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Kurukshetra Khabarnama

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Chief Minister Nayab Singh Saini addressing a Press Conference.
गुरु रविदास जी की वाणी समता, मानवता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाती हैः संत मंदीप दास
जाति नहीं, ज्ञान और कर्म से होती है व्यक्ति की पहचानः प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री
केयू में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
कुरुक्षेत्र, 10 सितंबर। गुरु रविदास जी की वाणी समता, मानवता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाती है। गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाएं किसी एक जाति, वर्ग, संप्रदाय अथवा देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने ऐसे समय में समाज को ज्ञान, भक्ति, प्रेम, समानता और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया, जब जातिगत भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक कुरीतियां गहराई तक व्याप्त थीं। यह विचार डेरा सिरसागढ़ के मुख संचालक संत मंदीप दास ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में संत शिरोमणि गुरु रविदास चेयर द्वारा वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के दर्शन एवं शिक्षाओं की प्रासंगिकता विषय पर गुरुवार को सीनेट हॉल में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में व्यक्त किए। इससे पहले दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा डॉ. परवेश द्वारा डॉ. अंबेडकर पर लिखित पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
डॉ. गुरु रविदास चेयर के सह-संयोजक व डॉ. अम्बेडकर केन्द्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने सभी अतिथियों का स्वाागत करते हुए कहा कि श्रेष्ठ एवं समाज का मार्गदर्शन करने वाले लोग जैसा आचरण करते हैं, आने वाली पीढ़ियाँ भी उसी से प्रेरणा लेती हैं। गुरु रविदास जी पंद्रहवीं शताब्दी के महान संत, कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने जातिभेद, पाखंड और सामाजिक विषमता का विरोध करते हुए समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका स्पष्ट मानना था कि मनुष्य की पहचान जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म और गुणों से होती है।
संत मंदीप दास ने कहा कि भारतीय संत परंपरा ने सदियों से समाज को अज्ञानता, रूढ़ियों और भेदभाव से बाहर निकालने का कार्य किया है। गुरु रविदास जी ऐसे दौर में सामने आए जब मनुष्य-मनुष्य के बीच जाति के आधार पर इतना भेदभाव था कि एक वर्ग के लोगों की परछाई तक से लोग दूरी बनाते थे। उन्होंने गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के विचार को सामाजिक समानता का आदर्श बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे नगर की कल्पना की, जहां किसी प्रकार का दुख, चिंता, भय, भेदभाव या सामाजिक बंधन न हो। आज तनाव और चिंता से जूझ रहे समाज के लिए भी यह विचार अत्यंत प्रासंगिक है। गुरु रविदास जी का संदेश मनुष्य को बाहरी आडंबरों के बजाय अपने भीतर परमात्मा को खोजने की प्रेरणा देता है। मधुमक्खियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को एकता, अनुशासन और प्रेम की शक्ति समझाई। मधुमक्खियां फूलों से रस एकत्र करके सामूहिक रूप से छत्ता बनाती हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर रहती हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे अपने समूह की रक्षा भी करती हैं। इसी प्रकार यदि समाज प्रेम, अनुशासन और संगठन के साथ एकजुट हो जाए तो कोई भी शक्ति उसे कमजोर नहीं कर सकती।
साहित्य अकादमी, पंचकूला के उपाध्यक्ष प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि  व्यक्ति की पहचान जाति नहीं, ज्ञान और कर्म से होती है । गुरु रविदास जी की वाणी और दर्शन 650 वर्ष बाद भी सामाजिक समानता, समरसता और मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। महान संतों की शिक्षाएं किसी एक काल तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि उनके शाश्वत मूल्य सदैव समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कबीर के दोहे का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति या बाहरी पहचान से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, कर्म, योग्यता और आचरण से होना चाहिए। गुरु रविदास जी ने भी ज्ञान की साधना को सर्वोच्च महत्व दिया और अपनी वाणी के माध्यम से सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठने का संदेश दिया। प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि गुरु रविदास जी को समझने के लिए उनकी वाणी को मूल रूप से पढ़ना आवश्यक है। आज भी समाज में मौजूद अनेक समस्याओं के समाधान के लिए उनकी शिक्षाओं पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए है और ज्ञान, समानता, भक्ति तथा सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) वीरेंद्र पाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की समृद्ध परंपरा रही है, लेकिन पिछले 12-14 वर्षों में इस स्तर का कार्यक्रम देखने को नहीं मिला। प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि संत रविदास, संत कबीर और डॉ. अंबेडकर जैसे महापुरुषों के विचार समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचने चाहिए। इन विचारों के व्यापक प्रसार से सामाजिक परिवर्तन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि समाज की एक बड़ी समस्या यह है कि हम अपने महापुरुषों के मूल साहित्य का पर्याप्त अध्ययन नहीं करते और दूसरों द्वारा की गई व्याख्याओं को ही सत्य मान लेते हैं। इसलिए विश्वविद्यालय का प्रयास है कि महापुरुषों के मूल विचारों को अध्ययन एवं शोध के माध्यम से समाज तक पहुंचाया जाए। उन्होंने बताया कि कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कार्यक्रम में उपस्थित होना था, लेकिन प्रशासनिक बैठक के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके। कुलगुरु ने कार्यक्रम के लिए अपनी शुभकामनाएं और संदेश भेजा। उनका कार्यक्रम को स्मरण करना और शुभकामनाएं देना सभी के लिए उत्साहवर्धक है।
