गया में चाकन्द थाने ने ठुकराया फौजी का आवेदन, IG विकास वैभव के दरबार पहुंचा परिवार; फिर हरकत में आई पुलिस, जानिए पूरा माजरा!
गया। बिहार के गया जिले के चाकंद थाना क्षेत्र के सोढ़ना गांव एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। भारतीय सेना में कार्यरत जवान श्रवण कुमार चौधरी ने आरोप लगाया है कि उनके अपने ही परिवार के लोगों ने उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे आपराधिक मुकदमे में फंसा दिया। इतना ही नहीं, जब पुलिस जांच में आरोप झूठे पाए गए और उन्होंने आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चाकंद थाना में आवेदन दिया, तो थाना प्रभारी ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया।
इसके बाद फौजी अपनी पत्नी और छोटे बच्चों के साथ सीधे मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव के जनता दरबार पहुंचे। आईजी के निर्देश के बाद ही चाकंद थाना ने उनका आवेदन स्वीकार किया।
सेना के जवान श्रवण कुमार चौधरी ने अपने आवेदन में बताया है कि उनके पिता चंद्रदेव चौधरी ने बीते 27 फरवरी 2025 को चाकंद थाना कांड संख्या 68/2025 दर्ज कराया था। इस प्राथमिकी में उन पर जानलेवा हमला, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। फौजी का कहना है कि घटना के समय वह करीब तीन महीने से असम में अपने ड्यूटी में तैनात थे, इसकी आधिकारिक सूचना संबंधित अधिकारियों द्वारा चाकंद थाना को पहले ही भेजी जा चुकी थी।
आवेदन में श्रवण ने दावा किया है कि पुलिस जांच के दौरान उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और वे पूरे मामले झूठे साबित हुए। इसके बावजूद जब उन्होंने झूठा मुकदमा दर्ज कराने, झूठी गवाही देने और साजिश रचने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं धोखाधड़ी (420) सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की, तो चाकंद थाना ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया।
फौजी श्रवण कुमार चौधरी ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि उनके पिता, भाइयों और अन्य परिजनों ने आपसी पारिवारिक विवाद के कारण उन्हें झूठे केस में फंसाया। आवेदन में उन्होंने कई लोगों के नाम भी दिए हैं और आरोप लगाया है कि सभी ने मिलकर गलत बयान देकर उन्हें फंसाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
फौजी श्रवण कुमार चौधरी ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि उनकी पत्नी अमीषा देवी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी उन्हें चिंता है। उन्होंने लिखा है कि यदि भविष्य में उनके, उनकी पत्नी या बच्चों के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है या जान-माल का नुकसान होता है तो इसके लिए आवेदन में नामजद लोग जिम्मेदार होंगे।
बता दें कि चाकंद थाना से निराश होने के बाद फौजी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सीधे आईजी कार्यालय विकास वैभव के यहां पहुंचे और अपनी पूरी आपबीती सुनाई। आईजी विकास वैभव ने मामले की गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए चाकंद थाना को मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद थाना ने उनका आवेदन स्वीकार कर लिया।
अब इस पूरे मामले में सबकी नजर चाकंद पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि पुलिस जांच में यदि पहले आरोप झूठे पाए गए हैं, तो क्या अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने और कथित साजिश रचने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होगी, या मामला एक बार फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा।
अपने आवेदन में श्रवण कुमार चौधरी ने आरोप लगाया है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और गलत गवाही देने की साजिश में चंदन कुमार (पिता- संजय चौधरी, ग्राम अमेठ, कैमूर), चंद्रदेव चौधरी, दुलारी देवी, अरविंद रंजन, गौतम रंजन, कालो देवी, शकुंतला देवी तथा पवन कुमार (ग्राम बंगालीडीह, थाना डोभी) शामिल हैं। फौजी ने इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और झूठा मुकदमा दर्ज कराने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। #gayadastak #GayaNews #गया_हो #Crime #latestnewsgaya Samrat Choudhary GAYA Police Bihar Police Tejashwi Yadav