, विश्वास पब्लिक स्कूल, एसजीएनपी गर्ल्स स्कूल शाहबाद, डीएवी सेंचुरी पब्लिक स्कूल, माता रुक्मणी स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति दी। पीटी शो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहाबाद, खनेवाल खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आर्य गर्ल्स स्कूल, एसजीएनपी स्कूल, डीएवी स्कूल, आरपी डीएवी स्कूल, डिवाइन पब्लिक स्कूल ने शानदार पीटी का प्रदर्शन किया। खनेवाल खालसा स्कूल ने डंबल, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय शाहबाद ने लेजियम तथा आर्य गल्र्स वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने योगा शो की प्रस्तुति दी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य गतिविधियों में भाग लेने वाले स्कूली बच्चों को चेयरमैन सुभाष कलसाना द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत स्वतंत्रता सेनानियों व अमर शहीदों के परिजनों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारी अधिकारियों तथा समाजसेवी संस्थाओं के लोगों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन पीजीटी मैथ रघुबीर सिंह ने किया। इस मौके पर चेयरमैन रविंद्र सांगवान, एसडीएम शंभू राठी, अनाज मंडी प्रधान धनपत राय अग्रवाल, मार्किट कमेटी शाहबाद के सचिव कृष्ण कुमार, सहायक सचिव कंवर प्रकाश सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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