सम्मानित अतिथि के रूप में प्रो. रमेश धारीवाल, राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर ने कहा कि भारत का निर्माण किसी एक राजा या योद्धा ने नहीं, बल्कि ऋषियों, मुनियों, संतों, महात्माओं और गुरुओं की ज्ञान परंपरा ने किया है। महर्षि वेदव्यास, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, संत नामदेव, दादू दयाल, ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों ने भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति जड़ और रूढ़ नहीं, बल्कि समय के साथ स्वयं को परिष्कृत और अद्यतन करने वाली जीवंत परंपरा है। जब-जब समाज में कुरीतियां, अत्याचार, अन्याय और अव्यवस्था बढ़ी, तब-तब किसी न किसी महापुरुष ने आगे आकर समाज को नई दिशा दी। इसी क्रम में संत रविदास ने सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाकर समानता, समरसता और आत्मसम्मान का संदेश दिया।
प्रो. हरेंद्र सिंह असवाल, दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा भारतीय संत परंपरा ज्ञान, मानवता और सामाजिक चेतना की निरंतर धारा है। श्रीकृष्ण ने गीता में भक्ति, ज्ञान और कर्म का संदेश देते हुए श्रद्धा को ज्ञान प्राप्ति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि बुद्ध, कबीर, संत रैदास, गुरु नानक, ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों ने सामाजिक भेदभाव और कुरीतियों के विरुद्ध जनचेतना जगाई। संत रैदास ने अपने समय के विभिन्न मतभेदों के बीच समता, एकता, सदाचार और मानवता का मार्ग दिखाया। उनकी वाणी अज्ञान को दूर कर ज्ञान और निर्मलता की ओर बढ़ने का संदेश देती है। संत रैदास का चिंतन आज भी प्रासंगिक है और उनकी शिक्षाएँ आने वाली पीढ़ियों को मानवता, समानता तथा सामाजिक न्याय के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने कहा कि भारतीय संत परंपरा सनातन संस्कृति की आत्मा है, जिसमें कबीर, तुलसीदास, संत रविदास और संत गरीबदास जैसे महान संतों ने समाज को नई दिशा दी। संत रविदास जी की शिक्षाएँ लगभग 650 वर्ष बाद भी उतनी ही नहीं, बल्कि आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हैं।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संत रविदास जी के विचार राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। युवा पीढ़ी को उनके जीवन-दर्शन और शिक्षाओं को आत्मसात करना चाहिए। संत रविदास की वाणी और संदेशों को सोशल मीडिया जैसे आधुनिक माध्यमों से युवाओं तक पहुँचाने की आवश्यकता है, ताकि उनकी शिक्षाओं के आधार पर आदर्श एवं समरस समाज के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा सके।  मंच का संचालन उपासना ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हरिओम फुलिया ने किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रीतम सिंह, प्रो. लहरी सिंह, रामकरण, शेर सिंह बांगड, मीहा सिंह, सूरज बेदी, कृष्ण चंद रंगा, बी.आर सिरोही, जसपाल मेहरा, जनरैल रंगा, श्री कृष्ण कुमार, राकेश भोसले, रामकुमार, धर्मपाल पूनिया, राजकपूर अहलावत, प्रो. सुरेश, प्रो. सुभाष चंद, डॉ. धर्मबीर, प्रो. आरके मोदगिल, प्रो. कृष्णा, प्रो. रीटा, प्रो. कुसुमलता, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. दीपक राय बब्बर, डॉ. हरिओम फुलिया, डॉ. रमेश सिरोही, डॉ. परवेश, डॉ. जे.के. चंदेल, डॉ. भंवर, दिविज गुगनानी, डॉ. तेलूराम, कुटा प्रधान डॉ. जितेंद्र खटकड़, डॉ. सिम्मी धीर, रचिता सहित सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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डॉ. अम्बेडकर केन्द्र में शुरू होगा आनर्स इन अंबेडकर स्टडीज
कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर अध्ययन केंद्र के माध्यम से डॉ. आंबेडकर के विचारों और चिंतन को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने बी.ए. स्तर पर डॉ. अंबेडकर स्टडीज से संबंधित पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है। प्रारंभिक स्तर पर सीमित सीटों के साथ इसकी शुरुआत की गई है तथा भविष्य में विद्यार्थियों की रुचि और आवश्यकता के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।  आगामी सत्र से आनर्स इन डॉ. अंबेडकर स्टडीज को माइनर कोर्स के रूप में भी शुरू करने की योजना है।
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समाज सेवियों को किया सम्मानित
संगोष्ठी के दौरान सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े समाजसेवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में स्टेट फेडरेशन श्री गुरु रविदास एवं डॉ. बी.आर. अंबेडकर सभाएं, हरियाणा, पंचकूला के चेयरमैन श्री राज कपूर अहलावत एवं सेक्रेटरी जनरल तथा उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा के सेवानिवृत्त उप निदेशक श्री डी.पी. पुनिया, श्री गुरु रविदास सभा, सेक्टर-15 पंचकूला के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार, अंबेडकर सभा सेक्टर-12ए पंचकूला से श्री बी.आर. सरोहा, हरियाणा सरकार की गुरु रविदास स्मारक समिति के सदस्य एवं पीडब्ल्यूडी, हरियाणा के सेवानिवृत्त एसई डॉ. जसपाल मेहरा, वरिष्ठ पत्रकार श्री बाबूराम तुषार एवं श्री जरनैल रंगा, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सेवानिवृत्त क्षेत्रीय अधिकारी श्री राकेश कुमार भोसले, डॉ. बी.आर. अंबेडकर वेलफेयर कमेटी, कुरुक्षेत्र के कोषाध्यक्ष श्री रामकुमार खरकाली, सीजीआरएफ के चेयरमैन श्री योगराज, गुरु रविदास सभा एवं मंदिर, करनाल के अध्यक्ष श्री के.सी. रंगा, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री रामपाल सरोहा एवं श्री रामकरण, सेवानिवृत्त सेना अधिकारी एवं बीएसएफ से श्री शेर सिंह, महात्मा ज्योतिबा फूले शिक्षा विकास समिति के अध्यक्ष श्री मिहा सिंह रंगा, बाबा सवारनाथ चौरिटेबल समिति के अध्यक्ष श्री मान सिंह बजगाँवा, जोगी समाज से श्री शिवदयाल जंगम तथा पूर्व विधायक श्री लहरी सिंह शामिल रहे।
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65 से अधिक शोध पत्र हुए प्राप्त
अम्बेडकर केन्द्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि संगोष्ठी के प्रति शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। संगोष्ठी के लिए देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से 65 से अधिक शोधपत्र प्राप्त हुए, जिनमें संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के दर्शन, शिक्षाओं, सामाजिक चिंतन, समानता, मानवता एवं समरसता जैसे विभिन्न पक्षों पर शोधपरक विचार प्रस्तुत किए गए।
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से 17 दिसम्बर को गौ रक्षा सम्मान अभियान के तहत सहयोग की अपील* 

संत समाज की ओर से पूरे देश भर में चलाए जा रहे गौ रक्षा सम्मान आह्वान अभियान के तहत आज धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में संतो के नेतृत्व में एक बैठक का आयोजन किया गया !  जैसा की विदित है गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए गौ माता के सेवा ,सुरक्षा व सामान के संकल्प को पूरा करने का  तीसरा चरण जो 17 दिसंबर को सभी राज्यों की राजधानी में संपन्न होना है, के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है उसी के निमित्त आज महादेव गौशाला में एक बैठक संपन्न हुई जिसके तहत आगामी 17 दिसंबर के अपने-अपने राज्यों की राजधानियों में देश के  महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ,राज्यपाल व मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन के तहत कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई ! आज की बैठक में महंत विकास गिरी जी वृन्दावन व महंत
 हितुप्रिया शरण वृन्दावन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ ! महंत विकास गिरी जी ने धर्मानगरी कुरुक्षेत्र के लोगों व पूरे हरियाणा प्रांत के लोगों से निवेदन किया कि 17 दिसंबर को अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित चंडीगढ़ पहुंचकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के कार्यक्रम में सहयोग दें !
 आज की बैठक में गौ रक्षक दल जिला कुरुक्षेत्र नितिन बजाज ,विश्व हिंदू परिषद गौ रक्षा जिला प्रमुख राजेश अरोड़ा ,विश्व हिंदू परिषद जिला सह प्रमुख सुदेशपाल बिट्टू, विश्व हिंदू परिषद जिला संपर्क प्रमुख जितेंद्र शर्मा, बजरंग दल जिला संयोजक रोहतास सैनी, विश्व हिंदू परिषद धर्म प्रचार प्रसार प्रमुख ललित चावला व गौ रक्षा दल के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे !
मुख्यमंत्री नायब सिंह पुरुषोत्तमपुरा बाग में और कार्यकर्ता हर बूथ पर प्रज्वलित करेंगे आशीर्वाद का दीया
-सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने की रूपरेखा की तय
-उपायुक्त निवास पर आयोजित बैठक में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, चेयरमैन सुभाष कलसाना, जयभगवान शर्मा डीडी व जिला अध्यक्ष ने लिया हिस्सा
कुरुक्षेत्र, 10 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए उपायुक्त निवास पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने जनप्रतिनिधियों के साथ रूपरेखा तय की गई। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, चेयरमैन सुभाष कलसाना, वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा डीडी व जिला अध्यक्ष रमेश सैनी शामिल रहे। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पुरुषोत्तमपुरा बाग में 17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया प्रज्जवलित करेंगे। इसी दिन कार्यकर्ताओं द्वारा जिला के सभी 780 बूथों पर इस कायर्क्रम को बढ़ाते हुए दीया प्रज्जवलित करेगी। इसके साथ ही सभी तीर्थ स्थलों व अन्य स्थलों पर भी दीप प्रज्जवलित होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत हर विधानसभा में स्वच्छता कार्यक्रम के साथ की जाएगी। इसके अलावा ब्रह्मसरोवर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पुरुषोत्तम पुरा बाग में बनाए जाने वाली भव्य रंगोली का अवलोकन भी करेंगे। इसके बाद संध्या आरती में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला परिषद, नगर परिषद, नगर पालिकाओं, पंचायतों, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा, क्योंकि जनभागीदारी के बिना कोई भी कार्यक्रम सफल नहीं माना जाता है। संध्या आरती के बाद रंगारंग कार्यक्रम और भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक दिन सभी अधिकारी व जनप्रतिनिधि आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करेंगे और उन आंगनबाड़ियों में सुधार के लिए कार्य किया जाएगा।
सेक्टर 2, 3 और 30 की समस्याओं को लेकर एस्टेट ऑफिसर से मिले आरडब्ल्यूए पदाधिकारी 
कुरुक्षेत्र। सेक्टर 2, सेक्टर 3 और सेक्टर 30 की समस्याओं को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 30 के प्रधान डॉ. केवल कृष्ण, तेजपाल सिंह, देवेंद्र अग्रवाल, सेक्टर 2 के प्रधान धर्मपाल सिंह, सुनील बक्शी, डॉ विमल चौहान, रणधीर सैनी ने एचएसवीपी विभाग के एस्टेट ऑफिसर आशीष कुमार एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग एचएसवीपी ऑफिस में की।
इस अवसर पर डॉ. केवल कृष्ण ने विभिन्न समस्याओं को विस्तारपूर्वक एस्टेट ऑफिसर के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सेक्टरों में सफाई, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, सी सी टीवी कैमरे, जल निकासी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान की आवश्यकता है। प्रतिनिधिमंडल ने इन समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी एस्टेट ऑफिसर को सौंपा।
डॉ. केवल कृष्ण ने कहा कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना ही नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 30 की ओर से एस्टेट ऑफिसर आशीष कुमार को सम्मान-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनके समाधान के लिए सकारात्मक पहल करना सराहनीय है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सेक्टर 2, 3 और 30 के निवासियों की सुविधाओं और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए भविष्य में भी संबंधित विभागों के समक्ष समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जाता रहेगा।
CM नायब सैनी का बड़ा ऐलान, DBT से लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 1890 करोड़ से ज्यादा
पेंशन से लेकर लाडो लक्ष्मी और किसानों तक बड़ी सौगात, सरकार ने सीधे खातों में भेजी लाभ राशि
शिक्षा वह शक्ति है, जो मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास कर उसके चरित्र का निर्माण करती हैं- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

हमारे बच्चे अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिक विज्ञान और तकनीक में दुनिया का नेतृत्व कर देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी के सपने को कर रहे साकार : नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की 22वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में की शिरकत, ऑडिटोरियम हॉल का किया उद्घाटन

 

लाडवा, 8 सितंबर।              हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारे बच्चे अपनी जड़ों से जुड़कर आधुनिक विज्ञान और तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करते हुए ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी जी के सपने को साकार कर रहे हैं। उनके हाथों में आधुनिक तकनीक, हृदय में करुणा, दृष्टि विश्वव्यापी होने के साथ- साथ कदम भारत की मिट्टी से जुड़े हैं। ऐसा करके अपनी संस्कृत और मातृभाषा को गौरव प्रदान किया है। आज सभी शिक्षण संस्थाओं में आधुनिकता और भारतीय संस्कारों का जो सुंदर संगम दिखाई देता है, वह इसी दूरदर्शी सोच का विस्तार है।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को लाडवा के डीबीएस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी की 22वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऑडिटोरियम हॉल का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शॉल ओढाकर संत महात्माओं का स्वागत व सम्मान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महामण्डलेश्वर स्वामी हरि चेनानंद महाराज व प्रोफेसर रमेश कुमार पाण्डेय को अवार्ड से सम्मानित किया गया।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी के तप, त्याग, साधना और मानव- कल्याण के संकल्प को प्रणाम है। कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका जीवन समय की सीमाओं में नहीं बंधता। वे शरीर से हमारे बीच न भी रहें तो भी उनके विचार समाज की चेतना में जीवित रहते हैं। उनकी वाणी मार्ग दिखाती है, उनके कार्य प्रेरणा देते हैं और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों का चरित्र गढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी जी ऐसे ही दिव्य और विराट व्यक्तित्व थे। उनका जीवन अपने लिए नहीं, समाज के लिए था। उनका ज्ञान प्रदर्शन के लिए नहीं, जनकल्याण के लिए था और उनकी साधना संसार से विमुख होने के लिए नहीं, संसार के दुःख दूर करने के लिए थी।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी ने हमारे धर्म ग्रंथों का गहन अध्ययन किया। उनकी महानता यह थी कि उन्होंने उस ज्ञान को जीवन में उतारा। उन्होंने वेदों के ज्ञान को विद्यालयों तक, गीता के कर्मयोग को जनसेवा तक और भारतीय संस्कृति के संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है 'सा विद्या या विमुक्तये', अर्थात् सच्ची विद्या वही है, जो मनुष्य को अज्ञान, भय, संकीर्णता और बंधनों से मुक्त करे। स्वामी इसी विचार के जीवंत प्रतीक थे। वे मानते थे कि शिक्षा केवल अक्षर-ज्ञान या डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं है। शिक्षा वह शक्ति है, जो मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास पैदा कर उसके चरित्र का निर्माण करती हैं। कर्तव्य का बोध कराती है और राष्ट्र के प्रति समर्पण पैदा करती है। उनके लिए विद्यालय पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला था। स्वामी जी गुरुकुल शिक्षा पद्धति के प्रबल समर्थक रहे। उन्होंने गुरुकुलों को परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का दूरदर्शी प्रयास किया।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वामी जी ने अपने विचारों को केवल उपदेशों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने धर्म व राष्ट्र को सर्वोपरि माना। यहीं नहीं उन्होंने सेवा के संकल्प को संस्थाओं का रूप दिया। उनके मार्गदर्शन में दो संस्कृत महाविद्यालय, तीन वेद विद्यालय, एक कन्या महाविद्यालय और एक विद्यालय सहित अनेक शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना तथा संचालन हो रहा है।

 

विद्यापीठ  वैदिक शिक्षा, संस्कृत, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव को बढ़ा रही आगे

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में वर्ष 1977 में स्थापित श्री जयराम विद्यापीठ ने वैदिक शिक्षा, संस्कृत, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव को आगे बढ़ाया। इस विद्यापीठ से शिक्षा प्राप्त कर हजारों विद्यार्थी समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा कर रहे हैं। लोहार माजरा में 22 एकड़ भूमि पर स्थापित सेठ नवरंगराय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय ने बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए नए द्वार खोले। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि जिस समय समाज में बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं मिलती थी, उस समय स्वामी जी ने नारी शिक्षा और नारी-उत्थान को अपने जीवन के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल किया। वे जानते थे कि एक बालक पढ़ता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी पढ़ती है तो दो परिवारों और अनेक पीढ़ियों का भविष्य संवरता है। आज हमारी बेटियां शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, खेल और अंतरिक्ष तक भारत का नाम रोशन कर रही हैं। इस परिवर्तन की नींव स्वामी जी जैसे दूरदर्शी संतों ने बहुत पहले रख दी थी।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वामी जी ने धर्म को केवल पूजा-पद्धति नहीं माना। उनके लिए भूखे को भोजन देना धर्म था, रोगी को उपचार उपलब्ध कराना धर्म था, असहाय का हाथ पकड़ना धर्म था और अज्ञान के अंधकार में ज्ञान का दीपक जलाना धर्म था।

 

भारत विभाजन के समय कुरुक्षेत्र में शरणार्थियों की स्वामी जी ने की सेवा

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वामी जी के व्यक्तित्व का एक और प्रेरक पक्ष उनकी राष्ट्रीय चेतना थी। भारत विभाजन के समय उन्होंने कुरुक्षेत्र में शरणार्थियों की सेवा की। चीन और पाकिस्तान के आक्रमण के समय जन जागरण किया। हरियाणा के बाढ़ पीड़ितों और उत्तरकाशी के भूकंप पीड़ितों की सहायता की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन पर्यावरण और गोसेवा के प्रति समर्पण का भी उदाहरण था।

 

मां-बाप व गुरु का आदर करने वाले बच्चे को हमेशा मिलती है तरक्की : ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी

 

श्री जयराम विद्यापीठ के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व अन्य अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि स्वामी देवेन्द्र स्वरूप ब्रह्मचारी ने इंसान बनाने का सपना देखा था, जिसे पूरा करने के लिए अच्छी शिक्षा की महत्वपूर्ण मार्ग है। संस्थान द्वारा अनेक प्रकार के संस्थान खोलकर शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। इन संस्थानों में शिक्षा, संस्कार, शिक्षा व संस्कृति के माध्यम से उनके सपने को साकार कर रहे हैं। यहां से शिक्षा ग्रहण करके बच्चे देश के किसी न किसी क्षेत्र में सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद, मां-बाप की कृपा बच्चों पर होनी जरूरी है। युवाओं को अपने मां-बाप व गुरु का आदर मान सम्मान करना  चाहिए। ऐसा करने वाला बच्चा हमेशा तरक्की करता है।

 

ये गणमान्य रहे कार्यक्रम में मौजूद

इस मौके पर महानिर्वाण अखाड़े के महामंडलेश्वर रविंद्र पुरी महाराज, निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर रविंद्र पुरी महाराज, महामंडलेश्वर हरि चेतनानंद महाराज, जूना अखाड़े के महंत स्वामी देवानंद महाराज, महामंडलेश्वर रमेश्वरानंद सरस्वती महाराज, स्वामी बंसीपुरी महाराज, महेश मुनि महाराज, स्वामी ब्रहमदास महाराज, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, पूर्व मंत्री जेपी दलाल, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन, एसडीएम राजेश कुमार सोनी, चेयरमैन सुभाष कलसाना, चेयरमैन रविंद्र सांगवान, चेयरमैन गुरनाम सैनी, जिला अध्यक्ष रमेश सैनी, मीडिया कॉर्डिनेटर तुषार सैनी, चेयरमैन डॉ गणेश दत्त, चेयरपर्सन साक्षी खुराना, प्रधान जितेंद्र खैरा, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, नायब सिंह पटाक माजरा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
*नवयुग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस*
नवयुग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह, उल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षक शक्ति प्रकाश ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के महत्व, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं सद्भावना रखने के लिए प्रेरित किया।शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने प्रिय शिक्षकों के प्रति स्नेह एवं सम्मान व्यक्त करने के लिए ‘एक पत्र शिक्षक के नाम’ गतिविधि में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने पसंदीदा शिक्षकों को भावपूर्ण पत्र लिखकर उनके मार्गदर्शन, सहयोग एवं प्रेरणा के लिए आभार व्यक्त किया। इस गतिविधि ने गुरु-शिष्य के आत्मीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ किया।
शिक्षक दिवस को और अधिक यादगार बनाने के लिए नवयुग सीनियर सेकेंडरी स्कूल एवं किड्स डी.पी.एस. स्कूल के स्टाफ के लिए संयुक्त रूप से चोखी ढाणी, पंचकूला के भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने पारंपरिक सांस्कृतिक परिवेश का आनंद लेते हुए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कठपुतली शो, जादू का प्रदर्शन, सर्कस, ऊँट की सवारी एवं विभिन्न मनोरंजक खेलों ने सभी का खूब मनोरंजन किया। शिक्षकों ने इस अवसर पर भरपूर आनंद लिया और सहकर्मियों के साथ हँसी-खुशी के यादगार पल साझा किए।विद्यालय के डायरेक्टर श्री बी. डी. गाबा जी एवं प्रधानाचार्य श्री देवेंद्र अरोड़ा ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं भविष्य को दिशा देने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम एवं निष्ठा की सराहना की।किड्स डीपीएस स्कूल की प्रधानाचार्या श्री मती साक्षी गाबा जी ने भी सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि एक शिक्षक का प्रभाव कक्षा की चारदीवारी से कहीं आगे तक जाता है। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार एवं आदर्शों से विद्यार्थियों के जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं।सम्पूर्ण कार्यक्रम ने शिक्षक दिवस को केवल एक उत्सव न बनाकर गुरु-शिष्य के पवित्र संबंध, सम्मान और कृतज्ञता की भावनाओं से परिपूर्ण एक अविस्मरणीय अवसर बना दिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासक श्री विकास गाबा जी, मुख्याध्यापिका प्रीती मिश्रा, को ऑर्डिनेटर रितु चौधरी अध्यापिका अनु, रजनी, सीमा, परमज्योति, नीतू, पायल, मोनिका सुमन, कल्पना, रिहाना, आशा,पूनम,पिंकी, भुवनप्रीत, रीमा, मधु, स्मृति, स्वाति, कोमल, गीता, स्नेह, रुचिका, गुंजन, अध्यापक किरनजीत, हेमंत,जसमेर, राकेश ,किड्स डीपीएस स्कूल की को ऑर्डिनेटर साक्षी गेरा,रीतु, दीपिका, ऋतु कालूचा, दीपिका, गीता, प्राची, रिया, गगनप्रीत कौर सहित स्टाफ के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस कार्यालय में एससी सेल की जिला कार्यकारिणी का गठन, नवनियुक्त पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र 
जिला कांग्रेस कार्यालय में अनुसूचित जाति (एससी) सेल की जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष मनोज बागड़ी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह, शाहाबाद विधायक रामकरण काला तथा एससी सेल के जिला अध्यक्ष कंवरपाल विशेष रूप से मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष मनोज बागड़ी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने का काम किया है। एससी सेल की नई कार्यकारिणी के गठन से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे गांवों और शहरों में लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनें तथा पार्टी संगठन के माध्यम से उनकी आवाज को मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं और सभी पदाधिकारी पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए कार्य करें।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मेवा सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं को दी गई जिम्मेदारी संगठन के प्रति विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाएं। एससी समाज के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने तथा उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने में सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन में मेहनत और समर्पण करने वाले कार्यकर्ताओं को हमेशा सम्मान दिया जाएगा।

शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कहा कि कांग्रेस सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है। एससी सेल की जिला कार्यकारिणी के गठन से समाज के लोगों की समस्याओं को पार्टी संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे केवल पद प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों के बीच जाकर उनके सुख-दुख में शामिल हों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करें।

एससी सेल के जिला अध्यक्ष कंवरपाल ने कहा कि नई कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी पूरी मेहनत और ईमानदारी से संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकारिणी को सक्रिय बनाकर समाज के अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा।

जारी सूची के अनुसार विनोद कुमार सरोहा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जबकि पिरथी सिंह, दिनेश कुमार और अमरनाथ कुमार को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राम कुमार, शेर सिंह, अनिल कुमार, कंवरपाल, पाला राम, पोली राम, रणधीर सिंह और रमेश कुमार को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा मान सिंह, राकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, सतपाल सिंह, सुरेश कुमार, सतीश कुमार, सत्यवान, मुकेश कुमार, कुलवंत सिंह, कृष्ण लाल सरोहा,  जिला परिषद सदस्य सुरेश, ईश्वर सिंह, अशोक कुमार, गुरपाल सिंह, गेंद्राज सिंह, गोपाल राम, राजा राम और हरदीप सिंह को सचिव नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और मेहनत से निर्वहन करेंगे। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
बवानीखेड़ा (भिवानी) में विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।
Chief Minister Nayab Singh Saini at State Level Teachers Day Function. (05.09.26)
शिक्षक शैक्षणिक संस्थान की आधारशिला : प्रो. सोमनाथ सचदेवा
शिक्षक दिवस पर कुवि ने घोषित किए ‘बेस्ट रिसर्च अवार्ड

डॉ. राजेश वधवा 
कुरुक्षेत्र।  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए बेस्ट रिसर्च अवॉर्ड-2025 की घोषणा की है।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शिक्षक किसी भी शैक्षणिक संस्थान की आधारशिला होते हैं तथा शोध में उत्कृष्टता विश्वविद्यालय की वैश्विक अकादमिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं को सम्मानित करने का उद्देश्य विश्वविद्यालय में शोध, अंतर्विषयक नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता की सशक्त संस्कृति को बढ़ावा देना है। इस प्रकार की पहल विकसित भारत के विजन के अनुरूप विश्वविद्यालय के योगदान को और मजबूत करेगी।
चयन समिति के संयोजक एवं अधिष्ठाता, शोध एवं विकास, प्रो. संजीव अग्रवाल ने बताया कि इन पुरस्कारों के माध्यम से पेटेंट, उच्च प्रभाव वाली शोध-पत्रिकाओं में प्रकाशन, शोध परियोजनाओं, परामर्श सेवाओं तथा अकादमिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया गया है।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र शर्मा को बेस्ट रिसर्चर: एच-इंडेक्स, यूआईईटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत को पेटेंट के लिए, रसायन विज्ञान विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नीरा राघव को बेस्ट रिसर्चरः इम्पैक्ट फैक्टर तथा फिजिक्स विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को बेस्ट रिसर्चर-पब्लिकेशन (विज्ञान) अवार्ड के लिए चुना गया है। इसी प्रकार अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी को बेस्ट रिसर्चरः पब्लिकेशन (नॉन साइंस), फिजिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमन मेहंदिया को बेस्ट रिसर्चरः प्रोजेक्टस (साइंसेज), यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय सोलखे को बेस्ट रिसर्चर प्रोजेक्टस (नान-सांइसेज), जियोफिजिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आर.बी.एस. यादव को कंसल्टेंसी (सांइसेज) तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार को बेस्ट रिसर्चरः कोलेबोरेशन अवार्ड के लिए चयनित किया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के सभी वर्गों व समाज का हो रहा है विकास : कृष्ण कुमार बेदी
-कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने गुर्जर धर्मशाला को 15 लाख रुपए की राशि देने की करी घोषणा
-देशभक्ति, वीरता, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अग्रणी रहा है गुर्जर समाज
कुरुक्षेत्र, 4 सितंबर।             हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र पर काम कर रही है। सरकार सभी समाजों, सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है और हर समाज की धर्मशालाओं के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। यह समाज हमेशा से ही देशभक्ति, वीरता, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अग्रणी रहा है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी शुक्रवार को गुर्जर धर्मशाला प्रबंधक कमेटी द्वारा धर्मशाला परिसर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व पर बोल रहे थे। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी धर्मशाला परिसर में बने राधा-कृष्ण मंदिर में पहुंचे। वहां विधिवत पूजा-अर्चना की, भगवान श्री राधा-कृष्ण के चरणों में माथा टेका और प्रदेशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और भाईचारे के लिए प्रार्थना की। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने गुर्जर धर्मशाला को 15 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक लीलाराम गुर्जर ने की।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि गुर्जर धर्मशाला जैसी संस्थाएं हमारी संस्कृति और विरासत को बचाए रखने और आने वाली पीढ़ी को संस्कार देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। ऐसी धर्मशालाएं केवल भवन नहीं, बल्कि हमारे समाज की एकता, संगठन और भाईचारे का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और गीता के उपदेश के माध्यम से पूरी मानवता को कर्म, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। भगवान कृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि जब-जब इस धरती पर अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब धर्म की स्थापना के लिए भगवान अवतार लेते हैं।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने गुर्जर धर्मशाला के विकास के लिए बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला परिसर में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के सौंदर्यीकरण और धर्मशाला में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों के लिए सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग दिया जाएगा और जल्द ही इसके लिए उचित ग्रांट जारी की जाएगी ताकि समाज को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उनकी इस घोषणा पर पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया गया।
गुर्जर धर्मशाला कमेटी के प्रधान ऋषिपाल कसाना ने कहा कि कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी का हमारे बीच आना हमारे पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने मंत्री कृष्ण बेदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे हमेशा से ही गुर्जर समाज के सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि व सभी अतिथियों का मंच से स्वागत किया।
इस मौके पर चेयरमैन अशोक सिरसी, पूर्व विधायक लीलाराम गुर्जर, उपाध्यक्ष अशोक गुर्जर, जाट सभा प्रधान कृष्ण श्योकंद, राव सुरेंद्र सिंह, सुरेश तंवर, राजपाल तंवर, एडवोकेट ज्ञान सिंह, नरेश आर्य, रामचन्द्र गुर्जर, रामस्वरूप गांगल सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचे उपराष्ट्रपति एवं कुलाधिपति सी.पी. राधाकृष्णन...
Punjab News : Harpal Singh Cheema का विपक्ष पर तीखा हमला, कर दिया बड़ा ऐलान
पन्नू का विपक्ष पर पलटवार: बोले—AAP की बढ़ती लोकप्रियता से घबराए विरोधी, फर्जी आरोपों से कर रहे चरित्र हनन
जन्माष्टमी पर मथुरा में भव्य मंगला आरती, श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर उमड़ा आस्था का सैलाब
‘मुद्दों का नहीं, जेब फाड़ और कोहनी मार सत्र बना विधानसभा’, अभय चौटाला का सरकार-कांग्रेस पर बड़ा हमला
मानसून सत्र के बाद हुड्डा का बड़ा हमला—बोले, “मेरे राजनीतिक करियर में ऐसा कभी नहीं हुआ!”
सफाई कर्मियों और HKRN को लेकर सैनी सरकार पर बरसे हुड्डा—“सदन को गुमराह करना जनता को गुमराह करना है!”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरजे CM नायब सैनी, मानसून सत्र खत्म होते ही CM सैनी का कांग्रेस पर प्रहार, हुड्डा को भी लिया निशाने पर!
संस्कृतभाषा धर्म और विज्ञान का आधार है : विजय नड्डा*
 विद्या भारती हरियाणा द्वारा संस्कृत महोत्सव का आयोजन, मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान।
कुरुक्षेत्र, 1 सितंबर।
विद्या भारती हरियाणा द्वारा संस्कृत सप्ताह के अवसर पर मंगलवार को कुरुक्षेत्र में भव्य संस्कृत महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्या भारती द्वारा संचालित कुरुक्षेत्र के नौ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न प्रस्तुतियां देकर संस्कृत के प्रति अपनी प्रतिभा एवं अनुराग का परिचय दिया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि पूज्या साध्वी मोक्षिता जी भगवान् दत्तात्रेय मंदिर, कुरुक्षेत्र, मुख्य वक्ता श्री विजय नड्डा जी, संगठन मंत्री, विद्या भारती तथा कार्यक्रम अध्यक्ष श्री उपेंद्र शास्त्री जी अखिल भारतीय संस्कृत विषय संयोजक उपस्थित रहे।
प्रान्त संस्कृत विषय संयोजक श्री भूपेन्द्र शर्मा जी ने अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका सम्मान।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना से हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सर्वप्रथम भगवद् गीता विद्यालय के  विद्यार्थियों द्वारा मधुर गीता पाठ छ गया। गीता प्राथमिक विद्यालय के नन्हें मुन्ने विद्यालयों ने संस्कृत में ‘मम परिचयः’ प्रस्तुत किया ।
गीता कन्या विद्यालय की बहनों ने ग्रीष्मावकाश पर मित्र संवाद एवं गीता निकेतन आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक ‘शंकराचार्य-शास्त्रार्थ’ प्रस्तुत कर सबको चकित  कर दिया।
गीता विद्या मंदिर मोहननगर के विद्यार्थियों ने 'मनसा सततं स्मरणीय' समूह गान प्रस्तुत किया एवं गीता निकेतन विद्या मंदिर सेक्टर -3 के विद्यार्थियों ने 'मम भारतम्' गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। गीता सह शिक्षा विद्यालय के विद्यार्थियों ने सुभाषितों का गायन किया।
मुख्यातिथि साध्वी मोक्षिता जी ने संस्कृत एवं शास्त्रार्थ की गौरवशाली परम्परा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैदिक परम्परा में शास्त्रार्थ का विशेष महत्व रहा है। आदि शंकराचार्य ने शास्त्रार्थ के माध्यम से सनातन वैदिक धर्म एवं दर्शन की पुनः प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परम्परा और संस्कृति की आधारभूत भाषा है। संस्कृत के पुनर्जागरण के लिए आवश्यक है कि हर घर का वातावरण संस्कृतमय बने।
कार्यक्रम में भ्राता विवेक जी ने संस्कृत भाषा के महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान एवं हमारी प्राचीन परम्पराओं की संवाहक भाषा है। इसके संरक्षण एवं संवर्धन का दायित्व समाज के प्रत्येक व्यक्ति का है।
मुख्य वक्ता श्री विजय नड्डा जी ने कहा कि संस्कृत को केवल एक दिवस, एक सप्ताह अथवा किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं रखना चाहिए। संस्कृत का प्रयोग और संस्कार हर पल, हर घर और हर जन तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन एवं दैनिक जीवन में उसके प्रयोग के लिए प्रेरित किया।
विद्या भारती द्वारा आयोजित आचार्य प्रश्नमंच में प्रथम, द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले आचार्यों को भी मंच पर सम्मानित किया गया।।
कार्यक्रम के दौरान दशमी कक्षा व द्वादशी में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले सभी मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अतिथियों एवं उपस्थित अभिभावकों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर संस्कृत के विद्वान्  एवं वरिष्ठजन श्रीहरिदेव शास्त्री , डॉ॰ रामनिवास शर्मा , संकुल प्रमुख श्री यशपाल वधवा ,श्रीमती सुमन बाला, श्रीमती मंजुला, श्रीमती राजकुमारी , सुश्री सुमेधा रानी एवं श्री बिजेन्द्र शास्त्री इत्यादि गणमान्य जन उपस्थित रहे
अंत में शान्तिमन्त्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
जयतु संस्कृतम्! जयतु भारतम्!!
आचार्य राजेश वत्स महाराज श्री शारदा शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मान-2026 से होंगे सम्मानित
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल शिक्षा पद्धति के संरक्षण एवं प्रसार के लिए कुरुक्षेत्र के आचार्य राजेश वत्स महाराज का चयन प्रतिष्ठित श्री शारदा शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मान-2026 के लिए किया गया है। यह सम्मान शारदा सर्वज्ञ पीठ, कश्मीर की ओर से प्रदान किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 21 विभूतियों का इस सम्मान के लिए चयन किया गया है, जिसमें हरियाणा के कुरुक्षेत्र से राजेश वत्स महाराज का चयन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
आचार्य राजेश वत्स महाराज द्वारा हरियाणा और हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में गुरुकुलों की स्थापना कर भारतीय ज्ञान परंपरा और गुरुकुल शिक्षा पद्धति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन गुरुकुलों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

आचार्य राजेश वत्स महाराज ने बताया कि इन संस्थानों में विद्यार्थियों को सम्पूर्ण शिक्षा निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इसमें शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के लिए आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा, विद्यालय, महाविद्यालय, आचार्यों की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी शामिल हैं। इस पहल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। 19 सितंबर को हैदराबाद में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में अनंतश्री विभूषित स्वामी श्री अमृतानन्द देव तीर्थ जी महाराज के पावन सान्निध्य में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल तथा भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल के कर-कमलों से राजेश वत्स महाराज को सम्मानित किया जाएगा।
धूमन सिंह किरमच बने हरियाणा आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष  
कुरुक्षेत्र। पीपुल्स आर्म रेसलिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने धूमन सिंह किरमच को हरियाणा आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीति झंगियानी और एडवाइजर प्रवीण डबास ने यह घोषणा की है।
 धूमन सिंह किरमच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा खेलों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में आर्म रेसलिंग को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य होगा तथा गांव से शहर तक युवा प्रतिभाओं को  मंच मिलेगा। जिला स्तर पर आर्म रेसलिंग की इकाइयों का विस्तार करने पर जोर देना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर कर खेलों से जोड़ना प्राथमिकता रहेगी। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रहेगा।